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जवान लड़की पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 1,171 बार

ट्रेन में मिली एक नवविवाहिता की कसी चूत

राकेश सिंह 1999

12 May 2020 को प्रकाशित

ट्रेन में मिली एक नवविवाहिता की कसी चूत
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बात दो साल पहले की है, मैं अपनी बड़ी बहन रेनू के घर गया था. दिसम्बर का महीना था.. ठण्ड काफ़ी थी. वहाँ दीदी के देवर की शादी होने वाली थी. शादी 22 तारीख को थी. मैं 4 तारीख को ही वहां का इन्तजाम देखने और शादी की तैयारी करने गया था. बारह तारीख तक मैंने वहां का सारा इन्तजाम कर प्रिया. सारी शॉपिंग हो चुकी थी. चौदह तारीख को मैंने मेरे वापस घर जाने का एक फर्स्ट क्लास एसी का टिकट ले लिया और फिर मुझे 19 को अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर शादी में शरीक होना था.

उस दिन दोपहर को दो बजे की ट्रेन थी. तभी मेरी 18 साल की भांजी चिंकी ने जिद करना शुरू कर प्रिया कि वो भी मेरे साथ मामी को लेने जाएगी. सब लोगों ने उसे समझाया, पर वो नहीं मानी. तब मेरे जीजा ने उसे जाने की इजाजत दे दी. हमने किसी तरह टीटी को पैसे देकर अपने कम्पार्टमेंट में बर्थ का इन्तजाम किया.

ट्रेन एक घन्टे लेट आई, हम दोनों ट्रेन में बैठ गए. मेरे ही कूपे में एक नया जोड़ा भी था. जब ट्रेन चली तो पता चला कि दोनों की एक हफ्ते पहले ही शादी हुई है.

वो जोड़ा नीचे की एक बर्थ पर इकट्ठे बैठे थे और हंसी मजाक कर रहे थे. कभी कभी एक दूसरे को चूम भी ले रहे थे.

मुझे ये सब नोनवेज कारनामे देख कर मजा आ रहा था, लेकिन चिंकी की वजह से मैं उसे ठीक से नहीं देख पा रहा था. मैं चिंकी से नजरे बचा कर उन दोनों की रासलीला का मजा ले रहा था. मैंने गौर किया कि चिंकी भी छुपी नजरों से ये सब खेल देख रही थी.

करीब साढ़े सात बजे खाना आ गया. सबने खाना खाया. मैं वहीं लेट गया और चिंकी मेरे पेट के पास बैठ कर एक मैगज़ीन पढ़ने लगी. तभी उस लड़के ने अपनी पत्नी को गोद में बैठा लिया और उसके होंठ चूसने लगा. मुझे ये सब देख कर मस्ती आने लगी. चिंकी भी बुक पढ़ते हुए मुझ से नजरें बचा कर उन दोनों को देख रही थी. तभी उस लड़के ने लड़की की चूचियों को मसलना चालू कर प्रिया.. लड़की कसमसाने लगी.

मैंने चिंकी की तरफ देखा, वो बिना पलकें झुकाए दोनों का खेल देख रही थी. उसकी साँसें तेज चल रही थीं. मैं समझ गया कि चिंकी को जवानी के इस खेल में मजा आ रहा था और वो इस खेल को समझ रही थी. चिंकी के उभार दिखने लगे थे. उसकी छातियां तेज साँसों के साथ ऊपर नीचे हो रही थीं. मेरा भी लंड खड़ा हो चुका था. मैं चिंकी की छोटी-छोटी चूचियों को उसकी साँसों के साथ ऊपर नीचे होते देखकर भूल गया कि वो मेरी भांजी है और अभी छोटी है.भानजी की गदराई जवानी देख मेरी लार टपक गई.

जब मैंने देखा कि उस लड़के ने अपना हाथ लड़की के कुरते में डाल प्रिया और चूची जोर जोर से मसलने लग़ा, तब चिंकी का चेहरा तमतमा गया. मैं गौर से चिंकी के चेहरे को देखने लगा. तभी चिंकी की नजर मुझ पर पड़ी.. मैं मुस्कुरा प्रिया, वो झेंप गई और किताब पढ़ने लगी.

मैंने अपना एक हाथ उसकी जांघों पर रख प्रिया. उसने कोई रियेक्ट नहीं किया. मैंने हाथ का दबाब बढ़ाया, वो बिना मेरी तरफ देख मुस्कुरा दी. मैं समझ गया कि आज मेरी किस्मत खुलने वाली है. मैंने उसकी जांघों को सहलाना शुरू कर प्रिया. अब उसकी साँसों की आवाज़ आने लगी.. वो लगभग हांफ़ने लगी. इधर उस लड़के ने चादर निकाल ली और ओढ़ लिया. अब वो दोनों चादर के अन्दर थे.

इसके बाद उस लड़के ने लड़की की चूची को निकाल कर चूसना शुरू कर प्रिया, जो कि चादर के ऊपर से ही समझ आ रहा था. मेरी नजर फिर चिंकी की नजर से मिली. इस बार चिंकी मुस्कुरा दी. तभी उस लड़के ने उठ कर लाइट को ऑफ कर प्रिया, कूपे में अँधेरा हो गया. फिर कपड़ों के सरकने की आवाज होने लगी.

तभी मेरे सब्र का बांध टूट गया और मैंने चिंकी को अपनी ओर खींच लिया और उसे चूमने लगा. वो भी मेरा साथ देने लगी. मैं पागलों की तरह उसके होंठ चूस रहा था. वो अपना बदन मेरे बदन से रगड़ रही थी. मैं एक हाथ से उसकी नन्हीं चूचियों को मसलने लगा. फिर मैंने उसके कुर्ते को निकाल प्रिया और उसकी चूची के निप्पल को मुँह में लेकर चूसने लगा. वो हांफ रही थी.. वो मेरे ऊपर चढ़ कर बैठ गई. मैंने उसे बांहों में भींच लिया और उसकी सलवार को उतार प्रिया साथ ही पैंटी भी निकाल दी.

अन्धेरे में मुझे उसका बदन दिख नहीं रहा था, पर ये एहसास हो रहा था कि मेरी बांहों में एक नाजुक कोमल फूल है, जिसका मैं रस पीने वाला हूँ.

मैं अपना हाथ उसके चूतड़ों पर रख कर सहलाने लगा. उसकी गांड बिल्कुल कोमल थी. चिंकी की गांड को सहलाते सहलाते मैंने उसकी कुँवारी चुत को छुआ, उफ्फ्फ चुत पर बाल शायद थे ही नहीं.. एकदम शनील सी मखमली और कोमल चूत थी.

मैं इतना उत्तेजित हो गया कि मैंने अपना लंड निकाल कर उसके हाथ में पकड़ा प्रिया.. और फुसफुसा कर कहा कि इसे मुँह में ले लो और इसका रस पियो. फिर मैं उसका सर पकड़ कर लंड के पास लाया और लंड उसके मुँह में दे प्रिया. लंड का सुपारा ही उसके मुँह में जा सका. मैं पहले ही इतना उत्तेजित हो चुका था कि उसके मुँह में दो तीन बार आगे-पीछे करते ही मेरे लंड ने अपना सारा रस उगल प्रिया.. जिसे वो पी गई.

फिर मैंने उसे अपने बगल में लिटाया और उंगली उसकी चुत में अन्दर-बाहर करने लगा. मैं कभी उसके होंठ चूसता, कभी चूचियां चूसता. लगभग 15 मिनट तक लगातार मैंने उसे उंगली से चोदा, तब जाकर वो अकड़ने लगी और उसने मुझे जकड़ लिया, उसकी चुत ने पानी छोड़ प्रिया.मैंने फुसफुसा कर पूछा- कैसा लगा?वो बोली- अच्छा लगा मामा!

मैं उस टाइम में उसे नहीं चोद सकता था क्योंकि उसकी चुत बहुत टाइट थी, मेरे लंड को बर्दाश्त नहीं कर पाती इसलिए मैंने सोचा उसे घर पर तसल्ली से चोदूंगा. इसके बाद मैंने उसे कपड़े पहनाए और ऊपर की बर्थ पर भेज प्रिया. लेकिन अब मेरी आँखों में नींद कहाँ थी. मैं अब उस नये जोड़े की चुदाई की आवाज़ सुनकर मस्त हो रहा था.

एक घन्टे के बाद उन दोनों की चुदाई भी ख़त्म हो गई. दोनों बाथरूम गए, फिर लड़का ऊपर की बर्थ पर चला गया. पर मेरा लंड अभी शांत नहीं हुआ था. मैंने अपनी पेंट उतार दी और सिर्फ अंडरवियर में सोने की कोशिश करने लगा.

एक घन्टे परेशान होने के बाद मेरे को एक आईडिया आया जो खतरनाक था. कूपे में अँधेरा था… कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. मैं उठा और उस लड़की जो मेरी बराबर वाली बर्थ पर थी, के पास गया. मैंने उसके बदन को सहलाना शुरू कर प्रिया. मैंने उसके होंठ चूमे और चूचियां मसलना चालू कर दीं.तो वो थोड़ा कसमसाई.

मैंने अन्धेरे में ही टटोल कर उसकी सलवार का नाड़ा खोला और धीरे से सलवार को उतार प्रिया. वो गहरी नींद में थी. मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी. मैंने भी अपना अंडरवियर निकाल प्रिया. फिर मैं उसके ऊपर लेट गया.वो कसमसाई और फुसफुसा कर बोली- अब नहीं… मुझे दर्द हो रहा है.

मैंने कुछ नहीं कहा, बस उसकी टांगों को कमर के गिर्द लपेटा और लड़की की चूत में सुपारे को लगा कर गच्च से लंड पेल प्रिया. वो चिहुंकी और उसने अपनी बाँहें मेरे गले में डाल दीं. मैंने उसे चोदना चालू कर प्रिया.. साली की बड़ी टाइट चूत थी.. एक दम कसा हुआ बदन था. मैं अब तक तो कितने साल से एक ही औरत को चोद रहा था. इतने साल तक चुदी चुत को चोदने के बाद एकनई चूत का मजाही और था. मैं अपने अनुभवी लंड से धक्के लगा रहा था.

इस बीच एक बार उसने मुझसे ये पूछा कि आपका लंड इतना मोटा कैसे हो गया. मैं सिर्फ हम्म… कह कर चुप हो गया. दस मिनट उसे चोदने के बाद वो अकड़ने लगी. मैंने रफ्तार बहुत तेज़ कर दी. अगले दो मिनट में हम दोनों झड़ गए और शांत हो गए.

जब साँसें थमी तो उसने कहा- इस बार बहुत मजेदार था, ऐसे ही किया करो. मैंने कोई जबाब नहीं प्रिया.उसने कहा- तुम बोलते क्यों नहीं?मैं समझ गया कि अब पकड़ा जाऊंगा.

मैंने हाथ से उसका मुँह बंद किया और कान में कहा- शोर मत करो, जो होना था हो गया. शोर मचाने पर तुम्हारा पति जान जाएगा और तुमसे नफरत करने लगेगा.. इसलिए इस बात को यहीं भूल जाओ, अगर बहुत मजा आया तो मैं फिर से चोद दूँगा.उसने घबराई हुई आवाज में पूछा- तुम कौन हो?मैंने कहा- तुम्हारे साथ ही सफ़र कर रहा हूँ.

वो मेरे सीने से चिपकी रही शायद उसे अच्छा लगा था इसलिए वो कुछ नहीं बोली.

अब मैं उठा और अपना लंड उसके मुँह में दे प्रिया. जल्दी ही मेरा लंड फ़िर खड़ा हो गया. मैंने फिर उसे चोदा. इस बार उसने खुल कर चुदाई का मजा लिया. इसके बाद हम सो गए.

सुबह सबसे पहले मैं जगा.. बाथरूम वगैरह होकर मैंने चिंकी को जगाया. वो भी बाथरूम वगैरह निपटा कर मेरे पास बैठ गई. मैंने नाश्ता निकाला और दोनों ने किया. करीब 8 बजे वो लड़का नीचे उतरा और बाथरूम गया. वहाँ से आकर उसने लड़की को जगाया. जागते ही लड़की की नजर मेरे ऊपर पड़ी, उसने मुँह फेर लिया.

मैं मुस्कराया. फिर वो बाथरूम गई साथ में वो लड़का भी गया. दोनों के जाते मैंने चिंकी को लंड पर बैठा लिया, उसके होंठ चूसने लगा और चूची मसलने लगा.फिर मैंने चिंकी को कहा कि मैंने उस लड़की को चोदा है, तो वो हैरान रह गई.

मैंने उसे सारी कहानी बताई.. जब दोनों बाथरूम से आए तब हम लोगों ने बात करनी शुरू कर दी. वो लड़की बात करते हुए मुझसे शर्मा रही थी, पर उसके चेहरे से जाहिर था कि उसने मेरे लंड का खूब आनन्द उठाया है.

अगले स्टेशन पर गाड़ी स्टेशन पर रुकी तो उसने लड़के को कुछ स्नैक्स और बिस्किट्स लाने को कहा, साथ में चिंकी के लिए चॉकलेट भी. वो लड़का जैसे ही गया मैंने डोर लॉक किया और लड़की को खींच कर अपनी गोद में ले लिया और उसकी चुची मसलते हुए उसके होंठ चूसने लगा.वो घबराई और बोली- चिंकी देख रही है, उसके सामने भी ये सब करते हो.मैंने कहा- इसे भी चुदाई सिखानी है, आधी चुदाई तो रात को सिखा दी है और आधी घर पर सिखाऊँगा.वो बोली- अभी ये छोटी है.मैंने कहा- तुमने देखा नहीं तुम्हारा पति इसकी चूची और जांघों को ऐसे देख रहा था, जैसे चोद ही देगा तो ये छोटी कैसे हुई? वैसे भी 18 पार कर चुकी है.उसने कहा- नहीं, मेरा पति ऐसे नहीं देख रहा था.मैंने कहा- ठीक है मैं इसकी चूची की झलक तुम्हारे पति को दिखाऊँगा तो देखना, उसका लंड कैसे खड़ा हो जाएगा. फिर मैं इसकी स्कर्ट हटा कर पैंटी दिखाउंगा.वो बोली- ठीक है.

मैंने चिंकी को कहा- तुम जल्दी से कोई बड़े गला वाली टॉप और स्कर्ट पहन लो.चिंकी वहीं पर ड्रेस चेंज करने लगी. ये देख कर लड़की बोली- बहुत कुछ सिखा प्रिया आपने इस लड़की को.मैंने कहा- हाँ सिखाया तो है, लेकिन अभी तक चोदा नहीं. एक बार चुद गई तो सब कुछ सीख जाएगी. लंड का स्वाद मिलते ही लड़कियाँ खिल उठती हैं. जैसे आप कई बार चुद चुकी हैं, फिर जब मेरा लंड लिया तो चुदाई का असली आनन्द मिला.वो बोली- हाँ, हर लड़की को एक अनुभवी मर्द से एक दो बार जरूर चुदवाना चाहिए.

मैंने चिंकी को कहा कि जब वो आएगा तो मैं सोने का नाटक करूँगा, तुम झुक कर अपने बड़े गले वाले टॉप से अपनी चूची उसे दिखाना. जब ये भाभी उन्हें बोलेगी कि क्या देखते हो, तब तुम उठना और पैर फैला कर बैठ जाना ताकि वो तुम्हारी चड्डी देख सके. इसके बाद भाभी उसे तुम्हारे साथ अकेला छोड़ेगी, तुम उसे सब कुछ करने देना, लेकिन चोदने मत देना, तब तक मैं इसे चोदूँगा.

वो तैयार हो गई.

जैसे ही वो आया हम लोग इधर उधर की बातें करने लगे. फिर मैंने कहा- मैं सो रहा हूँ, मुझे नींद आ रही है.यह कह कर मैंने वहीं आँखें बंद कर लीं. वो लोग बिस्कुट और स्नैक्स खाने लगे. इसी बीच स्नैक्स का पैकेट चिंकी के हाथ से गिरा और चिंकी उसे उठाने के लिए झुकी तो उसके खुले गले से उसकी दोनों चूचियाँ साफ़ दिख रही थीं. वो लड़का आँखें फाड़ कर उसकी नन्हीं सी चूचियों को ललचाई नजरों से देखने लगा.

तभी लड़की ने उससे फुसफुसा कर कहा- क्या देखते हो? कभी देखा नहीं क्या?लड़का घबरा गया और झेंप गया.चिंकी भी सकुचाती हुए उठी और पैर उठा कर बैठ गई. वो फिर छुपी नजरों से उसकी चड्डी देखने लगा.लड़की ने फिर उसे टोका- टेस्ट बदलने का इरादा है क्या?वो बोला- क्या मतलब?लड़की बोली- अगर तुम चाहो तो मैं मौका दिलवा सकती हूँ. लेकिन वादा करो, उसे चोदोगे नहीं.लड़का बोला- नहीं मैंने ऐसा कहा क्या?लड़की बोली- घबराओ नहीं, मुझे बुरा नहीं लगेगा, अगर दिल में इच्छा है तो देख आओ.. कोई कूपा खाली है, अगर मिल जाए तो तकिया लेने के बहाने आकर बता देना. मैं इसे लेकर आ जाऊँगी और एक घंटे के लिए तुम्हारे साथ भेज दूंगी.वो बोला- कैसे मनाओगी इसे?लड़की ने कहा- ये मुझ पर छोड़ो, लड़की लड़की को पढ़ सकती है कि वो क्या चाहती है.लड़का बोला- इसके साथ वाले जागे तो?वो बोली- मैं कह दूंगी टॉयलेट गई है.

उस लड़के ने ऐसा ही किया.. और लड़की चिंकी को लेकर बगल वाले खाली कूपे में गई और उसे वहीं छोड़ आई. जैसे ही वो लड़की आई, मैंने उसको पूरा नंगा किया और जम कर काफी देर तक चोदा. आधे घन्टे में ही मैंने उसे 3 बार झड़ा प्रिया. जब वो पूरी तरह से ठंडी पड़ गई, तब मैंने उसकी गांड मारी.

बहुत बड़ी गांड थी उसकी, वैसे भी 19 साल की लड़की की गांड तो बड़ी ही होती है. मैंने उसे इतना जोरदार चोदा कि वह बुरी तरह से थक गई. जब वो चिंकी को लाने गई तो ठीक से चल नहीं पा रही थी.

इधर मैंने गहरी नींद में होने का नाटक कर लिया. चिंकी को लेकर लड़की ने अपने बगल में बैठाया और पूछा- क्या क्या किया इन्होंने तुम्हारे साथ?चिंकी बोली- कुछ नहीं.. बस प्यार किया.वो बोली- कैसे? चूची मसली और चूत को क्या किया?चिंकी बोली कि पहले पूरे कपड़े उतरवाये और दूध पिया.. उसने अपनी और चूत की तरफ उंगली करके बताया कि इसमें उंगली की.उसने पूछा- और क्या करवाया उसने?चिंकी बोली- अपना लंड चुसवाया और उसमें से जो रस निकला उसे मेरे छाती पर मल प्रिया.

इसके बाद लड़की ने कहा- जाओ अपने मामा को जगाओ, अब तुम्हारा स्टेशन आने वाला है.चिंकी ने मुझे जगाया. मैंने बाथरूम में जाकर मुँह हाथ धोया और सामान समेटा. फिर स्टेशन पर गाड़ी रुकी तो हम लोग उतर गए. लगभग 3 बजे हम लोग घर पहुँच गए.

ये नोनवेज कहानी आपको कैसी लगी, अवश्य बताएं, मेरा ईमेल हैsupport@mohakkisse.comमेरी नोनवेज कहानी के अगले भाग में आप पढ़ेंगे मेरी भानजी की कुंवारी जवानी की कहानी!

कहानी का अगला भाग :मेरी जवान भानजी ने कुंवारी बुर का तोहफा प्रिया

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

राज अग्रवाल

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

मीत राना

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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