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Meri Chudai पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 577 बार

फेसबुक पे मिला चोदू यार-4(Facebook Pe Mila Chodu Yaar-4)

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02 Jan 2014 को प्रकाशित

फेसबुक पे मिला चोदू यार-4(Facebook Pe Mila Chodu Yaar-4)
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पिछला भाग पढ़े:-फेसबुक पे मिला चोदू यार-3

मेरी चुदाई कहानी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा, कि चूत चुदाई के बाद विक्रम मेरी गांड मारना चाहते थे। तो मैंने कहा, मैं सह नहीं पाऊंगी वहां!” वो बोले, “शिप्रा नहीं ऐसा नहीं है।‌ सब सह लोगी, बस अंदर जाने की देर है, तुमको खुद मजा आएगा।” अब आगे-

ऐसा बोलते हुए उन्होंने मेरे पैरों को अपने हाथों में फंसाया।‌ फिर वो मेरे ऊपर आ गए और बोले, “शुरू करूं? मैं तो गर्म हो गया हूं।” मैंने भी आंखों के इशारे से हामी भर दी। उन्होंने तुरंत लंड मेरी चूत में उतार दिया। एक ही धक्के में पूरा लंड मेरी चूत के अंदर था। मेरी एक आह निकली, “आआ आआह आआआ आह।” इसके बाद उन्होंने अपनी रफ्तार तेज करते हुए दनादन मेरी चुदाई करनी शुरू कर दी।

मैं मस्ती में आ गई और बोली, “और तेज तेज रगड़ो, फाड़ दो मेरी चूत को आहहह औहहह और तेज रगड़ो, फाड़ दो आइइइ आआऊऊईई।” हम दोनों ही एक-दूसरे से कस कर लिपटे हुए थे। करीब 35 मिनट ताबड़तोड़ चोदने के बाद उन्होंने लंड बाहर निकल लिया और मुझे पलटने को बोले। मैं समझ गई कि वो मुझे घोड़ी बनने के लिए बोल रहे थे, और मैं पलट कर घुटनों के बल हो गई।

उन्होंने अपने दोनों हाथों से मेरे चूतड़ों को सहलाया और चूमने लगे। फिर उसके बाद अपने लंड को चूत पर लगाया और अंदर पेल दिया। मेरी कमर को कस कर पकड़ लिया, और फट फट फट की आवाज के साथ मेरी चुदाई चालू कर दी। उनके धक्के इतने तेज़ थे, कि लग रहा था मेरी आँखें बाहर आ जायेंगी। वो दना-दन चोदते रहे और झुक कर मेरी पीठ पर अपने दांतों से हल्के-हल्के काटना शुरू कर दिया।

अब तो मेरा सह पाना मुश्किल हो रहा था, और मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया, और कमरे में फच फच की आवाज़ होने लगी। उस वक्त मैं अपने पति को याद करते हुए सोच रही थी, कि काश मेरे पति भी ऐसे चोद सकते, तो मुझे किसी दूसरे आदमी को बिस्तर तक नहीं लाना पड़ता। मैं ये सब सोच ही रही थी और विक्रम जी मेरी चुदाई किये जा रहे थे। बहुत दर्द भरी आवाज में मैंने पूछा, “आहह आऊ धीरे-धीरे आहहह आपका कब होगा? जल्दी करो, दर्द हो रहा है आहह आहहह औहहह मर गई आइइइ आआऊऊईई आहहह सहन नहीं होता।”

वो तेज रफ्तार में चोदते हुए बोले, “शिप्रा अभी नहीं होगा। मेरा दूसरी बार में बहुत समय लगता है।” मैं समझ गई थी कि जब तक इनका होगा तब तक मैं कई बार झड़ चुकी होऊंगी। वो मेरे चूतड़ों पर थाप मारने लगे चट-चट चटाक। बार-बार मेरे चूतड़ों पर पड़ रहे उनके धक्कों से मेरे चूतड़ दर्द करने लगे थे। मैं उस वक्त चुदाई की गहराई में गोता लगा रही थी। बहुत देर बाद उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला, और तुरंत मुझे पेट के बल लिटा दिया।

उन्होंने मुझसे हाथ से चूतड़ों को फैलाने के लिए कहा। मैंने दोनों हाथों से अपने चूतड़ों को फैला दिया। वो बोले, “शिप्रा अब तुम्हारी गांड मारूंगा।” मैंने तुरंत कहा, “आज मत मारो, फिर किसी दिन मार लेना।” मगर वो बोले, “आज हो या कल, मारना तो है ही! कुछ नहीं होगा। बस लेटी रहो।” वो उठ कर तेल की शीशी ले आए और मेरी गांड में तेल लगाया।

उन्होंने अपना लंड छेद में लगाया, और मेरे ऊपर लेट गए। अपने दोनों हाथ मेरे बगल से लाकर मेरे दूध को थाम लिया। उनका पूरा वजन अब मेरे ऊपर ही आ गया था। वो लंड गांड में सरकाने लगे। अबकी बार मेरे मुख से आआ आआह आआआआह निकल रहा था। जल्द ही उसका सुपारा मेरी गांड में घुस गया। मुझे तेज़ दर्द हुआ, “ऊऊऊ ऊऊईई नहीं नहीईईईई ईईईई आइइ माआआआआ मम्मीईईई आआआह जानू बहुत दर्द हो रहा है आहह, आहहह औहहह मर जाऊंगी आइइइ!”

वो रुके नहीं और पूरा सुपारा मेरी गांड में फिट कर दिया। मैं रोते हुए बोली, “आहह अहहह जानू बहुत दर्द हो रहा है। आहह आहहह निकाल लो नाअअअअ औहहह मर गई आइइइ आआऊऊईई आहहह औहहह मर गई आइइइ आआऊऊईई आहहह औहहह निकाल लो ना, बाद में गांड मारना।” वो बोले, “शिप्रा बाद में भी दर्द होगा, थोड़ी देर बाद दर्द कम हो जायेगा, थोड़ा हिम्मत रखो।

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उन्होंने मेरे कंधे पकड़े और एक झटके में आधे से ज्यादा लंड गांड में डाल दिया। मैं जोर से चिल्लाई, “आआऊऊईई मर गई आइइइ आआऊऊईई आहहह औहहह मर। पर उन्होंने दूसरे झटके में पूरा लंड गांड में घुसा दिया। मैं चीखती रही, “आआऊऊईई आहहह औहहह मर गई आइइइ आआऊऊईई आहहह औहहह मर गई।” दर्द इतना था कि बता नहीं सकती। बस मैं दर्द सह रही थी। कुछ समय तक लंड डाले रहे। मेरी चीखती रही और फिर मेरा दर्द कम हो गया, और मैं सिसयाने लगी, “अहहह औहहह आहहह औहहह इससस अहहह जानू बहुत दर्द हो रहा है।”

वो बोले, “शिप्रा अभी और मज़ा आयेगा।” उन्होंने लंड हल्के-हल्के अंदर-बाहर शुरू कर दिया। लंड छेद में बहुत ही टाइट जा रहा था। मेरी तो आवाज ही नहीं निकल रही थी। वो बहुत ही धीरे-धीरे अंदर-बाहर कर रहे थे, ताकि मुझे तकलीफ ना हो। वो समझ चुके थे कि मेरी गांड ज्यादा नहीं चुदी थी, और उनका मोटा लंबा लंड मेरे लिए बहुत बड़ा था।

बहुत देर तक उन्होंने छेद को ढीला किया। मेरी गांड फैल गई, और जब लंड कुछ आराम से अंदर होने लगा, तो उन्होंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी, और अपने हाथों को बिस्तर पर टिका कर गांड चोदना शुरू कर दिया। अब मुझे भी दर्द कम हो रहा था, और मैं लेटे हुए मजा ले रही थी। मेरी गांड से आवाज़ होने लगी फचचच फोचच चच फोचच्च्च।

उनका हर एक धक्का किसी हथौड़े की तरह मेरे चूतड़ों पर लग रहा था। वो झुक कर मेरे गालों को चूमते हुए मेरी गांड चोदे जा रहे थे। मेरी चीखे शान्त हो गई और मैं सिसयाने लगी, “आहह आऊ धीरे-धीरे आआऊऊईई डालो आआऊऊईई मज़ा आ रहा है आहह आहहह।” वो रुके और बोले, “वाह शिप्रा क्या बात है क्या गांड है मज़ा आ गया।” मैं बोली, “आपने तो मेरी जान निकाल दी।”

उन्होंने लंड गांड से खींच लिया, और बोले, “शिप्रा पलट जाओ, तुम्हें देखते हुए गांड मारूंगा।” उन्होंने मेरी टांगे मोड़ कर मुझे सीधा लिटा दिया। मैंने अपनी टांगे उनके कंधे पर फंसाई। वो मेरे उपर झुक गये। मैंने लंड को अपनी गांड पर टिका दिया, और उन्होंने धीरे-धीरे लंड मेरे अंदर फ़िट कर दिया। कुछ देर वो मेरे होठों को चूमते रहे, फिर गांड मारने लगे। पहले धीरे-धीरे मार रहे थे, फिर स्पीड बढ़ती गई।

मैं मस्ती में आ गई और बोली, “और तेज तेज रगड़ो, फाड़ दो आइइइ आआऊऊईई डालो आआऊऊईई फाड़ दो मेरी गांड को।” करीब 25 मिनट की चुदाई करने के बाद उन्होंने अपना सारा माल मेरी गांड में भर दिया। उनका लंड निकालने के बाद ऐसा लग रहा था कि मेरा छेद खुला ही था। हम दोनों ही थक चुके थे, और एक-दूसरे के बगल में लेट गए।

उन्होंने लेपटॉप में ब्लू फिल्म लगा ली, और फिल्म देखते हुए उन्होंने मुझे 8 बार निपटा दिया। उन्होंने दिन भर मुझे खूब पेला। रात में खाना फार्महाउस में ही मंगवा लिया। खाने के थोड़ी देर बाद वो मुझे फिर बेडरूम में ले गये, और पूरी रात रगड़ते रहे। उन्होंने मुझे सुबह के पांच बजे छोड़ दिया। मेरा बदन बुरी तरह से टूट रहा था।

सुबह जब मैं सो कर उठी तो सारा बदन दर्द से भरा हुआ था। आज तक कभी भी चुदाई के बाद ऐसी तकलीफ़ नहीं हुई थी। उस दिन मुझे पता चला कि चुदाई क्या होती हैं। मैं उनके साथ करीब चार दिन फार्म हाउस में रुकी, और उन्होंने जी भर कर मुझे भोगा। उन्होंने मुझे अपनी पहचान की पूना की कंपनी में जाॅब दिला दी। सूरज ने भी परमीशन दे दी।

मेरा काम उनको खुश करना था। मैं उनकी रखैल बन गई, और वो मुझे बिजनेस टूर में अपने साथ ले जाते और मुझे अपने बिजनेस पार्टनर के सामने परोस देते। उनके बिजनेस पार्टनर मुझे कई तरीके से सेक्स का मज़ा देते। एक बार तो उनके कहने पर मैंने उनके 4 पार्टनर के साथ ग्रुप सेक्स का मज़ा लिया। महीने में 20-30 अलग-अलग लोगों से सेक्स का मज़ा ले लेती हूं।

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