Xxx बहन की बुर चुदाई का मजा मुझे मेरी बुआ की कुंवारी बेटी ने दिया. मैं उनके घर रहने गया था तो हमारी सेटिंग हो गयी थी. जब वो हमरे घर आई तो मैंने उसे पहली बार चोदा.
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम पिंकू (बदला हुआ) है. मैं राजस्थान के जयपुर का रहने वाला हूँ.हम उम्र के हिसाब से जब जवानी में कदम रखते हैं तो हमारे दिमाग में बहुत सारे ख्याल आते हैं और उन सभी में से एक है सेक्स, जिसके लिए हमें किसी न किसी पार्टनर की जरूरत होती है.
मैं इस साइट पर काफी टाइम से स्टोरी पढ़ता आ रहा हूँ, जिसके बीच मैंने भाई बहन की चुदाई की बहुत सी कहानियां पढ़ी हैं, जो वास्तव में बहुत मस्त होती हैं.उन्हें पढ़कर मैंने कई बार लंड मसल कर पानी निकाला है और बहुत सी फीमेल की चूत ने भी पानी छोड़ दिया होगा.
यह Xxx बहन की बुर चुदाई कहानी आज से कुछ समय पहले की है, जब राजस्थान में एक रीट की परीक्षा आयोजित होनी थी.
दोस्तो, अपने जिस पार्टनर से मेरे सभी सपने पूरे हुए, वो कोई और नहीं मेरी बुआ की लड़की प्रिया थी.वो भी रीट एग्जाम की तैयारी कर रही थी.
बात ऐसी हुई कि मेरी बुआ की लड़की यानि मेरी बहन शुरुआत से ही मेरे साथ खुलकर बात करती थी.हम दोनों लगभग सभी बातें एक-दूसरे से शेयर कर लेते थे.
मेरी बहन का कोई ब्वॉयफ्रेंड नहीं था. वो हमेशा अपनी उंगली से काम चलाती थी, ये बात हमारे सेक्स सम्बन्ध बनने के दौरान उसने मुझे बताई थी.
शुरुआत में मेरे मन में ऐसा कोई ख्याल नहीं था कि मैं बुआ की लड़की के साथ सेक्स जैसा कुछ करने वाला हूँ लेकिन इस साइट से कहानियां पढ़कर मैंने भी एक बार कुछ करने का निर्णय ले लिया था.
एक लड़की को सीधे सेक्स के लिए बोलना काफी खतरनाक होता है.रिश्तेदारों में अगर इस बात का पता चल जाए, तो काफी बेइज्जती हो जाती है.
मैं उस मौके का इंतजार कर रहा था, जब कुछ कर सकूं.एक लड़की से किस तरह ये जान सकूं कि वो चुदने के लिए तैयार है या नहीं अर्थात उसे कैसे तैयार करूं.
ये सब करने में मुझे एक ऐसे शख्स ने मदद की, जो अभी भी इस साइट पर कहानियां पढ़ती हैं.खैर … उसके बारे में आपको कभी किसी अगली सेक्स कहानी में बताऊंगा.
उस लड़की ने बुआ की लड़की को पटाने के सभी टिप्स मुझे बताए, जो वास्तव में कामयाब भी हुए.तो आइए, आपको बताता हूं कि मैंने कैसे प्रिया को मनाया और उसके साथ मस्ती की.
मेरे कॉलेज के एग्जाम होने के बाद मैंने बुआ के घर जाने का फैसला किया.इसकी सूचना मैंने प्रिया को पहले ही बातों बातों में बता दी थी कि मैं कुछ दिनों में तुम्हारे पास आ रहा हूँ.
तब तक उसको इस बात जा जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि मेरे आने से बहुत कुछ बदल जाएगा.
जैसे ही मेरे एग्जाम खत्म हुए, तो घर वालों से बुआ के घर जाने की अनुमति मिल गयी.मुझे बहुत खुशी हुई.
मैंने बहुत सारी कहानियों में पढ़ा था कि पैंटी चाटने में बहुत मजा आता है.दो दिन मैं बुआ के घर पहुंच गया और सभी लोगों से मिलकर बातचीत करने लगा.
प्रिया मेरे लिए पानी लाई और बाद में एक गिलास दूध ले आई.कुछ देर बातचीत करने के बाद सब लोग अपना अपना काम करने में लग गए.
बुआ और फूफाजी अपने पड़ोस के घर चले गए, वहां कुछ प्रोग्राम था.
मेरी बुआ के दो लड़के हैं जिनमें से एक दूसरे शहर में रहकर पढ़ाई करता है और एक भाई ने लव मैरिज कर ली तो वह भी किसी दूसरे शहर में रहने लगा था.
उसका मामला अभी ताजा ही था, जिस वजह से घर में कुछ टेंशन चल रही थी.
जैसे जैसे शाम होने लगी, सभी लोग नहाकर रात को होने वाले प्रोग्राम में शामिल होने लगे.
प्रिया ने बोला- तुम भी तैयार हो जाओ, तुम भी हमारे साथ जाने वाले हो.
फूफा जी बुआ को लेकर पहले चले गए और बुआ ने जाते वक्त प्रिया को बोला कि वो आते समय मुझे भी साथ ले आए.
बुआ के जाते ही प्रिया नहाने चली गयी.उस वक्त घर में मेरे और प्रिया के अलावा कोई नहीं था.
मैं उसके नहा कर आने का इंतजार करने लगा क्योंकि आज बस मुझे पहली उसकी चूत की खुशबू को महसूस करना था.
कुछ ही देर बाद वो नहाकर बाहर आ गयी और मुझे नहाने का बोलकर अन्दर चली गयी.मैं जैसे ही बाथरूम में अन्दर घुसा तो सामने ही उसकी गीली पैंटी सूख रही थी, जो अभी अभी उसने उतारी थी.
मैंने अपने सभी कपड़े उतार कर फव्वारे से पानी चालू कर दिया और अंडरवियर उतारना भूल गया, तो मेरी अंडरवियर भी भीग गयी.मुझे नहाने के बाद नीचे अंडरवियर पहनने की आदत है तो सोचा कि प्रिया को बोल दूँगा. वो मुझे अंडरवियर लाकर दे देगी.
मैं अपनी गीली अंडरवियर को उतारने लगा और जल्दी सी मैंने उसकी पैंटी को पहन लिया.चूत के नीचे पैंटी में एक छेद था, जिसमें से एक उंगली आसानी से घुस सकती थी.
मेरा लंड पैंटी को पहनकर टाइट हो गया.इतने में प्रिया ने आवाज लगाई कि वो बाथरूम के अन्दर कुछ भूल गयी है.मैंने झट से दरवाजा खोल दिया लेकिन मैं यह भूल गया कि मैंने मेरी अंडरवियर की जगह उसकी पैंटी पहन रखी है.
दरवाजा खुलते ही वो चौंक गयी और बोली- ये क्या पहन रखा है तूने?मुझे लगा कि ये सबको बता देगी.
मैंने उससे झूठ बोल दिया कि मेरे पास एक ही अंडरवियर है, अगर वो गीली हो गयी तो मैं बाद में क्या पहनूँगा.मैंने आपको पहले ही बताया था कि मैं प्रत्येक बात शेयर कर लेते थे तो कोई मुझे उससे ऐसा बोलने में जरा सी भी हिचकिचाहट नहीं हुई.
वो बोली- चलो ठीक है लेकिन इसे वापस सुखा देना.इस दौरान मैंने इस बात को नोट किया कि वो पैंटी में टाइट लंड को ही देख रही थी.
मैं वापस दरवाजा बंद करके नहाने लगा और अंत में लंड पर तेल डालकर हिलाने लगा, उसकी पैंटी को चाटने लगा.पैंटी से मनमोहक खुशबू आ रही थी, जिससे मैं काफी ज्यादा गर्म हो गया था.
कुछ देर में लंड ने लावा उगल दिया और मैं अंडरवियर और कपड़े पहनकर बाहर आ गया.तब तक प्रिया तैयार हो चुकी थी. मैं भी जल्दी उसके साथ प्रोग्राम में शामिल होने के लिए निकल गया.
पांच मिनट के रास्ते में उसने यह बात बोल दी- तू काफी बड़ा हो गया, तेरा कुछ करना पड़ेगा.मैंने भी मजाक में यह बोल दिया- तभी तो उसमें छेद हो रखा है.
इतना सुनते ही उसने एकदम से मेरे हाथ को दबा दिया.इतना सब कुछ पढ़ते ही तो आपको भी लग रहा होगा कि पार्टनर तो पूरी तरह से तैयार हो गया था.यानि लोहा पूरा गर्म था बस उसके ऊपर हथौड़ा मारना बाकी था.
कुछ देर तक पार्टी एन्जॉय के बाद मुझे नींद आने लगी तो मैं सोने के लिए घर की तरफ आने लगा.
मेरे जाने के कहते ही फूफा जी बोले- साथ में प्रिया को भी ले जाओ, उसका अभी कुछ दिन बाद एग्जाम है तो उसको पढ़ाई भी करनी है.कुछ देर इंतजार के बाद प्रिया भी मेरे साथ घर आ गई.
मुझे लगा कि कपड़े बदलने के लिए किसी रूम या बाथरूम में जाएगी.लेकिन उसने बोल दिया कि मैं रूम से बाहर चला जाऊं, उसे चेंज करना है.
कुछ देर के लिए बाहर आ गया.
उसने अब एक टी-शर्ट और लोवर पहन लिया.घर में ऐसे कपड़े पहनने पर कोई कुछ नहीं कहता तो उसे कुछ आजादी सी मिली हुई थी.
मैंने जब दीवार पर देखा कि पहले वाले कपड़ों के साथ उसकी ब्रा भी वहीं लटक रही थी.यानि उसने टी-शर्ट के अन्दर कुछ नहीं पहना था.
कुछ ही देर में वो पढ़ाई करने के लिए बैठ गयी तो मैं भी उसके रूम में ही लेट गया और फ़ोन देखने लगा.मेरा ध्यान फोन में कम, उस पर ज्यादा था.
उसने इस बात को नोट कर लिया था कि मैं उसे ही घूर रहा हूँ.
थोड़ी देर बाद वो बोली- बस फोन ऐसे ही देख रहे हो या कोई गर्लफ्रेंड भी है, जिससे बात कर रहे हो?मैंने बोल दिया- तेरे जैसी मस्त कोई मिली नहीं है.वो बोली- इतना क्या खास लगा मेरे अन्दर?
मैंने उससे न जाने क्या क्या बोल दिया कि वो एकदम से शर्मा गयी और उसने अपनी नजरें झुका लीं.बस मैंने उससे सीधा पूछ लिया कि प्रिया तूने कभी सेक्स किया है?
वो बोली- सेक्स करती किसी से … तो तुझे पैंटी में छेद नहीं मिलता.मतलब बन्दी अभी सील पैक है.
मैं उठकर उसके पास चला गया और उसको भाई बहन सेक्स के बारे में बताया.वो कुछ देर नखरे करने के बाद मान गयी और बोली- आज कुछ नहीं, रीट एग्जाम के बाद करेंगे.
मैंने भी उसको हां बोल दिया.
दोस्तो, उस रात के बात हमने ज्यादा कुछ बातचीत नहीं की और जब भी घर पर अकेले होते, तो एक दूसरे को गले लगा लेते. हल्का हल्का एक दूसरे को सहला लेते.ऐसी स्थिति बस कुछ बार ही बनी और बाद में मैं अपने घर वापिस आ गया.
अब बस बीच बीच में उससे फ़ोन पर बात हो जाती रही थी.
बस मुझे अब इंतजार था कि रीट की परीक्षा वाली 26 तारीख का, लेकिन मेरी किस्मत कुछ पहले ही खुल गयी.
हुआ ऐसे कि प्रिया का वो भाई, जिसने अपनी गर्लफ़्रेंड के साथ शादी कर ली थी, जिससे सभी घरवालों को झटका महसूस हुआ था, वो घर आ गया और काफी समय तक घर में अशांति आ गयी थी.
रिश्तों में चुदाई स्टोरी-1
इसी बीच फूफा जी ने सोचा कि ऐसी स्थिति में प्रिया का घर पर रहकर तैयारी करना मुश्किल होगा तो उन्होंने प्रिया को मेरे घर यानि मामा के घर भेज दिया.जहां वो अच्छे तरीके से पढ़ाई कर सके.
पहले तो मुझे भी दुख हुआ कि घर वाले सब परेशान हैं लेकिन एक छोटी सी खुशी भी हुई कि जिसका मुझे इंतजार था, वो खुद मेरे घर चलकर आ रही है.
फूफा जी प्रिया को हमारे घर लेकर आ गए.प्रिया भी सभी किताबें आदि साथ ले आई थी.
एक दो दिन वो थोड़ा मायूस रही लेकिन जल्दी ही उसका स्वभाव सामान्य हो गया.
पापा ने उससे पूछा कि अगर वो अकेली पढ़ाई करना चाहती है तो नीचे के किसी भी कमरे में कर सकती है … और यदि पिंकू के साथ पढ़ाई करनी है, तो ऊपर के कमरे में रह सकती है.
पहले तो वो नीचे के कमरे का बोल कर वहीं रहने लगी जिससे मुझे काफी गुस्सा आया.वो भी जान गई कि मैं उससे गुस्सा हूँ.
लेकिन दो-तीन दिन बाद बोली कि मुझे पिंकू के साथ ही पढ़ाई करनी है, अकेली रहती हूँ तो पढ़ाई में मन नहीं लगता है.ये कह कर वो उसी शाम मेरे कमरे में आ गयी.
शाम को खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए और प्रिया कमरे में आ गई.सभी को तो यही लगता था कि हम दोनों भाई बहन साथ में पढ़ाई करेंगे.
उस रात उसके कमरे में आने के बाद वो बार बार नीचे चक्कर लगा रही थी.कभी पानी का बहाना, कभी बाथरूम का बहाना.
मुझे लगा शायद उसे कोई समस्या है, तभी वो ऐसा कर रही है.कुछ देर बाद सभी सो गए तो उसने ऊपर आकर कमरे को अन्दर से बंद कर दिया.
मैं कुर्सी पर बैठा पढ़ाई कर रहा था, तो वो पीछे से आकर मुझसे लिपट गयी और मेरे गाल पर किस करने लगी.
जैसे ही मैं घूम कर कुछ बोलता, उसने सीधे ही अपने होंठ मेरे हाथ से सटा दिए.मैं बिना कुछ बोले उसका साथ देने लगा.
चूंकि कमरा अन्दर से बंद था और सब लोग सो गए, तो किसी के आने का डर नहीं था.
बीस मिनट तक लगातार बिना कुछ बोले एक दूसरे के होंठों से लिपटे रहे.दोनों को एक दूसरे की गर्म सांसें महसूस हो रही थीं.
फिर मैं उसे थोड़ा दूर करके उसके दूध को ऊपर से दबाने लगा तो उसके मुँह से कामुक सिसकारियां निकलने लगीं.काफी देर तक ऐसा करने के बाद उसने सलवार कुर्ता उतार दिया.
काली ब्रा पैंटी में प्रिया बहुत सेक्सी लग रही थी.
हम दोनों पुनः एक दूसरे से लिपट गए और हमारे होंठ जुड़ गए.मैं एक हाथ से उसके दूध दबा रहा था और दूसरे हाथ से मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया.
मैं उसके एक निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा.वो मेरा सिर पकड़कर दूध पर दबाने लगी और एक हाथ से लंड को सहलाने लगी.
मेरा लंड पहले से ही टाइट हो चुका था.उसने बोला- जल्दी से मेरी चूत में लंड डाल दे, बहुत टाइम से आग लगी है.
मैं पहले सेक्स को कुछ खास बनाने की सोच रहा था लेकिन उसको सीधा लंड चूत में लेना था.मैंने उसको थोड़ा और गर्म किया, उसको बेड पर लेटाकर उसकी चूत को पैंटी के ऊपर से ही चाटने लगा.
मेरी Xxx बहन बहुत गर्म हो चुकी थी, तो पूरी पैंटी गीली हो गई थी.मैं पूरी तरह से पैंटी को चाट गया.फिर मैंने उसकी पैंटी को उतार कर फैंक दिया.
आह … आज पहली बार मैंने किसी जवान लड़की की चूत के दर्शन किए थे.
मैं बहुत उत्तेजित था, उसकी चूत की फांकों को हाथ से सहलाया.उसकी चूत पर बहुत कम बाल थे तो गुलाबी चूत बहुत मस्त लग रही थी.
मैंने जैसे ही उसकी चूत पर अपने होंठ रखे, तो वो एकदम से पूरी हिल गई.उसकी चूत में मैंने एक उंगली डाली तो उसे हल्का सा दर्द महसूस हुआ लेकिन चूत काफी देर से गीली थी तो आसानी से अन्दर चली गई.
मैं पूरी ताकत से चूत को चाटने लगा.कुछ ही मिनट बाद ही चूत से सफेद पानी निकल गया जिसे मैंने चाटकर साफ कर दिया.
अब प्रिया बेड पर कुछ शांति से लेट गयी.
फिर मेरे अपना अंडरवियर उतार कर लंड उसके हाथ में दे दिया.मेरे छह इंच से बड़े लंड को देखते ही वो घबरा कर बोली- मैं तो मर ही जाऊंगी यदि इसे अन्दर लिया तो?
मैंने कुछ नहीं कहा.वो हाथ से लंड सहलाने लगी और अचानक से उसने लंड को मुँह में ले लिया.
कुछ देर चूसने के बाद मेरे लंड से गर्म लावा उसके मुँह में उतर गया, जिसे प्रिया बड़े प्यार से निगल गई.कुछ देर बाद मैं वापस उसकी चूत को सहलाने लगा.
जल्दी ही वो वापस से गर्म हो गई.मैंने उसको बेड पर सही से लेटाकर उसकी गांड के नीचे तकिया लगा दिया.
फिर लंड पर क्रीम लगाकर सैट करने लगा.पहली बार में लंड अन्दर नहीं गया तो मैंने उससे बोल दिया कि चाहे कुछ भी हो जाए, मुँह से आवाज मत करना.
उसने अपनी पैंटी को मुँह में दबा लिया और मुझे इशारा करके लंड अन्दर करने को बोली.
मुझे पता था कि पहली बार में बहुत दर्द होगा और खून भी आएगा.तो मैंने बेड पर पहले से एक कपड़ा बिछा दिया जिससे खून बेड की चादर पर न लगे.
अब मैं एकदम से तैयार था तो उसे पकड़कर लंड को दोबारा चूत पर सैट किया, हाथ से थोड़ा दबा कर पूरे जोर से धक्का दिया जिससे आधे से ज्यादा लंड चूत में घुस गया.वो छटपटाने लगी और उसकी आंखों से आंसू निकल गए. वो मुझे पीछे धकेलने लगी.
मैं कुछ देर शांत रहा.
जैसे ही उसका कुछ दर्द कम हुआ तो मैंने फिर से धक्का देकर पूरा लंड अन्दर घुसा दिया.इस बार भी बहुत दर्द हुआ.मैं वैसे ही रुक गया.
जब दर्द कम हुआ तो हल्के हल्के से लंड आगे-पीछे करने लगा.कुछ ही सेकंड में वो अपनी गांड हिलाने लगी और ‘आआह आह …’ करने लगी.
अब वो मेरे साथ सेक्स में एन्जॉय करने लगी और मेरा पूरा साथ देने लगी.कुछ ही मिनटों में उसकी चूत से पानी निकल गया जिससे लंड पच्च पच्च की आवाज करने लगा.
पांच मिनट बाद मैं भी उसकी चूत के अन्दर ही झड़ गया.
पहली बार सेक्स से उसकी चूत लाल हो गयी थी.मेरा लंड सिकुड़ कर चूत से बाहर आने लगा, उस पर बहुत सा खून भी लगा था.
लंड बाहर निकलते ही चूत से वीर्य के साथ खून बाहर निकलने लगा था.खून देखकर वो घबरा गई.
मैंने लंड और चूत दोनों को कपड़े से साफ किया और उसको बेड पर ही लेटे रहने दिया.
मैं स्टडी टेबल के पास जाकर नंगा ही कुर्सी पर बैठ गया.
कुछ देर बाद प्रिया वापस कुर्सी के पास आकर मेरे सामने से ऊपर चढ़ गई, वो मेरे होंठ खाने लगी.
कुछ ही क्षणों में हम दोनों दोबारा गर्म हो गए और वो मेरे लंड के ऊपर बैठ कर कूदने लगी.
इस बार हम दोनों कुछ मिनट बाद एक साथ ही झड़ गए, दोनों का माल उसकी चूत से बहकर लंड से होते हुए मेरे आंडों तक आ गया.
मैं उसके निप्पल को वापस चूसने लगा.
उस रात लगातार हम दोनों सुबह 4 बजे तक सेक्स करते रहे और बाद में कपड़े पहन कर सो गए.
जब सुबह हुई तो दीदी ने मुझे उठा दिया और प्रिया को सोने दिया.मैंने बोल दिया- इसने रात को बहुत देर तक पढ़ाई की.तो दीदी ने उसे नहीं जगाया.
तकरीबन सुबह 10 बजे वो उठी तो उसकी चाल कुछ बदल गयी थी और चेहरे पर भी बहुत खुशी थी.
उसके बाद मैंने उस Xxxबहन की गांडकी भी ओपनिंग की.उसके बारे में कभी सेक्स कहानी लिखकर आप सभी के साथ शेयर करूंगा.
उम्मीद है कि आप सभी को Xxx बहन की बुर चुदाई कहानी में बहुत मजा आया होगा.मुझे ईमेल औऱ कमेंट्स करके जरूर बताना.धन्यवादsupport@mohakkisse.com