जवान लड़की

मदद करने के बदले में मिली चूत- 3

लेखक: अजय चौधरी दिनांक: 19-01-2020 पठन समय: 20 मिनट

टाइट पुसी फक स्टोरी में मुझे गाँव में एक कमसिन भाभी की चूत का मजा मिला. उसका पति दुबई जॉब करने गया था तो उसे भी सेक्स की प्यास सता रही थी.

कहानी के दूसरे भागजवान लड़की के मुखचोदन का मजामें आपने पढ़ा कि गाँव की नई ब्याहता लड़की को मैंने अपने साथ सेक्स के लिए राजी करेक उसे नंगीं करके उसकी चूत चाटी और उसे लंड चुसवाया.

अब आगे टाइट पुसी फक स्टोरी:

इसके बाद मरियम सारा काम निपटाकर वापस अपनी गांड मटकाती हुई आई।

मैंने उसे अपने पास खींचा और उसके मुँह में अपना लंड डाल प्रिया, जिसे वह चूसने लगी।मैं उसके दोनों चूचों को दबा रहा था।फिर मैंने उसकी चूत में उंगली करनी शुरू कर दी।

जब मेरा लंड पूरा तनकर खड़ा हो गया, तब मैंने उसके मुँह से लंड निकाला और उसकी चूत में रगड़ने लगा।

मैंने उसकी चूत खोली और अपने लंड का टोपा सेट करके धक्का लगाया।मेरे जरा-से झटके से उसकी चूत में मेरे लंड का टोपा और आधा लंड घुस गया।

मेरे लंड के घुसते ही मरियम कराह उठी और बोली, “विजय, आराम से यार! काफी दिनों से मेरी चूत की चुदाई नहीं हुई है। इसीलिए मुझे दर्द हो रहा है! तुम पहले आराम से धीरे-धीरे जगह बना लो, फिर चुदाई करना! लेकिन अभी आराम से चोदो, क्योंकि मेरी बुर काफी दिनों से लंड न लेने की वजह से चिपक गई है! अब इसे तुम पहले खोलो, फिर आराम से चुदाई करना!”

मैंने दूसरा धक्का लगाते हुए पूरा लंड मरियम की चूत में डाल प्रिया।इससे मरियम को दर्द होने लगा और उसकी आँखों में आँसू आ गए।

उसकी फीलिंग और चेहरे का भाव बयान कर रहा था कि उसे बहुत दर्द हो रहा है।जितना वह बर्दाश्त कर सकती थी, उतना वह बिना कुछ बोले सह रही थी।

मैंने मरियम के होंठों को अपने दाँतों से दबाते हुए उसकी दोनों टाँगें अपने कंधे पर रखीं और तेज रफ्तार से उसकी चुदाई करने लगा।

मेरे हर धक्के पर मरियम की साँसें अटक रही थीं … वह कराह रही थी।मैं उसकी चूत में लंड डालकर तेजी से चोद रहा था।

मैंने उसकी चूत से लंड निकाला और उसकी चूत को अच्छे से साफ किया क्योंकि मुझे सूखी बुर चोदने में एक अलग ही मजा मिलता है।

मैंने उसकी बुर को अच्छे तरीके से साफ किया, अंदर उंगली डालकर कपड़े से पोंछा और अपने लंड को भी कपड़े से पोंछा।

फिर मैंने उसकी चूत पर अपना लंड रखा और एक ही झटके में पूरा लंड उसकी बुर में डाल प्रिया।मेरा ऐसा करना मरियम के लिए बहुत खतरनाक साबित हुआ।

वह तेजी से चीख उठी और बोली, “विजय, यार! तेल नहीं, तो थूक ही सही, पर कुछ तो लगा लो! ऐसे रूखी-रूखी मेरी बुर चोदोगे, तो मैं मर जाऊँगी!”

मैंने कहा, “मरोगी नहीं, मेरी जान! इसी में तो मजा आएगा!”

मरियम की चूत काफी दिनों से चुदी नहीं थी, इसलिए वह टाइट थी।उसकी चूत में मेरा लंड बहुत शक्ति से अंदर-बाहर हो रहा था।

उसकी चूत की खाल मेरे लंड की खाल से चिपककर रगड़ खा रही थी, जिससे मुझे भी थोड़ा-थोड़ा दर्द महसूस हो रहा था, लेकिन मजा भी आ रहा था।

थोड़ी देर की चुदाई के बाद मरियम ने अपना पानी छोड़ प्रिया।मरियम का पानी निकलते ही बुर में चिकनाहट आ गई, जिससे लंड आसानी से अंदर-बाहर होने लगा।

मरियम ने कहा, “विजय, मेरा तो हो गया! अब तुम भी जल्दी से अपना पानी मेरी चूत में निकाल दो!”मैंने कहा, “रुक जाओ, मेरी जान! थोड़ा सब्र करो! अभी तो चुदाई शुरू हुई है, इतनी जल्दी क्या है?”

मैंने उसे कुतिया बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर चुदाई करने लगा।मेरे हर धक्के पर मरियम थोड़ा-थोड़ा आगे खिसक जा रही थी।

फिर मैंने उसे बेड के सिरहाने की तरफ ले गया और दीवार पर दोनों हाथ रखने को कहा।इसके बाद मरियम आगे नहीं खिसकी।

मैं तेजी से उसकी चूत में लंड अंदर-बाहर कर रहा था।

उसके दोनों बड़े-बड़े चूतड़ मेरी जाँघ से टकरा रहे थे और कमरे में पट-पट की आवाज आ रही थी।कमरा हम दोनों की टाइट पुसी फक की आवाज से गूँज रहा था।

मैं काफी देर तक मरियम को कुत्तिया बनाकर चोदता रहा।

जब मुझे लगा कि मेरा पानी निकलने वाला है, तब मैं रुक गया और मरियम को बेड से उतारकर घोड़ी बनने को कहा।फिर मैं उसे घोड़ी बनाकर चोदने लगा।

मरियम काफी थक गई थी.लेकिन चुदाई जारी रखने से वह दोबारा गर्म हो गई और तेजी से चोदने के लिए कहने लगी, “विजय, आज तक मेरी ऐसी चुदाई कभी नहीं हुई! आज तुम्हारे लंड ने मेरी चूत की प्यास बुझा दी!”

मैं मरियम को घोड़ी बनाए पीछे से चोदे जा रहा था और अपने दोनों हाथों से उसके चूचों को पकड़े हुए मसल रहा था।मैं तेजी से उसकी चुदाई कर रहा था।

थोड़ी देर बाद मैंने मरियम को सीधा किया और खड़ा करके एक टाँग को अपने हाथों से उठाया, उसे दीवार के सहारे खड़ा करके उसकी चूत में लंड डालकर चुदाई करने लगा।

साथ ही मैं उसकी चूची को दबा रहा था और होंठों को चूम रहा था, दाँतों से काट रहा था।

रुक-रुककर मैंने मरियम को कई पोजीशन में चोदा।इतनी देर की चुदाई में मरियम तीन बार अपना पानी निकाल चुकी थी और मुझसे चुदाई रोकने को बोल रही थी।

फिर मैंने उसे बेड पर सीधा लिटाया और उसकी चूत में लंड डालकर तेजी से चोदने लगा।

उसकी दोनों टाँगों को एक साथ जोड़कर अपने सीने से चिपकाकर टाइट पुसी फक करने लगा।मेरी चुदाई इतनी तेज थी कि मरियम के दोनों चूचे मेरे झटकों से हिल रहे थे।

फिर मैंने तेज धक्के लगाए और उसकी टाइट पुसी में अपना पानी निकाल प्रिया।

जैसे ही मेरा पानी निकला, मरियम उठकर मेरे लंड के पास आई और उसे मुँह में लेकर चूसने लगी।उसने मेरे लंड को चाट-चाटकर साफ किया।

फिर मुझे अपने बगल में लिटा लिया और मेरे सीने पर सिर रखकर बोली, “विजय, मुझसे एक वादा करो कि तुम मुझे कभी नहीं छोड़ोगे और हमेशा मेरे साथ रहोगे!”मैंने कहा, “बिल्कुल, मेरी जान!”

उसने कहा, “तुम्हारी शादी के बाद भी मैं तुम्हारी रखैल बनकर रहूँगी! जब भी मेरा बच्चा होगा, वह तुम्हारा ही होगा। मैं हम दोनों की प्यार की निशानी को जन्म दूँगी। उसके बाद ही संजय के बच्चे को जन्म दूँगी, लेकिन मेरा पहला बच्चा तुम्हारा ही होगा!”मैंने कहा, “ठीक है!”

इसके बाद हम दोनों नंगे ही सो गए।

सुबह जब मेरी नींद खुली, तब सुबह के 6:30 बज रहे थे।

मैंने देखा कि मरियम मेरे बगल में नहीं थी।मैंने उसे आवाज दी।

मेरी आवाज सुनते ही मरियम अपनी गांड मटकाते हुए कमरे में आई और बोली, “विजय, मैंने तुम्हारे लिए नाश्ता और दोपहर का खाना बना प्रिया है! तुम फ्रेश होकर नाश्ता कर लेना और दोपहर का खाना भी खा लेना! मैं शाम को आकर तुमसे मिलूँगी!”

मरियम को देखकर साफ पता चल रहा था कि उसकी बहुत बुरी तरह चुदाई हुई है क्योंकि वह सही से चल नहीं पा रही थी।

मैंने उसकी हालत देखकर उसे अपने पास बुलाया और अपने साथ लिटाया।फिर उसके होंठों को किस करते हुए बोला, “कहाँ जा रही हो, मेरी जान? मुझे अकेला छोड़कर?”

उसने जवाब प्रिया, “विजय, तुम भूल गए क्या? मुझे काम पर भी जाना है!”मैंने कहा, “मुझसे जरूरी कोई काम है क्या?”

मरियम बोली, “नहीं, विजय! तुमसे जरूरी तो कुछ नहीं है, लेकिन अब नौकरी करनी है, तो काम पर जाना पड़ेगा न!”मैंने कहा, “अगर मैं यह समस्या भी दूर कर दूँ, तो?”

उसने कहा, “वह कैसे?”मैंने अपने दोस्त को फोन लगाया और बोला, “जो लड़की को मैंने कुछ दिन पहले काम पर लगवाया था, वह अब काम पर नहीं आएगी!”

मेरा इतना कहते ही मरियम कुछ बोलने को हुई.लेकिन मैंने उसके मुँह पर हाथ रख प्रिया और फिर बोला, “मेरे भाई, जो कुछ भी उसका हिसाब बनता हो, उसे मेरे अकाउंट में ट्रांसफर करवा देना!”

मेरी बात पूरी होने से पहले ही मरियम को पता नहीं कौन-सी चुल्ल उठी थी कि उसने फिर से बोलना चाहा।

मैंने अपने दोस्त को बोला, “भाई, एक मिनट होल्ड करना!”

मैंने फोन को म्यूट पर डाला और मरियम के ऊपर चढ़कर बैठ गया।फिर उसके दोनों हाथों को अपने दोनों पैरों और घुटनों से दबाया और इस कदर फँसाया कि वह अपने हाथ छुड़ा न सके।

फिर मैंने अपना लंड निकालकर उसके मुँह में डाल प्रिया और उल्टा होकर लेट गया।

मैं उसके मुँह में लंड डाले हुए अपने दोस्त से बात करने लगा।

मेरा दोस्त बोला, “ठीक है, विजय भाई! कोई बात नहीं, मैं शाम तक करवा दूँगा!”

जब मेरी बात खत्म हो गई, तब मैंने अपना लंड मरियम के मुँह से निकाला।मरियम एक लंबी और गहरी साँस लेते हुए बोली, “विजय, तुम क्या मेरी जान निकालोगे? भला कोई इतनी देर तक मुँह में लंड डालकर रखता है? मेरी तो साँस ही फूल गई थी! अगर थोड़ी देर और तुम अपना लंड मेरे मुँह से नहीं निकालते, तो मैं मर ही जाती!”

मैंने कहा, “मरियम, मेरी जान! तुम्हें इतनी जल्दी कैसे मरने दे सकता हूँ? अभी तो तुम्हें बहुत कायदे से चोदना है!”

मरियम कहने लगी, “तुमने मेरी नौकरी तो छुड़वा दी, लेकिन मैं संजय को क्या जवाब दूँगी कि मैंने नौकरी क्यों छोड़ दी?”

मैंने तुरंत संजय को फोन लगाया और कहा, “मरियम की नौकरी छूट गई है!”उसने कहा, “क्यों, क्या हुआ?”

मैंने कहा, “बस, ऐसे ही! वहाँ जो लड़की पहले काम करती थी, वह वापस आ गई। उन्हें कुछ दिन के लिए ही जरूरत थी। अब उनका स्टाफ पूरा हो गया, इसलिए मरियम को हिसाब करके घर बैठा प्रिया है!”

संजय मुझसे कहने लगा, “विजय भाई, देखो, फिर कहीं और अगर कोई जुगाड़ हो, तो लगवा देना!”

मैंने कहा, “संजय भाई, तुम चिंता न करो! मैं कहीं अच्छी जगह देखकर मरियम को दोबारा काम पर लगवा दूँगा!”

मेरी बात सुनकर मरियम मुझे गले लगाकर किस करने लगी।मैंने मरियम के कपड़े उतारना शुरू किया और जल्दी उसे सिर्फ ब्रा और पैंटी में कर प्रिया।

मैं उसके चूचों से खेल रहा था कि मरियम का फोन बजा।जब उसने फोन देखा, तो उसमें संजय का वीडियो कॉल था।

मरियम मेरे साथ थी और बिना कपड़ों के थी इसलिए उसने वीडियो कॉल एक्सेप्ट नहीं की।वह काटकर ऑडियो कॉल करने लगी.

लेकिन संजय बार-बार वीडियो कॉल ही कर रहा था।मैंने कहा, “उठा लो, यार!”

मरियम बोली, “अगर संजय पूछेगा कि तुम नंगी क्यों हो, तो मैं क्या जवाब दूँगी?”

मैंने कहा, “बोल देना, कपड़े बदल रही थी, इसलिए बिना कपड़ों के हूँ!”

मैं मरियम की चूत चाटने लगा।मरियम ने संजय का फोन उठाकर वीडियो कॉल पर बातें करने लगी।

मेरे चूत चाटने की वजह से मरियम सिसकारियाँ ले रही थी।

संजय ने मरियम को बिना कपड़ों के देखकर मूड में आ गया और बोला, “मरियम, तुम अपनी चूत दिखाओ न!”मरियम बोली, “नहीं!”

मरियम सिर्फ अपना चेहरा दिखा रही थी।

संजय के बहुत जोर देने पर मैंने मरियम को इशारा किया कि वह अपनी चूचियाँ दिखा दे।

मरियम ने सिर्फ अपने दोनों चूचे दिखाए और बोली, “चलो, ठीक है! अब फोन रखो, बाद में बात करेंगे!”

इतना कहकर मरियम ने फोन काट प्रिया और डेटा बंद कर प्रिया।

इसके बाद मरियम ने मुझे ऊपर खींचा और मुझे नीचे करके मेरे ऊपर चढ़कर मेरे होंठों को चूसने और काटने लगी।

धीरे-धीरे वह नीचे की ओर बढ़ते हुए मेरे गले, फिर सीने पर, और फिर मेरे लंड को मुँह में ले लिया।वह मेरे लंड को चूसते हुए मेरे गोटों को सहलाने लगी।

मरियम कभी मेरे लंड को पूरा मुँह में लेकर आइसक्रीम की तरह चूसती, तो कभी मेरे गोटों को मुँह में लेकर चूर्ण की गोलियों की तरह जीभ से मसलती।

काफी देर तक ऐसा करने से मेरा पानी निकलने को हुआ।मैंने मरियम से कहा, “मेरा पानी निकलने वाला है!”

मरियम मेरे लंड को मुँह में लेकर हलक तक कस रही थी और मेरे गोटों को अपने हाथों से सहला रही थी।उसके इस अंदाज से मैं बहुत प्रभावित हुआ और ज्यादा देर टिक न सका।

जल्दी ही मैंने होश खो प्रिया और उसके मुँह में अपना सारा वीर्य निकाल प्रिया।मरियम ने उसे चूस-चूसकर आखिरी बूंद तक निकाल लिया और मेरे बगल में लेट गई।

मैं उसे किस करते हुए उसकी चूत में उंगली करने लगा।फिर मैंने धीरे से एक उंगली उसकी गांड में डाल दी।

मरियम थोड़ा उचक गई और बोली, “यार विजय, तुम सच में मेरी गांड मारोगे? तुम्हारे लंड की चुदाई मेरी चूत अभी तक भूल नहीं पाई है। मेरी चूत अभी भी दर्द कर रही है और तुम मुझे फिर से घायल करने की सोच रहे हो!”

मैंने कहा, “चूत का क्या है? वह तो आज नहीं, तो कल सही हो जाएगी। सबसे जरूरी है तुम्हारी गांड! अगर तुमने मुझे अपनी चूत की सील खुलवाने दी होती, तो मैं तुम्हारी गांड नहीं मारता। लेकिन अब तुमने पहले से ही अपनी चूत की सील खुलवा रखी है, तो मेरा हक बनता है कि मैं तुम्हारी गांड की सील खोलू! प्लीज, मुझे अपनी गांड मारने दो! मुझे रोको मत!”

मरियम ने मुझे गले लगाया और कहा, “तुम्हारे लिए जान भी हाजिर है! यह गांड का दर्द क्या चीज है? यह भी सह लूँगी, लेकिन आराम से करना!”मैंने कहा, “ठीक है, मुश्किल नहीं है! बहुत आराम से करूँगा। पहले मेरे लंड को खड़ा तो करो!”

मरियम मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी और मेरे गोटों को जीभ से चाटने लगी।वह एक बार में पूरा लंड मुँह में लेती और आइसक्रीम की तरह चाटती।कभी गोटों को मुँह में लेकर चूसने लगती।

कुछ देर तक मरियम मेरे लंड को चूसती रही थी।

फिर मैंने उसे बिस्तर से घसीटकर उसका सिर जमीन की तरफ लटका प्रिया और उसके ऊपर चढ़कर उसके मुँह को चोदने लगा।साथ ही उसकी चूचियाँ दबाता रहा।

कभी उसकी चूत पर जोर से चमाट मारता, कभी उसकी चूत में उंगली डालता, कभी उसकी गांड में।

कुछ देर तक ऐसा करने के बाद मैं उठा और मरियम की दोनों टाँगों को अपने कंधे पर रखकर उसकी कमर के नीचे दो तकिए रखे।उसकी गांड के छेद पर खूब सारा थूक लगाकर अपने लंड का टोपा उसकी गांड में डालने लगा।

जैसे ही मेरे लंड का टोपा मरियम की गांड में घुसा, वह छटपटाने लगी और खिसक गई, जिससे मेरा लंड बाहर निकल गया।

मैंने उससे कहा, “यार मरियम, तुम ऐसा करोगी, तो कैसे काम चलेगा? इस तरह से तो मैं कभी भी तुम्हारी गांड में लंड नहीं डाल पाऊँगा!”

मरियम ने कहा, “यार, मैं करूँ भी तो क्या करूँ? तुम्हारी बात को मैं मना नहीं कर सकती, लेकिन तुमने जो लंड मेरी गांड में डाला है, उससे मुझे बहुत असहनीय दर्द होता है, जिसे बर्दाश्त कर पाना मेरे लिए नामुमकिन है! प्लीज, तुम मेरी गांड में लंड मत डालो! मेरी चूत को ही चोद लो, मेरी गांड को छोड़ दो! मैं तुम्हारा लंड अपनी गांड में नहीं ले पाऊँगी!”

मैंने कहा, “यार, नहीं! मुझे तो तुम्हारी गांड ही मारनी है!”

उसने कहा, “मेरे लिए यह बहुत कठिन काम है! तुम्हारा लंड जैसे ही मेरी गांड में जाता है, मुझे इतना दर्द होता है कि मैं तुम्हें बता नहीं सकती। ऐसा लगता है जैसे मेरी गांड में कोई लोहे की रॉड डाल रहा हो और मेरी गांड फट रही हो!”

मैंने दिमाग लगाया कि यह ऐसे अपनी गांड नहीं चुदवाएगी।

मैंने उससे कहा, “ठीक है, तुम बेड से नीचे उतरो और घोड़ी बन जाओ!”

मैंने उसे बेड से उतारकर घोड़ी बनाया।फिर उसके दोनों हाथों को पीठ पर रखकर एक हाथ से पकड़ लिया; उसकी दोनों टाँगों को अपने दोनों पैरों से फैलाकर मैं उसकी गांड में लंड डालने के लिए तैयार हो गया।

जैसे ही मेरे लंड का टोपा मरियम की गांड में घुसा, वह छटपटाने लगी और बोली, “प्लीज विजय, प्लीज! तुम अपना लंड मेरी गांड से निकाल दो! मुझे बहुत दर्द हो रहा है!”

वह चिल्लाने लगी और रोने लगी।लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी और अपने दूसरे झटके के साथ आधा लंड उसकी गांड में पेल प्रिया।मरियम बहुत जोरों से चीखने लगी।उसकी आँखों से आँसू निकल रहे थे और साँस फूल रही थी।

मैंने थोड़ा-सा लंड बाहर निकाला और आखिरी झटके के साथ पूरा लंड उसकी गांड में डाल प्रिया।

मरियम बहुत जोरों से चीखी और मजबूरन हिल भी नहीं सकती थी।मैं उसकी गांड पर धक्के लगाने लगा।

मरियम बहुत जोर से चिल्ला रही थी और रो रही थी।वह मुझसे बार-बार मिन्नतें कर रही थी कि मैं अपना लंड उसकी गांड से निकाल लूँ।जब मैंने लंड पर ध्यान प्रिया, तो देखा कि मेरे लंड पर उसकी गांड का खून लगा हुआ था।

मैंने उसे अनदेखा करके उसकी गांड को तेजी से चोदने लगा।

मरियम की गांड बहुत टाइट थी।

मेरे कुछ धक्के लगाने के बाद मरियम कहने लगी, “विजय, प्लीज! थोड़ी देर रुक जाओ! मुझे पानी पिला दो! मुझे पानी पीना है! प्लीज!”मैंने कहा, “मेरी जान, रुक जा! अभी पानी पिलाता हूँ तुझे!”

मैं अपने लंड को तेजी के साथ उसकी गांड में मारे जा रहा था।

उसकी गांड की चुदाई बहुत बुरी तरह चल रही थी। उसकी गांड इतनी टाइट थी कि मैं ज्यादा देर टिक न सका।लगभग 15 मिनट की चुदाई के बाद मेरा पानी निकलने को हुआ।

मैंने उसकी गांड से लंड निकाला और उसके बाल पकड़कर उसे बेड के नीचे घुटनों के बल बिठाया। फिर उसके मुँह में लंड डालकर चोदने लगा।

एक मिनट में मेरा पानी निकल गया, जिसे मैंने मरियम को पीने को कहा।मरियम ने मेरा सारा वीर्य पी लिया।

मैंने उससे कहा, “जाओ, अपनी गांड साफ करके आओ!”

वह बाथरूम में चली गई लेकिन उसे उठने में बहुत दिक्कत हो रही थी।अपनी गांड साफ करके वह वापस मेरे साथ बिस्तर पर लेट गई।

उसकी आँखें पूरी तरह भरी हुई थीं और लाल हो चुकी थीं।उसके चेहरे को देखकर साफ पता चल रहा था कि उसने बहुत दर्द झेला है।

वह मेरे बगल में लेटने के साथ ही मेरे सीने पर जोरों से दाँतों से काटने लगी और बोली, “विजय, मेरी गांड में बहुत जलन हो रही है!”मैंने कहा, “परेशान न हो, थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी!”

इसके बाद मैं और मरियम दोनों बिना कपड़ों के लेटे रहे।

फिर मैंने मरियम को अपने ऊपर लिटाया और हम दोनों सो गए।

यही कहानी समाप्त होती है।

दोस्तो, आप सब बताएँ कि आपको यह कहानी कैसी लगी?आपके मन में बहुत सारे प्रश्न होंगे, तो आप मुझे मेरी ईमेल आईडी पर मेल करके अपने प्रश्न पूछें।अगर इस कहानी का अगला भाग आप पढ़ना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि मरियम कब तक मेरे साथ थी, तो इन सब बातों को जानने के लिए आप मुझे मेल करें।

अगर आप सब का प्यार मुझे मिला और आपके मेल मुझे आए, तो मैं इस टाइट पुसी फक स्टोरी का अगला भाग लिखूँगा और आपको बताऊँगा कि मरियम कब तक मेरे साथ थी और कब तक मैंने उसकी चुदाई की।धन्यवाद।support@mohakkisse.com