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पहली बार चुदाई पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,165 बार

चाँदनी चौक की तंग गलियों में

कामराज़

30 Jun 2009 को प्रकाशित

चाँदनी चौक की तंग गलियों में
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मैं विकास दिल्ली में रहता हूँ, कभी मेरी एक खूबसूरत गर्लफ्रेंड हुआ करती थी। मेरी गर्लफ्रेंड एक बड़े घर की बेटी थी और उसने ही मुझे क्लास में प्रपोज किया था। आज वो किसी की बीवी है…

उस समय मैं चाँदनी चौक की तंग गलियों में रोज शाम उसे घर छोड़ने जाता था।

एक दिन उसने मुझे अपने घर पर पार्टी देने के नाम पर बुलाया। पहले तो मैंने मना किया, फिर जब उसने बोला- अरे बाबा कोई नहीं होगा, बस हम तुम !

तो मैं मान गया, तय समय के अनुसार मैं उसके घर पहुँच गया।

गेट पर पहुँच कर मैंने घंटी बजाई..

अन्दर से आवाज आई- आई जी..

मैं समझ गया यह मेरी जान स्पूजा है।

जब उसने गेट खोला तो मैं उसे देखता यह गया… मेरे मुँह से निकल गया- क्या माल लग रही हो..

उसने यह सुनते मेरी तरफ देखा और मुस्कुरा दी।

मैं अन्दर गया और सोफे पर बैठ गया..

उसने भी दरवाजे बंद किये और मेरे सामने आकर मुझे चूमते हुए बोली- जानू, आप कुछ भूल रहे हो..

मैंने थोड़ी देर सोचा और बोला- नहीं तो?

उसने मेरा हाथ पकड़ा और अन्दर ले गई…

कमरे में लाईट बंद थी और मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है।

अचानक लाईट जली और मैंने देखा कि सामने केक रखा हुआ है और उसके पास में ही स्पूजा की बुआ की लड़की दीप्ति और उसकी सहेली नाज़िया खड़ी है।

तब अचानक यह आया कि आज ही के दिन मैं स्पूजा से एक साल पहले क्लासरूम में एक प्रेमी के रूप में मिला था।

दोस्तो, आप भी सोच रहे होंगे कि मैं एक साल तक कहाँ था… स्पूजा के साथ होकर भी उसके पास नहीं था, अपनी किताबों में और अपने सपनों में खोया था क्योंकि स्पूजा ने मुझे कुछ ऐसा बोल प्रिया था…

मुझे सब याद आ गया था, तब मुझे स्पूजा ने वादा किया था कि जिस दिन तुम्हारे सपने सच होने लगेंगे उस दिन मैं एक मजेदार पार्टी दूँगी और तुम जो चाहोगे वो कर सकोगे…

मन ही मन खुश होने के बाद मैंने बोला- हाँ मुझे याद है… बोलो जी अब क्या करना है…?

स्पूजा ने मेरा हाथ पकड़ कर बोला- पहले केक काटना है !

हमने केक काटा.. सबने मिल कर केक और मिठाइयाँ खाई, फिर दीप्ति और उसकी सहेली नाज़िया वहाँ से स्पूजा की बुआ के घर चली गई, उनका घर पास में ही था।

मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की पर उन्होंने मुझे बोला- बेटा, पहले मैडम को देखो, बहुत कुछ करना है आपको !

मैं समझ चुका था कि सब पहले से प्लान किया हुआ है, उन दोनों के जाते ही स्पूजा मदहोश होकर मुझे बोली- …जानू, आज मुझे कुछ दोगे?

मैं समझ नहीं पाया… कि जो स्पूजा सेक्स से भागती थी, आज क्या माँग रही है…

मैं जब तक कुछ समझा पाता, स्पूजा ने मुझे कहा- चलो बेडरूम में चलते हैं…

सारे दरवाजे-खिड़की बंद करने के बाद वो मेरे हाथों को पकड़ कर बेडरूम में लाकर बेड पर बिठा प्रिया… फिर बोली- जान, आप यहीं रुको मैं अभी आती हूँ।

5 मिनट के बाद कपड़े बदलने के बाद जब स्पूजा मेरे सामने आई तो मैं उसे पहचान नहीं पाया।

उसकी पतली कमर में लटकती पैंटी और सीने के अनारों को सम्भालती ब्रा को देख मैं अपने आपको सम्भाल नहीं पाया, स्पूजा लम्बी, पतली, सेक्सी लड़की थी और अभी उसने सिर्फ़ ब्रा और पैंटी पहन कर मेरे सामने आने से अपने सेक्सी होने की बात को और साबित कर प्रिया था।

मैं उठा और बिना कुछ बोले उसे चूमने लगा… पहले 10 मिनट तक इमरान हाशमी के चूमने के हर तरीके से कहीं आगे बढ़ कर मैंने उसे चूमा और उसने भी इसमें मेरा पूरा साथ प्रिया।

फिर मैं बोला- जानू, आज मैं तुम्हें जन्नत की सैर कराऊँगा..

वो बोली- जान, पहले मुझे प्यार करो…प्यार की सैर से ही तो जन्नत की सैर होगी। मैं कबसे तुम्हारा और इस पल का इंतजार कर रही थी।

उसके ऐसा कहते मैंने उसके वक्ष पर अपना हाथ रख प्रिया। उसने कोई विरोध नहीं किया बल्कि बोली- गुदगुदी हो रही है।

मैंने उसकी गर्दन के पीछे चूमते हुए बोला- पुराने किले में तो तुमने दबाने नहीं प्रिया था, आज न रोको मेरी जान।

उसने मेरे होंठों को दस मिनट तक आईसक्रीम की तरह चूसा.. मैं समझ गया कि आज प्यार का सागर उमड़ गया है… आज मजा आएगा।

फिर वो रुकी और बोली- जब तुमने मुझे सेन्ट्रल पार्क में पहली बार किस किया था तब मुझे नहीं लगा था कि मैं भी कभी सेक्स के लिए इतना उत्तेजित रहूंगी, लेकिन आज सारे बंधन टूटेंगे… मैं खुश हूँ कि तुमने आज तक मेरे साथ कभी जोर जबरदस्ती नहीं की, न ही मेरे खिलाफ गये… इसलिए मैंने सोचा था कि अगर मैं कभी शादी के पहले सेक्स का मजा लूंगी तो वो सिर्फ आपके साथ..

फिर वो रुकी और शांत हो कर बोली- मैं यह सब क्या बोल रही हूँ… आप तो मेरे भगवान है… हमारी शादी हो न हुई हो पर मैं आपको पति मानकर आज आपके साथ सुहागरात मनाऊँगी।

फिर हम एक-दूसरे में खो गए।

दोस्तो, आप बताइएगा कि मेरी यह पहली कहानी कैसी लगी?

आप मुझे ईमेल कीजियेगा।support@mohakkisse.com

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