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Group Sex Story पठन समय: 16 मिनट पढ़ा गया: 735 बार

पड़ोस के पूरे परिवार के साथ ग्रुप सेक्स

रोमा शर्मा

24 Mar 2021 को प्रकाशित

पड़ोस के पूरे परिवार के साथ ग्रुप सेक्स
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Xxx फॅमिली सेक्स की कहानी में मैंने पड़ोस में रहने वाले परिवार के तीन लोगों के साथ एक साथ सेक्स का मजा लिया. वे तीन लोग थे, बाप बेटे और बेटे की सौतेली माँ!

मेरे प्यारे पाठको,मेरी पिछली कहानीआंटी और उनका सौतेला बेटामें आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपने पड़ोस के एक लड़के की मदद करके उसे उसकी सौतेली मम्मी की चूत दिलवाई.लड़के ने मेरे सामने अपनी मम्मी की चूत मारी.

उसके बाद घर आकर मैं मन ही मन सोचने लगी कि आज तो चुदाई का एक अलग ही मज़ा आया है.आज मैंने एक माँ को उसके बेटे से ही चुदवा दी।

अब उसके बाद Xxx फॅमिली सेक्स की कहानी:

फिर मेरे मन में और कुछ खुराफाती आईडिया आने लगे कि अंकल और निखिल तो मुझे चोद चुके हैं.और अब मैंने आंटी को भी निखिल से चुदवा प्रिया.तो अब तो बस एक फैमली सेक्स ही बचा हुआ है तो क्यों न उनके पूरे परिवार के साथ मैं चुदाई करूँ।जिसमें अंकल, आंटी, निखिल और मैं रहूँ … जिसमें निखिल अपनी माँ चोदेगा और अंकल मुझे चोदेंगे।सब साथ मिल कर चुदाई करेंगे।

फिर मैं यह सोचने लगी कि ये किया कैसा जाये!तो मैंने आईडिया लगाया कि जिस तरह अंकल ने मुझे और निखिल को चुदाई करते देखा था और फिर बाद में साथ मिल कर चुदाई की थी, ठीक उसी तरह अब मुझे कुछ ऐसा करना होगा कि वे आंटी. निखिल और मुझे तीनों को ही चुदाई करते देख लें।फिर शायद वे हमें जॉइन कर ले चुदाई के खेल में!

मैंने एक प्लान बनाया।एक दिन मैं अंकल आंटी के घर गई.अंकल तो ऑफिस गए हुए थे पर निखिल घर में ही था, मुझे यह बात पता थी।

मैं आंटी के पास गई और उन्हें कहा- आंटी मुझे आपकी एक साड़ी चाहिए. मुझे एक पार्टी में जाना है.तो आंटी ने कहा- हाँ क्यों नहीं … तुम अलमारी में देख लो, जो भी पसंद हो ले लो.

उसमें से मैंने एक साड़ी पसंद कर के निकली और आंटी से कहा- क्या मैं इसे ट्राय कर के देख लूँ?आंटी ने हाँ में जवाब प्रिया।

तो मैंने तुरंत अपनी साड़ी उतार दी.उस दिन मैंने अंदर ब्रा पैंटी जानबूझ कर नहीं पहनी थी.

मैंने बिना ब्लाउज के साड़ी पहन कर आंटी को दिखाई कि कैसी लग रही है.और फिर मैं निखिल के कमरे में चली गई और उसे भी दिखाई.

वह मुझे देख कर बोला- रोमा भाभी, आप तो कमाल लग रही हो।फिर मैं अपना पल्लू गिरा कर बोली- और अब कैसी लग रही हूँ?

निखिल मेरे पास आया और उसने मेरा ब्लाउज खोल कर अलग कर प्रिया।

इस पर मैं उसे थोड़ा सा धक्का देकर उसके कमरे से आंटी के कमरे में जाने के लिए भागी.तो मेरी साड़ी निखिल ने पकड़ ली जिससे मेरी साड़ी खुल गई और मैं अब सिर्फ पेटीकोट में थी.

निखिल भी पीछे पीछे आंटी के ही कमरे में आ गया।मैं आंटी से बोली- देखिये न आंटी, निखिल फिर से मुझे चोदना चाहता है.

आंटी हँसने लगी.

निखिल फिर मेरे पास आया और उसने मेरे पेटीकोट का नाड़ा भी खींच प्रिया जिससे मेरा पेटीकोट नीचे जमीन पर जा गिरा और मैं पूरी तरह नंगी हो गई।

फिर निखिल ने मुझे बिस्तर पर गिरा प्रिया और मेरे ऊपर चढ़ कर मेरे बूब्स चूसने लगा।

निखिल और मुझे इस तरह देख आंटी भी गर्म होने लगी तो उन्होंने भी हमें जॉइन कर लिया और वे निखिल के कपड़े उतारने लगी.

एक एक करके उन्होंने निखिल के सारे कपड़े उतार दिए और उसे पूरा नंगा कर प्रिया.फिर आंटी खुद भी नंगी हो गई।

मैंने जानबूझ कर चुदाई के लिए शाम का टाइम चुना था जो अंकल के घर आने का टाइम था.

पर आंटी और निखिल चुदाई में इतने गर्म और लीन हो चुके थे कि उन्हें टाइम का कोई होश नहीं था और यह मेरे लिए अच्छी बात थी।

अब आंटी निखिल का लंड चूस रही थी,मैंने घड़ी देखी तो अंकल के आने का टाइम हो चुका था।

तो मैंने उन दोनों से कहा- आप दोनों लगे रहो. मुझे प्यास लगी है, मैं पानी पी कर आती हूँ।

यह कह कर मैं कमरे से बाहर गई.

मैंने रसोई में जाकर पानी पीया और घर के मुख्य दरवाजे को खोल प्रिया ताकि जब भी अंकल आयें तो वो डोरबेल न बजाए और दरवाज़ा खुला देख सीधे ही अंदर आ जायें।और आकर सीधे Xxx फॅमिली सेक्स में लग जाएँ.

मैं ये सब कर ही रही थी कि मैंने अंकल के आने की आवाज़ सुनी.वे बाहर अपनी गाड़ी खड़ी कर रहे थे।

तो मैं झट से आंटी के कमरे में चली गई.

निखिल और आंटी अंकल के आने की आहट से अनजान थे और अपनी मस्ती में मगन थे.

उस समय निखिल खड़ा था और आंटी नीचे बैठे उसका लंड चूस रही थी.

तो मैं भी जा कर निखिल के होंठों को चूसने लगी।

कुछ देर तक डोरबेल भी नहीं बजी तो मुझे पूरा यकीन हो गया कि अंकल अब अंदर आ चुके होंगे।

और यही हुआ … अंकल अंदर आ चुके थे और हमारे सामने खड़े थे।

फिर अंकल ने जोर से चिल्ला कर कहा- ये सब क्या हो रहा है?

आंटी और निखिल अंकल को देख कर थोड़ा शॉक में थे।पर मुझे तो बहुत उत्तेजना हो रही थी।

आंटी हकलाती हुई- अरे आप … आप … कब आये?अंकल- ये सब छोड़ो … तुम लोग ये सब क्या कर रहे हो?

निखिल जोश में जवाब देते हुए- चुदाई चल रही है … और क्या!अंकल फिर से जोर से चिल्लाते हुए- बदतमीज़ … जवाब देता है।

मैं चुपचाप ये तमाशा देख रही थी।

निखिल- पापा आप ज्यादा चिल्लाओ मत! आप मेरे मुँह मत खुलवाओ।अंकल- पर निखिल, यह तुम्हारी माँ है और तुम इसी के साथ चुदाई कर रहे हो।निखिल- हाँ मुझे पता है कि यह मेरी माँ है. पर ये मेरी सौतेली माँ है।

फिर निखिल आंटी को बोलते हुये- मम्मी, मैं आपको आज एक और बात बताता हूँ. जब कभी भी आप घर में नहीं होती थी तो पापा ने कई बार रोमा भाभी को यहीं पर चोदा है. और हम दोनों बाप बेटे ने भी मिल कर भी रोम भाभी को चोदते रहे हैं।

आंटी अंकल से बोलते हुए- क्यों … क्या निखिल ये सब सच कह रहा है?अंकल चुप थे।आंटी- फिर तो आज जो कुछ भी हो रहा है, ठीक ही हो रहा है।

निखिल- पापा आप ये मत सोचिये कि ये सब अचानक हुआ है. हम जब से यहाँ रहने आये हैं, मैंने कई बार आप दोनों की (अंकल-आंटी) चुदाई देखी है. आप दोनों जब भी चुदाई करते थे तो मम्मी की चुदने की आवाज़ मेरे कमरे तक आती थी और आपके कमरे का दरवाज़ा भी खुला होता था। तो मैंने कई बार मम्मी को आप से चुदवाते देखा है. तब से ही मेरे अंदर मम्मी को चोदने की इच्छा होने लगी थी।

आंटी- देखा … मैंने आपको कई बार बोला कि दरवाजा खोल कर मेरी चुदाई मत करो. कहीं निखिल देख न ले। पर आप नहीं माने … और उल्टा मुझे ही कहा कि निखिल देखता है तो देख ले … तुम कौन सी उसकी सगी माँ हो. तुम तो उसकी सौतेली माँ हो। और सौतेली माँ की चुदाई देखने में कोई हर्ज़ नहीं है. तो लो अब देख लो नतीजे। तुम्हारे बेटे ने मुझे चोद प्रिया।

मैं अंकल की तरफ बढ़ी और उन्हें बोली- जो हुआ सो हुआ अंकल! अब कुछ नहीं किया जा सकता। यह लंड चूत की आग है ही ऐसी … इस पर किसी का कोई जोर नहीं होता है।

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फिर मैंने अंकल के पास जा कर नीचे बैठ कर उनकी पेंट जी ज़िप खोली और पैन्ट और अंडरवीयर को नीचे कर दी।मैं उनके लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी और बोली- अब आप भी हमारे साथ आ जाइए और चुदाई का आनंद लीजिये।

अब अंकल भी गर्म होने लगे थे और अपना सिर हिला कर निखिल और आंटी को भी चुदाई करने की हामी भर दी।अंकल का लंड अब मेरे मुँह में था।

जब मैं अंकल का लंड चूसने लगी तो अंकल ने मेरे हलाक तक अपने लंड को घुसा प्रिया और खुद आगे पीछे होकर मेरे मुँह की चुदाई करने लगे।

उसके ऐसा करने से जब मेरे हलक तक उनका लंड जाता था तो मेरी सांस रुक जाती थी.पर उनके ऐसा करने पर भी मुझे आंनद की अनुभूति हो रही थी।

थोड़ी देर लंड चुसवा कर अंकल नीचे लेट गए और मुझे अपने ऊपर आने को कहा।मैं उनके ऊपर गई तो उन्होंने कहा- अब तुम मेरा लंड चूसो, मैं तुम्हारी चूत को चाटूंगा।

तो फिर हम दोनों ने 69 की पोजीशन ले ली।

अब मैं अंकल का लंड चूसने लगी और अंकल मेरी चूत को चाटने लगे।अंकल मज़े ले कर मेरी चूत चाट रहे थे और मैं भी मज़े से उनका लंड चूस रही थी।

कुछ देर में जब मैंने निखिल और आंटी की तरफ देखा तो वे दोनों भी 69 की पोजिशन में ही थे मगर उधर आंटी नीचे लेटी थी और उनका बेटा निखिल ऊपर!निखिल ऊपर से अपनी माँ के मुँह में अपना लंड ऐसे घुसा रहा था मानो वो अपनी माँ का मुँह चोद रहा हो।और आंटी भी नीचे आराम से लेटी अपने बेटे के लंड को मुँह में लेकर मज़े से चूस रही थी।

काफी देर एक दूसरे की चुसाई चटाई के बाद मैंने अंकल से कहा- अंकल, अब आप ऊपर आ जाओ।

उन्होंने चूत पर से अपना मुँह हटाया ही नहीं और मुझे करवट ले कर घूम प्रिया।

जब मैं उनके नीचे आई तो मैंने अच्छे से अपने पैर फैला दी जिससे उन्हें मेरी चूत चाटने में और आसानी होने लगी।

कुछ देर तक यही आलम रहा.

फिर मैंने अंकल से कहा- अब आप अपना लंड मेरी चूत में डालिये!अंकल मेरी टांगों के बीच आ कर बैठ गये।

फिर मैंने उनके लंड को पकड़कर अपनी चूत पर रख प्रिया.अंकल के हल्के से धक्के से ही लंड फिसल कर मेरी चूत में जा घुसा और उन्होंने मेरी चुदाई शुरू कर दी।

मैं आहह हह हहह … ओह हहह … की आवाज़ के साथ आहें भरने लगी और अपनी आँखें बंद कर के चुदाई के मज़े लेने लगी।

अंकल ने मेरे दोनों बूब्स पकड़े और मेरे बूब्स चूसते चूसते वो मेरी चुदाई करने लगे।वे अब इतने जोश में आ गये थे कि उन्होंने गालियां देना शुरू कर प्रिया था- ले साली रंडी … पूरा लंड ले अपनी चूत में साली … बहन की लोड़ी!

मुझे तो इस सब में बहुत ही ज्यादा मज़ा आ रहा था।

माँ बेटे की चुदाई देख कर शायद अंकल को कुछ ज्यादा ही जोश आ गया था, तभी आज मुझे वो इस तरह गालियां दे दे कर चोद रहे थे।

फिर जब मैंने अपनी आँखें खोल कर देखा तो आंटी भी निखिल के लंड को अपनी चूत में लिये बड़े मजे से चुदाई करवा रही थी।और इधर अंकल भी मुझे चोद रहे थे।

कुछ देर ऐसे ही वो दोनों बाप बेटे मुझे और आंटी को चोदते रहे।फिर आंटी शायद थक गई थी तो निखिल फिर मेरे पास गया.

अंकल अभी भी अपना लंड मेरी चूत में घुसेड़े हुये मेरी चुदाई कर रहे थे।निखिल ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल प्रिया तो मैं भी निखिल का लंड चूसने लगी।

फिर दोनों बाप बेटे ने अपनी पोजीशन बदल ली.अब निखिल मेरी चुदाई करने लगा और अंकल ने अपना लंड मेरे मुँह में डाल प्रिया।

कुछ देर ये प्रोग्राम यूँही चलता रहा।

फिर दोनों की नज़र आंटी पर पड़ी तो आंटी बिस्तर पर लेटी हुई थी.निखिल ने अपने पापा को इशारा किया कि अब मम्मी को साथ मिल कर चोदते हैं.

तो दोनों आंटी की तरफ बढ़े.

अंकल ने कहा- निखिल, हम दोनों मिलकर तो रोमा की चुदाई कई बार कर चुके हैं. आ जा अब दोनों मिल कर तेरी माँ की चुदाई करते हैं।

वे बोले- बेटे, तुम अपनी माँ की चूत में लंड डाल दो और मैं लंड चुसवा लेता हूँ.

तो निखिल ने आंटी की चूत में अपना लंड डाल प्रिया और अंकल ने उनके मुँह में अपना लंड डाल प्रिया।

तो आंटी के मुँह और चूत दोनों की ही चुदाई होने लगी थी।

कुछ देर की चुदाई के बाद आंटी बोली कि वे दोनों बाप बेटे का लंड एक साथ चूसना चाहती हैं.तो दोनों बाप बेटे एक साथ आंटी के सामने खड़े हो गए।

आंटी दोनों का लंड चूसने लगी।वे बारी बारी से उनका लंड चूसती तो कभी एक साथ अपने मुँह में भरने की कोशिश करती।

फिर अंकल ने आंटी को घोड़ी बना प्रिया और बेटे से कहा- पीछे से अपने माँ की चूत में लंड घुसा कर चुदाई करो।निखिल ने वैसा ही किया।

इधर अंकल ने मुझे भी घोड़ी बना प्रिया और मेरी चूत में अपना लंड पेल प्रिया।

मैंने अंकल से पूछा- अंकल, आपको कैसा लग रहा है?अंकल बोले- बहुत मज़ा आ रहा है. आज तो तुमने मेरे बेटे से ही अपनी माँ चुदवा दी है।

फिर अंकल बोले- रोमा बेटी, मेरा वीर्य निकलने वाला है.तो मैंने उन्हें कहा- मेरे मुँह में निकाल दीजिये।

तो उन्होंने अपना लंड मेरी चूत से निकल कर मेरे मुँह में डाल प्रिया.मैं अंकल का लंड चूसने लगी.

कुछ ही पल में उनके लंड से वीर्य का फव्वारा छूटा जिसने मेरे मुँह को पूरा वीर्य से भर प्रिया।

उधर निखिल ने भी आंटी से कहा- मम्मी, मेरा भी निकलने वाला है.तबी अंकल ने निखिल को पीछे खींचा और बोले- मुँह में छोड़ो पूरा वीर्य!तो मैं भी आंटी के साथ मुँह लगा कर बैठ गई.

मैं और आंटी मिल कर लंड चूसने लगी तो निखिल के लंड से भी वीर्य का फव्वारा निकल जिसने आंटी और मेरे मुँह को अपने वीर्य से भर प्रिया था.निखिल जवान था तो उसका वीर्य अंकल के वीर्य से ज्यादा निकल था जिससे आंटी और मेरा दोनों का ही मुँह और चेहरा पूरा वीर्य से भर गया था.

Xxx फॅमिली सेक्स करके हम चारों बहुत थक चुके थे तो सब बिस्तर पर लेट गये।

कुछ देर आराम करने के बाद मैंने बाथरूम में जा कर अपने आप को अच्छे से साफ किया और अपने कपड़े पहन कर घर गई।

तो दोस्तो, यह थी मेरी पड़ोस की फैमली के साथ चुदाई की कहानी!उम्मीद करती हूँ आप सभी को पसंद आई होगी।

आप कृपया मुझे मेरी Xxx फॅमिली सेक्स की कहानी का फीडबैक मेल कर के जरूर दें।आप मुझसे गूगल चैट पर बात भी कर सकते हैं.मेरी ईमेल आई डी हैsupport@mohakkisse.com

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Hello dosto, is kahani ka pichhla part galati se pehle publish ho gya tha, is part me aap 22.2 se pehle ki story padhege. Error ke liye khed hai. Ab story padhiye aur maje lijiye!

11 मिनट 1,138

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

मयंक जैन

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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