होम पर वापस जाएं
पहली बार चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 342 बार

होटल में गर्लफ्रेंड की सीलतोड़ चुत चुदाई

केशव 2

09 Mar 2011 को प्रकाशित

होटल में गर्लफ्रेंड की सीलतोड़ चुत चुदाई
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

वर्जिन GF सेक्स स्टोरी में एक लड़की से मेरी दोस्ती ऑनलाइन हुई. हमने मिलने का प्लान बनाया. उसे देख मैं देखता रह गया. उसके चूचे बड़े बड़े थे. मैं उसे चोदना चाहता था.

दोस्तो, मेरा नाम राहुल है, मैं राजस्थान के जयपुर का रहने वाला हूँ.मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ.

ये मेरी पहली सेक्स कहानी है, अगर कोई गलती हो जाए तो माफ करना.

वर्जिन GF सेक्स स्टोरी मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई की है कि कैसे मैंने अपनी गर्लफ्रेंड की सील तोड़ी … मैंने उसी को लिखने का प्रयास किया है.

मेरी गर्लफ्रेंड का नाम सीमा है और वह फरीदाबाद (हरियाणा) की रहने वाली है.उसका फिगर बड़ा ही मस्त है.वह छोटी हाइट की है पर उसके बूब्स इतने बड़े-बड़े हैं कि देखते ही किसी का भी लौड़ा खड़ा हो जाए और मन करे कि अभी इसे चोद डालूँ.

मेरी उससे बातचीत ऑनलाइन ऐप पर शुरू हुई थी.

बात करते-करते हम दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे और जल्द ही इतना प्यार हो गया कि एक-दूसरे से बात किए बिना रह ही नहीं सकते थे.

बातचीत करते-करते हमें एक महीने से ज्यादा हो गया.तो हमने मिलने का प्लान बनाया.

मैं उससे मिलने गया.जब पहली बार उसे सामने देखा तो बस देखता ही रह गया.

उसकी छोटी हाइट पर उसके बड़े बड़े बूब्स सामने से देखे तो मन करने लगा था कि अभी के अभी इसके दोनों दूध अपने मुँह में लेकर चूस लूँ.

तभी उसने मुझे आवाज़ दी- राहुल!मेरा ध्यान टूटा.

वह बोली- क्या हुआ हनी … तुम एकदम से ऐसे कैसे देखते रह गए?मैंने ठंडी आह भरते हुए कहा- तुम सच में आग हो डार्लिंग!वह हंसती हुई बोली- क्या हुआ … कुछ मुझे भी तो मालूम पड़े?

मैंने उसके दूध देखते हुए कहा- क्या गुब्बारे फिट कर रखे हैं तुमने यार … साला टांगों के बीच में हलचल होने लगी!वह मेरे सीने पर मुक्का मारती हुई बोली- अभी पहली बार मिले हो और अभी से ही बदमाशी की बातें शुरू कर दीं?

मैं उसे अपने सीने से चिपकाते हुए बोला- यह खुली जगह है नहीं तो सच में न जाने क्या कर बैठता!वह धीमे स्वर में बोली- तो रोका किसने है?

मैंने सुन तो लिया था लेकिन कुछ कहा नहीं.

फिर हम दोनों पूरा दिन इधर-उधर घूमे.शाम को वह अपने घर चली गई और मैं होटल में आ गया.

वह दूसरे दिन मिलने की कह गई थी.

होटल में आकर मैंने होटल में एक दिन और रुकने के लिए कह कर रूम की बुकिंग बढ़ा दी.

फिर रूम में आते ही सबसे पहले मैंने उसके नाम की मुठ मारी.

अगले दिन मैंने उसे मिलने आने को कहा और उसे होटल में ही बुला लिया.

पहले तो वह मना कर रही थी- नहीं राहुल, डर लग रहा है. कमरे में नहीं आ सकती … होटल वाला मामला है, रेड जैसी कुछ गड़बड़ हो गई तो मैं कहीं की नहीं रहूँगी!

मैंने कहा- यह होटल उस टाइप का नहीं है कि पुलिस की रेड वगैरह पड़ती हो!लेकिन वह मानने को रेडी नहीं थी.

अंततः वह मेरे बहुत मनाने पर आ गई.होटल के नीचे आकर उसने मुझे कॉल किया.

मैं नीचे गया, उसे लेकर रूम में आया और दरवाज़ा बंद होते ही वह मेरे गले लग गई.

हम दोनों दस मिनट तक ऐसे ही चिपके रहे.फिर मैंने उसका चेहरा ऊपर उठाया और उसके रसीले होंठों को चूसने लगा.

वह भी पूरा साथ दे रही थी- उफ्फ्फ … राहुल … कितना हॉट लग रहा है!मैंने मजाक किया- तुम्हारी तो कमरे में आने में ही फट रही थी!

वह बोली- हां मुझे बहुत डर तो लग रहा था लेकिन तुम्हारे साथ अकेले में मिलने का बड़ा मन भी था.मैंने उसके चूतड़ों पर हाथ फेरते हुए कहा- अकेले में मिलने का मन क्यों कर रहा था जान!

वह मेरे सीने में सर छिपाती हुई बोली- कल जब तुमने कहा था न कि तुम्हें कुछ कुछ हो रहा है तभी मुझे भी कुछ होने लगा था.मैंने कहा- यह कुछ किस वजह से होता है और किधर होता है, मैं समझा नहीं!

वह बोली- यह कुछ वहीं होता है जो तुम्हें कल तुम्हारी टांगों के बीच में हो रहा था!मैंने कहा- उसे तो चुदास कहते हैं न बेबी!

वह बोली- धत्त कितने बदतमीज हो तुम! कैसे गंदे बोल रहे हो!मैंने उसकी चुत को टटोला और कहा- सेक्स में कुछ भी गंदा नहीं होता है जान … बल्कि जितना खुल कर बोलो, उतना ज्यादा मजा आता है!

वह हंस दी … और हम दोनों इसी तरह की बातें करते हुए एक दूसरे के बदन को टटोलते और चूमते रहे.

करीब पंद्रह मिनट तक होंठों को चूसने के बाद वह थोड़ा हटी, हम दोनों बेड पर बैठ गए.

थोड़ी देर इधर-उधर की बातें कीं, फिर मैंने उसे धीरे से लिटा लिया.अब हम एक-दूसरे को बस देखे जा रहे थे.

उसी पल फिर से लिप लॉक शुरू हो गया.इस बार मैंने उसे छोड़ा ही नहीं, किस करते-करते मेरा हाथ उसके बूब्स पर पहुंच गया और मैं ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा.

पहले तो वह मेरा हाथ हटा रही थी- नहीं … राहुल, मुझे शर्म आ रही है!लेकिन मैंने हाथ नहीं हटाया और उसके दूध मसलता रहा.

थोड़ी देर में उसे भी मज़ा आने लगा और वह खुद मेरे हाथ को अपने मम्मों पर दबाने लगी- आह्ह … और जोर से दबाओ ना!

उसे किस करते-करते मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी.उसने अन्दर पिंक कलर की ब्रा पहनी थी.मैंने फटाक से वह भी निकाल दी और उसके बड़े-बड़े बूब्स को दबोच लिया.

उसके एक दूध को मुँह में लेकर चूसने लगा तो वह मजे में सिसकारियां लेने लगी- आह्ह … राहुल … कितना मज़ा आ रहा है … उफ्फ!

कुछ देर बाद मैं उसके दूसरे दूध को चूसने लगा तो वह खुद अपने हाथ से अपने चूचे पकड़ पकड़ कर मुझे पिलाने लगी.मैंने बारी बारी से उसके दोनों दूध पीते-पीते अपना एक हाथ उसकी जींस के अन्दर डाल कर उसकी चूत पर रख दिया.

जैसे ही चूत पर हाथ पड़ा, वह पूरी सिहर गई- ओह्ह्ह … राहुल!

मैंने मौका देखते ही उसकी जींस का बटन खोल दिया और अपना हाथ सीधे पैंटी के अन्दर डालकर उसकी चूत पर रख दिया.उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था … उसकी एकदम चिकनी चूत से पानी बह रहा था.

मैंने फौरन एक उंगली उसकी चूत में डाल दी और अन्दर-बाहर करने लगा.उसे इतना मज़ा आ रहा था कि वह तड़पने लगी.

वह कामुक आवाज में बोली- बाबू … तड़पाओ मत … प्लीज अब जल्दी से डाल दो अपना लंड मेरी चूत में … प्लीज़!

उसके इतना कहते ही मैंने उसकी जींस और पैंटी एक साथ नीचे खींच दी, अपने सारे कपड़े फेंके और उसकी दोनों टांगों के बीच आ गया.

अपना मुँह उसकी चूत पर रखते ही मैंने नाक से महक को खींचा तो उफ्फ् … क्या गजब की खुशबू आ रही थी.मैंने जीभ से चूत चाटनी शुरू कर दी.

जैसे ही जीभ अन्दर डाली, वह ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियां लेने लगी और अपने हाथों से मेरा सिर अपनी चूत पर दबाने लगी.‘आह्ह्ह … बाबू … चोद डालो आज फाड़ दो मेरी चूत को … जल्दी!’

फिर वर्जिन GF सेक्स के लिए मुझे ऊपर खींचने लगी.

मैं उसके ऊपर चढ़ा, अपना लंड उसके मुँह के पास ले गया.लेकिन उसने मना कर दिया.

मैंने ज़्यादा ज़िद नहीं की और फिर उसकी टांगों के बीच आ गया.

लंड को चूत पर रखकर धक्के मारने लगा, पर जा ही नहीं रहा था.मुझे खुशी प्राप्त हो गई कि अरे वाह सील-पैक माल मिली है!

मैंने अपने लंड पर थूक लगाया, थोड़ा सा उसकी चूत पर भी लगाया और ज़ोर का एक धक्का मारा.मेरा लंड उसकी चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया.

अभी सिर्फ टोपा ही अन्दर गया था कि वह ज़ोर से चीख पड़ी- आआह्ह्ह … दर्द हो रहा है!मैंने फौरन उसके होंठों को अपने होंठों से बंद कर दिया और किस करने लगा.

थोड़ी देर में वह नीचे से अपनी गांड हिलाने लगी.मैंने मौका देखकर एक और ज़ोर का धक्का मारा तो पूरा का पूरा लंड एक ही बार में उसकी चूत में समा गया.वह ऐसे तड़पने लगी जैसे बिना पानी की मछली.

मैं थोड़ी देर वैसे ही पड़ा रहा.जब उसका दर्द कुछ कम हुआ तो वह फिर से गांड हिलाने लगी.

मैं समझ गया कि इसे अब मज़ा आने लगा है.मैंने भी लंड अन्दर-बाहर करना शुरू कर दिया.

वह सिसकारियां ले रही थी- आह … उह्ह … आह … उह्ह … बाबू … जोर से चोदो फाड़ दो मेरी चूत को आज … और तेज़ … आह्ह्ह!

मैं भी पूरी ताकत से चोदता रहा.कोई 15-20 मिनट की ज़ोरदार चुदाई में वह दो बार झड़ चुकी थी.

मैं भी अब झड़ने वाला था.मैंने पूछा- रस कहां निकालूँ?वह बोली- अन्दर ही निकाल दो … सब अन्दर … आह.

मैंने और तेज़ धक्के लगाए और उसकी चूत में ही पूरा माल झाड़ दिया.फिर उसके ऊपर ही ढेर होकर गिर गया.

थोड़ी देर बाद वह बोली- बाबू … सुसु करनी है.जब मैं उसके ऊपर से हटा तो देखा कि उसकी चूत से खू.न निकल रहा था, जो मेरे लंड और उसकी चूत पर लगा हुआ था.

वह रक्त देखकर डर गई.मैंने समझाया- पहली बार होता है बेबी, खू.न निकलता ही है.

वह मान गई और सुसु करने चली गई.

मैं भी उसके साथ बाथरूम में घुस गया और उसे सुसु करते देखता रहा.सुसु करने के बाद मैंने उसकी चूत और अपना लंड अच्छे से धोया-साफ किया. फिर उसे गोद में उठाया, रूम में लाया और फिर से ज़ोर-ज़ोर से किस करने लगा.

थोड़ी ही देर में हम दोनों फिर से गर्म हो चुके थे.मैंने सीमा को फिर से लिटाया और अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया.

इस बार वह सेक्स के खूब मज़े ले रही थी, कमर ऊपर उठा-उठा कर खुद ही चुदवा रही थी.‘आह्ह … राहुल … और ज़ोर से … हां ऐसे ही … फाड़ दो आज!’

थोड़ी देर में हम दोनों एक साथ फिर झड़ गए. पसीने से तर-बतर, एक-दूसरे से चिपके हुए लेटे रहे और प्यार भरी बातें करने लगे.बातें करते-करते फिर से मूड बन गया और हम दोनों एक बार फिर से सेक्स करने लगे.

उस दिन मैंने सीमा को कुल चार बार चोदा, पूरा दिन बस चुदाई ही चलती रही,हम दोनों नेचोदने का मजालिया.

शाम तक तो उसकी हालत ऐसी हो गई थी कि चूत में दर्द के कारण सही से चल भी नहीं पा रही थी.मैंने रास्ते में मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा ली और उसे दे दी.

फिर वह लंगड़ाती हुई घर चली गई.

अब हम हर महीने मिलते हैं और खूब चुदाई के मज़े लेते हैं.एक बार तो सीमा अपनी सेक्सी सहेली नेहा को साथ ले आई.

मैंने नेहा के सामने ही सीमा को ज़ोर-ज़ोर से चोदा.ये देखकर नेहा भी पूरी गर्म हो गई और बोली- यार राहुल … मुझे भी चोद ना!

मैंने उसी दिन नेहा को भी खूब चोदा.वह पूरी सेक्स कहानी मैं आपको बाद में विस्तार से सुनाऊंगा.

तो दोस्तो, आपको मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड की पहली चुदाई की ये सच्ची वर्जिन GF सेक्स स्टोरी कैसी लगी?जरूर बताएं और मेल भी करेंsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

प्रेमिका की बुर चोदने की ललक- 2
पहली बार चुदाई

प्रेमिका की बुर चोदने की ललक- 2

लैंड बुर की चुदाई कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी क्लास की देसी लड़की को अपनी प्रेमिका बनाया और फिर उसे चूत चुदाई के लिए तैयार करके चोदा.

13 मिनट 482
तेरा साथ है कितना प्यारा-8
पहली बार चुदाई

तेरा साथ है कितना प्यारा-8

वो पूरा निपुण खिलाड़ी था, कोई भी जल्द बाजी नहीं दिखा रहा था, उसने फर्श पर बैठकर मेरी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख लिया और मेरी दोनों मक्खन जैसी चिकनी जांघों को एक एक करके चाटने लगा।

9 मिनट 596
मेरी लव स्टोरी.. मेरा पहला प्यार -1
पहली बार चुदाई

मेरी लव स्टोरी.. मेरा पहला प्यार -1

मेरा नाम दीपक है (बदला हुआ नाम)। मैं अलीगढ़ से हूँ.. मैं एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ। मेरी लंबाई 5 फीट 9 इंच है.. रंग साफ़ है.. मैं दिखने में स्मार्ट लगता हूँ।

6 मिनट 1,201

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।