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रिश्तों में चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 201 बार

चाची ने मुझे पटाकर चूत गांड चुदवाई

दीपक तिवारी

23 Jun 2013 को प्रकाशित

चाची ने मुझे पटाकर चूत गांड चुदवाई
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Xxx चाची चुदाई कहानी में पढ़ें कि पढ़ाई के लिए मैं चाचा के घर रहता था. एक दिन चाची ने मुझे बाथरूम से आवाज लगाई पीठ पर साबुन लगाने के लिए.

आप सभी भाइयों को मेरा प्यार भरा प्रणाम.मैं संजय इलाहाबाद से आप सभी का अपनी चुदाई कहानी में स्वागत करता हूँ.

इस रोचक सेक्स कहानी में मैंने अपनी चाची की चुदाई की कहानी लिखी है.

मैं Xxx चाची चुदाई कहानी में आगे बढ़ने से पहले अपने बारे में बता देता हूँ.मेरी हाइट 5 फुट 11 इंच है, मस्त कसरती बॉडी है.कोई भी लड़की या महिला मुझे देख कर एक बार जरूर घूरती है. जिस दिन मुझे कोई माल घूर कर नहीं देखती है उस दिन मुझे लगता है कि आज का दिन मेरे लिए अशुभ है.

ये बात आज से 2 साल पहले उस वक्त की है जब मैं अपनी ग्रेजुएशन की दूसरे साल की परीक्षा देने वाला था.पढ़ाई के लिए मैं चाची के साथ इलाहाबादबाद में ही रहता था.

मेरी चाची बहुत ही सुंदर हैं. उनका एकदम दूध सा गोरा रंग है और 34-30-36 की साइज है. उन्हें देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो सकता है.मेरे चाचा जी अपने काम के सिलसिले में अक्सर बाहर ही रहते हैं.चाचा चाची को 2 लड़के हैं. एक 10 साल का और एक 7 साल का है.

एक दिन मैं सुबह सुबह उठा तो देखा कि चाची नहाने जा रही थीं.पीछे से चाची की मटकती गांड देख कर मेरा तो लंड खड़ा हो गया.

सुबह का समय था तो लंड वैसे ही खड़ा था.

चाची को देखा तो मन हुआ कि अभी इनकी गांड में लंड डाल कर चोद दूँ लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकता था.

उस समय बहुत गर्मी पड़ रही थी तो चाची सुबह सुबह ही बच्चों को स्कूल भेजने के बाद नहा लेती थीं.बच्चे स्कूल चले जाते थे तो मैं भी ज्यादा से ज्यादा वक्त चाची के साथ ही रहने की कोशिश करता था.

एक दिन की बात है, उनके दोनों बच्चे स्कूल गए थे.चाची नहाने गयी थीं. मैं अपने कमरे में लेटा था.

अचानक से चाची मुझे आवाज देने लगीं.मैं उठा और भाग कर गया कि क्या हुआ, चाची को कुछ हो तो नहीं गया.

मैं उधर गया तो चाची बोलीं- मेरी पीठ पर साबुन लगा दो.चाची अपने पेटीकोट को अपने मम्मों पर चढ़ाकर अधनंगी बाथरूम में बैठी थीं.

मैंने चाची की मादक जवानी को देखा तो गर्मा गया.मैं इस मौके को छोड़ना नहीं चाहता था. मैं साबुन लेकर चाची की गोरी पीठ पर लगाने लगा.

सच में चाची की पीठ कितनी चिकनी थी.पीठ पर हाथ फेरा तो मेरी कामुक नजरें उनके शरीर के अन्य अंगों पर घूमने लगीं.

मेरा लंड लौड़ा हो गया था.

साबुन लगाते लगाते मैं अपने हाथ चाची के मम्मों की तरफ भी ले जाता और उनको भी टच कर लेता था. चाची के मम्मे बड़े ही सॉफ्ट थे.कुछ देर बाद चाची बोलीं- अब साबुन ही मलता रहेगा क्या … ले ये स्क्रब … मेरी पीठ को रगड़ कर मैल भी छुटा दे.

फिर मैं साबुन एक तरफ रख कर स्क्रब से चाची की पीठ को घिसने लगा.चाची अपने हाथ से बार बार मग से पानी अपने कंधों पर डाल रही थीं.जिससे उनके पेटीकोट में दबे मम्मे भी गीले होकर मुझे दिख रहे थे.

मैं मस्ती से उत्तेजना के शिखर पर आ गया था.

कुछ देर बाद चाची ने कहा- बस अब रहने दे.मैं बाथरूम से बाहर आ गया.

मुझसे रहा नहीं जा रहा था.मैं अपने कमरे के बाथरूम में आ गया और सीधा मुठ मारने लगा. लंड झड़ गया तो कुछ चैन पड़ा.

कुछ देर बाद चाची ने खाना बनाया और मुझे आवाज दी.तब तक मैं भी नहा लिया था.

हम दोनों लोग खाना खाकर टीवी देख रहे थे.

उस समय टीवी पर कोई मूवी आ रही थी जो चाची को अच्छी नहीं लग रही थी.चाची सो गईं.

वो सोफे पर लेटी थीं और मैं बेड पर था.चाची की आंख लग गयी और वो गहरी नींद में खर्राटे लेने लगीं.

उस दिन चाची शायद ज्यादा ही थक गई थीं इसीलिए वो एकदम गहरी नींद में सो गई थीं.मैं उनकी तरफ देख कर लंड सहला रहा था.

कुछ देर बाद उनकी साड़ी कुछ ऊपर को उठ गई थी. उनके गोरे गोरे पैर इतने सुंदर लग रहे थे कि मेरा लंड खड़ा होने लगा था.

तभी कुछ देर बाद उनके बच्चे आ गए.चाची उठ गईं और अपने बच्चों को खाना देकर मुझसे बात करने लगीं.

बच्चे खाना खाकर मेरे साथ खेलने लगे थे.हम लोग मस्ती कर रहे थे.

फिर शाम को चाची ने खाना बनाया और हम लोग खाकर रूम में चले गए.

रात 12.30 चाची मेरा दरवाजा खटखटाने लगीं.

मैंने दरवाजा खोला.सामने चाची को देख कर मैंने पूछा- क्या हुआ चाची?उन्होंने कहा- मेरे पैरों में दर्द हो रहा है, थोड़ा तेल लगा कर दबा दोगे?मैंने हां कर प्रिया.

वो मेरे कमरे में ही आ गईं.मैं अपने कमरे में चाची को लिटा कर उनके पैर दबाने लगा.उनके चिकने पैर सहलाते हुए मेरा लंड हरकत करने लगा.

कुछ देर बाद मैं सोचने लगा कि साला साढ़े बारह बजे पैर दबवाने की कौन सी बात हुई. कुछ न कुछ तो बात है.

जब ये बात दिमाग में आई तो मैं सोचने लगा कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि चाची को भी लंड की भूख लग रही हो. चाचा भी एक महीने से घर नहीं आए हैं. चूत में आग लगी होगी तो कुछ सोच रही होंगी.

ये बात दिमाग में आते ही मुझे सुबह बाथरूम का सीन याद आ गया.अब दिमाग की बत्ती जल उठी थी लेकिन गांड अभी फट रही थी कि कहीं मैं गलत हुआ तो इज्जत की मां चुद जाएगी.

फिर मैंने कोशिश की कि चाची की चुदास को परखा जाए.

अब मैं बोला- चाची साड़ी ऊपर कर लीजिए, नहीं तो तेल से खराब हो जाएगी.मेरा कहना था कि चित लेटी हुई चाची ने अपनी साड़ी को जांघों तक उठा ली.

मैं सीन देख कर भौचक्का था कि ये क्या हुआ.अब मैंने चाची की जांघों की मालिश करना शुरू कर प्रिया. उनकी संगमरमरी जांघें एकदम मुलायम थीं.

चाची की जांघों पर हाथ फेरने से मेरा लंड खड़ा हो गया था.मैं जानबूझ कर चाची के चूत के पास उंगली ले जा रहा था.

चाची नींद में दिखने का नाटक कर रही थीं.वो अचानक से बोलीं- चल अब मेरे कूल्हों पर भी तेल लगा दो.

चाची उठीं और साड़ी उतार कर अलग करने लगीं और अपने पेटीकोट के नाड़े को ढीला कर पेट के बगल लेट गईं.मैं चाची की गांड देखने लगा.

मैंने उनके चूतड़ों पर हाथ लगाया तो चाची ने अपने पेटीकोट को भी नीचे कर प्रिया.

मैं हैरान रह गया.चाची ने पैंटी नहीं पहनी थी.उनकी गोरी गांड देख कर मुझे बहुत मजा आ रहा था.

मैं जानबूझकर कर चाची के चूतड़ों को दबा कर मालिश कर रहा था.

चाची को मजा आने लगा था. उन्होंने अपने पैर फैला दिए.मुझे चाची की चूत और गांड दिखने लगी.

मैं चूतड़ दबाते दबाते उनकी चूत के पास उंगली ले गया और फांकों में उंगली कर दी.चाची की चूत बह रही थी, जिससे मुझे समझ आ गया कि रज रिसाव हो रहा है मतलब चूत को लंड की भूख है.

मैंने बार बार चाची की चूत को छेड़ना शुरू कर प्रिया.अब वो मादक सिसकारियां लेने लगी थीं.

मुझसे भी रहा नहीं गया, मैंने अपनी उंगली उनकी गांड में डाल दी.

चाची कुछ नहीं बोलीं तो मैं बिंदास हो गया.

अब मैं बार बार चाची की गांड और चूत में उंगली से रगड़ देने लगा.मुझे मजा आ रहा था और मेरी हिम्मत भी बढ़ गयी थी.मैं चाची की गांड में पूरी उंगली पेल कर अन्दर बाहर करने लगा.

चाची बोलीं- यही करोगे या आगे भी बढ़ोगे … कब से मेरी चूत पानी छोड़ रही है. उसे कब शांत करोगे.ये कह कर चाची चित हो गईं और मुस्कुराने लगीं.

मैं खुश हो गया और चाची को किस करने लगा.सच में बड़े मुलायम होंठ थे चाची के.मैं लगा रहा.

कोई 5 मिनट की किसिंग के बाद मैंने चाची के ब्लाउज के बटन खोल दिए और उनके ब्रा रहित मम्मे मेरे सामने जलवा बिखेरने लगे.अए हए … क्या दूध थे … एकदम पिंक निप्पल और बड़े बड़े चूचे देख कर मैं बौरा गया.

मैं अगले ही पल चाची के मम्मों पर टूट पड़ा. उनके दोनों मम्मों को बारी बारी से चूसने लगा.मैं एक को दबाता और दूसरे को चूस रहा था.

चाची भी अपने हाथ से अपने दूध पकड़ कर मुझे पिला रही थीं.उन्हें भी अपने मम्मे चुसवाने में मजा आ रहा था.

कुछ देर के बाद मैंने अपना लोअर उतार प्रिया.मेरा 7.5 इंच का मोटा लंड देख कर चाची की आंखों में जैसे चमक आ गयी.

Xxx चाची झट से मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं.वो ऐसे लंड चूस रही थीं मानो कोई पोर्नस्टार लौड़ा चूस रही हो.

कुछ देर लंड चूसने के बाद मैंने चाची को लिटा प्रिया और उनकी चूत देखने लगा.पिंक सी चूत की तितली जैसी पुत्तियां थीं.

मैं होंठ लगा कर चूत चूसने लगा.जल्द ही चाची की चूत पानी छोड़ने लगी थी.

चाची से रहा नहीं जा रहा था. वो बोलने लगीं- अब बस करो … जल्दी से लंड डाल दो … और मत तड़पाओ … प्लीज लंड डाल दो.मैंने भी उनकी चूत चाट कर उनके पैर फैला दिए और उनकी चूत पर अपना लंड घिसना चालू कर प्रिया.मुझे बहुत मजा आ रहा था.

चाची बोल रही थीं- धीरे से डालना … तेरे चाचा का इतना बड़ा नहीं है. उनका पतला सा ही है और सिर्फ 5 इंच का है.मैं भी धीरे धीरे अन्दर डालने लगा. आधा लंड चूत में अन्दर चला गया था.

चाची को दर्द हो रहा था. वो आंह आह करने लगीं.मैंने उनकी उन्ह आंह को अनसुना किया और एक करारे झटके में पूरा लंड चूत में डाल प्रिया.

चाची जोर से कराहीं और कसमसाने लगीं.मैं चाची को चोदने लगा.कुछ देर बाद चाची भी मेरा साथ देने लगीं.

दस मिनट बाद मैं चाची की चूत में ही झड़ गया. चाची उतने में एक बार झड़ गयी थीं.हम दोनों एक दूसरे की बांहों में थे.

फिर कुछ देर बाद मैं उठा और चाची की गांड में उंगली करने लगा.चाची समझ गईं कि अब ये मेरी गांड भी चोदेगा.

वो मना करने लगीं कि नहीं आज तक मैंने गांड नहीं चुदवाई.

मैं कहां कुछ सुनने वाला था; मैंने चाची को उल्टा करके डॉगी स्टाइल में किया और उनकी गांड में लंड रगड़ने लगा.चाची बोल रही थीं- धीरे से करना बेटू … आराम से.

मैंने गांड में उंगली की औरगांड को ढीला किया.चाची को अच्छा लगने लगा तो मैंने उंगली की जगह लंड गांड में डाल प्रिया.तो चाची की चीख निकल गयी.

मैं कुछ देर वैसे ही रुका रहा.फिर चाची को आराम पड़ा तो उन्होंने इशारा किया.मैंने पूरा लंड अपना डाल प्रिया.

थोड़ी बहुत पीड़ा के बाद चाची मस्त होने लगीं.मैं उनकी गांड चोदने लगा.

कुछ देर तक गांड चोदने के बाद मैंने लंड निकाला और चादर से पौंछ कर चाची के मुँह में डाल प्रिया.Xxx चाची लंड चूसने लगीं.

कुछ ही देर में मेरा पूरा वीर्य उनके मुँह में भर गया.चाची पूरा वीर्य पी गईं.

उस रात को हम दोनों ने चार बार चुदाई की.

अब हम दोनों हमेशा चुदाई करते हैं. हम दोनों को ही बहुत मजा आता है.

यह Xxx चाची चुदाई कहानी आपको कैसी लगी. आप लोग मुझे मेरी ईमेल पर लिख कर बताइएगाsupport@mohakkisse.com

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