सेक्सी माँ की चूत की कहानी में पढ़ें कि मेरे पति मेरी चूत की तसल्ली नहीं कर पाते थे तो मुझे एक मस्त लंड की तलाश थी. मेरी नजर अपने बेटे पर गई क्योंकि यह सबसे सुरक्षित था.
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दोस्तो, मेरा नाम पूजा है और मैं रायपुर छत्तीसगढ़ से हूँ.
ये सेक्सी माँ की चूत की कहानी मेरे और मेरे बेटे के बीच में हुई चुदाई की कहानी है.
मेरी शादी बहुत कम उम्र में हो गई थी.मेरे पति जिनका नाम विक्रम है. वे उम्र में मुझसे दस साल बड़े हैं.
मेरे बेटे का नाम राज है. अभी मेरी उम्र 35 साल है, पति की उम्र 45 साल है और बेटे की 19 साल है.
मेरे बूब्स 36 इंच के हैं. कमर 32 की और यहां पर हर मर्द की सबसे पसंदीदा चीज मेरी गांड 40 इंच की है.मेरे पति का लंड 4 इंच का ही है.
मेरे पति से तो वैसे भी कुछ होता नहीं है, वे बूढ़े हो गए हैं.अब मुझ पर चढ़ने के कुछ मिनट में ही उनका काम तमाम हो जाता है.
तो क्यों ना मैं बेटे को ही सैट कर लूँ और उसके लंड से ही अपनी चूत की प्यास बुझा लूँ.
उस दिन से मैंने सोचना शुरू कर प्रिया कि अपने बेटे को चुदाई के लिए कैसे तैयार करूं.
मैंने इस योजना को कार्य रूप देने के लिए काफी सोचा और अंत में मां बेटे की चुदाई की स्टोरी पढ़ना और उनमें दिए गए आइडिया पढ़ कर तय करने लगी कि कौन सा आइडिया सही रहेगा.
कुछ दिनों बाद मुझे एक आइडिया मिल गया और मैंने उसे ही चुन लिया.
अगले दिन जब पति ऑफिस चले गए तब मैंने अपनी ब्रा और पैंटी निकाल दी और नाइटी पहन ली.
उस दिन मैंने जानबूझ कर अपनी नाइटी को अपनी गांड की दरार में डाल ली जिससे मेरे बेटे को मेरी गांड की दरार अच्छे से दिख जाए; वह अपनी मां की जवानी को सही से देख सके.
मेरा बेटा हॉल में बैठा था.मैं उसे चाय देने गई और कुछ ऐसे झुकी कि उसको मेरे बूब्स अच्छे से दिख जाएं.
जैसे ही उसकी नजर नाइटी के अन्दर गई तो वह कुछ देर तक मेरे मम्मों को देखता रहा.मैं भी ढीठ बनी हुई उसे अपने दूध दिखाती रही.
फिर जब मैंने उससे पूछा कि क्या देख रहा है?इस पर वह थोड़ा घबरा गया और चाय लेकर पीने लगा.
जैसे ही मैं मुड़ कर जाने लगी, उसको पीछे से मेरी गांड में नाइटी घुसी हुई दिख गई.मैं कुछ देर अपनी गांड मटकाती हुई उधर कुछ काम करने लगी और फिर अन्दर चली गई.
तब मैं छिप कर अपने बेटे को देखने लगी कि वह अब क्या करता है.
मैंने देखा कि वह पैंट के ऊपर से ही अपने लंड को दबा रहा था.मुझे लगा कि ये ऐसे कभी तैयार नहीं होगा, वह मेरे साथ ये सब करने से डर रहा है.
फिर मैं कुछ सोच कर बाजार गई और मेडिकल स्टोर सेसेक्स की गोली का एक पैक लेकर आ गई.
उस दिन मेरी किस्मत भी मेरे साथ थी.मेरे पति को किसी काम से ऑफिस में ही रुकना पड़ गया.
मैंने बेटे से बोला- आज तेरे पापा नहीं हैं, तो तू आज मेरे साथ सो जा!उसने मेरी तरफ देखते हुए कहा- ठीक है.
रात को सोने से पहले मैंने उसको दूध में सेक्स की गोली मिला कर पिला प्रिया.उसके बाद हम दोनों सोने चले गए.
मैंने अपने रूम में एक छोटा बल्ब जला प्रिया और हम दोनों सोने लगे.मेरा बेटा आंख बंद करके लेट गया.
मैंने धीरे से अपनी नाइटी ऊपर कर ली और टांगें नंगी करके लेट गई.
इस पोजीशन में मेरी गांड के ऊपर चढ़ी हुई लाल रंग की चड्डी साफ दिखने लगी थी.
मैंने अपनी आंख को हल्के से खोल कर देखा तो मेरा बेटा सोने की कोशिश कर रहा था.पर उसे नींद नहीं आ रही थी.
शायद उस पर टेबलेट का असर होने लगा था इसलिए उसे कुछ बेचैनी सी हो रही थी.
मैंने कनखियों से देखा कि मेरे बेटे का लंड पूरा खड़ा हो गया था और वह बार बार उसे दबा रहा था.
कुछ देर बाद मैंने देखा कि वह उठ गया और मेरी तरफ देखने लगा.मेरी गांड पर चढ़ी लाल रंग की चड्डी उसकी आंखों में वासना के डोरे तैराने लगी थी.
कुछ पल बाद वह बाथरूम में चला गया.
उसके जाते ही मैं समझ गई कि ये लंड हिलाने गया है.मैं भी उसके पीछे पीछे चली गई.
मैंने देखा कि उसने बाथरूम का दरवाजा बंद नहीं किया था.तब मैंने दरवाजे को थोड़ा सा खोल कर देखा तो वह अपना लंड निकाल कर हिला रहा था.
उसका लंड मेरे पति से काफी बड़ा लंड था; शायद दोगुना रहा होगा.मैं इसी तरह के लंड से चुदने के सपने देखती थी.
अपने बेटे का मूसल लंड देख कर मुझे ऐसा लगने लगा कि यही वो लंड है, जो मेरी चूत को फाड़ सकता है.मैं उसके लौड़े से चुदने के ख्वाब देखने लगी और मुझे होश ही न रहा कि मैं बाथरूम के बाहर खड़ी हूँ और मेरा बेटा कभी भी बाहर आ सकता है.
इस बात का जैसे ही मुझे होश आया, मैं झट से खुद को ठीक करके वापस अन्दर झाँकने लगी.वह बाथरूम में मुठ मार रहा था.
मैंने सोचा कि ये साला सिवाए मुठ मारने के और कुछ नहीं करेगा, मुझे ही कुछ करना होगा.
मैं कुछ सोच कर जल्दी से बाथरूम में घुस गई.मुझे अन्दर आया देख कर वह एकदम से डर गया और उसने लंड को पजामे के अन्दर डाल लिया.
लेकिन टेबलेट की वजह से उसका पानी जल्दी नहीं निकलने वाला था.उसका लंड पजामे में साफ साफ दिख रहा था कि कितना बड़ा है.
मैंने उससे कहा- ये क्या कर रहा था?तो वह डरते डरते बोला- कुछ नहीं मम्मी … मेरे लंड में दर्द हो रहा था. इसलिए मैं कुछ परेशान सा हूँ.
मैंने उससे कहा- अरे तो तूने मुझे क्यों नहीं जगाया, चल रूम में और दिखा मुझे कि कहां पर दर्द हो रहा है?हम दोनों रूम में आ गए.
मैंने उससे पजामा निकालने को कहा.वह मना करने लगा.
मैंने उसका पजामा पकड़ कर नीचे कर प्रिया, फिर उसकी चड्डी भी.
जैसे ही मैंने उसकी चड्डी निकाली, उसका लंड एकदम से मेरी नाक पर आकर लगा.बहुत टाइट लौड़ा था, नाक पर टन्न से टकराया.
वह पीछे को हट गया.मैं उसके पास को हो गई और लंड को पकड़ लिया.
आप सबको क्या बताऊं उस टाइम मेरी कैसी हालत हो गई थी.मैंने जिंदगी में पहली बार इतना बड़ा लंड पकड़ा था.क्या मस्त लंड था मेरे बेटे का!
पहले तो मैंने उसके लंड को धीरे धीरे आगे पीछे किया, फिर अपनी स्पीड बढ़ा दी और तेज तेज हिलाने लगी.
मेरे बेटे को भी मजा आने लगा.उसने अपनी आंखें बंद कर लीं और मजे लेने लगा.
मेरी मम्मी रंडी निकली-3
उसी समय मैंने उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी.
एकदम से वह जागा और लंड निकालने की कोशिश करने लगा.वह अलग होकर बोला- मम्मी ये गलत है.
मैंने बोला- कुछ भी गलत नहीं है. तू जल्दी से इधर आ.वह नहीं माना.
मेरी चूत में वैसे ही तेज आग लग रही थी.मैंने उसे पकड़ा और कहा- मैं जो बोलूं चुपचाप वह कर, नहीं तो तेरे पापा से बोल दूँगी कि तू मुझे रोज बाथरूम में देखता है और मेरी ब्रा पैंटी पर मुठ भी मारता है.
वह बोला- मैंने ऐसा कब किया?तो मैंने बोला- तेरे पापा को थोड़ी पता है कि तुमने किया है या नहीं. वह तो मेरी बात मानेंगे ना. अब बोल, मैं जो बोलूं … वह करेगा ना! फिर वैसे भी तुझे इस वक्त एक मादा की जरूरत है क्योंकि तेरा लंड खड़ा है.
वह कुछ सोच कर बोला- चलो है … मैं सब करूंगा.
बस फिर क्या, मैंने उसको नंगा किया और उसका लंड मुँह में लेकर चूसने लगी.
उसकी झिझक को खत्म करने के लिए मैं उसकी आंखों में देखती हुई उसे अश्लील इशारे करने लगी और उसे उत्तेजित करने के लिए उसके टट्टे चाटती हुई आह आह की कामुक आवाजें निकालने लगी.
वह भी गर्माने लगा और मेरी चूचियों की तरफ देखने लगा.
मैंने खुद ही हाथ बढ़ा कर अपने बेटे के हाथ को अपने मम्मों पर रख लिया और उसके हाथ को दबाती हुई अपने दूध को दबाने लगी.
फिर मैंने उससे कहा- चल अब मेरे कपड़े उतार दे जल्दी से और चुदाई का मजा ले ले.उसने मुझे धीरे धीरे पूरी नंगी कर प्रिया और मुझे देखने लगा.
मैं उसके सामने पूरी नंगी खड़ी हुई इठला रही थी और उसके सामने अपने दूध हिला कर उसे उत्तेजित कर रही थी ताकि वह इस बात को भूल जाए कि वह आज अपनी सगी माँ को चोदने जा रहा है.
उसे मैं अपने भरे हुए दूध और उठी हुई गांड दिखाती हुई बेड पर चित लेट गई और उसे किसी रंडी की तरह इशारा करके करीब बुलाया.
वह मेरे करीब आया और अपना लंड सहलाते हुए मेरी मादक जवानी को देखने लगा.
मैंने कहा- अब क्या देख रहा है … चल शुरू हो जा!वह बोला- मुझे कुछ नहीं आता कि कैसे क्या करते हैं?
मैं- ओके चल मेरे पास आ और मेरे ऊपर लेट जा. मुझे जल्दी से किस कर, मैं सब सिखा दूँगी.
वह मेरे ऊपर चढ़ गया और मुझे किस करने लगा.मैं उसका पूरा साथ दे रही थी.
करीब 5 मिनट बाद मैंने उससे कहा- मेरे बूब्स दबा और बारी बारी से दोनों को चूस. फिर से आज अंपनी मां का दूध पी ले बेटा.
वह मेरे बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा और तभी अचानक न जाने कैसे … मेरे चूचुकों में से दूध निकलने लगा.
मैंने उसके मुँह में मेरे एक निप्पल को दे प्रिया और वह जैसे बचपन में दूध पीता था, वैसे पीने लगा था.मुझे बहुत मजा आने लगा.
मुझ पर इतनी ज्यादा उत्तेजना हावी हो गई थी कि मेरी चूत ने अपना पानी छोड़ प्रिया था.फिर मैंने उससे कहा- अब नीचे को जा, उधर आग लगी है, उधर बुझाने का काम चालू कर!वह बोला- कैसे?
मैंने उसका मुँह अपनी चूत पर लगा प्रिया और कहा- चूत चाट!जैसे ही उसकी जीभ मेरी चूत के दाने को लगी, मुझे जन्नत जैसा महसूस हुआ.
आप सबको मैं कैसे बताऊं कि मुझे कैसा लग रहा था.मैं अपना हाथ उसके बाल में घुमा रही थी … बहुत मजा आ रहा था.वह भी पूरा मदहोश होकर मेरी चूत चाट रहा था.
कुछ ही देर मुझे इतना मज़ा आने लगा कि मैं पागल हो गई और उसके सर को मैंने अपनी चूत पर दबा प्रिया.मैं खुद अपनी कमर को उठा कर उसके मुँह पर चूत को रगड़ने लगी.
कुछ ही देर में मेरा पानी निकल गया.मैंने उसको छोड़ प्रिया और ऐसे ही बेड पर थकी सी लेटी रही.
वह भी मेरे पास आकर लेट गया.
मैंने लंबी सांस लेते हुए उससे कहा- बेटा, तेरे पापा अब बूढ़े हो गए हैं. उनसे ये सब नहीं होता है. तुम मुझे बस एक बात बताओ कि अगर तुम्हारी बीवी तुमको ये मजा नहीं दे पाएगी … तो तुम क्या करोगे?
वह बोला- मुझे गुस्सा आएगा और मैं किसी और के साथ सेक्स करूंगा.मैं बोली- तुम तो मर्द हो … गैर के साथ कुछ भी कर सकते हो. मगर मेरा क्या … मुझे भी तो मजा चाहिए. मेरा भी मन करता है. मैं बाहर कहीं नहीं कर सकती हूं, इसलिए मैंने तेरे साथ ये सब किया है.
वह बोला- मम्मी, पापा को ये सब पता चला तो क्या होगा?मैं- ऐसे कैसे पता चलेगा! हम दोनों किसी को नहीं बताएंगे.वह- ओके मम्मी, ठीक है. अब मैं ये सब आपके लिए जरूर करूंगा.मैं- थैंक्यू बेटा!
वह- आई लव यू मम्मी.मैं- आई लव यू बेटा.
हम दोनों किस करने लगे.कुछ ही देर में हम दोनों फिर से गर्म हो गए.
मैं उसका लंड चूसने लगी और पूरा खड़ा कर प्रिया.फिर मैंने बेटे से कहा कि अब जल्दी से डाल दे.
वह मेरे ऊपर चढ़ गया और चूत में लंड लगा कर एक ही बार में ही पूरा अन्दर डाल प्रिया.
सेक्सी माँ की चूत फट गई. उसके लंबे मोटे लौड़े से मेरी बहुत तेज चीख निकल गई.उसने अचकचा कर पूछा- क्या हुआ मम्मी?
मैंने कराहते हुए कहा- आह मार प्रिया … तुमने इतनी जोर से क्यों डाला. मैंने बोला था न कि तेरा बहुत बड़ा है और तेरे पापा का छोटा सा है. मेरी चूत अभी तेरे पापा के लंड के हिसाब से छोटी सी ही है.वह बोला- सॉरी मम्मी, अब मैं धीरे धीरे करूंगा.
मैं बोली- अभी रुक थोड़ी देर, फिर करना.
क्या बताऊं दोस्तो, मुझे ऐसा लगा कि मेरी आजसील टूटीहै. मुझे बहुत दर्द हुआ था.
कुछ पल बाद मैंने उससे कहा- अब मार धक्के … पहले धीरे धीरे शुरू करना … फिर स्पीड बढ़ाना.उसने वैसा ही किया.वह धीरे धीरे धक्के मारने लगा.
कुछ देर तक मुझे थोड़ा दर्द हुआ मगर फिर बहुत मजा आने लगा.
मैं अपनी कमर उठा उठा कर अन्दर तक लंड ले रही थी.बहुत मजा आ रहा था; समझो मैं जन्नत में थी.
ऐसे ही उसने मुझे 20 मिनट तक चोदा.मैं इस बीच दो बार झड़ गई थी.
अब उसका पानी निकलने वाला था, मैंने उसको बोला- अन्दर ही निकाल देना.वह बोला कि कुछ होगा तो नहीं?
मैं बोली- कुछ नहीं होगा, तू अन्दर ही निकाल दे बस!
कुछ टाइम बाद मेरी चूत में मुझे उसका गर्म पानी महसूस हुआ.मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.
हम दोनों ऐसे ही नंगे एक साथ चिपक कर सो गए.
एक घंटा बाद मेरे बेटे ने फिर से मेरी सवारी की और इस तरह से उस रात हम दोनों मां बेटे ने दो बार चुदाई की.
आप सबको यह सेक्सी माँ की चूत की कहानी कैसी लगी, कमेंट में मुझे बताइएगा जरूरsupport@mohakkisse.com