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Meri Chudai पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 902 बार

पैसे के लिए एक बुजुर्ग से चुद गई(Paise Ke Liye Ek Buzurg Se Chud Gayi)

poojasharma

08 Mar 2022 को प्रकाशित

पैसे के लिए एक बुजुर्ग से चुद गई(Paise Ke Liye Ek Buzurg Se Chud Gayi)
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आप सब को पता ही है मैं चुदाई का भरपूर मजा लेती रहती हूं। मेरा फिगर साइज 34-32-38 है। मेरी गांड ही सब को मेरा दीवाना बना देती है। आज की कहानी मेरी सच्ची कहानी है। इसमें एक बुज़ुर्ग अंकल भी मेरी गांड के दीवाने हो गए, और मैं उनसे पैसा लेकर चुदने को तैयार हो गई। अब समय ना खराब करते हुए कहानी पर आती हूं।

पिछले सप्ताह मैं अकेली एक मॉल पर घूमने गई। मैंने मॉल में जाते ही जितने पैसे मेरे पास थे, उनसे अपने लिए शॉपिंग कर ली। मॉल मैं एक दुकान पर जब मैं पहुंची, तो देखा वहां सेल लगी हुई थी। पर मेरे पास पैसे नहीं थे। तो मैं बाहर जा कर अपनी फ्रेंड को काल करने लगी पैसे के लिए। सब ने मना कर दिया।

मैं उदास सी हो गई। तभी एक आवाज सुनाई दी, “बुरा ना मानो तो मैं दे दूं, जितना पैसा तुम्हें चाहिए?” मैं उस आवाज की तरफ देखने लगी, तो एक बुजुर्ग व्यक्ति मेरे साथ ही बैठे हुए थे। मैं उनको देखती ही रह गई। तभी वो बोले, “चाहिए हैं या नहीं?” मैं बोली, “हां”, तो उन्होने मुझे बोला, “तो मुझे खुश करना होगा तुम्हें।”

मैं कुछ देर सोचती रही (फिर मन में सोचा यह बूढ़ा कितनी देर कर लेगा मेरे साथ? इसका तो ठीक से खड़ा भी नही होगा। फिर वो मुझे बोला, “क्या सोच रही हो इतना?”

तो मैं बोली: कुछ नहीं।

और उसको मैं हां कर दी और बोली: पहले मुझे शॉपिंग करनी है।

तो वो बोला: चलो चलते हैं।

फार मैंने जम कर शॉपिंग की। उसने पूरा बिल दिया। फिर हम दोनों पार्किंग में आ गए उसकी कार के पास। उसने मुझे कार में बैठाया, और एक घर पर ले आया। घर पर आते ही उसने मुझे पानी पीने को दिया, और कुछ स्नेक्स खाने को दिये। फिर उसने मेरा नाम पूछा, तो मैंने पुजा बताया।

वो बोला: नाम और गांड बहुत ही अच्छे हैं।

फिर बोला: चल अब बिस्तर पर।

और वो मुझे लेकर एक कमरे में आ गया।

अब उसने मुझे बोला: कपड़े खुद उतारेगी या उतार दूं?

तो मैं बोली: मैं ही उतार देती हूं।

मैंने पहले अपनी शर्ट उतारी, तो उसने कुछ पैसे मेरी ब्रा में डाल दिये। फिर मैंने पैंट उतारी, तो वो देखता ही रह गया। आप सब को पता ही है मैं पेंटी बहुत कम पहनती हूं, और आज भी पेंटी नहीं पहनी थी मैंने। उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया, और बिस्तर पर लिटा कर मेरी चूत को चाटने लगा। मैंने अपनी ब्रा को खुद उपर कर दिया, और पैसे निकाल कर अपनी पेंट के पास रख दिये।

वो मेरी चूत को गांड तक चाटना चाह रहा था, पर उसकी जीभ नहीं पहुंच पा रही थी।

तो मैं उसको बोली: अंकल रुको, मैं पोजीशन में आती हूं।

फिर मैं उसके सामने घोड़ी बन गई। अब मेरी चूत गांड उसके सामने आ गई। अब अंकल मेरी गांड और चूत को चाटने लगे। मेरी गांड में उंगली डालते तो कभी मेरी चूत में। ऐसे बहुत देर तक चलता रहा।

अंकल कब पूरा नंगा हो गया था, मुझे पता ही नहीं चला। फिर कुछ देर बाद मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया। अंकल मुंह लगा कर पी गए। अंकल का लंड भी खड़ा था, तो अंकल ने देर ना करते हुए अपने लंड को गीला किया, और एक ही बार में मेरी गांड में उतार दिया। जैसे ही अंकल का लंड मेरी गांड में गया, मेरी एक जोर की चीख निकल गई। मैं उछल पड़ी पर अंकल ने मुझे कस के पकड़ लिया।

आज तक मुझे इतना दर्द कभी नहीं हुआ था। अंकल बिना रुके मेरी गांड में लंड डाल कर मेरी गांड चोदने लगे। उनके हर धक्के से मेरे मुंह से ‘हाय मां मर गई मैं’ की आवाज आने लगी।

तब अंकल बोला: कोई नहीं पुजा, तेरी मां को भी उसकी मां याद करवा दूंगा मैं।

अंकल के हर वार से मेरी गांड घायल सी होने लगी। मेरा शरीर ढीला पड़ने लगा। तब अंकल ने मुझे मेरे बालों से पकड़ लिया,‌ और अब पूरी घोड़ी बना कर मेरी गांड चोदने लगे। मेरी हालत खराब होने लगी, पर कर भी क्या सकती थी? जो सोचा था वो तो हुआ नहीं। अंकल तो दमदार निकला।

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अंकल अब एक हाथ से मेरी गांड पर थप्पड़ भी मारने लगे, जिससे मेरी आह निकलने लगी। मेरी चूत से पानी काफी निकल रहा था। काफी देर बाद अंकल के लंड ने पानी छोड़ दिया। मेरी पूरी गांड उसके पानी से भर गई। मैं वैसे ही लेट गई। अंकल मेरे पास लेट गए। आज सच में मुझे बहुत दर्द हो रहा था गांड में? मेरी गांड से निकल रहे पानी से चादर भी गिली हो गई थी। कुछ देर बाद मैं उठी, और लंगड़ाते हुए बाथरूम में चली गई। वहां जा कर अपनी गांड साफ करने लगी। मुझे दर्द बहुत हो रहा था।

काफी देर बाद बहुत मुश्किल से चलते हुए बाहर आई तो देखा अंकल का लंड 7″ लम्बा और 4″ मोटा था। अंकल का लंड फिर से खड़ा हो चुका था।

अंकल बोले: पुजा देख फिर से तैयार है मैदान में आने को।

तो मैं अंकल को बोली: अंकल अब नहीं होगा मेरे से। मुझे बहुत दर्द हो रहा है। अब मुझे जाने दो आप।

यह सुनते ही अंकल भड़क गए और बोले: मादरचोद रंडी, साली कुतिया, तेरी गांड ही मुझे पसंद आई थी, और तूने जो भी अपने लिए लिया, मैंने मना नहीं किया साली। तेरे लिए सब किया। और तू मना करने लगी है! मादरचोद पहले बोल देती नहीं करना है तुझे, तो दो हजार की रंडी ला कर उसको चोद लेता। पर अब तो तू ही है, और तुझे ही चोदूंगा।

यह बोल कर अंकल उठ कर मेरे पास आ गए, और एक जोर का थप्पड़ मेरी गांड पर रसीद कर दिया। मैं उछल पड़ी। अब अंकल ने मुझे बैड के साथ झुका दिया, और मेरे दोनों चूतडों को खोल कर मेरी गांड का छेद देखने लगे। फिर अंकल ने कोई क्रीम ली, और मेरी गांड के छेद पर लगाने लगे, और कुछ क्रीम मेरी गांड के छेद के अंदर भी उंगली से डालने लगे‌ मुझे बहुत आराम आने लगा। मैं कुछ और आराम ले पाती, अंकल ने फिर से अपना लंड मेरी गांड में उतार दिया।

मैं फिर से उछल पड़ी पर अंकल ने पूरा लंड गांड में डाल कर दम लिया। अब अंकल कुछ देर रुक गए। मुझे भी थोड़ा सुकून मिला। फिर अंकल धीरे-धीरे लंड गांड में अंदर-बाहर करने लगे। अब मुझे पहले से कम दर्द होने लगा। अंकल एक चुदाई के एक खिलाड़ी निकले। अंकल धीरे-धीरे चोदते हुए अब अपनी स्पीड में आने लगे।

मुझे अब मजा आने लगा, तो मैं भी गांड का छेद खोल कर लंड अंदर लेने लगी, और एक हाथ से अपनी चूत को सहलाने लगी। अंकल अब मुझे बहुत जोर से चोदने लगे, और मेरे चूतडों पर थप्पड़ मार-मार कर लंड अंदर-बाहर करने लगे। मैं भी अब अंकल को बोलने लगी-

मैं: और जोर से चोदो मुझे। मैं भी एक रांड ही हूं। आज पूरी रंड बना दो मुझे।

अंकल मेरी बात सुन कर मेरी गांड को फाड़ने में लग गए। काफी देर बाद अंकल के लंड ने फिर से मेरी गांड को अपने पानी से भर दिया। फिर अंकल ने अपना लंड मेरी गांड से बाहर निकाल दिया। मेरी गांड से अंकल के लंड का पानी बाहर आने लगा। मैं कुछ देर फिर से लेट गई। फिर उठ कर बाथरूम गई और फ्रेश होकर बाहर आ गई।

अंकल मेरे खाने के लिए समान लेकर आ गए। हम दोनो ने नंगे होकर खाना खाया। फिर मैंने समय देखा तो शाम के 6 बज गए थे,‌ तो मैं अंकल को बोली-

मैं: मुझे मॉल में छोड़ दो आप। अब मैं लेट हो गई हूं।

तो अंकल बोले: अभी तो मजा आने लगा था, और तुम जाना चाहती हो।

तो मैं बोली: मेरी जैसी रंडी की कीमत इतनी ही है (हम दोनो हंसने लगे)।

फिर मैंने अंकल का लंड मुंह में लिया, और थोडा चाटने के बाद अपने कपड़े पहनने लगी।

तो अंकल बोले: पूरा ही चाट लेती।

तो मैं बोली: उसकी कीमत और लगेगी। अभी तो मैं अपनी चूत और आपके लंड के पानी को चाट कर महसूस की हूं।

अब मैं तैयार हो गई। अंकल ने मुझे कुछ और पैसे दिये और बोले: पुजा रंडी की कल की बुकिंग का ऐडवांस है यह।

अब अंकल ने मेरा नम्बर ले लिया, फिर अंकल मुझे उतार कर चले गए। आप सब को मेरी चुदाई की कहानी कैसी लगी जरूर बताना, और अगले दिन क्या हुआ वो अगली कहानी मैं बताऊंगी। support@mohakkisse.com

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