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सड़क पर नये यार का लंड चूसने का मजा

नेहा पाण्डेय

29 Mar 2021 को प्रकाशित

सड़क पर नये यार का लंड चूसने का मजा
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यारो, मेरी पिछली कहानीगांड मरवा कर प्रेमी को तृप्त कियामें आपने पढ़ा कि मेरे बॉयफ्रेंड अनु ने कैसे मेरी गांड का स्वाद लिया और मेरे मन में ग्रुप सेक्स का सपना डाल प्रिया।अगले 7 दिन तक सब नॉर्मल रहा, ऑफिस का काम और वैसे ही घर का काम। बीच में एक बार बॉस के साथ उनके केबिन में सेक्स किया पर बिल्कुल नॉर्मल सेक्स। जैसे बॉस ने टेबल पर लिटा कर मेरी चूत में लंड डाल प्रिया और फिर अपना लंड मेरे मुँह में डाल कर मुझे अपने लंड का पानी पिलाया।

फिर शनिवार का दिन था तो अनु ने मुझे एक रेस्तरां में चलने को बोला। मैं शाम को 8 बजे तैयार हो गयी; एक कट स्लीव की टॉप और नीचे लूज मिनी स्कर्ट पहन लिया और अन्दर अनु का गोआ से लाया हुआ बिकनी सेट पहन लिया जिसके ब्रा की डोरी मेरे गले के पीछे से होकर नीचे आती है तो उसमें दिख जाता है कि मेरे चुचियों की क्या शेप है। मैं चाहती थी कि बाहर सब मेरी चुचियों को देख कर अपना लंड मसल कर रह जाये।

फिर अनु मुझे मैट्रो स्टेशन पर लेने आया, हम दोनों एक रेस्टोरेन्ट एण्ड बार में गए, वहाँ साइड में डिस्को और बार भी था। पीछे के साइड स्मोकिंग ज़ोन था और अच्छी अच्छी लाईट लगी हुई थी जो बिल्कुल पीने का माहौल बना रही थी।

अनु मुझे एक टेबल पर बिठा कर बाहर चला गया सिगरेट लेने के लिये और वेटर को दारू के लिये बोल प्रिया।

इतनी देर में दो लड़के मेरे सामने आकर बैठ गए और मुझे बोला- हाय बेबी, कैसी हो?मैं बिल्कुल डर सी गयी और उनको पूछने लगी- आप लोग कौन हो? यहाँ क्यों आये हो? मैं आप लोगों को नहीं जानती। फिर आप मुझसे क्यों बात कर रहे हो?तो उनमें से एक लड़के ने बोला- आप बहुत खूबसूरत हो इसलिये हम आपके पास अपने आप खिंचे चले आये।दूसरे ने बोला- आपके जिस्म की खुशबू हमको पागल बना रही थी इसलिये आपसे दूर नहीं रह पाये। आपके जिस्म को गॉड ने बहुत फुर्सत से बनाया है। और मिनी स्कर्ट में आपकी नंगी जांघें बहुत अच्छी लग रही है।

मुझे ये सब सुन कर बहुत शर्म आ रही थी इसलिये मैं उठ कर दूसरी जगह जाने लगी, इतने में अनु आ गया और उन दोनों से गले मिलने लगा, फिर उनका परिचय मुझसे करवाया।एक का नाम दीपक था जिसने पहले बोला था और दूसरे का विकास था।वो दोनों अनु के दोस्त थे।

मैं समझ गयी कि विकास ज्यादा कमीना है उनमें से… पर उसकी बातें मेरे जिस्म में सिहरन कर गयी थी जो मुझे अच्छा लग रहा था।फिर वो दोनों हंसने लगे और बोले- भाभी जी नमस्ते, हम दोनों बस मजाक कर रहे थे।मुझे थोड़ा गुस्सा आया पर मैं कुछ नहीं बोली और फिर से वहीं पर बैठ गई।

विकास थोड़ा छोटा था बिल्कुल मेरी हाईट का और दीपक मुझसे करीब 4 इंच ज्यादा लम्बा था। दोनों की बॉडी बहुत अच्छी दिख रही थी। बातों बातों में पता चला कि दोनों किसी ज़िम में ट्रेनर हैं।विकास मेरे ठीक बराबर में बैठ गया और दीपक अनु के बराबर में मेरे सामने वाली चेयर पर बैठ गया।

हम लोग हल्की हल्की दारू पीते हुए बात करने लगे। मुझे अनु के दोस्त काफी अच्छे लग रहे थे और वो दोनों बातचीत भी अच्छी कर रहे थे।मैं बोली- मुझे भी ज़िम में जाना है, अपनी बॉडी को फिट रखना है।

विकास ने टेबल के नीचे से मेरी जांघ पर हाथ रख प्रिया और सहलाते हुए बोला- भाभी, आप कहाँ पर रहती हैं, बस ये बता दीजिये, मैं वहाँ आकर आपको एक्सरसाइज़ करवा दूंगा।अनु- भाई घर के अन्दर वाला एक्सरसाइज़ मैं करवा रहा हूँ। तू बस ज़िम वाला एक्सरसाइज़ ही बता।

सब समझ गए थे कि अनु किस चीज की बात कर रहा है।और फिर विकास और दीपक दोनों हंसने लगे। मैंने विकास का हाथ अपनी जांघ से हटा प्रिया और शर्म के मारे नीचे देखने लगी।

दीपक- ये लीजिये भाभी, ये हमारा कार्ड है, आप इस पते पर आकर कभी भी जॉइन कर सकती हैं। ज़िम की फीस 1000 है और पर्सनल ट्रैनर के साथ फीस 2000 है।अनु- तेरी भाभी के लिये भी इतना ही फीस है क्या?दीपक- भाई, हम अपनी फीस छोड़ देंगे बस ज़िम का दे देना।मैं- ठीक है दीपक जी।

मुझे दीपक की ये बात ठीक लगी और फिर मैंने सोचा बिना खर्च किये ही दो ट्रेनर मिल जायेंगे।

दीपक- आपको क्या खाना है, क्या पहन कर ज़िम में आना है ये विकास बता देगा क्योंकि वो इसका एक्सपर्ट है। बाकी वहाँ कौन सी एक्सरसाइज़ कैसे करनी है, ये मैं आपको बताऊंगा।अनु विकास से बोला- ठीक है, तुम इसको समझा दो, हम सिगरेट मार कर आते हैं।

अब दीपक और अनु दोनों बाहर चले गये, मैं और विकास बैठ कर दारू पीते हुए बात करने लगे। विकास मुझे बता रहा था कि ज़िम में कैसे कपड़े पहन कर आ सकते हैं। विकास की आँखो में मेरे लिये हवस भरी हुई थी जिसे मैं देख सकती थी।विकास ने अपना हाथ दुबारा से मेरी जांघ पर रख प्रिया और मेरे स्कर्ट के अन्दर हाथ डाल कर मेरी जांघों को सहलाने लगा।मेरी चूत टाइट होने लगी थी और मैं हल्के नशे में थी इसलिये मैंने उसका हाथ नहीं हटाया।

मैं- विकास जी मुझे क्या पहन कर आना होगा?विकास अपना हाथ मेरी चूत पर रख प्रिया और पेंटी के ऊपर से ही गीली हो चुकी चूत को सहलाने लगा जिससे मेरी आँखें बंद हो गयी।मेरी चूत सहलाते हुए विकास बोला- मैं चाहता हूँ आप नंगी ही आ जाओ। हम दोनों मिल कर आपके बॉडी की एक्सरसाइज़ करवा दें।

इस बात से मेरी चूत बिल्कुल ही टाइट हो गयी, मैंने विकास का हाथ अपनी पेंटी के ऊपर दबा प्रिया। अब विकास ने मेरी पेंटी को एक साइड कर प्रिया और चूत में उंगली डाल कर उंगली से ही मुझे चोदने लगा।मुझे बहुत मजा आ रहा था पर डर भी लग रहा था कहीं कोई देख ना ले।विकास मेरा मोबाइल लेकर बोला- इसका लॉक खोलो!

मैंने लॉक खोल कर दे प्रिया, अब उसने अपने मोबाइल पर मेरे मोबाइल से कॉल कर लिया जिससे मेरा नम्बर उसके पास चला गया।

मैं अब शायद खुद भी विकास से चुदवाना चाह्ती थी इसलिये मुझे सब अच्छा लग रहा था।मैंने अब अपना हाथ विकास के लंड पर रख प्रिया और लंड सहलाते हुए उसके कान में बोली- नंगी नहीं आ सकती, वहाँ आने के बाद हो सकती हूँ।विकास खुश हो गया और अपनी दो उंगली चूत में डाल कर चोदने लगा. मैं बहुत उत्तेजित हो गयी थी। फिर उसने अपनी उंगलियाँ निकाल कर बैठ गया.

मैं गुस्से में- क्या हुआ?विकास- यहाँ पूरी हो जाओगी तो फिर मिलने के लिये कैसे तड़पोगी?मैं समझ गयी थी कि विकास बहुत ही अच्छा खिलाड़ी है चुदायी के खेल का; मैं मुस्कुरा कर उसको देखने लगी।

इतनी देर में अनु और दीपक भी आ गये और साथ में पीने लगे।

अब तक रात के 10 बज गये थे तो मुझे लगा अब चलना चाहिये। अब अनु और विकास बात करते हुए आगे चलने लगे दीपक और मैं पीछे पीछे चल रहे थे।दीपक- भाभी विकास ने सब समझा प्रिया ना?मैं- हां, क्या पहन कर आना है बस इसी पर बात हुई। क्या खाना है ये बाद में बतायेगा।दीपक- ठीक है, कार्ड में मेरा नम्बर है अपको कोई जरूरत हो तो मुझे बता दीजियेगा।मैं मन में सोच रही थी जरूरत तो आज रात तुम्हारे लंड की है, दे दो।

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दीपक- कहाँ खो गयी?मैं- कहीं नहीं, बस सोच रही थी कि ज़िम ज्वाइन करने से पहले घर पर थोड़ा सा एक्सरसाइज़ कर लूं जिससे ज्यादा प्रोब्लम नहीं होगी वहाँ।दीपक- इट्स ए गुड आइडिया।अब हम लोग बाहर आ गये।

अनु- पूजा, तुमको विकास अपनी बाइक से घर छोड़ देगा, उसका घर भी उधर ही है। मैं दीपक के साथ जा रहा हूँ, इसका घर मेरी तरफ है।विकास मुस्कुराते हुए- हाँ भाभी, चलिये मैं आपको छोड़ दूंगा।मैं भी मन ही मन मुस्कुरा रही थी और जान रही थी कि विकास मुझे छोड़ना नहीं चोदना चाहता है।

मैंने अनु को बोला- ठीक है, चलते हैं, नहीं तो ज्यादा लेट हो जायेगा।अब दीपक और अनु सिगरेट पीने लगे और मैं विकास के पीछे बैठ गयी।अनु मेरे पास आया और मेरे होंठों को चूम कर गुड नाइट बोला।यह पहली बार था जब कोई बाहर खुले में मुझे किस कर रहा था। मेरी बॉडी में सिहरन हुई जिसे अनु और विकास दोनों ने महसूस किया।

अब हम जाने लगे तो रास्ते में विकास ने बोला- भाभी, आप अकेले रहती हो?मैं- नहीं छोटा भाई भी साथ में रहता है।विकास- तो उसे दारू महक आ गयी तो?मै- हाँ इस बात का डर तो मुझे भी लग रहा है।

विकास ने अपने जेब से कुछ निकल कर खा लिया और बोला- इसका इलाज है मेरे पास!मैं- तो वो मुझको भी बता दो वर्ना मेरा भाई घर पर सब बता देगा।विकास- आप तो इतना दूर बैठी हैं तो कैसे पता चलेगा आपको?मैं विकास का मतलब समझ गयी और मैंने पीछे से विकास को पकड़ लिया जिससे मेरी चुची उसकी पीठ पर चुभने लगी।विकास- आआह्ह्ह मजा आ गया।मैं अब फुल नशे में आ रही थी- क्या मजा आया देवर जी?विकास- भाभी, आपकी चुचियाँ मजा दे रही हैं।

सड़क पर कोई नहीं था, आस पास घने पेड़ और झाड़ियाँ थीं तो मैंने पीछे से विकास के लंड पर हाथ रख प्रिया और बोली- मेरे देवर के यहाँ मजा आ रहा है क्या?विकास- इसका नाम यहाँ नहीं है भाभी।मैं उसके लंड को दबा रही थी और उसकी पीठ में अपनी चुचियाँ दबा रही थी।

मैं- तो क्या बोलते हैं देवर जी?विकास- क्यों आपको नहीं पता?मैं- नहीं, बस ये हथियार है आपका जिससे आप बिस्तर में लड़ाई करते हो अपनी गर्लफ्रेंड से।विकास हंस रहा था और बोला- आपके पास भी कोई हथियार है?मैं- नहीं, मैं तो बस हाथ से ही लड़ती हूँ।विकास- पर अनु के साथ तो और भी चीजें लड़ा देती हो आप।

मुझे लगा अनु ने इसको चुदायी के बारे में कुछ बता प्रिया है इसलिये मैं शॉकड होकर पूचा- क्या लड़ाया है अनु से?विकास- अभी पार्किंग में होंठों को लड़ा प्रिया था।मैं शर्म से लाल हो गयी और विकास के कान को मुँह में लेकर चूसने लगी और बोली- तो मेरे होंठों के हथियार से अपना हथियार लड़ाना है क्या?

विकास ने अब बाइक एक साईड में रोक लिया और उतर कर मुझे पकड़ लिया।मैं- क्या कर रहे हो?विकास कुछ नहीं बोला और मेरे होंठों पर अपना होंठ रख प्रिया।मैं बिलकुल सीधी खड़ी होकर उससे अपने होंठ चुसवा रही थी और धीरे-धीरे मुझे मजा आने लगा तो मैंने भी विकास को बांहों में ले लिया और उसके मुख में जीभ डाल कर चूसने लगी।

अब विकास एक हाथ से मेरी चुचियों को दबा रहा था और दूसरे हाथ को मेरी पेंटी के अन्दर डाल कर मेरी चूत रगड़ रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था मैंने विकास के लंड को पैंट से बाहर निकाल लिया और जैसे ही उस पर हाथ लगाया डर से मेरी आँखें फैल गयी।विकास ने मेरा हाथ अपने लंड पर दुबारा रख लिया और हिलाने लगा।

विकास का लंड बहुत मोटा था जिससे मेरे एक हाथ के पकड़ में नहीं आ रहा था तो मैंने दोनों हाथो से लंड पकड़ लिया और मुठ मारने लगी।विकास- भाभी, आपको चोदने का मन कर रहा है। चुदवाओगी मुझसे?मैं उसके कान में- यहाँ सड़क पर कोई देख लेगा, फिर कभी कर लेना।

अब विकास ने मुझे दुबारा बांहों में ले लिया और कान में बोला- मुँह में लंड लोगी?मैं- हाँ, मुझे ओरल सेक्स, लंड चूसना पसन्द है।

विकास ने मुझे नीचे बिठा प्रिया और अपना लंड मेरे मुँह में देने लगा। मैंने विकास के लंड को पकड़ लिया और जीभ से चाट लिया, फिर धीरे-धीरे लंड को मुँह में लेने लगी पर लंड मुँह में पूरा नहीं घुस पाया बस सुपारा ही थोड़ा सा अन्दर ले पायी।

अब विकास ने मेरे सर को पकड़ लिया और मेरे मुँह को चोदने लगा, मैं विकास के आण्ड सहला रही थी।15 मिनट मुँह चोदने के बाद विकास ने अपना माल मेरे मुँह में डाल प्रिया। विकास के लंड का वीर्य अभी तक का सबसे ज्यादा टेस्टी वीर्य था और बहुत ज्यादा था, मैं थोड़ा थोड़ा करके पीने लगी। फिर जब पूरा पी लिया तो विकास के लंड को चाट कर साफ कर प्रिया।

विकास- पूजा बेबी, मस्त लंड चूसती हो। किस से सीखा ये ओरल सेक्स करना?मैंने बस मुस्कुरा कर उसके लंड को चूम लिया।

अब विकास को सुसु आने लगी तो उसने मुझे खड़े होने को बोला और सुसु करने साइड में जाने लगा, जाकर सुसु करने लगा.मुझे पता नहीं क्या हुआ, विकास के लंड के पानी ने मेरे अन्दर कुछ नशा सा कर प्रिया था। मेरे मन में खयाल आया कि जब इतना टेस्टी वीर्य है तो मूत कितना टेस्टी होगा।और मैंने जल्दी से जाकर विकास के लंड को मुँह में ले लिया, विकास मुझे हटा रहा था पर मैंने उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया था।

फिर विकास ने मेरा सर पकड़ लिया और मेरे मुँह में मूतने लगा। मैं विकास का मूत पी रही थी और साथ में अपनी चूत में उंगली भी डाल रही थी।थोड़ी देर में मेरी चूत भी सुसु करने लगी, अब मेरे मुँह में विकास मूत रहा था और मैं जमीन पर मूत रही थी। फिर मूतने के बाद विकास ने मुझे खड़ा किया और अपने रुमाल से मेरा मुँह पौंछ प्रिया फिर मुझे गले लगा लिया।

विकास- तुम बहुत गर्म माल हो।मैं- तुम्हारा देख कर गर्म हो गयी।विकास- गरमी कैसे निकलेगी तुम्हारी?मैं- वो तुम सोच लेना, अब घर चलो।

उसके बाद विकास मुझे मेरे फ्लैट पर छोड़ कर किस किया और चला गया।

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

महेन परहर

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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