सुहागरात सेक्स का मजा दुल्हन और दुल्हे ने लिया अपने अपने जीवन का पहला सेक्स करके. दोनों की अरेंज मैरिज थी. सुहागरात का पूरा मजा लेने के लिए दोनों होटल में गए थे.
दोस्तो, आपको मेरी कहानियों में रस आ रहा है, इसका पता आपसे मिलते मेल से चलता है.बहुत से पाठक तो इन कहानियों का हिस्सा बनना चाहते हैं और मुझसे किरदारों के फोन नम्बर मांगते हैं.मुझे उनके उतावलेपन पर हंसी भी आती है.
ऐसे पाठक भी कम नहीं जो इन कहानियों को अपने जीवन में उतारना चाहते हैं.मुझे उनसे भी कोई शिकायत नहीं, बस एक सुझाव है कि जो भी करें, बस अपने पार्टनर की रजामंदी से करें.कहीं एसा न हो की इन कहानियों का आपके दिलो दिमाग पर इतना असर हो की आप अपना वैवाहिक जीवन खतरे में डाल लें.
वैसे मूड बढ़िया करने के लिए अगर मेरी कहानियाँ साधन हैं तो इन्हें एन्जॉय कीजिये.
आज की सुहागरात सेक्स का मजा कहानी काम्या और आलोक की है.पता नहीं कितनी काम्या और आलोक आपके पड़ोस में भी होंगे.
काम्या सेंट जोन्स कॉलेज, आगरा की पढ़ी हुई एक चुलबुली लड़की थी.अपने समय की खो खो चैंपियन खूबसूरत, लम्बी, थोड़ी सी मांसल जिस्म.
कुल मिला कर एक एसा व्यक्तित्व जिसे हर कोई दोस्त बनाना चाहता था.
एमबीए करके इन्वेस्टमेंट और फाइनेंस काउन्सलिंग शुरू कर दी.सारा काम ऑनलाइन था.
काम में मेहनती थी और व्यवहारकुशल थी तो बिजनेस मिलता गया.
उसका परिवार का बैकग्राउंड आर्मी से था. पिता रिटायर्ड कर्नल थे. मां टीचर.घर में अनुशासन का माहौल था … पर आधुनिकता से परिपूर्ण.
काम्या अकेली औलाद थी कर्नल राजवीर सिंह की.
एक शाम कर्नल से मिलने उनके साथ फौज में रहे उनके मित्र कर्नल भवानी सिंह और उनकी पत्नी आये.शाम को उनकी मुलाकत काम्या से हुई.
भवानी सिंह और उन की पत्नी काम्या से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने चलते चलते अपने लड़के कर्नल अजय के लिए काम्या का हाथ मांग लिया.उन्होंने अपने मोबाइल से अजय की फ़ोटो राजवीर सिंह और उनकी पत्नी को दिखायीं.
अजय बहुत ही हैण्डसम, सौम्य बांका गबरू जवान था.मिलिट्री स्कूल में उसकी पढ़ाई हुई थी.
रिश्ता अच्छा था.काम्या को भी कोई आपत्ति नहीं थी.तो बात आगे बढ़ी.
पहले परिवारों के साथ काम्या और अजय मिले फिर अकेले में ढेरों मुलाकातों के बाद काम्या और अजय ने शादी के लिए हाँ कह दी.
अजय ने काम्या को अच्छे से दिल मजबूत करकर हाँ कहने को कहा क्योंकि फौजी की जिन्दगी सभी जानते हैं, अपनी नहीं होती.
काम्या ने शुरू से यही माहौल घर में देखा था.उसे फख्र था इस बात पर कि वह एक फौजी की बेटी है.
अजय और काम्या की शादी में कोई दिखावा नहीं हुआ.एक गरिमापूर्ण कार्यक्रम में शादी हुई.विवाह कैंटोनमेंट क्लब में हुआ था.
काम्या बहुत सुंदर लग रही थी और अजय तो गबरू जवान था ही.दोनों की जोड़ी बहुत फब रही थी.
काम्या बात बात पर खिलखिला रही थी.काम्या और अजय के दोस्तों ने जम कर मस्ती की.
दोनों ने पहले ही तय कर लिया था की शादी के बाद हनीमून के लिए काश्मीर जायेंगे.
कर्नल राजवीर सिंह ने बच्चों के लिए दो रात के लिए एक पांचसितारा होटल में रूम बुक कर प्रिया था.घर पर कोई ख़ास रिश्तेदार नहीं थे, जो आये थे सीधे शादी में आये, वहीँ से लौट गए.
फौजी लोगों में जिन्दादिली पूरी होती है, दिखावा बिल्कुल नहीं.
शादी के मंडप से विदा होकर काम्या और अजय सीधे होटल चले गए.उनके दो सूटकेस पहले ही पैक होकर वहां पहुँच गए थे.
अजय काम्या का हाथ थामे होटल में रूम में दाखिल हुआ.डोर लॉक होते ही काम्या अजय से लिपट गयी.
दोनों के होंठ मिल गए.ऐसा नहीं कि उनका यह पहला चुम्बन था, पर आज के मिलन की बात ही कुछ और थी.
अजय ने काम्या को गोदी में उठा लिया और बेड पर आहिस्ता से बिठा प्रिया.ठण्ड के दिन थे.
अजय ने काम्या से पूछा कि क्या वो ड्रिंक लेगी.काम्या वैसे तो नहीं पीती थी पर अपने पिता का पेग बनाते बनाते उसने कई बार एक सिप व्हिस्की का ले लिया था.इस पर कर्नल राजवीर सिंह जोर जोर से हँसते.
तो आज भी काम्या ने अजय से कह प्रिया कि वो उसके गिलास में से ही एक दो सिप ले लेगी.
अजय ने पेग बनाया और काम्या से चिपटकर बैठ गया.
दोनों धीरे धीरे सिप लेने लगे.
अजय ने कहा- रात काफी हो गयी है तो क्यों न चेंज कर लें.
काम्या ने अपना सूटकेस खोलकर एक झीनी सी नाईटी निकाली और वाशरूम में चली गयी.अजय ने हल्ला मचाया कि डोर क्यों बंद कर रही हो.तो काम्या हंस के बोली- तुमसे शर्म आती है.
अजय ने भी अपने कपड़े निकाले और वाशरूम का डोर नोक किया.तो काम्या बोली- थोड़ा वेट करो.
थोड़ी देर बाद काम्या ने डोर खोलते हुए अजय से अंदर से ही कहा- प्लीज़ बाहर की लाइट बहुत धीमी कर दो.
अजय ने एक नाईट लाइट को छोड़ सारी लाइट बंद कर दी.
काम्या बाहर आई और सीधे बेड पर जा बैठी.अजय भी जल्दी से फ्रेश होकर बेड पर आ गया.
काम्या कामदेवी लग रही थी.उसके चेहरे पर चंचलता भरी मुस्कान थी.
अजय उससे लिपट गया.दो जिस्म अब एक होने की तैयारी में बेड पर लिपट गए.चुम्मा चाटी के सैलाब के बाद अजय ने काम्या को अपनी बाहों में भर कर कम्बल खींच लिया.
दोनों सिरहाने तकिया लगा कर अधलेटे से हो गये.
अजय का पेग बाकी था.
अब शुरू हुआ वादों का दौर.
अजय ने काम्या से पूछा- तुम मुझसे क्या चाहती हो?काम्या मुस्कुराई और बोली- ढेर सारा प्यार और अथाह विश्वास और कभी साथ न छोड़ने का वादा.
काम्या ने अब अजय से पूछा- तुम मुझसे क्या चाहते हो?अजय ने उसे चूमते हुए कहा- एक कॉमन बात तो यह है कि हम दोनों एक दूसरे से ढेर सारा प्यार करेंगे. बच्चों की कोई जल्दी नहीं है. पर जब तक मैं ड्यूटी पर नहीं जाता सेक्स तो मन भर कर करेंगे.अजय ने उससे वायदा किया और लिया कि दोनों एक दूसरे पर हमेशा विश्वास करेंगे.
नसीब की बात थी कि दोनों के ही जिन्दगी में बहुत से दोस्त आये पर प्यार व्यार के चक्कर में दोनों ही कभी नहीं पड़े.
अब अजय थोड़ा सीरियस हुआ- हमेशा साथ निभाने का वायदा तो है. पर तुम भी जानती हो की फौजी की जिन्दगी तो भगवान के हाथ में होती है.काम्या ने उसे आगे बोलने का मौक़ा नहीं प्रिया और होंठ से होंठ भिड़ाते हुए उससे लिपट गयी.
दोनों के जिस्म धधक रहे थे.पोर्न मूवी भले ही दोनों ने ही देखी थीं, पर जिस्मानी मुलाकात या कहिये सेक्स तो आज ही पहली बार होने को था.
अजय ने काम्या के कपड़े उतारने की पहल की.काम्या ने उसका साथ देते हुए अपने जिस्म का एकमात्र बड़ा कपड़ा नाईटी उतार दी.
काम्या अब केवल एक नाममात्र की ब्रा और थोंग में थी.
अजय ने भी अपना कुर्ता पजामा उतार प्रिया.संकोचवश उसने भी एक अंडरवियर पहन रखा था.
अब दोनों कम्बल के अंदर समा गए और एक दूसरे के जिस्म से खेलने लगे.
अजय ने काम्या के चेहरे और गर्दन पर चूमते हुए उसके उसकी नाममात्र की ब्रा से बाहर झांकते मांसल मम्मों को चूम लिया.काम्या सिहर गयी.
आज पहली बार उसके मम्मों को किसी मर्द ने छुआ था.
अब तो बाकी की के कपड़े उतरने की औपचारिकता पूरी कर दो नंगे जिस्म सूखी बेल की तरह आपस में लिपट गए.
अजय ने किसी लड़की के जिस्म को पहली बार ऐसे छुआ था.वो तो काम्या के गोरे गोरे मम्मों को किसी मनचले बच्चे की तरह एक के बाद दूसरा करके चूम चूस रहा था.
काम्या के निप्पल किसी ताजे अंगूर की तरह कड़क थे.अजय ने उन्हें दांतों से भी चुभलाया.
उसने काम्या के जिस्म के हर हिस्से को चूमना चाहा.काम्या के हाथ में उसका लंड आ गया.
काम्या तो अंदर तक सहम गयी.हे भगवान, ये उसकी चूत में कैसे जाएगा.जाएगा तो चूत में ही, ये उसने पोर्न में देखा था.
अपनी एक दो सहेलियों की राय से उसने अपनी चूत पूरी चिकनी कर रखी थी.
अजय का एक हाथ उसकी फांकों पर चला गया.काम्या की चूत तो पानी छोड़ चुकी थी.
पोर्न की देखा देखी उसने काम्या से कहा- मैं इसे भी चूमना चाहता हूँ.कहकर अजय नीचे खिसक आया और अपना मुंह उसकी टांगों के बीच करके अपनी जीभ उसकी गुलाबी फांकों में घुसा दी.
काम्या किसी मछली की तरह तड़पने लगी.
उसने अजय के बालों को कस के पकड़ लिया था.काम्या ने कसमसाते हुए अजय से कहा- मुझे भी तुम्हारा चूसना है. आओ 69 हो जाओ.
अजय पलट गया तो काम्या ने उसका लंड मुंह में ले लिया और सुपारा बाहर निकालकर लोलीपॉप की तरह चूसने लगी.
ये उसे किसी सहेली ने ही बताया था कि लंड अगर होंठ और जीभ का दबाव बनाकर चूसा जाए तो मर्द बेचैन हो जाते हैं.
और यही हुआ.
अजय ने जल्दी ही हथियार डाल दिए और काम्या को अलग करते हुए चुदाई शुरू करने का मन बनाते हुए हुए काम्या से टांगें चौड़ाने को कहा.
काम्या को समझ नहीं आ रहा था कि क्या और कैसे करना है.पोर्न मूवीज और वास्तविकता में फर्क तो होता ही है.
जब उसे अहसास हुआ कि अजय अपना लंड उसकी चूत में डालने जा रहा है तो उसने अजय से कहा- प्लीज़ कुछ क्रीम वगेरा लगा लो. और बहुत धीरे धीरे करना. मुझे दर्द हो तो रुक जाना.
अजय मुस्करा प्रिया.उसने पास रखी क्रीम को अपने लंड और थोड़ी सी काम्या की चूत पर भी मल दी और काम्या के ऊपर आते हुए पहले तो उसके होंठों को चूमा और फिर लंड को उसकी चूत के मुंहाने पर रखा.
काम्या ने उसे कस के पकड़ रखा था, मानो कोई इंजेक्शन लगने वाला हो उसे.
काम्या की आँखें डर से बंद थीं.उसके चेहरे पर तनाव साफ़ नजर आ रहा था.
अजय ने उसे होंठों पर एक बार फिर चूमा और धीरे से अपना लंड उसकी मखमली चूत में सरका प्रिया.
काम्या की चीख निकल गयी.
अजय हंसा- नौटंकी क्यों रही ही, अभी तो अंदर गया भी नहीं है.
काम्या सहमी हुई सी बोली- आज नहीं, कल करेंगे.अजय बोला- ठीक है, आज थोड़ा सा अंदर कर लेते हैं, पूरा अंदर कल करेंगे.
कहकर उसने हल्का सा धक्का लगाया तो लंड पूरा अंदर घुस गया.
काम्या फिर चीखी और बोली- तुमने तो मना किया था कि पूरा अंदर नहीं करोगे.अजय ने उसके मम्मों के निप्प्ल को चूसते हुए कहा- ठीक है, बाहर निकाल लेता हूँ.
अबकी बार काम्या ने उसे चिपटा लिया अपने से और बोली- नहीं अब ऐसे ही पड़े रहो.
दोनों कसमसा रहे थे.
अजय ने धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू किया.फिर उसकी स्पीड बढ़ती गयी.
काम्या पहले तो उसका साथ नहीं दे रही थी पर जल्दी ही उसने ताल से ताल मिलाना शुरू कर प्रिया.
अब तो दोनों सुहागरात सेक्स का मजा लेते हुए ताबड़ तोड़ चुदाई में लग गए थे.
अजय उसे चोदते समय उसके मम्मे भी मसल रहा था.
काम्या नीचे से उछल रही थी.उसने अजय की पीठ पर अपने नाखूनों से धारी बना दी थीं.
अजय ने एक बार पकड़ धीमी करी तो काम्या ने उसे नीचे उतार प्रिया और फिर खुद चढ़ गयी उसके ऊपर और लंड को अपने हाथों से अपनी चूत में करके लगी उछलने.
उसके मम्मे अजय अब भी मसल रहा था.गोरी काया पर तने मांसल मम्मे अब गुलाबी हो चले थे.
एक दो जगह तो उन पर अजय के दांत के काटने के निशान भी बने थे.
ऐसे ही अजय की गर्दन पर काम्या ने दो तीन जगह कस के चूमा था या शायद काट ही खाया था.
ऐसे ही उछल कूद में काम्या तो मदहोशी के कगार पर पहुंच गयी.उसका ओर्गाज्म चरम रीमा पर था.
उसका हो चुका था. उसने अपने हाथ अजय की छाती पर गड़ा रखे थे.एक साथ उछलने की स्पीड बढ़ाते हुए हांफती कंपकपाती काम्या अजय की छाती पर लुढ़क गयी.
अजय ने भी हांफते हुये अपना सारा माल काम्या की चूत में भर प्रिया.काम्या बेड पर वहीँ एक ओर लुढ़क ली.उसकी चूत से अजय का गाढ़ा गाढ़ा वीर्य निकल रहा था.
काम्या ने पास रखे टॉवेल से अपने को साफ़ किया और वाशरूम में चली गयी.
आते ही उसने अजय को कहा की ये अन-प्रोटेक्टेड सेक्स था इसलिए सुबह वो उसे गोली जरूर ला दे.
रात को दोनों नंगे ही लिपट कर सोये.
यह कहानी 4 भागों में प्रकाशित होगी.सुहागरात सेक्स का मजा पर आपके विचार आमंत्रित हैंsupport@mohakkisse.com
सुहागरात सेक्स का मजा कहानी का अगला भाग:थैंक्स हबी डार्लिंग- 2