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माँ की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 481 बार

सौतेली मम्मी को गर्म करके चोदा

विपिन गौतम

02 Mar 2017 को प्रकाशित

सौतेली मम्मी को गर्म करके चोदा
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स्टेप मम्मी Xxx कहानी में मेरे पापा बाहर रहते थे, मेरी जवान सौतेली मम्मी की चूत प्यासी रहती थी. मेरी स्टेप मॅाम मस्त माल हैं तो मैं भी उन्हें चोदना चाहता था.

सभी सम्मानित पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार.

मेरा नाम विपिन कुमार है. मैं 27 साल का हूँ, फिट बॉडी है और लंबाई 5 फिट 8 इंच की है.मेरे लंड का साइज़ काफी मस्त है. यह 7 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है.

यह स्टेप मम्मी Xxx कहानी है इसलिए जो भी पाठक इसे नहीं पढ़ना चाहते हों, वे मुझे माफ करें.

मैं आपको एक सत्य घटित घटना के बारे में बताने जा रहा हूँ, जिसको आप लोग पढ़कर शायद बिना मुठ मारे नहीं रह सकेंगे.बल्कि मैं तो समझता हूँ कि लड़कियां, भाभी, जवान औरतें भी अपनी बुर में उंगली किए बिना नहीं रहेंगी.

अब मैं अपनी मम्मी के बारे में बताता हूँ.उनका नाम गुड्डी है. वे 40 साल की हैं, लेकिन उनकी उम्र 28-30 साल की लगती हैं.वे मेरी सौतेली मम्मी हैं इसलिए हम दोनों की उम्र में अंतर कम ही है.

मम्मी का फिगर साइज़ 36-32-38 का है. वे स्पोर्ट्स ब्रा पहनती हैं.उनके चूतड़ बाहर निकले हुए और दूध फूले हुए हैं.कोई भी देखकर उन्हें चोदने के लिए रेडी हो जाएगा.सब मिला कर मम्मी बहुत ही सेक्सी माल लगती हैं.

मेरे पापा प्राइवेट जॉब के कारण हमेशा बाहर ही रहते हैं.वे जब भी घर आते हैं, तो मम्मी को चोदकर ही जाते हैं.

ये बात 2021 की है.मेरे पापा घर में नहीं थे.वह लॉक डाउन का समय चल रहा था.

उस वक्त घर में सिर्फ मैं और मेरी मम्मी ही थीं. सुबह का समय था तो मेरी मम्मी नहा रही थीं.

अचानक से मैं बाथरूम के अन्दर आ गया.मैंने देखा कि मम्मी अपनी टांगें फैलाई हुई बैठी थीं और झुक कर रेजर से चुत की झांटें बना रही थीं.अन्दर बाल्टी में नल चल रहा था तो उन्होंने मेरी आहट नहीं मिली.

मैंने सीन देखा और तुरंत ही चुपके से बाहर आकर दरवाजे की झिरी से अन्दर का नजारा देखने लगा.

कुछ ही देर में मम्मी ने अपनी बुर को बिल्कुल साफ कर ली और नहा कर सूखे कपड़े पहनने लगीं.मैं दरवाजे से हट गया और वे कुछ पल बाद बाहर आ गईं.

उन्हें देखते ही मेरे होश उड़ गए क्योंकि मम्मी ने काले रंग की शॉर्ट ब्रा पहन रखी थी.वह मैक्सी के बाहर से ही साफ-साफ दिख रही थी.पीछे से उनकी गांड में पैंटी घुसी जा रही थी.

मैक्सी का कपड़ा कुछ ज्यादा ही पतला होने के कारण मुझे उनकी पैंटी साफ दिख रही थी.

इस तरह दिन चढ़ने लगा. दोपहर हो गई थी और मम्मी आराम करने कमरे में चली गई थीं.मैंने उस वक्त विचार बनाया कि आज मैं अपनी सौतेली मम्मी को जरूर चोद दूंगा.

उसी समय मम्मी ने मुझे आवाज देकर कहा- विपिन बेटा, मेरे एक पैर में दर्द हो रहा है. तू जरा मेरे पैरों की मालिश कर दे.

मैंने हां कर दी और तुरंत तेल लेकर मालिश करने लगा.मालिश करवाती करवाती मम्मी सो गईं.

मैंने उनकी मैक्सी को उनकी टांगों से ऊपर को उठाकर देखा.उन्होंने काले रंग की पैंटी पहन रखी थी.

मैंने बिना सोचे ही अपनी मम्मी की चूत में पैंटी के ऊपर से ही जीभ लगा दी और चाटना चालू कर प्रिया.

कुछ 5 मिनट बाद मम्मी की चड्डी गीली हो गई और वे भी कामुक सिसकारियां लेने लगीं.मैं समझ गया कि मम्मी चुदासी हैं.

यह सोचते ही मैंने तुरंत उनकी चड्डी को उतार कर फेंक प्रिया और उनकी सफाचट चिकनी चुत में मुँह लगाकर सारा नमकीन रस चाटने लगा.मम्मी ने आह आह करके चुत से पानी छोड़ना चालू किया तो मैंने अपना मुँह उनकी चुत के मुँह पर जमा प्रिया और जीभ पेल कर सारा माल साफ कर प्रिया.

कुछ ही देर में मम्मी निढाल हो गई थीं और मैं वासना से तप्त हो गया था.मेरी चुदासी नजरें मम्मी के ऊपर टिकी हुई थीं.

अब मम्मी ने अपनी चुत पर हाथ फेर कर कहा- बेटा, अब देर न कर … मेरी चूत में अपना लंड डाल दे … मुझे रंडी बना कर चोद दे … मैं काफी दिनों से प्यासी हूँ!

इतना कहते ही मम्मी उठीं और उन्होंने अंडरवियर के ऊपर से ही मेरा 7 इंच का लंड पकड़ लिया.मैंने झटपट अपने कपड़े उतारे और नंगा हो गया.

मैं अपने लौड़े को लेकर उनके मुँह की तरफ आ गया.उन्होंने लंड मुँह में ले लिया और उसे पकड़ कर चूसने लगीं.उस वक्त मैंने भी मम्मी के ऊपर चढ़ कर 69 की पोजीशन बना ली थी तो मैं उनकी चूत भी चाट रहा था.

करीब 15 मिनट के बाद मुझे खट्टा-खट्टा सा स्वाद महसूस हुआ.उस वक्त मम्मी अति उत्तेजित स्थिति में थीं और किसी रंडी की तरह अपने मुँह में मेरे लंड को लेकर उसका टोपा लगातार चूसे जा रही थीं.

मैंने पलट कर लौड़े की तरफ देखा तो पाया कि मेरा लंड लाल लाल सा हो गया था, तो मैं उसे ध्यान से देखने लगा.उस वक्त मुझे बड़ी हंसी आई कि मम्मी ने मेरे लौड़े को चूस चूस कर उस पर अपने होंठों की सारी लिपस्टिक लगा दी थी.

मम्मी भी हंसने लगीं और बोलीं- तेरा लंड लाल हो गया है.मैंने कहा- हां मम्मी, आपने उसे मोटा चूहा समझ कर चचोर जो लिया है!

वे हंसने लगीं और कहने लगीं- सच में तेरा लंड बड़ा ही सख्त और मस्त है. मुझे इससे प्यार हो गया है!मैंने कहा- हां तो प्यार से चूसिए … वैसे भी ये तो आपका ही लंड है!

इसी तरह की बातों को करते हुए हम दोनों मां बेटे मस्त सकिंग का मजा ले रहे थे.मैं भी मम्मी की चुत को दुबारा से चाट कर गर्म करने लगा था.

उनकी कमर उठने लगी थी, जिससे मैं समझ गया था कि मम्मी की चूत में आग लगनी शुरू हो गई है.वे मेरे टट्टों को भी अपनी जीभ से चाट कर चूसतीं, तो मेरे लौड़े में आग सी लगने लगती.

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मैं कुछ करता हूँ

फिर जब मैं झड़ने वाला था, तो मैंने उनसे कहा कि मेरा रस निकलने वाला है.मम्मी ने कहा- हां अपने लंड का रस मेरे मुँह में ही डाल दो.

मैं मम्मी के मुँह में ही झड़ गया.मम्मी ने पूरा माल निगल लिया और लंड को चाट-चाटकर साफ कर प्रिया.

कुछ मिनट बाद मैं सीधा हुआ और अपनी सौतेली मम्मी के मम्मों को भी दबाने लगा.जल्दी ही वे दुबारा से गर्म हो गईं.

उनकी चुदास का आलम यह था कि वे अपने मुँह में मेरे लंड को लेकर रंडियों की तरह चूस रही थीं और सच कह रहा हूँ, उस समय मम्मी मेरे लौड़े को लॉलीपॉप समझ कर चूसने में लगी थीं.

उनके मुँह से अंट-शंट निकल रहा था- आह विपिन … साला तेरा बाप मुझे चोदता ही नहीं है … मैं लौड़े के लिए तड़फती रहती हूँ और वह मेरी सुध ही नहीं लेता है.मैंने मम्मी को और उकसाया- अरे मम्मी, आप मुझे एक इशारा तो करतीं, मैं आपको कभी परेशान नहीं होने देता.

मम्मी- मैं तो बहुत दिनों से सोच रही थी कि तुमसे कांटा फिट कर लूं … पर मम्मी होने के कारण मैं संकोच करती रही.मैंने उनके दूध चूसते हुए कहा- अरे यार मम्मी कमर के नीचे के अंग कोई रिश्ता नहीं देखते … खुल कर मजा करो और मुझे भी आप अपने जवान हुस्न का रस पिलाओ.

मम्मी बोलीं- क्या सच में तुझे मैं जवान हुस्न वाली लगती हूँ!मैं बोला- हां मम्मी मैं तो न जाने कबसे आपको चोदने की फिराक में था. आज भी जब मैंने आपको बाथरूम में चुत की झांटें साफ करती हुई देखा तो उसी वक्त मैंने मन बना लिया था कि आज तो आपको चोदना ही है!

मम्मी हंस कर बोलीं- हां और मुझे मालूम था कि तू दरवाजे की झिरी में से मुझे झांटें साफ करती हुई देख रहा है!मैं चौंका- अरे, यह तो मुझे पता ही नहीं चला. यदि मालूम होता तो उसी वक्त बाथरूम में ही आपको लिटा कर चोद देता.मम्मी बोलीं- मैं समझ गई थी कि तू गर्म हो गया है … तभी तो मैंने तुझसे पैरों की मालिश करने के लिए कहा था.

इन्हीं सब कामुक बातों में मेरा लंड दुबारा से खड़ा हो गया.

मैं मम्मी का दूध पीते-पीते पीठ पर किस करते हुए सीधा उनकी चूत पर आ गया.

मैंने एक बार फिर से उनकी चुत में मुँह लगाया और चुत की चटाई शुरू की, तो मम्मी कराह उठीं.

वे चुदासी हो गई थीं और मेरे बाल पकड़ती हुई बोलीं- आह आह आह भोसड़ी के, मां की चुत चाटता ही रहेगा? मेरी बुर में अपना लौंडा डाल मादरचोद … रंडी बना दे आज अपनी गुड्डी को!इतना सुनते ही मैंने अपना लंड हाथ में लेकर बुर पर सैट किया और एक झटका लगा प्रिया.

उस एक झटके में ही मेरा आधा लवड़ा मम्मी की बुर को फैलाता हुआ अन्दर चला गया.मम्मी दर्द से कराहती हुई बोलने लगीं- हाय हाय मार ही डालेगा क्या? धीरे-धीरे चोद न मादरचोद!

उनकी बात को नजरअंदाज करते हुए मैंने पूरा लंड चूत में डाल प्रिया.

कुछ देर में ही अब उन्हें मेरे लौड़े से चुदने में मज़ा आने लगा था.वे अपनी गांड उठाती हुई जोर जोर से चुदवाने लगीं.उनकी मादक आवाजें मेरे लौड़े को और अधिक कड़क कर रही थीं.

‘आह यूँ आह आह मादरचोद चोद दे अपनी गुड्डी रंडी को!’

कोई 30 मिनट की धकापेल चुदाई के बाद मैं झड़ने को हो गया.मैंने उनसे पूछा कि वीर्य निकलने वाला है, कहाँ निकालूं?

मेरी सौतेली मम्मी गुड्डी ने कहा- अपने लंड का माल मेरी बुर में ही डाल दे!उस दिन मैंने मम्मी को दो बार चोदा. उसके बाद हम दोनों रोजाना चुदाई करने लगे.

मैंने उन्हें कपड़े नहीं पहनने दिए.

अगले दिन शाम को मेरी मम्मी ने कहा- साले तू मुझे कपड़े पहनने नहीं देगा तो एक काम कर, मेरे लिए बिकनी लेकर आ. मैं तेरे सामने सिर्फ बिकनी में रहूँगी!

मैं तुरंत बाजार जाकर लाल और काले रंग की बिकनी के दो सैट लेकर आ गया.

जब मैंने देखा कि मेरी रंडी मम्मी ने लाल रंग की पैंटी और लाल रंग की ब्रा को पहन लिया था और वे मेरे सामने खड़ी हो गई थीं.

मुझसे रहा नहीं गया.मैंने मम्मी को उसी जगह फर्श पर पटक प्रिया और उनके दूध चाटने लगा.

फिर एक घंटे चुदाई के बाद मम्मी नहाकर काले रंग की बिकनी पहन कर मेरे सामने आ गईं.मैं फिर से मदहोश होने लगा था.

वे अदा से अपनी गांड मटका कर बोलीं- देखो जी, मेरे प्यारे पति … कैसी लग रही हूँ मैं बिकनी में?

क्या हॉट लग रही थीं मम्मी … उनके बाहर को निकले हुए चूतड़ और चूत की दोनों फलियां साफ-साफ दिख रही थीं.दूध तो ऐसे लग रहे थे कि ये ब्रा में कसने से फट न जाएं.

मैंने उन्हें दुबारा से पकड़ कर लिटा प्रिया औरचूत चाटनाशुरू कर प्रिया.इस बार वे भी चुदास से भरी हुई थीं, तो मैं आधा घंटा तक मम्मी की चुत को चाटता रहा.

उनकी चूत चाट चाट कर मैंने लाल कर दी थी.मुझे पता ही नहीं चला कि मम्मी कितनी बार झड़ीं.

मैं उनकी चुत से निकला सारा माल मुँह में लेता रहा और चुत को हर बार चाट कर चमका दी.चुदाई की, तब भी मैंने उनकी चुत में से अपने माल को खा लिया.

अब मैं मम्मी को रोजाना चोदता हूँ.मेरी सौतेली मम्मी गुड्डी ने अपनी बुर के पास मेरा नाम भी लिखवा लिया है.पर उन्होंने कोड में विपिन की जगह विन लिखवाया है.क्योंकि पापा चुत के पास विपिन लिखा देख कर भड़क सकते थे.

दोस्तो, मेरी स्टेप मम्मी Xxx कहानी अच्छी लगी हो, तो जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

कपिल चन्द्र

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

माइसेल्फ

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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