होम पर वापस जाएं
बीवी की अदला बदली पठन समय: 4 मिनट पढ़ा गया: 1,099 बार

पति के दोस्त से चूत चुदाई

शिल्पी शुक्ला

05 Nov 2010 को प्रकाशित

पति के दोस्त से चूत चुदाई
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

आज मैं आपको अपनी कहानी बताने जा रही हूँ जो मेरे जीवन की सच्ची घटना है।

मेरी उम्र 44 वर्ष एवं पतिदेव कमल जी की 49 वर्ष है।

शादी के बाद कुछ साल तक तो सेक्स लाइफ बहुत अच्छी रही पर बच्चे होने के बाद वो रोमांच नहीं रहा और सेक्स बोरिंग होता जा रहा था तो कमल ने अपने दोस्तों की सेक्स की बातें बताना शुरू किया।

यह बात लगभग दस वर्ष पहले की है।

इन्होंने बताया कि इनके दोस्त राजन का लिंग बहुत मोटा और लम्बा है, उसका सुपाड़ा नोकदार है, जब उसकी बीवी तीन बार झड़ जाती है, तब वो झड़ता है, और अगर तुम चाहो तो उससे चुदाई का मजा ले सकती हो।

इन सेक्सी बातों से इनका लिंग ज्यादा कड़क हो जाता था और मेरा भी उत्साह बढ़ जाता और चुदाई में ज्यादा मजा आता था।

कुछ समय पूर्व इनके दोस्त राजन किसी काम से हमारे शहर आये और हमारे यहाँ रुके।

वो मुझे बहुत अच्छे लगे।

इन्होंने बताया- हम लोग बचपन में एक दूसरे के साथ सेक्स का खेल खेलते थे और एक दूसरे का लिंग चूमते चाटते थे। राजन का लिंग सचमुच बहुत मोटा और लम्बा है, चाहो तो तुम देख लो और उससे मजा भी ले सकती हो।

तो मेरा भी मन होने लगा।

रात में ये दोनों दोस्त दूसरे कमरे में एक दूसरे से बचपन की बातें करते रहे और मजे लेते रहे।

दोनों बच्चे मेरे साथ सो रहे थे तो मैं कुछ नहीं कर सकी।

सुबह इनको किसी काम से जल्दी ऑफिस जाना पड़ा।

बच्चों के स्कूल जाने के बाद घर में मैं और राजन हम दोनों ही बचे।

राजन ने मुझे अपने पास बुलाया और बिस्तर पर बैठा लिया और बचपन की बातें बताने लगा।

उसकी बातों में मुझे बहुत मजा आ रहा था।

अचानक राजन ने मुझे अपनी बाँहों में भर लिया और मेरे गालों को चूमने लगा और मेरे होंठ चूसने लगा।

उसका स्टाइल कुछ अलग था और मैं कुछ न बोल सकी।

यह भी पढ़ें (Recommended)

मुझे जीना सिखा प्रिया-2

फिर वो ब्लाउज के ऊपर से ही मेरे स्तन सहलाने दबाने लगा और मैं मजे से मस्त होने लगी।

अब उसने अपना पैंट खोलकर अपना लंड मेरे हाथ में पकड़ा प्रिया और मैं उसे सहलाने लगी।

वाह, क्या मस्त मोटा और लम्बा लंड था उसका !नुकीला सुपारा सचमुच बहुत प्यारा था जो कि मेरे पति से एकदम अलग था।

मुझे अहसास हुआ कि कमल सच बोलते थे।

मैं मजे में आकर उसको चूमने लगी तो वो फूल कर और मोटा हो गया।

मुझे तो डर लगने लगा कि यह इतना मोटा लंड मेरी तंग चूत में कैसे जायेगा।

फिर उसने मेरे और अपने सारे कपड़े उतार दिए अब हम दोनों बिल्कुल नंगे थे।

उसने मुझे सीधा लिटा प्रिया और मेरी चूत को सहलाने लगा और अपनी जीभ अंदर डालकर अंदर बाहर करने लगा।

मेरी चूत गीली होकर पानी छोड़ने लगी, मैं तो मजे में पागल हो रही थी।फिर उसने अपना लंड मेरी चूत के मुख में लगा प्रिया और धीरे धीरे अंदर डालने लगा।

वाह, क्या अहसास था… मेरी चूत में पहली बार कमल के अलावा किसी और का लंड जा रहा था, वो भी राजन का मोटा नोकदार लंड!

मुझे बहुत मजा आ रहा था।

फिर उसने पूरा लंड अंदर डालकर धीरे धीरे चोदना चालू किया और जी भर के चोदा।

मैं दो बार झड़ चुकी थी पर वो झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था।

फिर वो नीचे लेट गया, मैं ऊपर से आकर उसका नोकदार लंड अपनी चूत में धीरे धीरे अंदर बाहर कर मजे लेने लगी, मैंने कूद कूद कर चुदाई का मजा लिया और तीसरी बार झड़ने लगी अबकी बार हम दोनों एक साथ झड़े।

सचमुच चुदाई में इतना मजा जीवन में पहले कभी नहीं आया था।

फिर कमल घर आ गए और हमने और भी बहुत मजे किये, वो सब फिर कभी आगे बताऊँगी।

तो दोस्तो, यह थी मेरी पति के अलावा किसी अन्य मर्द से चुदाई की पहली कहानी, आपको मेरी कहानी कैसे लगी?कमेंट्स जरूर बताइयेगा।आपकी शीलू

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने -1
बीवी की अदला बदली

वाइफ़ स्वैपिंग की चाहत में दो दीवाने -1

मैं आपको एक नई बात बताने जा रहा हूँ। बात इसलिए कहा क्योंकि यह कोई कहानी नहीं, बिल्कुल सच्ची बात है।

9 मिनट 568
मुझे जीना सिखा प्रिया-2
बीवी की अदला बदली

मुझे जीना सिखा प्रिया-2

मेरे अन्‍दर भी खून का दौरा तेज हो गया, हम दोनों तो एक दूसरे से ऐसे लिपटे कि दुनिया जहान की खबर ही नहीं रही।होंठ छूटते ही मैंने शशि पूरे चेहरे को चूमना शुरू कर प्रिया।

26 मिनट 558
मराठी कहानी : अहो पत्नी जर चव बदलायची असेल -3
बीवी की अदला बदली

मराठी कहानी : अहो पत्नी जर चव बदलायची असेल -3

फार्म हाउसला आम्ही पोहचलो तेव्हाच दृश्य तुम्हाला वाचून माहित असेलच. सदाने जणू राखीला आपल्या लवड्याच्या झुल्यावर बसवले होते. तिचे दोन्ही थान त्या प्रकारामध्ये गदगद हलत होते. राखी सित्कारून त्याचे खाली बसणारे ठोके सहन करत होती. सदा तसाच राखीला घेऊन ...

10 मिनट 764

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।