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Group Sex Story पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 228 बार

दो बहनों के साथ चलती ट्रेन में ग्रुप सेक्स

सलमा बेगम

28 Oct 2015 को प्रकाशित

दो बहनों के साथ चलती ट्रेन में ग्रुप सेक्स
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X ट्रेन पोर्न कहानी में मैं और मेरी बहन फर्स्ट क्लास कूपे में थी कि उसमें 2 लड़के और आ गए. उन्होंने पहले हमसे शराब पीने की अनुमति मांगी, फिर हमें भी पीने को कहा.

यह कहानी सुनें.

फ्रेंड्स, मैं सलमा कुरैशी, आप सबको अपनी सच्ची सेक्स कहानी बताने जा रही हूं.

यह एक चलती ट्रेन में चुदाई की सच्ची घटना है.

X ट्रेन पोर्न कहानी के वक्त मेरी उम्र 27 साल थी और फिगर साइज 36-30-38 का था.

हालांकि मैं स्कूल टाइम से ही बहुत सेक्सी थी, बहुत लोगों से चुदी भी थी.

उस दिन मैं एक शादी में जा रही थी.

मेरे साथ मेरी छोटी बहन भी थी.उसका नाम नाजिया कुरैशी है, उम्र 24 साल और उसका फिगर साइज 34-30-36 का है.वह भी बहुत सेक्सी है और बहुत लोग से चुदी थी.

हम दोनों बहन एक नंबर की रंडियां थीं.किसी भी मस्त लंड से चुदने के लिए अपनी चुत खोल कर चुदने को हमेशा तैयार रहती थीं.

हम दोनों बहनों ने ट्रेन में फर्स्ट एसी के केबिन की 2 टिकटें बुक की थीं.जब हम स्टेशन पर पहुंचे … तब बहुत लोग हमें घूर घूर देख रहे थे.

मैंने लाल रंग की नेट की साड़ी पहनी थी और उसके साथ लो-कट ब्लाउज पहना था, जिसमें से मेरी चूचियां आधी से ज्यादा बाहर निकल भागने को दिख रही थीं.

मेरी छोटी बहन नाजिया ने नीली साड़ी पहनी थी.उसने भी लो-कट ब्लाउज पहना हुआ था.

उस दिन खास बात यह थी कि हम दोनों बहनों ने ब्रा पैंटी नहीं पहनी थी.

सब लोग हम दोनों सेक्सी बहनों के बैकलेस ब्लाउज को देख रहे थे.

हम दोनों भी लोगों की वासना से तप्त आंखों को अपने जहरीले हुस्न का जाम पिलाती हुई मस्ती से अपनी गांड मटकाती हुई और खिलखिलाती हुई चली जा रही थीं.

जल्दी ही हम दोनों बहनें अपनी अपनी सीट पर जाकर बैठ गईं और कूपे का दरवाजा लगा लिया.

तभी अचानक से दरवाजा खुला और 2 हट्टे कट्टे मर्द अन्दर आ गए.

हम दोनों बहनों की नजरें उन दोनों मर्दों पर टिक गईं.वे दोनों सच में बहुत मजबूत मर्द दिखाई दे रहे थे.

मैंने उन्हें देख कर अचानक से अपनी चूची से हाथ हटा लिया.उन दोनों की सीटें उसी केबिन में हमारे सामने वाली सीटें थीं.

वे दोनों सामने बैठ गए और हम दोनों बहनों के लो-कट ब्लाउज में से झाँकते हुए हमारे दूध देखने लगे थे.

हम दोनों की रसीली चूचियों को देख कर उन दोनों के लंड खड़े होने लगे थे.

उनके खड़े होते लंड उनकी पैंटों से फूलते हुए साफ दिख रहे थे.

फिर एक ने शराब की बोतल निकाली और मेरी तरफ देखते हुए बोला- मैडम आपको कोई ऐतराज तो नहीं है न!मैंने कुछ नहीं कहा.

उसने अपने बैग में से दो गिलास निकाले और दोनों ने पैग बना कर अपना अपना गिलास उठा कर चीयर्स किया और एक ही सांस में गटगट करके पी लिया.

फिर एक ने मुझसे पूछा- सॉरी, हम दोनों ने आपसे ड्रिंक के लिए नहीं पूछा. क्या आप लोग पिएंगी?

मैं सोच रही थी कि क्या बोलूं?इतने में नाज़िया ने हां बोल प्रिया.

वे दोनों खुश हो गए और दो और गिलास बना कर हम दोनों बहनों को भी एक गिलास पकड़ा प्रिया.

हम दोनों ने भी शराब को उनके जैसी ही गटगट करके एक ही सांस में गटक ली.

अब यहीं से X ट्रेन पोर्न कहानी बननी शुरू हो गयी.

अब हम दोनों तो पुरानी रांडें ठहरीं, शराब क्या चीज थी हम दोनों ने अच्छे अच्छों के लंड तक चूसे थे.आज भी ट्रेन के सफर में दो मस्त मर्द देख कर हम दोनों बहनों की चूतों में पानी आ गया था.

अब हम सब में बात होने लगीं.

एक लड़के ने सिगरेट सुलगाई और मुझे ऑफर की तो मैंने उसकी उंगलियों से सिगरेट लेकर अपने होंठों में फंसा ली और मजा लेने लगी.

चूंकि इस कूपे में एक उन्नत किस्म का एसी लगा हुआ था जो हवा को एक घंटे में अठारह बार बदलता था.इसी कारण से हम लोग सिगरेट का मजा ले पा रहे थे. वैसे तो ट्रेन में सिगरेट पीने की मनाही है लेकिन नियम कौन मानता है!

हमारी बातचीत शुरू हुई तो उन दोनों ने अपने अपने नाम बताए.एक का नाम रवीन्द्र था और दूसरे का नाम रमेश था.

उसी पल मैंने अपनी साड़ी का पल्लू खिसक जाने प्रिया, जिससे मेरे दूध एकदम साफ नुमायां होने लगे.रवीन्द्र मेरी चूचियां देखने लगा और वह पैंट के ऊपर से ही अपने लंड पर हाथ फिराने लगा.उसका लंड टाइट हो गया था.

इतने में रमेश उठ कर मेरी बहन नाजिया के बाजू में बैठ गया और उसकी आंखों में नशीले अंदाज से देखने लगा.

नाजिया तो पहले से ही चुदासी हो गई थी तो वह रमेश के होंठों पर अपने होंठ रख कर गर्म सांस छोड़ने लगी.

रमेश भी कहां पीछे रहने वाला था, वह मेरी बहन की चूचियां दबाने लगा.

नाजिया भी गर्म हो गई और उसने भी रमेश का लंड पैंट से बाहर निकाल लिया.वह उसके लंड को सहलाने लगी.

मैंने उसका लंड देखा तो देखती ही रह गई.साले का लंड 8 इंच का रहा होगा.एकदम खीरे जैसा मोटा और भुजंग काला लंड था.

उसके मूसल लंड को देखते ही मेरी चूत गीली हो गई.

मैं अपनी चुनचुनाती चूत को साड़ी के ऊपर से सहलाने लगी.

यह देख कर रवींद्र उठा और वह मेरे सामने खड़ा हो गया.मैं उसे कामुक नजरों से देखती हुई सिगरेट का धुआँ उड़ाने लगी.

उसने अपने पैंट का हुक खोला और उसे नीचे सरका कर अपने लंड को मेरे मुँह के पास ले आया.

उसका लंड भी रमेश के लंड जितना ही था.बल्कि लंबाई में शायद आधा इंच ज्यादा बड़ा होगा.इसका लंड भी मोटा व काला था.

मैंने फौरन से अपना मुँह खोला और उसके लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

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वह भी मेरे बालों को पकड़ कर पूरी ताकत से मेरे मुँह को अपने लौड़े से चोदने लगा.उधर रमेश ने नाज़िया को नंगी कर प्रिया और वह नाज़िया की चूचियों से खेलने लगा.

रवीन्द्र ने लंड मुँह से निकला और मेरे ब्लाउज को खोल प्रिया.

बिना ब्रा के मेरी चूचियां नंगी हो गईं और रवीन्द्र लपक कर मेरी दोनों चूचियों को ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा.

वह मेरी एक चूची को चूस रहा था और उसे बीच बीच में काट भी ले रहा था.उसके काटने से मुझे और भी ज्यादा वासना चढ़ रही थी.

फिर उसने मुझे खड़ी किया और मेरे पेटीकोट के नाड़े को ढीला करके निकाल प्रिया.पेटीकोट नीचे गिर गया और मैं सम्पूर्ण नंगी हो गई.

वह अपनी दो उंगलियों से मेरी चूत को कुरेदने लगा और मेरी चुत में अन्दर डाल कर चुत रगड़ने लगा.

मैं कामुक सिसकारियां लेने लगी.‘अह्ह्ह्ह उफ्फ़ ओह्ह्ह्ह…’ की आवाज कूपे में गूंजने लगी.

तभी रवीन्द्र ने मुझे एक थप्पड़ लगाया और बोला- चल कुतिया चूस मेरा लंड … रंडी साली छिनाल!वह मेरा मुँह चोदने लगा.

उसके मुँह से गालियां सुन कर मुझे भी जोश आ गया और मैं पूरे ज़ोश में उसका लंड चूसने लगी.

वह मेरे मुँह को चोदने के साथ साथ मेरी चूत में भी उंगली कर रहा था.इससे जल्दी ही मेरी चुत से पानी निकल गया.

उधर नाजिया भी रमेश का लंड चूस रही थी.नाजिया व रमेश 69 के पोज में थे.रमेश नाजिया की चूत चूस रहा था और वह लंड.

फिर रमेश ने नाजिया को कुतिया बना प्रिया और उसकी चूत में लंड पेल प्रिया.

जैसे ही रमेश ने अपना आठ इंच का मोटा लंड एक झटके में नाजिया की चुत में पेला, वह चिल्लाने लगी- अह्ह ओह्ह अह्ह्ह अह मर गई!रमेश बिना रुके नाजिया को चोद रहा था.

इधर उन दोनों की चुदाई देख कर रवीन्द्र भी जोर जोर से मेरी चूत चूसने लगा.

वह मेरी चूत में उंगली भी कर रहा था.मुझसे से बर्दाश्त नहीं हो रहा था.

मैं बोली- अब चोद भी दो यार … मुझसे रहा नहीं जाता!रवींद्र बोला- रुक कुतिया अभी इतनी जल्दी चुत कैसे मारूँगा … पहले तो तेरी गांड मारूंगा … आह साली तेरी मोटी गांड फाड़ूँगा. फिर तेरी चुत का नंबर आएगा.

उसने मेरी गांड में लंड डाल प्रिया.मेरी तो मानो जान निकल गई थी.

वह अपनी कमर को उठा-उठा कर मेरी गांड चोद रहा था.

कुछ मिनट गांड मारने के बाद उसने नाज़िया की गांड में लंड डाल प्रिया और रमेश ने मेरी चूत में लंड पेल प्रिया.

अब रमेश ने मेरी चूत चोदी और रवींद्र ने नाज़िया की गांड मारी.

कुछ 15 मिनट के बाद दोनों ने हमारे मुँह में पानी निकाल प्रिया.

हम दोनों बहनें उनके स्वादिष्ट पानी को पी गईं और नंगी ही लेटी रहीं.

रमेश पैग बनाने लगा और उसने मुझसे पूछा- कैसा लगा तुम लोगों को?

मैंने कहा- मस्त … मजा आ गया यार तुम लोगों के साथ तो हमारी जर्नी हैप्पी हो गई.रमेश ने गिलास देते हुए कहा- अभी और मजा करेंगे!मैंने कहा- हां हां हम दोनों रेडी हैं!

वह बोला- अभी 4 लड़के और हैं. वे सब हमारे दोस्त हैं और बाजू वाले एसी केबिन में हैं. तुम बोलो तो उन्हें भी बुला लें!उसके मुँह से ये सुनते ही नाज़िया बोली- तो अभी तक क्यों नहीं बोला, हां बुला लो उन्हें भी!

ये सुनते ही रमेश उन लोगों को बुलाने चला गया.

इधर रवींद्र ने एक और बोतल शराब की निकाली और हम दोनों को फिर से गिलास में शराब भर कर दे दी.

शराब पीती हुई मैं नाजिया से बोली- क्या हो गया है तुझको साली कुतिया … आजकल कुछ ज्यादा ही चुदने का शौक चढ़ गया है तुझे?

वह हंस दी और बोली- अरे दीदी, जिंदगी में यह जवानी कितने दिन रहेगी. मजा ले लेने दो न!

मैं भी हंस दी, तब तक रवींद्र के साथ उसके चार दोस्त अन्दर आ गए थे.

अब जो केबिन में हम दोनों बहनों की माँ चुदी … वह गजब ही दास्तान थी.उन चार में से दो तो बहुत ही बड़े वाले मादरचोद मर्द थे.

सबसे पहले तो हम दोनों बहनों को सबके लंड चूसने पड़े, फिर सैंडविच चुदाई शुरू हुई.

हमारे जिस्म में शराब का नशा तो था ही, रमेश ने सेक्स की गोलियां भी खिला दी थीं.

दवा के असर से लंड बेअसर हो रहे थे मगर उधर लंड के तनाव भी दवा के असर में एकदम सख्त थे.

उन छहों मर्दों ने हम दोनों बहनों की चूचियों को पिलपिला कर प्रिया और चुत गांड की जगह गहरे गहरे गड्डे खोद दिए.

हम दोनों बहनों कीरात भर चुदाईहुई.

मैं अपनी बहन नाजिया से ज्यादा खेली खाई रांड थी, तो मैंने थक कर बेहोश हो जाने का ड्रामा किया और गिर गई.

मुझे छोड़ कर साले सब के सब नाजिया पर चढ़ गए.नाजिया ने मेरी तरफ देखा तो मैंने उसे आंख मार दी.

वह भी समझ गई कि इन मर्दों से बचने का एक ही तरीका है और वह भी कुछ देर बाद बेहोश हो जाने का ड्रामा करने लगी.

अब वे चारों हमारे केबिन से निकल गए.

उनके जाते ही नाजिया उठ कर बैठ गई और रमेश की गोदी में बैठ कर उसके होंठ चूसने लगी.

रमेश हंसने लगा कि साली रंडी … छह के लंड से नहीं चुदना था क्या?नाजिया बोली- वे सब मिल कर मेरी फाड़ देते. अब तुम दोनों ही मिल कर मुझे मजे से चोदो.

तभी मैं भी उठ गई और हम दोनों बहनों ने वापस अपनी चुदाई का आनंद लेना आरंभ कर प्रिया.

तो दोस्तो, यह हमारी सच्ची X ट्रेन पोर्न कहानी आपको कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

मोहित जालंधर

3 months ago

रिश्तों की ये कहानी सच में बहुत ही कामुक थी। अंत बहुत ही गर्म था।

टीना बैसा

3 months ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

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