बीवी की अदला बदली

पतियों की अदला बदली-4

लेखक: सनी वर्मा दिनांक: 10-02-2012 पठन समय: 10 मिनट

सुमन चुदासी हो रही थी, उसने समीर को कहा की जाने से पहले घर होकर जाना।समीर लगभग 2 बजे आया…

सुमन ने सुनील को ऑफिस फोन किया तो वो ऑफिस में ही था। सुमन ने कह प्रिया- मैं बाज़ार जाऊँगी, 5 बजे तक आऊंगी।अब सुमन को सुनील के घर आने का कोई डर नहीं था। सुमन ने बरमूडा और टॉप पहना था… नीचे कुछ नहीं था… क्या फायदा समय ख़राब करने का…

समीर ने आते ही चिपटा लिया सुमन को… सुमन उसे सीधे बेड पर ले गई और जल्दी ही दोनों… आज का सेक्स साधारण सेक्स नहीं था ऐसी बेकरारी की गुत्थम गुत्था थी कि अब के बिछड़े कब चुदें या ना चुदें।

सुमन तो समीर का लंड मुह से निकालने को तैयार ही नहीं थी, लगता था कि वो आज इसे अपने मुँह में ही निचोड़ लेगी।और समीर तो उसकी चूत अपने लंड से फाड़ ही देना चाहता था।

दोनों को यह लग रहा था कि इतनी खुलेपन से यह आखिरी मुलाकात हो क्योंकि दिया के आने के बाद पता नहीं कैसे क्या हो?सुमन ने समीर से पूछा- अब हम कैसे मिला करेंगे?तो समीर बोला की में दो दिन से यही सोच रहा हूँ और इसकी एक ही तरकीब है की किसी तरह दिया और सुनील की सेत्ति९न हो जाए तब दिया ही समीर और सुमन को इसमें शामिल करेगी।

सुमन ने पूछा- ये कैसे होगा?तो समीर बोला कि दिया को लम्बे लड़के पसंद हैं और वो सिगरेट पसंद नहीं करती और समीर सिगरेट पीता है जबकि सुनील नहीं पीता तो सुनील उसे आकर्षित कर सकता है, बशर्ते वो पहल करे।इसकी जिम्मेदारी सुमन ने ली कि वो सुनील को दिया के नजदीक जाने का पूरा मौका दे देगी।

रात को सुमन ने ऐसी पोर्न मूवी लगाई जिसमें पति पत्नी की सहेली से सेक्स करता है और पत्नी ही उसके लिए इसे अरेंज करती है।सुनील मूवी देखते ही सुमन से बोला- अगर मैं भी ऐसा करूँ तो तुम्हें कोई ऐतराज तो नहीं होगा?सुमन हंसते हुए बोली- दिन में कर लेना, मेरी चूत को तो रात में लंड मिलना ही चाहिए…

बेड पर सुनील ने चोदते समय सुमन की सहेली रितु का नाम लिया तो सुमन ने भी उसे खूब उकसाया।

दो दिन बाद समीर दिया आ गए, दिया बहुत खुश होकर गले मिली।समीर ऑफिस जाने की जल्दी मैं था… उसने ऑफिस से दो लड़के बुला रखे थे सामान लगाने के लिए तो सुमन बोली- आप जाओ, मैं और दिया संभाल लेंगी।

पहले सुमन ने दिया को चाय नाश्ता कराया और फिर उसका घर ठीक करवाया।काम निबटाते निबटाते 3 बज गए।सुमन दिया से बोली- तुम फ्रेश होकर नीचे आ जाओ, मैं लंच तैयार करती हूँ।

उसने पुलाव पहले ही बना लिया था।जब तक दिया नहाकर आई तब तक सुमन ने भी कपड़े चेंज कर लिए… उसने बरमूडा और टॉप पहना जबकि दिया तो सलवार सूट डाल कर आई।

सुमन उसे देखकर हंस दी, बोली- यह तुम्हारा ससुराल नहीं है जहाँ इतनी तमीज से कपड़े पहन कर आई हो… तुम अपने दोस्त के पास हो जो, जैसे अच्छा लगे वैसे करो… यहाँ तो बिना कपड़ों के भी चलेगा!आखिरी लाइन से उसने दिया को नापना चाहा।

दिया खिलखिला कर हंस दी, बोली- मेरी आपकी खूब पटेगी, मैं तो यह यह सोच कर पहन कर आई थी कि पता नहीं आप क्या पहनती होंगी।सुमन ने उसे अपनी वार्डरोबे से एक शार्ट मिडी दी जिसे दिया ने ख़ुशी ख़ुशी पहन लिया।

लंच करके दिया और सुमन वहीं सो गये।

डिनर का प्रोग्राम समीर ने किसी होटल में रखा था, चारों लोग डिनर लेने होटल पहुँचे।सुमन ने हंसते हुए सुनील से कहा- मेरी सहेली का ध्यान तुम रखोगे, यह आज से तुम्हारी जिम्मेदारी है कि दिया को कोई परेशानी न हो।यह कहते हुए उसने समीर को चुपके से आँख मार दी थी।

समीर भी बोला- हाँ भाई सुनील, मेरी बीवी का ध्यान तुम ही रखना क्योंकि सुमन तो मेरी दोस्त है, पता नहीं दिया का ठीक से ध्यान रखेगी या नहीं?सब हंस पड़े पर अब सुनील दिया के ज्यादा नजदीक हो गया, डिनर में भी वो बार बार दिया से पूछ रहा था।

रात को ऊपर नीचे खूब घमासान हुआ…

अगले दिन समीर ने सुमन को बताया कि उसने दिया की चुदाई के समय सुनील का नाम लिया तो दिया को कोई ऐतराज नहीं था और इधर सुनील ने जब रितु का नाम लिया तो सुमन बोली- अब रितु की क्या जरूरत, अब तो घर में ही दिया मौजूद है।यह सुनकर सुनील की चुदाई की रफ़्तार और तेज हो गई थी।

शाम को जब समीर और सुनील घर आ गए तो डिनर के बाद सुमन ने समीर को कॉफ़ी पे बुला लिया… और यह भी कह प्रिया कि ड्रेस की फॉर्मेलिटी न करें, जैसे बैठे हों, वैसे ही आ जाएँ।

खुद सुमन ने फ्रॉक और सुनील ने शॉर्ट्स और टी शर्ट पहन रखी थी।समीर और सुमन आये तो मजे की बात यह कि उन्होंने भी ऐसी ही ड्रेस पहनी थी। दिया ने ब्रा नहीं पहनी थी तो उसके निप्पल महसूस हो रहे थे।

अंदर किचन में दिया ने सुमन को बताया कि वो तो अभी कपड़े बदल रही थी सोने के लिए तो अंदर कुछ नहीं पहना है! पर समीर जबरदस्ती ऐसे ही ले आये।सुमन बोली- तो क्या हुआ, मैं तो घर पर अंदर कभी कुछ नहीं पहनती।दिया खिलखिलाई और उसने सुमन की फ्रॉक उठा दी।सुमन बोली- ले ढंग से ही देख ले!और कह कर उसने हंसते हुए अपनी फ्रॉक उठाकर अपनी चिकनी चूत के दर्शन करा दिए।

काफी लेकर दोनों बाहर आई… समीर और सुनील आमने सामने सोफे पर बैठे थे।सुमन ने काफी सर्व की और समीर के बगल में बैठ गई कि मैं तो अपने फ्रेंड के पास बैठूंगी।दिया मुस्कुरा कर सुनील के बराबर बैठ गई।

सुमन ने देखा सुनील का खड़ा हो गया था और वो पैर पर पैर रख कर उसे छिपाने की कोशिश कर रहा था।दिया की चिकनी टांगें सुनील से छू रही थीं जो उसे बैचेन कर रहीं थीं।

सुमन समझ गई कि आज उसकी जोरदार चुदाई होगी और सुनील के मन में दिया ही होगी।उसने धीरे से समीर से कहा- तुम्हें कुछ कुछ नहीं हो रहा?तो समीर बोला- बस बम फूटने ही वाला है।सुमन हंस पड़ी।

दिया ने पूछा- क्या हुआ?तो सुमन ने कह प्रिया- कुछ नहीं! दोस्तों की बात है।

उस रात की बस पूछो मत, सुनील तो दीवाना हो रहा था दिया का, उसने तो सुमन से कह भी प्रिया कि कैसे भी करो, मेरे को दिया की दिलवा दो।सुमन बोली- ऐसे कैसे हो सकता है? एक तो वो तुम्हारे बॉस की बीवी और दूसरे अभी में उससे खुली भी नहीं हूँ।

पर सुनील जिद पर अड़ गया कि तुम समीर को पटा लो, वो पट गया तो दिया को मैं पटा लूँगा।आज सुनील के धक्कों में इतना जोर था कि अगर दिया होती तो उसकी तो फट ही जाती।

और उधर समीर भी दिया को छेड़ रहा था कि दिया के चिकने बदन को देख कर सुनील का तम्बू खड़ा हो गया था।इस पर दिया बोली- जैसे तुम्हारा तो खड़ा था ही नहीं?

अगले दिन दोनों के ऑफिस जाने के बाद सुमन अचानक ऊपर पहुँच गई… दिया नहाने जा रही थी और उसने केवल टॉवल लपेट रखा था।सुमन को अचानक आया देख वो सकपका गई, बोली- आप बैठो, मैं अभी नहाकर आई।सुमन ने हंसते हुए उसका तौलिया खींच प्रिया… अब तो दिया भी बदमाशी पर आ गई और जोर जबरदस्ती करते हुए सुमन की नाइटी भी उतार दी।

अब दोनों बिना कपड़ों के पूरी नंगी थी… सुमन ने दिया को चिपटा लिया और उसके होंठ चूम लिए।दोनों ही एक दूसरी से कम नहीं थीं, दोनों के भरे हुए मम्मे, चिकनी चूत और कसा हुआ बदन था।

नहाते में एक दूसरे की चूत में शावर से पानी डालते हुए या मम्मों पर साबुन लगाते हुए दोनों ने खूब मजे लिए। दोनों शावर के नीचे एक दूसरी से चूत और मम्मे सटा कर लिपट कर नहाईं।

टॉवल में ही नीचे आते में सुमन ने दिया से कहा- कुछ हल्का सा पहन ले, आज तुझे एक मजेदार चीज दिखाऊँगी।दोनों ने ही तय करके मिनी स्कर्ट पहनी, स्कर्ट क्या थी बस कमर के नीचे दिखाने भर को कुछ था और जब नीचे कुछ पहना न हो तब क्या ढकना और क्या छिपाना।

सुमन ने फ्रिज से फ्रूट बियर निकाली जिसमें उसने पहले से ही थोड़ी सी व्हिस्की मिला रखी थी। साथ में पॉपकॉर्न… और जा पहुंची लॉबी में और चला दी एक पोर्न जिसमें एक लड़की अपनी सहेली के साथ लेस्बियन संबध बनाती है और एक दिन सहेली की गैर हाजरी में उसके पति से सेक्स करती है।

मूवी इतनी हॉट थी और दोनों सोफे पर चिपक कर बैठी थीं कि कब उनकी उंगलियाँ एक दूसरी की चूत को कुरेदने लगी उम्म्ह… अहह… हय… याह… और कब उनके होंठ मिल गए पता ही नहीं चला।होश जब आया तो दोनों के कपड़े उतरे हुए थे और बियर की बोतल ही वो एक दूसरे की चूत में कर रही थीं।

कुछ तो व्हिस्की का असर, कुछ पोर्न मूवी की गर्मी, कुल मिलकर दोनों ने सोफे से शुरू किया। सेक्स सुमन के बेड पर ख़त्म किया। सुमन ने दिया से पूछा- समीर का मोटा है या पतला?तो दिया बोली- तुझे दिखला दूँगी पर पहले तू मुझे सुनील का दिखा!

सुमन ने उससे कहा- आज रात को मैं जीने का दरवाजा खुला छोड़ दूँगी और बाहर की लाइट बंद कर दूँगी, हाँ कमरे की खुली रखूंगी। तू खुद आकर देख लेना, हम तो नंगे ही सोते हैं।

पर यह बात दोनों ने ईमानदारी से तय की कि समीर और सुनील को इस बारे में कुछ पता नहीं चलेगा।

कहानी जारी रहेगी।support@mohakkisse.com