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Group Sex Story पठन समय: 19 मिनट पढ़ा गया: 571 बार

तीन सहेलियों की कामवासना

रवि स्मार्ट

12 Sep 2023 को प्रकाशित

तीन सहेलियों की कामवासना
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नमस्कार दोस्तो, आप सभी का मेरी कहानी में हार्दिक स्वागत है. मेरी पिछली कहानियों को आपका इतना प्यार मिला, उसके लिए मैं आपका धन्यवाद करता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि आगे भी मुझे ऐसे ही प्यार देते रहोगे और इमेल्स करते रहोगे. मेरी पिछली कहनियाँ को पढ़कर बहुत सी फीमेल ने अपनी चूतों का रस निकाला और बहुत से मर्दों और लड़कों ने अपने लंडों की प्यास शांत की।

अब मैं आता हूँ सीधा अपनी कहानी पर, कहानी पढ़ने के बाद ईमेल करनी मत भूलियेगा।

हम दोनों व्ट्सऐप दोस्त बन गए और हर रोज़ व्ट्सऐप पे सेक्स चैट करते. जैसे कि आपको पता ही है कि मैं चैट पे चूत का पानी निकालने में पूरी तरह माहिर हूँ और सपना तब तक चैट करती जब तक उसकी चूत का पानी निकल न जाता।सपना ने मेरा व्ट्सऐप नम्बर अपनी 3 ख़ास सहेलियों को भी दे रखा था और उनके साथ मिल कर व्ट्सऐप ग्रुप बनया था जिसमें वो मुझसे सेक्सी सेक्सी बातें करती और कुछ टिप्स भी पूछती रहती थी।सभी की सभी अभी कुंवारियां थी, मतलब उनकी शादी अभी नहीं हुई थी.

वैसे तो सपना ने बताया था कि उसकी सील एक लड़के ने तोड़ दी थी जो उसका बॉयफ्रेंड था, परन्तु वो ज्यादा तेर तक सपना से बना कर न रख सका और फिर सपना ने उसे छोड़ प्रिया।आज कल बस तीनों का बातें करने का जरिया बस मैं ही था। जैसे कि सभी को पता है कि मैं हर एक को जो भी मेरी नयी दोस्त बनती है, हमेशा यही कहता हूँ कि मैं सिर्फ आपका दोस्त बनकर रहूँगा, और अपना प्यार वियार वाला चक्कर किसी और से चलाना, मेरी इसी बात को वो सभी पसंद करती थीं।

एक दिन मुझे सपना का फ़ोन आया कि हम तीनों आपसे मिलना चाहती हैं और हो सके तो आप हर हाल में हमें मिलिएगा।यहाँ मैं एक बात बता दूँ कि वो मेरे से 50 किलोमीटर दूर ही एक शहर में रहती हैं।

मैंने उन्हें मिलने का दिन रविवार का दिन तय कर प्रिया। सपना ने मुझे अपनी दूसरी सहेली जिसका नाम अंशिका है, के घर पे मिलने को कहा, क्योंकि अंशिका के घर पे रविवार को कोई नहीं था।मैं रविवार को उनके बताये पते पर पहुँच गया। उनका घर एक गली के अंत में था तो मुझे कार काफी दूर पार्क करनी पड़ी।

मैंने जैसे ही उनके घर की डोरबैल बजाई तो सपना मुझे गेट से लेने आई. हम मिल दूसरी बार रहे थे, एक बार हम इस से पहले एक मॉल में मिले थे।

हम घर के अंदर चले गए। उसने मुझे ड्राइंग रूम में बिठाया और चाय पानी के बाद मुझसे बातें करने लगी.

कुछ देर बाद उसने एक आवाज़ लगायी और उसकी सहेली अंशिका और एक और सहेली जिसका नाम अंजू था, उन दोनों को बुलाया, मेरी उनके साथ जान पहचान करवाई।अंजू सबसे खूबसूरत थी, परन्तु मम्मे अंशिका के बड़े बड़े लग रहे थे और चूतड़ सपना के गोलमटोल थे।

सपना ने बात करते हुए बताया- डियर रवि, हम सभी व्ट्सऐप और फ़ोन पे सेक्स चैट करते हैं, तो हम सभी चाहती हैं कि एक बार हम असली में सेक्स करें। मेरी सहेलियों का कहना है कि मेरी सील टूटी होने की वजह से हम दोनों सेक्स करें और ये दोनों हमको सेक्स करते हुए देखेंगी।मैंने कहा- ओके, मैं आपके साथ सहमत हूँ, परन्तु मेरी एक शर्त है!‘शर्त?’ वो सभी एक साथ बोलीं और मेरी तरफ देखने लगीं।

तो मैंने उनका आश्चर्य दूर करते हुए आगे कहा- मैं चाहता हूँ कि जब हम सेक्स करें तो ये दोनों (अंजू और अंशिका) भी बिल्कुल नंगी होकर बाकी अंगों से हमारा साथ देंगी. हाँ, इनका कुंवारापन हम नहीं छेड़ेंगे.

वो दोनों हिचकने लगीं तो मैंने कहा- देखो, अगर आप मेरे हर अंग को नंगा देखोगी, और हम सभी चुदाई की बातें करते हैं, तो अब इसमें क्या परेशानी है? वैसे भी तो हम सभी चुदाई की सीधी बातें करते ही हैं.और फिर सपना ने भी उन्हें थोड़ा मनाया, फिर वो मान गयीं।

हम चारों एक बैड पर एक साथ बैठे थे। मैंने सबसे पहले सपना को किस किया और मैंने सपना के होंठों को अपने होंठों में ले लिया. मैं उसके बूब्स को उसके टॉप के ऊपर से दबाने लगा।इससे सपना थोड़ी हॉट हो गयी.

मैंने ऐसे ही एक एक करके अंशिका और अंजू को भी किस किया और उनके होंठों को थोड़ी देर के लिए चूसा। मेरे होंठ चूसने से उनके अंदर कामुकता की लहर दौड़ गयी और तीनों की ही शर्म थोड़ी देर के लिए उड़ गयी क्योंकि कुछ तो हम सभी आपस में फ़ोन पे गालियाँ वगैरा और डर्टी चैट कर लेते थे इसलिए अब हमें कोई दिक्कत नहीं थी।

तभी अंजू अंशिका को देखती हुई बोली- ए मादरचोद साली … अब जीजू से मज़े ले ले आज!यहाँ एक बात बता दूँ कि सपना के अलावा वो दोनों मुझे जीजू कहकर बुलाती हैं।

तभी मैंने अंजू की गांड थपथपाते हुए उसे कहा- साली बहन की लौड़ी, उससे ज्यादा जल्दी तो तुझे लगती है मादरचोद!मेरी तरफ देखती हुई अंजू बोली- तू बहनचोद अपना काम कर, देखती हूँ आज तेरे लौड़े में कितना दम है.

मैंने अंजू को पकड़ कर उसकी गांड पे चपत लगाई और बोला- दिखाऊं अपने लौड़े का दम साली? तेरी गांड और चूत दोनों फट जायेंगी … वो भी अभी!तभी अंशिका बोली- हाँ जीजू, फाड़ दो इसकी चूत, ये वैसे भी रोज़ आपको याद कर करके मुठ मारती है.मैंने कहा- ओह, ऐसी बात है क्या?

सपना ने सभी को कहा- अरे छोड़ो ये सबी … अब हमारे पास आज वक्त बहुत कम है. यहाँ हम 3 घंटे के लिए ही हैं, इसलिए इतने कम समय में सभी को सबी कुछ ज़ल्दी में करना होगा और अगर आज सब कुछ अच्छा लगा तो हम कहीं और बढ़िया प्रोग्राम करेंगे.मैंने कहा- ठीक है. तो बताओ क्या करें अब?

तो सपना ने सभी को एकदम नंगे होने को बोला- सभी अपने अपने कपड़े खुद ही उतार लो ताकि हमें कम समय लगे।सभी अपने अपने कपड़े उतारने लगे.मैंने अपने कपड़े तो उतार दिए परन्तु अंडरवियर नहीं उतारा.

तभी अंशिका बोली- जीजू, आप भी नंगे हो जाओ न!मैंने कहा- अरे मेरी रानियो, तुम किस लिए हो? कर देना मुझे नंगा बेबी!सभी हंसने लगे.

तो मैंने सभी को कहा- देखो, जैसे जैसे मैं कहता जाऊं, तुम सब वैसे वैसे ही करना, उस हिसाब से हम सभी को एक साथ मज़ा भी आएगा.सभी ने हामी भरी.

मैंने सबसे पहले अंशिका को अपने पास बुलाया और उसके मम्मों को किस किया, उसके निप्पलों को चूसना शुरू कर प्रिया.

ऐसे ही मैंने तीनों लड़कियों के साथ किया. मैंने अंजू के मम्मे भी चुसे और सपना के मम्मे और गर्दन भी चूसी।

फिर मैंने सपना की चूत को मुंह में लिया. उसकी लाल चूत पर एक भी बाल नहीं था. मैंने उसकी चूत के लाल लाल दाने उसके जी स्पॉट और उसके अंदर तक सभी जगह अच्छी तरह चूसा. सपना आहें भरने लगी थी।

अब मेरे अंडरवियर को अंशिका ने उतार प्रिया। उसके बाद मैंने अंजू की चूत के अंदर जीभ डाली. जब अंजू आहें भरने लग गयी तो मैंने अंशिका की चूत में जीभ डाली और ऊपर से अंशिका के मम्मे भी पकड़ लिए.अब अंशिका पूरी तरह मेरी गिरफ्त में थी। अंशिका जोर जोर से आहें भर रही थी, उसका तो रस निकलने वाला था।

मैंने उसकी चूत चूसते हुए जीभ बाहर निकाल कर कहा- ला साली निकाल अपना रस … बहन की लौड़ी … मादरचोद … निकाल अपना पिशाब! कुतिया देख … तुम्हारे यार का लौड़ा और जीभ तुम्हारे पास है!

अब सभी पूरी तरह गर्म हो चुके थे।

फिर सपना ने सभी को समझाया. अंजू की चूत पे अंशिका की जीभ लगवा दी, अंशिका की चूत पे मेरी जीभ लगा दी और मेरे लौड़े को खुद चूसने लगी और अपनी चूत उसने अंजू के मुंह में दे दी.इस तरह हम सभी एक गोल चक्कर में थे और सभी एक दूसरे की चुसाई कर रहे थे.ऐसे सभी को मज़ा आ रहा था।

कुछ देर बाद उन्होंने मुझे थोड़ा आगे करके सभी की पोजिशन बदल दी. इस तरह हमने कुछ देर तक एक दूसरे की चुसाई करने के बाद कहा- चलो अब चुदाई करते हैं.चुदाई तो सिर्फ मैंने और सपना ने ही करनी थी क्योंकि अंजू और अंशिका अभी कुंवारी थीं.

तो मैंने उन्हें कहा- कोई बात नहीं साली, तुम दोनों गांड मरवा लेना, उससे सील भी बरकरार रह जायेगी और मज़ा भी मिल जाएगा.सभी हंसने लगे.

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खैर मैंने लेट कर सपना को धीरे धीरे अपने लौड़े पे बिठाया और अंजू को अपने मुंह पे बैठने को कहा. अब अंजू की चूत को मैं मुंह से चूस रहा था और सपना की चूत में अपना लौड़ा डाल चुका था. मैंने दो तीन झटके ही लगाए और मेरा लौड़ा सपना की चूत में पूरी तरह फिट हो गया। अब मैं अपना लंड तेज तेज अंदर बाहर करने लगा था।

अब मैं अंजू की चूत में जीभ डाल कर अंदर बाहर कर रहा था और उसके जी स्पॉट को चूस रहा था.

मैं एक साथ दो लड़कियां को सेक्स का मजा दे रहा था. अंशिका हम सभी को देख रही थी और अपनी चूत पे तेज तेज उंगली चला रही थी।मैंने सोचा भी नहीं था कि अंजू की चूत का रस बहकर मेरे मुंह में आने लगा और मेरी जीभ को भिगोने लगा, मैं उसका रस पिए जा रहा था। अंजू की चूत को मैंने अपने होंठों में कस लिया ताकि वो इस बहते झरने का पूरा मज़ा ले सके।

अंजू मेरे मुंह से उठ गयी और अंशिका ने उसकी जगह ले ली। दूसरी तरफ मैंने सपना की चूत में धक्के तेज कर दिए थे.

मैंने अपने हाथ अंशिका के मम्मों को मैंने अपने हाथों में ले लिया. उधर सपना के मम्मों को पीछे से अंजू ने जाकर पकड़ लिया.अंशिका अब मेरे मुंह पर अपनी चूत को आगे पीछे करके मेरी जीभ पे रगड़ रही थी।

मेरा लंड अभी भी सपना को चोद रहा था। सपना झड़ने के कगार पर थी.

इधर अंशिका ने भी मेरे मुंह पे अपने झटके तेज कर दिए थे. अंशिका पहले से ही ज्यादा उतेजित होने की वजह से ज्यादा देर तक टिक न पाई और उसने मेरे मुंह पर अपनी चूत से पिचकारी छोड़ दी.उधर साथ ही सपना भी झड़ गयी. सपना जैसे काँप रही थी और उसका शरीर अकड़ गया था.

मैंने अंशिका को जोर से पकड़ लिया और मेरा लंड भी ज्यादा देर तक टिक न पाया. जैसे ही सपना के रस ने मेरे लंड को भिगोया तो मैंने भी जोर से एक चीख लगाई और अपने लंड की धार सपना की चूत में छोड़ दी.सपना जोर जोर से चिल्लाने लगी- उन्ह उम्म्ह… अहह… हय… याह… सीसी सी सी सी मेरे मुंह में दे साले … मेरी चूत में नहीं जाना चाहिए था भोसड़ी के … उई मर गयी कुत्ते … मेरी चूत फट गयी आज!

तभी अंशिका की भी चीखें निकल गयी. उसकी चूत की फांकों को मैंने अपने मुंह में लिया हुआ था और उन्हें दांतों से रगड़ रहा था इसलिए वो ज्यादा चिल्ला रही थी- उई आह आह आह … मर गयी … मज़ा आ गया … साली मरवा प्रिया आज … मादरचोद उई आह आह सी सी सी सी!

इधर मेरे मुंह से भी सिसकारियाँ निकल रही थी- आह आह आह सी सी सी सी बहनचोद … मादरचोद रांडो चुद गयी आज तुम सालियो … आह आह चुदो चुदो चुदो कुत्तियो … आह सी सी सी सी सी.ऐसे ही अंशिका बोल रही थी- उई बहन चोद दी आज हमारी … उई उई आह आह सी सी सीससी मर गयी … मरवा प्रिया … कुतिया … ले जीजू साले … पी … मेरा मूत!कहते हुए उसने मेरे मुंह में अपनी चूत का रस छोड़ प्रिया और पूरी तरह झड़ गयी थी।

अब अंशिका मेरे मुंह से उठ गयी और सपना भी हम सभी एक दूसरे से अलग हुए और साथ ही मैंने अंजू को घोड़ी बनने के लिए कहा.तो वो बोली- उई जीजू, ये क्या कर रहे हो?मैंने कहा- अरे कुछ नहीं बेबी, एक बार हो जाओ न! घबराओ मत! अरे मैं कुछ नहीं करता, हो जा तू।

वो मेरे जोर देने से घोड़ी बन गयी तो मैंने पीछे से उसकी गांड में उंगली दे दी और गोल गोल घुमानी शुरू की. वो छटपटाने लगी.मैंने कहा- अरे अभी मज़ा आएगा.अंशिका को मैंने एक मोमबती लाने को कहा।

पहली बार गांड में लंड नहीं जा पाता इसलिए अगर आपके पास मोमबती हो तो सबसे अच्छा है।मैंने अंजू की गांड में मोमबती डाल दी और पहले धीरे धीरे मोमबती को आगे पीछे करता रहा और फिर मैं तेज तेज उसकी गांड में मोमबत्ती करने लगा।अंजू को मज़ा आने लगा था।

फिर मैंने नीचे अपना लंड अंशिका को चूसने के लिए कहा तो अंशिका झट से मेरा लौड़ा चूसने लगी.मैं मोमबती से अंजू की गांड चोद रहा था तो कुछ ही देर में अंजू आहें भरने लगी- उन्ह आह … उन्ह सी सी सी सी उई उई आह आह उई सी सी सी चुद गयी साले लौड़ा डाल मेरे यार … उई आह आह आह उई साले … मज़ा आ गया!

अब तक मेरा भी लंड बड़ा हो चुका था। मैंने फिर से खड़ा लंड अंजू की गांड में डाल प्रिया और सपना को कहा- साली बहन की लौड़ी, तू उतनी देर तक अंशिका की गांड ढीली कर मादरचोद.और इधर मैं अंजू की गांड में अपना लंड जोर जोर से अंदर बाहर करने लगा था. अंजू भी अपनी गांड आगे पीछे कर करके मज़े ले लेकर चुदवा रही थी।

तभी मैंने अपने लौड़े की स्पीड बड़ा दी और अंजू जोर जोर से आहें भर कर मज़ा लेने लगी।ऊपर से सपना भी उन्हें गालियाँ देकर बोलने लगी- मादरचोद सालियो कुतियो, तुम्हारी बहन का लौड़ा, आज मेरे यार से गांड चुदवा रही हो, गांडू रांडो, देखो मैंने चूत चुदवा कर मज़ा लिया है और तुम रह गयी गांड जैसी!

मैंने कहा- उई ले साली चुदवा अपनी गांड … मादरचोद अंजू … ले चुद … आह उई ले चुदवा … मेरी गांडू रांडो, अब तुम्हें गांडू बोल कर ही बुलाऊंगा सालियो गांडू रांडो … ले उई!और मैंने अंजू की चूत के दाने पे अपनी उंगली रख दी और उसकी चूत से धार निकलने लगी. वो झड़ चुकी थी।

कुछ देर और उसकी गांड चोदने के बाद वो खलास हो गयी. मैंने तभी लौड़ा बाहर निकाला और अंशिका की गांड में डाल प्रिया. अब अंशिका कराह रही थी और मजेदार सिसकारियाँ लेकर चुदने लगी थी।मैंने अंशिका को बहुत जोर जोर से कुछ देर चोदा तो सपना बोली- साले भूल मत जाना, इस बार मैंने पीना है तुम्हारी ये जवानी का रस! मेरे प्यारे कुत्ते!मैंने भी कहा- मेरी कुतिया, इस कुतिया की गांड फट जाए … फिर तेरे मुंह में ही डालूँगा अपना रस मेरी रांड! वैसे भी तू तो पक्की मादरचोद है मेरी रांड! उई आह ले साली अंशिका … चुद चुद चुद … तेरी फट गयी गांड कुतिया.

तभी अंशिका भी बोल पड़ी- उई आह उई सी सी सी सी आह फट गयी गांड मेरी! आह उई बना प्रिया मुझे गांडू! आह उई उई आह … गांड बज गयी मेरी! आह आह उई बस बस … छोड़ दे साले! कहते हुए वो भी झड़ गयी.

मैंने अपना लंड निकाला और तुरंत उसे सपना के मुंह में दे प्रिया. सपना ने जैसे ही उसे चूसना शुरू किया, मैंने सीधी धार उसके मुंह में छोड़ दी. वो रस को मज़े से पीने लगी. मैंने झड़ता लौड़ा उसके मुंह से निकाला तो दूसरी धार उसके मम्मों पे गिरी.ज़ल्द ही मैंने अपना लंड अंजू के मुंह में दे प्रिया और तीसरी धार अंजू के मुंह में गिर गयी. ऐसे ही अंजू ने भी मेरा लौड़ा मुंह में लिया तो अभी झड़ना बंद नहीं हुआ था कि अंशिका ने आकर लौड़ा पकड़ा और उसके मुंह से निकाल कर अपने मुंह में ले लिया।

अब तीनों लड़कियों ने मेरे लंड के रस का टेस्ट कर लिया था।सपना ने मेरा सारा रस अपने मुंह में भरा हुआ था, गटका नहीं था. सपना ने सारा रस मुझे दिखा कर अंशिका के मुंह में ट्रांसफर कर प्रिया.अब अंशिका ने वो सारा रस अंजू के मुंह में धार बना कर गिरा प्रिया.अंजू ने वो फिर से उल्टा अंशिका के मुंह में दे प्रिया.

तभी सपना ने अपने मम्मे आगे किये तो अंशिका ने मेरे लंड का रस सपना के मम्मों पर गिरा प्रिया. जहाँ से अंजू ने वो सारा रस चाटा.

इधर मैं आराम से बैठा था तो अंशिका मेरा लौड़ा चाटने लगी। उसके बाद तीनों ने कुछ देर तक मेरे लंड को चाट और चूसा.

फिर मैंने तीनों को किस किया और उनके होंठ अपने होंठों में लेकर चूसे।तब तक हम चारों थक चुके थे.

अंशिका बोली- उफ़ … कितना मज़ा आया!और हम सभी ने बाथरूम में जाकर अपने आप को साफ़ किया और कपड़े पहने।

अंशिका और अंजू रसोई में जाकर चाय बनाकर लायीं। हम सभी ने चाय पी और मैंने उन सभी से विदा ली.अंजू और अंशिका ने वादा किया- अब हम कहीं टूर पे सभी एक साथ 2-3 दिन के लिए चलेंगे और वहां अपनी सील तुड़वा कर मज़ा लेंगी।

देखते हैं कि वो वक्त कब आता है।

तब तक आप मेरी इस कहानी का मज़ा लीजिये। लड़कियाँ अपनी चूत और लड़के अपने लौड़े हिला कर कहानियों का आनन्द लेते रहिये.फिर मिलेंगे एक नयी कहानी के साथ। मुझे ईमेल करनी मत भूलियेगा। आपकी मेल्स के इंतज़ार में आपका दोस्त रवि।support@mohakkisse.com

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Maja aa rha hai na lund khada rheta hai na indian sex stories padh kr aapke mail padh kr man karta hai abhi aakr sabse chud lu per mujhe maaf karna sabke mails ka replay nhi kr pati hu yahi per sabko thanku bol rhi hu love you my friends.

7 मिनट 548

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

राज कुमार 7

3 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

सनी प्रिन्स

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

राज पटेल राइटर

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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