सेक्स सेक्स सेक्स हिंदी कहानी में एक लड़की ने अपनी कामुक सहेली से बदला लेने के लिए उसे मेरे बड़े लंड के हवाले कर प्रिया. मैंने 2 दिन रात में उसकी दसियों बार आगे पीछे से चोदा.
नमस्कार दोस्तो!
मेरी पिछली कहानीमालकिन की जवान बेटी ने ड्राइवर से चूत चुदवाईमें आपने पढ़ा था कि मैं एक अमीर घर में ड्राईवर था और मालिक की जवान बेटी पूजा मैम की चूत चोद–चोद कर सूजा प्रिया था और अपने कमरे में जाकर सो गया था.
अब आगे सेक्स सेक्स सेक्स हिंदी कहानी:
उस दिन रात की चुदाई के बाद सोमवार से शनिवार तक मुझे चुदाई का कोई मौका नहीं मिला।पूजा मैम ने इस हफ्ते मुझे सिर्फ चूमा चाटी और सेक्सी बातों से तड़पा के रखा था।
मेरी हालत इस दौरान ऐसी थी कि जैसे कोई मछली पानी के बगैर तड़पती हो।
मैंने कई बार मैम को सेक्स के लिए कहा।परंतु वे हर बार यही कहती– पहले मेरा बदला लो! मुझे सुमन को चीखती, चिल्लाती हुई देखना है। तब तुम मेरे साथ जो मर्जी हो, वह करना।
आगे उन्होंने कहा– एक खास बात! तुम्हारे लिए ही मैंने सोमवार को छुट्टी ली है। अगर सुमन की चीख नहीं निकली तो तुम मुझे भूल जाना।मैं– अगर उसने मुझसे बड़ा लंड ले रखा होगा तो कहां से चीख निकलेगी। अब मैं इसमें क्या कर सकता हूँ?
मैम– जब मैं दर्द से कराह उठी! तो उसको तो मैंने ही चस्का लगाया है, वह मुझसे बड़ी चुदक्कड़ नहीं है।मैं– अपनी तरफ से मैं पूरी कोशिश करूंगा!मैम– हाँ!
मैंने मैम को बैंक से वापस लाते हुए पूछा– क्या आपने सुमन से बात की है?मैम– हाँ, वह तैयार है! कल हाफ डे के बाद सीधा फार्म हाउस चलना है!
मैं– अगर घर पर किसी को कहीं जाना हुआ तो?मैम– मैंने घर में बता प्रिया है मुझे बाहर जाना है कल! बाकी परेशान मत हो!
मैं खुश होते हुए कहा– जी मैम!
वो दिन जिसका मुझे बेसब्री से इंतज़ार था वो दिन शनिवार को आ ही गया.
मेरी जो रोज की जो दिनचर्या थी, उसी प्रकार तैयार हुआ।
मैम भी रोज की तरह आज भी नॉर्मल सी सादे कपड़ों में बाहर आई, वही ऑफिस वाला थैला और टिफिन गाड़ी में ले के बैठ गई।
हम बैंक की तरफ निकल पड़े।बैंक मालवीय नगर में था, हम 30 मिनट बाद उनके ऑफिस पहुँच गए।
मैम– ठीक है, तुम अब वापस जाओ, 2 बजे आना!मैं– ओके!
मैं एक बजे उठा और लंच कर के पूजा मैम को पिकअप करने के लिए निकल गया।
2:30 पर पूजा मैम आई– सीधा फॉर्म हाउस चलो! सुमन भी पहुंचने वाली होगी। सारा माल वही लाएगी।
सीधे फॉर्म हाउस पहुँच कर गाड़ी रोकी और फिर अंदर पार्क की।सुमन अभी तक नहीं आई थी।
मैं– मैम आप सिर्फ सॉर्ट डेर्स में ही अच्छी लगती हो!
मैम– मैं बैंक में मैंनेजर हूँ तो मुझे सादे कपड़ों मे ही जाना पड़ता है!
तभी हॉर्न बजा।सुमन आ गई।मैंने दरवाज़ा खोला, उसने कार अंदर पार्क की।
मैम ने तब तक तीन पैग बनाये।सुमन अंदर आई तो मैं उसे देख कर दंग रह गया।क्या लग रही थी वह!
सुमन का साइज बस्ट-34, वेस्ट-30, हिप- 36.
सेक्सी सुमन को इस तरह देख कर मेरा लंड फुंफकारे मारने लगा।
मैम– सब्र रख सन्नी! हम दोनों आज तेरी ही हैं, आज कल परसों!
मुझे सुमन ने अपने गले से लगाया और बोली– जानेमन तू अकेला है, इतना उत्तेजित मत हो! तीन दिन में सब खत्म कर देंगी हम दोनों!
पूजा मैम और सुमन हंसने लगीं, फिर पैग उठाया और तीनों मिल कर पीने लगे।मैम और सुमन इधर उधर की बाते करने लगीं।बातों–बातों में 4 बज गए।
सुमन ने मेरी ओर देखा और बोली– पहले किसके साथ करना है?मैं– दोनों एक साथ आ जाओ!
मैम– हम दोनों तेरे बस की नहीं! एक से निपट, सुमन दिखा इसे अपनी जवानी!सुमन– देख ही तो रहा है साला, जब से आई हूँ कुत्तों की तरह घूर रहा है!
मैं उठा और सुमन को चूमने लगा।वह भी मेरा साथ देने लगी।
अब मुझे सेक्स पॉवर और दारू दोनों का नशा चढ़ चुका था।
मैंने सुमन को गोद में उठा लिया और सुमन मेरे होंठों को लगातार चूसे जा रही थी।सुमन के दोनों चूतड़ मेरी पकड़ में थे।
अब मैंने सुमन को पलंग पर पटक प्रिया और उसके कपड़े उतार फेंके।मैं उसकी चूचियों को पकड़ कर मसलने, चूसने और काटने लगा।
सुमन की आह… निकल पड़ी।10 मिनट में चूचियों को लाल और उसके ऊपर अपने दांतो के निशान छाप प्रिया।चूचियों को मसल–मसल कर टमाटर की तरह सुर्ख लाल कर प्रिया.
अब बारी थी उसकी चूत की!उसकी चूत को सहलाते हुए उसमें मैंने अपने 2 उंगली एक साथ डाल दी।
फिर मैंने उसके चूत को चाटना शुरू किया और साथ ही जांघों को सहलाने लगा।कभी–कभी उसके चूत को चाटते हुए उस पर अपने दांत भी गड़ा देता।सुमन अब लंड लेने के लिए बेताब हो उठी!
जब तक सुमन की जवानी का रस नहीं पी लिया तब तक चाटता रहा।5 मिनट में उसे परम आनंद मिल गया।
अब बारी थी सुमन की लंड चूसने की।सुमन ने मुझे नंगा किया और लंड पकड़ कर बोली– आज मिला है हथियार!उसकी पकड़ में भी नहीं आ रहा था मेरा लंड।
वह मेरा आधा लंड मुंह में ले के चूसने लगी।5 मिनट में मैंने सुमन के मुंह में पानी छोड़ प्रिया।
सुमन मेरे ऊपर चढ़ कर मुझे चूमने लगी।मैं लगातार सुमन की चिकनी गांड सहला रहा था।
अब मेरा लंड खड़ा हो गया।सुमन को बिस्तर पर लिटा कर उसकी टांगे फैला दी।
चूत के पानी की वजह से उसमें चिकनाहट काफी हो गई थी।अब मैंने लंड को उसके चूत पर घिसना शुरू किया।
2 मिनट तक लगातार ऐसा करने पर सुमन ने कहा– डाल दे अब कुत्ते, तड़पा मत!मैं– कुतिया पकड़ कर अपनी चूत पर सेट कर!
सुमन ने लंड पकड़ कर अपने चूत पर सेट किया।मैंने एक जोर से झटका मारा और आधा लंड उसकी चूत में घुसा दी।
सुमन– आई मम्मी … आई मर गई … आह!दो मिनट रुक कर सुमन को चूमने लगा।
जब दर्द कम हुआ तो सुमन ने इशारा किया।
मैंने जब दूसरा झटका मारा तो मानो सुमन मर ही जायेगी।उसकी आंखों से आँसू की धारा निकल गई।दर्द की वजह से सुमन जोर–जोर से ‘अअह्ह, मर गईई …’ कर रही थी।‘आह … ओह माई गॉड’ इस तरह की आवाजों से कमरा गूंज उठा था।
मैं फिर से उसे चूमने लगा।कुछ ही पलों में मुझे नीचे से इशारा मिल गया।
मैंने छोटे–छोटे धक्के मारने शुरू किया।सुमन ने मेरी गांड पर अपना हाथ रख कर मुझे अपनी खींचना शुरु कर दी।
अब मैंने रफ़्तार बढ़ा दी, पूरा लंड अन्दर बाहर हो रहा था।सुमन तेज आवाज में आह.. ओह माई गॉड, ओह माई गॉड लगातार चिल्ला रही थी।वह कह रही थी– तेज आह… और तेज मजा आ रहा है!
मैं लगातार अपनी गति बढ़ा रहा था, रेख भी नीचे मेरा पूरा साथ दे रही थी।10 मिनट बाद पोजीशन बदल ली हमने!
मैं नीचे लेटा था और सुमन को लंड पर बिठा रखा था।सुमन मुझसे चिपक गई और धीरे–धीरे आगे पीछे करने लगी।मैंने उसकी गांड को पीटना शुरू किया तो सुमन तेज–तेज बैठ कर उछलने लगी साथ ही साथ वह आहें भी भर रही थी।
5 मिनट में उछलते–उछलते सुमन की चूत ने अपना पानी छोड़ प्रिया।
अब सुमन को कुतिया बना प्रिया और मैं उसकी कमर को पकड़ कर एक ही झटके में पूरा लंड सुमन की चूत में घुसा प्रिया।सुमन– आई मम्मी आह … मार प्रिया … आह … ओह माई गॉड!
सुमन के चीखने चिल्लाने से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था, मैं लगातार तेज तर्रार झटके मारे जा रहा था।वह आहें भरे जा रही थी- आह आह…!
10 मिनट तक ताबड़ तोड़ चुदाई के बाद मैं उसके चूत में ही झड़ गया और उसके ऊपर लेट गया।कुछ देर बाद मेरा लंड उठा के सुमन ने अपने होंठों पर रख लिया और चूसने लगी।
रात 10 बजे तक सुमन की 3 बार चूत और 2 बार गांड मारी।सुमन की चूत सूज चुकी थी और गांड भी फट गई थी।
रखा को लग रहा था कि अब उसकी चुदाई नहीं होगी।लेकिन आज की पूरी रात सुबह 4 बजे तक उसको पेला, सुमन को चलने लायक तक नहीं छोड़ा।
मैं जब चार बजे जब झड़ा था तो सुमन की चूत में ही लंड डाल कर सो गया।जब आँखें खुली तो दोपहर के 2 बज रहे थे और सुमन मुझसे चिपक कर सो रही थी।मैं फिर सो गया, एक घंटे बाद सुमन ने मुझे जगाया।
पूजा मैम ने ऑनलाइन खाना मंगा लिया था।खाने के बाद हम गार्डेन में बैठ कर 8 बजे तक बातें करते रहे।
सुमन– आज तो मार ही प्रिया सन्नी तुमने!मैम– अब मेरी बारी है चुदने की!
मैं– नहीं, अभी मेरा सुमन से मन नहीं भरा है!यह कहते हुए सुमन को गोद में उठा लिया और पलंग पर जाकर पटक प्रिया।
सुमन– अब तो छोड़ दे कुत्ते, मुझे!मैं– नहीं मेरी जान, अभी तुमको मैं और मजा देना चाहता हूँ!
सुमन– दर्द की वजह से चूत मे सुजन आ गई है! दर्द हो रहा है मुझे!
मैंने उसकी एक ना सुनी और सुमन की टांग खोल कर चूत चाटना शुरू कर प्रिया।
10 मिनट में सुमन गर्म हो गई!मैंने देर ना करते हुए उसके चूत पर लंड सेट किया और एक ही झटके में पूरा लंड उसके चूत के अन्दर घुसेड़ प्रिया।
सुमन एक बार फिर से तेज आवाज में चिल्ला पड़ी– मार प्रिया … आई मम्मी, आह–आह … ओह माई गॉड!उसे अब दर्द हो रहा था लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा, मैं ताबड़ तोड़ चुदाई करता रहा।
10 मिनट बाद सुमन को दीवार के सहारे खड़ा किया, उसकी कमर पकड़ी और चुदाई शुरू कर दी।हर झटके में सुमन के मुख ‘आह … ओह माई गॉड’ निकल रहा था।
रात 11 बजे तक सुमन की चुदाई की, इस दौरान मैंने 4 बार उसकी चूत मारी और गांड 1 बार!3 बजे तक मैं नशे में आराम कर–कर के सुमन को चोदता रहा।
सुमन– अब मुझ पर रहम कर दो!फिर हम सो गए।
सुबह 11 बजे मुझे पूजा मैम ने जगा प्रिया।मैम ने मेरा लंड चूस और सहला कर खड़ा की और सुमन की ओर इशारा की।
तब सुमन ने कहा– मुझे अब ज्यादा चुदाई की वजह से तकलीफ हो रही है!फिर मैंने भी मना कर प्रिया।
सुमन का अब चलना तो दूर टांग भी नहीं हिला पा रही थी।मैम ने नाश्ता ऑडर किया।नाश्ता कर के हम सो गए।
सेक्स सेक्स सेक्स के कारण मेरा लंड बहुत दर्द कर रहा था!मैंने दोनों को बताया तो पूजा मैम ने मेरे लंड पर कोई क्रीम लगा दी।
लंच करके मैं और सुमन चिपक कर सो गए।फिर हमने ना तो दिन में और ना ही रात में कोई सेक्स किया।
मंगलवार को मैम खुद कार चला के ऑफिस चली गई।सुमन ठीक से चल भी नहीं पा रही थी और उसके शरीर पर मेरे दांती काटने की वजह से जगह जगह नीला पड़ गया था।
सुमन 2 दिन तक फार्म हाउस में ही रुकी।पूजा मैम भी यहीं से अप–डाउन कर रही थी।
गुरूवार को सुमन नॉर्मल हुई तो वह अपने घर जाने लगी।उसने मुझे गले लगाया, चूमा और बोली– मजा भी आया लेकिन इस तरह किसी और के साथ मत करना! मेरी जान पे बन आई थी, मालूम है तुमको!मैं– तभी तो मैंने और सेक्स नहीं किया!
सुमन तैयार होकर– फिर मिलेंगे!मेरा नंबर लिया और चली गई.
शाम को पूजा मैम आई, पूछा– सुमन चली गई क्या?मैम– जी हाँ!
मैंने पूछा– मैम कैसा बदला लिया मैंने आपका?मैम– सुकून का नाम सुना है! मुझे उसको तड़पती, चीखती और रोती हुई देख कर बहुत खुश हुई।
इस बीच मैम ने अपने कपड़े उतार दिए।फिर मैम ने मेरे कपड़े उतारने शुरू किया और लंड को सहलाते हुए चूसने लगी।2 से 3 मिनट चूसने के बाद, मैंने मैम को डॉगी स्टाईल में आने को बोला!
मैम बिना देर किए हुए कुतिया बन गई।फिर मैं मैम की चिकनी गांड पर चांटे जड़ने लगा।
तब मैंने उनकी चिकनी कमर पकड़ कर लंड उनके चूत पर सेट किया और एक ही झटके में पूरा लंड अन्दर डाल प्रिया।
मैम की ‘आह आह …’ वाली कामुक आवाजें निकलने लगी थी।इधर मैंने रफ़्तार बढ़ा दी।
मैम भी मस्ती में आगे पीछे करने लगी।पूरे कमरे में सिर्फ चूत की आवाज़ फ़च–फ़च कर रही थी और पूरा लंड अन्दर बाहर हो रहा था।
मैम– आह आह … और तेज … आह!15 मिनट बाद मेरा रस मैम की चूत में समा गया।
मैम उठी और पैग बनाया उसमें एक गोली मिलाई और मुझे गिलास थमा प्रिया।
पर मैम नहीं पीना चाहती थी क्योंकि चुदाई करने के बाद हमें घर भी जाना था।मैम को उस रात मैंने बस 2 बार पेला.फिर हम दोनों घर के लिए निकल गए।
मैंने सीधा बेसमेंट में कार पार्क की, बाहर निकल कर उनसे गले मिला, उनको चूमा।फिर मैम ऊपर चली गई।मैं अपने रूम में चला आया.
नशे की वजह से मुझे नींद जल्दी आ गई।
सुबह 8 बजे उठा तो देखा मैम आज ऑफिस नहीं जाने वाली थी।मैंने उनसे मिल कर अपने कपड़े धोने चला गया।
खाना खा ही रहा था कि मैम ने फोन किया– सन्नी, आ जाओ! मॉम घर में नहीं है।मेरी तो लॉटरी लगी थी, मैं तुरंत ही ऊपर आ गया!
केवल ब्रा पेंटी में मैम आज बेहद खूबसूरत अप्सरा लग रही थी।
समय बर्बाद ना करते हुए मैंने मैम की ब्रा उतार फेंकी और निप्पल चूसने लगा।
चूमते–चूसते मैंने मैम को पलंग पर पटक प्रिया और चड्डी उतार कर उनकी चुदाई शुरू कर दी।
15 मिनट चुदाई के बाद मैंने मैम के मुंह में लंड डाल कर अपना वीर्य खाली कर प्रिया।
फिर मैम घुटनों के बल बैठ कर लंड चूसने लगी।
दूसरी बार चुदाई लंबी चली और 30 मिनट कब बीत गए पता ही नहीं चला।
मैं अपनी चरम रीमा पर पहुंच गया था, धक्कों की गति बढ़ चुकी थी।मैम लगातार ‘आह आह …’ करे जा रही थीचूत की फच–फच की आवाज गूंज रही थी।
आखिर में मेरे लंड ने उनकी चूत को मेरे वीर्य से लबा लब भर प्रिया।
इसके बाद हम दोनों हर सप्ताह सेक्स करते।
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