थ्रीसम सेक्स विद वाइफ स्टोरी में मैंने मेरी बीवी को एक बड़े लंड वाले जिगोलो से चुदवाया और उनकी चुदाई देखी. फिर मैं भी उनके साथ शामिल हो गया और बीवी को 2 लंड से चुदाई का मजा प्रिया.
दोस्तो, अब तक आप राजवीर की सेक्स कहानी के पिछले भागजिगोलो से बीवी की लाइव चुदाई देखीमें पढ़ चुके थे कि दिया ने दरवाजा खोल कर मुझे प्यार से देखते हुए मेरे सीने पर मुक्का मारते हुए मुझे एक तरह से धन्यवाद ही प्रिया था कि मैंने उसकी चुत की आग बुझाने के लिए एक मुस्टंडा और बड़े लौड़े वाला लौंडा मालिश के लिए बुलवाया है.
अब आगे थ्रीसम सेक्स विद वाइफ स्टोरी:
फिर अचानक से ,कुछ याद आया और उसने मुझसे पूछा- बच्चे कहां है?मैं बोला- मैंने तुम्हें बताया तो था कि मैंने उन्हें बुआ के घर छोड़ प्रिया है.
अब तक मैं बेडरूम आ गया था और पूछा- कबीर कहां गया?इस पर वह थोड़ा झेंपी और धीरे से बोली- बाथरूम!
मैंने कहा- और कैसा लगा?वह बोली- अच्छा नहीं लगा!
मैंने कहा- अच्छा?मैंने उसके चेहरे को अपनी ओर उठाकर उसकी आंखों में देखा, तो वह आंखें चुराने लगी.
फिर पूछा- कितनी बार किया?वह बोली- धत्त् …
मैंने इस बार उसे पीछे से पकड़ लिया और नाइटी के ऊपर से ही उसकी चूचियों को दबाने लगा, साथ ही उसकी गर्दन पर किस करने लगा.वह तो पहले से ही हवस में पागल थी.ये करते ही उसने आंखें बंद कर लीं.
मैंने फिर पूछा- कितनी बार?उसने धीरे से कहा- एक बार …जबकि वह दो बार झड़ चुकी थी.
मैंने पीछे से ही उसकी नाइटी को उसके बदन से अलग कर प्रिया और उसे अपनी तरफ घुमाकर उसके होंठों पर किस करने लगा.उसके मुँह से लंड की खुशबू आने लगी.
मैंने कुछ नहीं बोला.उसने कहा- दरवाजा बंद कर लें बेडरूम का, कहीं वह आ गया तो!मैंने हंसकर बोला- तो क्या अब तक वह भजन कर रहा था?
ये कहकर मैंने उसे बेड पर लिटा प्रिया और जैसे ही उसकी बुर में अपना मुँह सटाना चाहा, तो देखा कि उसकी बुर का मुँह पहले से काफी ज्यादा खुल गया है. उसके आसपास चिपचिपा पानी लगा हुआ था और कुछ पानी सूखकर सफेदी का रंग ले चुका था.
मैंने उसकी बुर को देखकर मजाकिया अंदाज में बोला- साले ने कितनी बेरहमी से चोदा है मेरी बीवी को!वह शर्मा गई और बोली- छोड़िए ना, उसको नहीं चूसिए. धोया नहीं है अभी.
मैंने बोला- अभी भी बुर का छेद गीला है. अभी तुम उसके साथ चुदाई कर रही थीं ना!वह झेंपती हुई बोली- न … न … न … नहीं तो …
मैंने ज्यादा कुछ नहीं पूछते हुए अपना लंड, जो काफी टाइट हो गया था, पैंट खोलकर निकाल प्रिया और उसे चूसने को कहा.वह झट से मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.
तभी कबीर बाथरूम से आ गया. दिया को पता नहीं था और कबीर मुझे देखकर मुस्कुरा रहा था.मैं बोला- आओ कबीर.
ये सुनकर दिया हड़बड़ा गई और लंड चूसना छोड़कर झट से बगल में पड़ी नाइटी से अपनी चूची और बुर को छुपा लिया.
ये देखकर मैं और कबीर दोनों मुस्कुरा दिए.
इस पर दिया कबीर से बोली- तुम जाओ अब!
ये सुनकर कबीर को थोड़ा अजीब लगा कि जो औरत अभी कुछ देर पहले उससे हवस में पागल की तरह चुद रही थी, उसका रवैया अचानक बदल गया.
तभी मैंने बीच में बोला- अरे अरे, उसे क्यों जाने बोल रही हो?
मैंने कबीर को जाने से रोक प्रिया और बोला- उसे भी कुछ एंजॉय करने दो!
इस बात से दिया कन्फ्यूज होकर मुझे देखने लगी, परंतु कबीर मेरी खुराफात समझ कर मुस्कुराने लगा.
मैंने फिर दिया के हाथ से नाइटी ले ली और वह पूरी तरह से नंगी हो गई.उसे अब शर्म आ रही थी.
तभी मैंने उसे बांहों में भर लिया और उसकी गर्दन व कान में किस करने लगा.वह कसमसा रही थी, परंतु मैं उसे किस करता रहा और अपने हाथों से उसके बड़े-बड़े चूतड़ों को मसलने लगा.
अब दिया भी धीरे-धीरे पराए मर्द के सामने पति के साथ सेक्स का रोमांच लेती हुई साथ देने लगी.
तभी मैंने इशारे से कबीर को अपने पास बुलाया और इसमें शामिल होने को कहा.वह तुरंत हमारे पास आ गया और पीछे से दिया की गर्दन और पीठ पर किस करने लगा.
इससे दिया चौंक गई और बोली- ये क्या कर रहे हो? छोड़ो मुझे!
अब मैंने पहल करते हुए बोला- यार, अब छोड़ो भी शर्माना, कबीर तुझे चोद चुका है … ये बात मैं और तुम भी जानती हो. इसलिए खुलकर मजा लो न!
ये बोलकर मैंने अपनी नंगी बीवी को कबीर के हवाले करते हुए उधर धकेल प्रिया और उसे इशारा किया कि बिंदास होकर दिया से सेक्स करे.
दिया की बड़ी-बड़ी चूचियां और खूबसूरत बदन देखकर कबीर का लंड, जो अब तक नहीं झड़ा था, फिर से खड़ा हो गया था.
उसने भी अब दिया को अपने बांहों में भर लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ सटा दिए.पहले दिया ने उससे छूटना चाहा, पर फिर वह साथ देने लगी.
अब कबीर दिया की चूचियों को मसल रहा था.मैं अब नीचे बैठ गया और दिया के एक टांग को अपने कंधे पर रखकर उसकी बुर में अपना मुँह सटा प्रिया, उसकी बुर से बह रहे पानी को लप-लप करके चाटने लगा.
इस हमले से दिया के मुँह से ‘औह्ह्ह … ’ निकल गया.
मैंने दिया की बुर को दो-तीन बार अच्छे से चाटा.फिर उठा तो देखा कि दिया अपनी जीभ कबीर के मुँह में देकर चुसवा रही है.
मेरे छोड़ने पर दिया की आंखें खुलीं और उसने मुझे देखा.मैंने तुरंत कबीर का पैंट नीचे गिरा प्रिया. उसके लंड को देखकर मेरे मुँह से भी अनायास ही निकल गया- अरे बाप रे इतना बड़ा!
जबकि मैं कैमरे में देख चुका था तब भी सामने से उसे लंड को देख कर मैं हैरान था.
फिर मैंने दिया को देखा. उसकी आंखों में वासना तैर रही थी.कबीर का लंड मेरे लंड से दो-तीन अंगुल लंबा तथा काफी मोटा था.
मैंने उसके लंड को अपने हाथों से पकड़ लिया.उन दोनों ने मुझे आश्चर्य से देखा. फिर मैंने मुस्कुराकर दिया के कंधों पर हाथ रखकर उसे नीचे बैठाया.
अपनी बीवी के मुँह को कबीर के लंड के पास ले आया और अपने हाथों से उसके लंड को दिया के मुँह में दे प्रिया.
दिया मुझे देखती हुई ही लप-लप करके किसी रंडी के जैसे उसके लौड़े को चूसने लगी.मेरा लंड भी बगल में ही था, तो दिया कबीर का लंड छोड़कर मेरा लंड चूसने लगी.
एक दो पल चूसने के बाद वह फिर से कबीर का लंड चूसने लगी.अब वह बारी-बारी से कभी मेरा तो कभी कबीर का लंड चूस रही थी.
दिया की चूचियां मस्ती से गजब हिल रही थीं. उस वक्त वह किसी पोर्न स्टार की तरह लग रही थी.
तभी मैंने दिया को ऊपर उठाकर डॉगी स्टाइल में किया और कबीर से बोला- कबीर चोदो इसे … जितना जोर से चोदना चाहते हो चोदो!
ये सुनकर दिया कुछ नहीं बोली.आखिर वह खुद बड़ी देर से कबीर का हैवी लंड अपनी चुत में लेने को व्याकुल थी.
कबीर ने दिया की बुर में अपना मूसल जैसा बड़ा लंड एकदम से आधा पेल प्रिया.इससे दिया की एक घुटन सी चीख निकली.
फिर कबीर ने दिया की कमर पकड़ी और उसी पोज में अपने लंड को तेजी से अन्दर-बाहर करने लगा.दो-तीन झटकों में ही उसने अपना पूरा लंड दिया की बुर में घुसा प्रिया और जोर-जोर से अन्दर-बाहर करने लगा.
कबीर की चुदाई से दिया आंखें बंद करके ‘आह … ओह … इस्स … आह … ओ माय गॉड … यस … ’ जैसी आवाजें निकाल रही थी.उसके चेहरे से ऐसा लग रहा था कि उसे जन्नत की हूर से भी ज्यादा मजा आ रहा था.
उसकी ढीली हो चुकी चुत में भी कबीर का लंड एकदम चुस्त और कसा हुआ अन्दर बाहर हो रहा था.कबीर का लंड दिया की बुर को चीरते हुए आ-जा रहा था. ऐसा लग रहा था जैसे उसकी बुर की दीवारों में जड़ी हुई हर एक नस को लौड़े ने जकड़ लिया हो.
तभी दिया के मुँह से निकला- आह कबीर आह फक मी हार्ड … आह.
मैं और कबीर समझ गए कि वह झड़ने वाली है.तभी उसके मुँह से एक तेज आवाज में आह निकली और उसका स्खलन होने लगा … चुत से रस निकलते ही वह बेड पर पेट के बल गिर गई.
उसके गिरने के साथ ही कबीर भी बिना लंड निकाले उसके पीठ के ऊपर बेड पर झुक गया.
अब दिया की सांसें धौंकनी की तरह चल रही थीं.उसने कबीर से कहा कि प्लीज अभी रोक दो अपने औजार को!
कबीर ने अपना लंड दिया की बुर से निकाल लिया.मैंने देखा कि दिया की चुत का मुँह पूरा गड्डे जैसा बड़ा होकर खुल गया था और सही मायने में भोसड़ा लगने लगा था.
उसकी बुर के आसपास काफी सारा पानी गिरा हुआ था.
कबीर का लंड अभी भी रॉड की तरह खड़ा था और दिया की बुर के पानी से चमक रहा था.
अब दिया बैठ गई और उसने मुझे देखा.मैं देखकर मुस्कुरा प्रिया.अब वह भी बिना मुस्कुराए नहीं रह सकी.मैंने देखा कि उसका चेहरा पूरा लाल हो गया था.
मैंने उससे पूछा- कैसा लगा अब की बार?वह झूठ नहीं बोल सकती थी क्योंकि कबीर भी वहीं था और मैंने देखा था कि वह कैसे चुद रही थी.वह आंख मारती हुई बोली- अच्छा!
मैंने बोला- अच्छा या बहुत अच्छा?अब की बार वह थोड़ा बेशर्म होकर मुस्कुराकर बोली- बहुत अच्छा … और मस्त.फिर वह कबीर को देखने लगी.
इतना तो स्पष्ट था कि वह कबीर के लंड के साइज, उसकी स्टैमिना और चुदाई से काफी इम्प्रेस थी.
तभी दिया उठी और बोली- मैं पानी पीकर आती हूँ.मैं भी उसके पीछे-पीछे गया. उससे पानी लेकर मैं भी पीने लगा.
पानी पीने के बाद जब वह वापस बेडरूम जाने लगी तो मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया.
वह बोली- अरे बेडरूम में तो चलिए!
मैं उसे ऐसे ही पकड़ कर बेडरूम ले गया और बेड पर लिटाकर मिशनरी पोज में अपना लंड उसकी चूत में घुसा प्रिया.वह थोड़ी सी ‘इस्स … ’ करके कराही और मेरे लंड से चुदने का मजा लेने लगी.
मैंने उसी पोज में उसे पांच मिनट तक चोदा.उसे भी मजा आने लगा था.
अब वह बोली- आप नीचे हो जाइए!उसकी इस पहल से मैं खुश हो गया कि वह अब शर्म को त्यागकर सेक्स में रुचि ले रही है.
वह अब मेरे ऊपर अपनी बुर सैट करके लंड पर बैठ गई और उसने मेरे समूचे लौड़े को अपनी फुद्दी में समा लिया.मैं उसके फुदकते दूध देख रहा था और वह गांड हिलाती हुई लौड़े से चुत को चुदवाने लगी थी.
ये सब कबीर देख रहा था.
तभी दिया ने उसे इशारे से बुलाया, जिसे मैंने देख लिया.मुझे देखते हुए दिया ने शैतानी मुस्कान दे दी.
कबीर के आते ही उसने उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और नीचे से मुझसे चुदवाती हुई ऊपर से उसका लंड चूस रही थी.
पांच मिनट बाद अब दिया मेरे ऊपर से उठी तो मैंने कबीर को लेटने को कहा और उसके लंड पर दिया को बैठने को कहा.
दिया खुशी-खुशी कबीर के लंड पर धीरे-धीरे बैठने लगी.उसके चेहरे पर थोड़ा दर्द था, लेकिन उससे कई गुणा ज्यादा मजा दिख रहा था.कबीर की चुदाई से दिया के मुँह से काफी ज्यादा मादक आवाजें निकल रही थीं.
मैंने उसी पोज में दिया को कबीर की तरफ झुका प्रिया जिससे दिया की बुर में कबीर का लंड अन्दर-बाहर होते स्पष्ट दिख रहा था.
मैंने पास रखा तेल उठा लिया और दिया की गांड के छेद पर लगाने लगा.दिया समझ गई थी कि मैं क्या करना चाह रहा हूँ.पर उसने खुद कुछ नहीं बोला.शायद वह भी इसका अनुभव लेना चाह रही थी.
मैं कुछ तेल अपने लंड पर लगाकर उसकी गांड के छेद पर अपना लंड घुसाने लगा.इससे दिया को ज्यादा दर्द हुआ, परंतु उसने कुछ नहीं बोला.
फिर कुछ देर में मेरा आधा से ज्यादा लंड दिया की गांड में घुस गया.जिससे दिया के मुँह से एक जोरदार ‘आह … ओह … ’ की आवाज निकली.
ये बात कबीर भी जान गया था. वह नीचे से अपने लंड को दिया की चुत में अन्दर-बाहर कर रहा था और मैं ऊपर से.
इस पोज में सात-आठ मिनट की चुदाई में दिया पूरा पसीना-पसीना हो गई थी.वह इसी पोज में कबीर को किस किए जा रही थी.
तभी वह बोली- आह और जोर से चोदो!
इस बात पर कबीर ने कोशिश की, पर वह नीचे से ज्यादा तेज शॉट नहीं मार पा रहा था, परंतु मैंने उसकी गांड पर हंगामा मचा प्रिया और तेज स्पीड से अपनी बीवी की गांड मारने लगा.
तभी दिया आह आह करती हुई फिर से स्खलित होने लगी. इसी दौरान मैंने भी अपना कंट्रोल खो प्रिया और दिया की गांड में ही अपना लावा छोड़ प्रिया.
इस बार स्खलन के साथ दिया की पेशाब भी छूट गई, जो कबीर के पूरे पेट से होकर बेड पर गिर गई थी.
कुछ देर के बाद मुझसे छोड़ने को बोली- प्लीज हम दोनों को छोड़ दो!
मेरे हटते ही उसकी गांड से मेरा वीर्य निकल कर कबीर के अंडों पर गिरने लगा.
मेरे हटने के बाद दिया खुद कबीर के ऊपर से हटी, तो कबीर का पूरा पेट उसकी पेशाब से भीग गया था … और अंडे मेरे वीर्य से सने हुए थे.
अब वह कबीर से बोली- अब तुम भी निकाल दो, मैं बहुत थक गई हूँ.कबीर बोला- प्लीज, एक बार मुझे भी गांड मारने दो ना!
इस पर दिया मुस्कुराकर बोली- सॉरी, लेकिन तुम्हारा बहुत मोटा है, मुझे बहुत दर्द होगा!
इस बात से मुझे अपनी थोड़ी तौहीन लगी, परंतु बात भी सही थी.मैं बोला- यार करने दो ना!इस पर दिया बोली- मैं बहुत थक गई हूँ, प्लीज डार्लिंग समझो बात को!
फिर वह एक नई बात बोली- अगली बार कबीर आएंगे तो दे दूँगी.
ये बात दिया के मुँह से एकाएक निकल गई थी जिसे वह समझ कर झेंपने लगी.
तभी मैंने बात को पकड़ते हुए कहा- मतलब कि तुम कबीर से फिर से चुदवाना चाहती हो!इस पर कबीर मुस्कुरा प्रिया.
परंतु दिया बात को बदलती हुई बोली- नहीं-नहीं, मैंने तो ऐसे ही बोल प्रिया!
मैंने बोला- यार कबीर का चार्ज बहुत ही ज्यादा है, पता है? 35 हजार में मैंने इसे हायर किया है!
रेट सुनकर दिया कबीर को देखने लगी.
कबीर को ये अच्छा नहीं लगा कि दिया उसे इस नजर से देखे.वैसे भी जितना मजा दिया ने उसे प्रिया था, उतना शायद उसकी अन्य कस्टमर देती होगी.
इस पर वह बोला- सर, मैं मैडम के लिए अपना रेट आधा करता हूँ, परंतु मैं प्रोफेशनल हूँ. इसलिए जब भी आपको जरूरत हो, मेरे निजी नंबर पर कॉल कीजिएगा … नहीं तो मेरी अहमियत घट जाएगी.
मैंने खुश होकर बोला- वाह दिया, तुमने ऐसा क्या जादू कर प्रिया है इस पर!इस बात पर तीनों हंस दिए.
अभी तक कबीर का लंड खड़ा ही था.
दिया हंसकर बोली- इसका तो जल्दी निकलता ही नहीं है!
तभी कबीर दिया के पास आया और उसके मुँह में अपना लंड डालना चाहा.तो दिया ने बोला- अभी मन नहीं है प्लीज!
ये बोलकर उसने कबीर का लंड अपने हाथ में ले लिया और हिलाने लगी.वह उसके लंड की मुठ मारने लगी.
देर तक मुठ मारने के बाद भी उसका वीर्य नहीं निकल रहा था.
तभी मैं उन दोनों को छोड़कर बाथरूम चला गया फ्रेश होने.
जब मैं पांच मिनट बाद बाथरूम से आया तो देखा कि दिया कबीर के लंड को अपने मुँह में लेकर आंखें बंद करके चूस रही है.
दो मिनट के बाद ही कबीर बोला- मेरा निकलने वाला है!वह अपना लंड निकालना चाह रहा था परंतु दिया उसे चूसे जा रही थी.फिर कबीर ने उसके मुँह में अपना लावा छोड़ प्रिया और दिया ने बिना आंख खोले उसे गटक लिया.
जब उसकी आंखें खुलीं तो मुझे सामने देखकर वह थोड़ा शर्माई और उसने लंड को अपने मुँह से निकाल प्रिया.
अब कबीर भी शांत हो गया था तो वह भी बाथरूम में फ्रेश होने चला गया.
दिया थकावट से वहीं बेड पर लेट गई और उसे दो मिनट में ही नंगी लेटी लेटी ही गहरी नींद लग गई.
कबीर आया और देखा कि दिया सो गई तो वह बोला- सर अब मैं चलता हूँ.मैंने ओके कहा.
तो उसने कपड़े पहने और निकलने लगा.
वह मुझसे बोला- सर, आपकी बीवी बहुत ही सेक्सी है!मैंने कहा- हां, मुझे पता है.
मैं मुस्कुरा प्रिया.
तो ये थी मेरी बीवी की पहले गैर मर्द से चुदाई की कहानी.थ्रीसम सेक्स विद वाइफ स्टोरी आपको कैसी लगी?मेरी मेल आर्इडी पर मेल जरूर भेजिएगाsupport@mohakkisse.com