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Lesbian Sex पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 506 बार

शादी में भाभी ने मेरी चूत चाटी-1(Shaadi mein bhabhi ne meri chut chaati-1)

Saloni

30 May 2009 को प्रकाशित

शादी में भाभी ने मेरी चूत चाटी-1(Shaadi mein bhabhi ne meri chut chaati-1)
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हाय फ्रैंड्स, स्वागत है आपका मेरी लेस्बियन सेक्स स्टोरी में। मैं सलोनी 24 साल की मस्त, सेक्सी, अल्हड़, जवान लड़की हूं। मेरे सेक्सी जिस्म का साइज 32-30-32 है। मैं एक-दम हॉट सी दिखती हूं। मेरे 32″ साइज के एक-दम कड़क टाइट बूब्स किसी भी लंड और चूत को भड़का सकते है। मैं एक-दम गोरी चिकनी हूं। मेरी हाइट 5.5 फीट है जो किसी का भी मन बहका सकती है। मैं अकसर जींस और टी-शर्ट पहनती हूं।

अभी कुछ दिन पहले ही मैं हमारी रिश्तेदारी की शादी में गई हुई थी। वहां दूर के रिश्ते में लगने वाली मेरी भाभी वंदना भी आई थी। शादी एक होटल में थी।

वंदना भाभी से मेरी बहुत सारी बातें होती है। हम दोनों एक-दूसरे से सारी बातें शेयर करती है। वंदना भाभी लगभग 32 साल की है, और उनका फिगर एक-दम सेक्सी है। भाभी के 34″ साइज के मस्त टाइट बूब्स, 32″ की गोरी चिकनी कमर, और 34″ साइज की मस्त बिंदास कड़क गांड बहुत ही गजब है।

भाभी के मस्त फिगर और 5.7 फीट की हाइट को देख कर कई लंड पानी भरने लगते है। उस दिन भाभी ने पिंक कलर की ट्रांसपेरेंट साड़ी पहनी हुई थी, जिस पर गोल्डन कलर का ब्लाउज भाभी के जिस्म को चमचमा रहा था। भाभी ने कानों में लॉन्ग झुमके, रेड कलर के कंगन, और होठों पर पिंक लिपस्टिक के साथ मेकअप उन्हें और सेक्सी बना रहा था।

उस दिन मैंने ब्ल्यू कलर का लॉन्ग गाउन पहना हुआ था, और होठों पर पिंक लिपस्टिक, कानों में झुमके, और हल्के से मेकअप के साथ मेरा भरा-भरा सा बदन बहुत सेक्सी लग रहा था।

अब मैं भाभी से मिली और भाभी के तड़कते-भड़कते हुए जिस्म को देख कर हिल गई। मैं भाभी से बातें कर रही थी, लेकिन मेरा ध्यान भाभी के जिस्म पर टिका हुआ था। मेरा मन करने लगा कि मैं भाभी को पटक कर उन्हे रगड़ दूं। भाभी भी मेरे जिस्म को ताड़ रही थी। फिर हम थोड़े अकेले में आ गए और फिर हमारी पर्सनल बातें होने लगी।

“क्या बात है सलोनी, आज-कल तेरे बड़े ही होते जा रहे है?”

“हां भाभी। अब मैं क्या करू? ये तो अपने आप होते जा रहे हैं।”

“ऐसे तो बड़े नहीं होते हैं यार। कोई तो चूस ही रहा होगा इनको?”

“पहले चूस रहा था लेकिन अब तो कोई नहीं चूस रहा है भाभी। आप भी तो एक-दम कहर ढा रही हो भाभी?”

“हां सलोनी, आग तो लगानी ही पड़ती है ना।”

“हां भाभी, सही कह रही हो।”

“तुम बताओ किसका ले रही हो आज-कल?”

“किसी का नहीं ले रही हूं भाभी आज-कल तो। और आप?”

“मैं तो दो-दो का ले रही हूं यार।”

“अच्छा!” “हां सलोनी।”

फिर हम एक-दूसरे के जिस्म की तारीफ करने लगे। अब मैं भाभी की तरफ अट्रैक्ट होती जा रही थी, और भाभी भी मेरे करीब आती जा रही थी। धीरे-धीरे बाते करते हुई हम दोनों गर्म होने लगी।

तभी भाभी ने कहा, “चलो होटल के रूम देख कर आते है।”

“हां भाभी, चलो।”

तभी हम एक रूम में आ गए।

“हां सलोनी यहीं रूम सही रहेगा। हम यही सोएंगे।”

“हां भाभी।”

भाभी की बातों से ऐसा लग रहा था जैसे भाभी कहने की कोशिश कर रही हो, कि चोदने के लिए यहीं रूम सही रहेगा। तभी भाभी ने तरीके से गेट बंद किया और वापस आने लगी। भाभी की आंखों में प्यार की भूख नज़र आ रही थी। मैं भी उनके प्यार के लिए तड़प रही थी। अब भाभी ने मेरी कमर पर हाथ रखा और मेरे गुलाबी पंखुड़ियों जैसे होठों पर टूट पड़ी।

अब भाभी मेरे रसीले होंठो पर ताबड़तोड़ किस करने लगी। तभी मैंने भी भाभी के लाल सुर्ख होठों पर हमला कर दिया। अब दोनों तरफ बराबर आग लग चुकी थी। रूम में अब आउच पुच्छ आउच की आवाजें गूंजने लगी थी। भाभी के परफ्यूम की महक मुझे पागल कर रही थी। इधर शादी में पटाखे फूटने की आवाजें आने लगी थी।

तभी भाभी मेरे बूब्स को दबा रही थी, और मैं उनके बूब्स को मसल रही थी। अब मेरे हाथ भाभी की मदमस्त गांड पर जा पहुंचे। अब मैं भाभी के होंठों को चूसते हुए उनकी गांड को सहला रही थी। भाभी भी मेरी गांड को सहलाने लगी। मैं थोड़ी देर में ही गर्म हो गई। तभी भाभी मुझे दीवार से सटा दिया, और मेरे गाउन को उठा कर मेरी चूत में उंगलियां घुसा दी।

तभी मैं सिहारने लगी। लेकिन मैं कुछ नहीं कह पा रही थी। भाभी ने उनके होठों से मेरे होठों को लॉक कर रखा था। भाभी मेरी चूत को सहला रही थी। मैं बहुत गर्म हो रही थी। मैं खुद को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। तभी भाभी का फोन बजने लगा, लेकिन भाभी मेरी चूत मे उंगलियां पेले जा रही थी। तभी मेरी चूत पानी-पानी हो गई। अब भाभी ने कॉल अटेंड किया, और बात करने लगी। तब मेरी चूत झड़ कर पानी-पानी हो गई थी।

“चल तेरे भैया बुला रहे है यार।”

अब हम दोनों अधूरी प्यास बुझा कर वापस आ गई, लेकिन अब ये क्लियर हो चुका था कि आज रात अब धमाल होने वाला था। फिर भाभी और मैंने खाना खाया और फिर रिश्तेदारों से बातें करने लगी। हमारा ध्यान टारगेट पर था। सभी शादी में एंजॉय कर रहे थे। फिर 11 बजने के बाद भाभी ने भैया से तबियत खराब होने का बहाना बनाया, और हम दोनों रूम में आ गए।

अब भाभी ने झट से गेट बंद किया, और मुझे बेड पर पटक कर मेरे ऊपर चढ़ गई। अब हम दोनों एक-दूसरे के होंठों को बुरी तरह से चूसने लगी। अब रूम आउच पुच्छ आउच की आवाजों से गनगनाने लगा। तभी भाभी ने मेरा इतना महंगा गाउन ऊपर उठाया और झट से खोल फेंका। तभी मैं सिहार उठी। अब भाभी ने मेरी ब्रा को खोला और मेरे बूब्स दबाने लग गई।

“आईईईई क्या मस्त टाइट बूब्स है सलोनी तेरे। उन्ह्ह्ह्ह आहा मजा आ गया।”

“ओह्ह्ह भाभी। उन्ह्ह्ह्ह धीरे-धीरे दबाओ।”

“ओह्ह्ह साली चुप रह। आज तो मैं तेरे बूब्स को निचोड़ डालूंगी।”

भाभी मेरे बूब्स को मुट्ठी में भर कर कस रही थी। मैं दर्द से तड़प रही थी लेकिन भाभी से बूब्स दबवाने में मजा भी बहुत आ रहा था।

“ओह्ह्ह्ह भाभी उन्ह्ह्ह स्सिस्सस्स्स।”

अब भाभी ने मेरे रस भरे बोबों को मुंह में भर लिया और जम कर मेरे बोबों पर टूट पड़ी।

“उंहह ओह्ह्ह बहुत रसीले बोबे है जान तेरे आह्हा उन्ह मज़ा आ गया। आह्हा उंहह ओह्ह्ह सिस। खा जाऊंगी आज तो तेरे बोबों को आह्हा।”

“भाभी बहुत उतावली होकर मेरे बूब्स को चूस रही थी। तभी मैं भी जोश में आ गई।

“खा ले साली मेरे बोबों को। आह्हा उंहह खूब चूसो आह्हा ओह्ह्ह आह्हा उंहह ओह्ह बहुत मज़ा आ रहा है, आह्हा।”

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“जम कर चूस साली मेरे बोबों को अहहा ओह्ह्ह बहुत मज़ा आ रहा है आह्हा उंहह।”

भाभी मेरे खजाने को लूटा रही थी। अब शादी में डीजे की धूम गूंज रही थी, और भाभी मेरे बोबों को झटके दे देकर चूस रही थी।

“उन्ह्ह्ह बहुत रसीले है साली।”

“ओह्ह्ह भाभी उंह ओह्ह्ह आह्हा। अच्छी तरह से निचोड़ दे मेरे बोबों को आह्हा उंहह।”.

“हां मेरी रानी।”

तभी भाभी ने मेरे बूब्स को चूस कर बुरी तरह से निचोड़ डाला। अब मैंने भाभी को मेरे नीचे ला दिया।

“अब देख साली कुत्ती तू।”

अब मैंने भाभी की महंगी लग्जरी साड़ी खोल फेंकी और फिर भाभी के पेटीकोट को कमर से ऊपर पलट दिया। फिर मैं भाभी की गोरी चिकनी टांगों को किस करने लगी। तभी भाभी मखमली बेड की शीट को हाथों में कसने लगी।

“अहह उन्ह्ह्ह्ह सिस्सस्स आहा उन्ह्ह्ह्ह।”

मैं भाभी की चिकनी टांगों को जम कर किस कर रही थी। फिर मैं भाभी की जांघों को चूमने लगी। अब मुझे भाभी की गीली पेंटी से गजब की महक फुट रही थी। भाभी बुरी तरह से मचल रही थी।

“उन्ह्ह्ह्ह आहा सिस्सस उन्ह्ह्ह्ह।”

अब मैंने भाभी की लाल प्रिंटेड पेंटी खोल फैंकी। भाभी की क्लीन शेव्ड गुलाबी चूत को देख कर मैं बुरी तरह से मचल गई।

अब मैं भाभी की चूत पर टूट पड़ी, और उनकी चूत के नरम होठों को मेरे होठों में दबा कर चूसने लगी। तभी भाभी सिहर उठी।

“आईईईई मम्मी सिस्सस्स उन्ह्ह्ह्ह।”

अब मैं भाभी की चिकनी चूत को सबड़-सबड़ कर चाट रही थी। मैं भाभी की चूत की खुशबु से पागल सी हो रही थी।

“ओह्ह्ह सलोनी आराम से चाट। बहुत मजा आ रहा है। आह्ह उन्ह्ह्ह्ह स्सिस्स्स।”

भाभी बुरी तरह से कसमसा रही थी। मैं भाभी की चूत का जम कर मज़ा ले रही थी। लंबे समय से मेरी भाभी की चूत चाटने की इच्छा थी, जो आज पूरी हो रही थी।

“उंह सिसस आह्हा आहह ओह्ह्ह मम्मी, आहह सिसस।”

मैं भाभी की जांघे पकड़ कर उनकी चूत के रस को पी रही थी। भाभी बिन पानी की मछली की तड़प रही थी। अब मैं भाभी की चूत के दाने को खुजाने लगी तभी भाभी बहुत ज्यादा तड़प उठी।

“ओह्ह्ह मम्मी मर गईई आह्हा सिसस उन्ह आह्हा सिसस।”

भाभी अब मेरे बालों को नोचने लगी। मैं भाभी की चूत मे जीभ से तगड़ा हमला कर रही थी। अब भाभी मेरे मुंह को उनकी चूत पर से हटाने की कोशिश करने लगी। लेकिन मैं उनकी की चूत पर कब्जा कर चुकी थी।

“आहह आह सिसस आईई ओह्ह्ह सलोनी। रुक जा अब थोड़ी देर। मेरा पानी निकल जाएगा।”

भाभी अब झड़ने की कगार पर पहुंच चुकी थी। वो अब बुरी तरह से झल्ला रही थी। तभी भाभी ने मेरे सिर को पकड़ कर जोर से उनकी चूत पर दबा दिया और फिर क्या था। भाभी की चूत से फव्वारा फूट पड़ा। भाभी बहुत बुरी तरह से पानी-पानी हो चुकी थी।

“ओह्ह्ह सलोनी मर गई मैं तो।”

अब मैं भाभी के गरमा गरम माल को चाटने लगी।

“सिसस्ससस्स सलोनी पी ले मेरा पानी। बहुत इच्छा थी ना तेरी ओह सिसस्ससस्स।”

मैं भाभी की चूत को चाट-चाट कर पूरा मज़ा ले रही थी। तो बुरी तरह से नसते-नाबूत हो चुकी थी। अब मैंने भाभी के पेटीकोट को भी खोल फेंका। तभी भाभी ने झटका देकर मुझे उनके नीचे ले लिया। अब भाभी मेरे मुंह पर बैठ गई और चुत को रगड़ने लगी। अब मैं भाभी की चूत के गुलाब जैसे होठों की खोल कर चूसने लगी।

“ओह सिससस्स आह्ह ओह सिससस्स ओह साली कमीनी आह्ह। और अच्छे से चाट मेरी चूत आह्हा उंहह ओह्ह्ह्ह सिसस आह्हा उंहह।”

भाभी उनकी गरमा-गरम गीली चूत को मेरे मुंह पर कस कर रगड़े जा रही थी। भाभी की गीली चूत चाटने में मुझे अलग ही मज़ा आ रहा था।

“ओह साली आह्ह बहुत मज़ा आ रहा है। आह्ह। ओह्ह्ह खा जा मेरी चूत उंहह ओह्ह्ह सिसस बहुत प्यासी है मेरी चूत आह्हा उन्ह्ह्ह।”

मैं भाभी को चूत को खोल कर अच्छी तरह से चाट रही थी। भाभी चूत चटवाने मे पागल सी हो रही थी। उधर शादी के धड़ा-धड़ पटाखे फूट रहे थे।

“आहा मेरी रानी। उन्ह्ह्ह्ह सिस्सस।”

फिर भाभी ने बहुत देर तक मेरे मुंह पर चूत रगड़ी।

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अगला भाग पढ़े:-शादी में भाभी ने मेरी चूत चाटी-2

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Aahahah ahha oo maa yess aahh ahah dheere dheere dard ho rha hai. Dheere se meri gand fat jayegi aahh aha dheere. Par tabhi pairo ki chalne ki awaj aati hai.

7 मिनट 515

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