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भाभी की चुदाई • पठन समय: 6 मिनट • पढ़ा गया: 292 बार

चुदक्कड़ भाभी

पल्लव जानू

05 May 2014 को प्रकाशित

चुदक्कड़ भाभी
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दोस्तो,मैं जानू! अपनी नई कहानी के साथ! शायद ये कहानी आपको पसंद आ जाए!

2 साल पहले जब मेरी उम्र 22 की थी, सेक्स क्या होता है, यह मैं जानता तो था पर कभी किया नहीं था।

मेरे पड़ोस में एक भाभी रहती है, वह मेरी जवानी देख कर मचलने लगी थी शायद। वैसे उसका पति है पर लम्बाई में तो उससे छोटा तो था ही पर शायद उसका हथियार भी छोटा था। इसीलिए भाभी संतुष्ट नहीं हो पाती थी और दूसरे लण्ड की तलाश में रहती।

मेरी जवानी उसे पसंद आ गई और मैं भी सेक्स की चाहत के कारण उसके जाल में आ गया।

उसने मुझे एक रात पेट दर्द के बहाने बुलाया। मैं दवा लेकर पहुंचा, दवा दी और उसके कहने पर कुछ देर रुका। जब उसका दर्द कम हुआ तो अचानक वो उठी और मुझे किस कर लिया और बोली कि देवर जी! क्या दवा दी कि रोग ही ठीक हो गया! मैंने तुझे बदले में जो इनाम प्रिया, कहीं तुझे बुरा तो नहीं लगा?

मैंने कहा- नहीं भाभी जान! बिल्कुल नहीं!उसका मन बढ़ गया और उसने कहा- तब तो देवर राजा और कुछ दूंगी तो बुरा नहीं मानोगे ना?मैंने कहा- नहीं!

उसने मुझे कुछ देर सहलाया जो मुझे बहुत अच्छा लगा। सहलाते सहलाते उसने मेरी जिप खोलकर अंडरवियर के अन्दर हाथ डाला और मेरा हथियार निकाल लिया।

मुझे यह बहुत अच्छा लगा पर वह इसे देख कर आश्चर्य भरी निगाहों से देख रही थी, उसने कहा- जानू! इतना बड़ा! ये तो तेरे भाई के लौड़े से दुगना बड़ा है, उनका तो गाजर के जैसा छोटा और पतला है। क्या मैं इसे भी चूम लूँ?

मैं भी जोश में आ गया था सो बोला- भाभी जान! अभी ये तेरी अमानत है, इसे जो भी उपहार देना है दो!

वो मेरा लण्ड चूसने लगी। मुझे और अधिक जोश आ गया और मैंने उसकी साड़ी खोल कर कहा- मैं भी तेरे सामान को किस करना चाहता हूँ।

तो बोली- करो न किसने रोका है!

वह 69 के पोजिशन में हो गई, अपना पेटीकोट और ब्लाऊज़, ब्रा, पेंटी सब उतार प्रिया। 69 के कारण दोनों एक दूसरे का सामान चूसने लगे। चूसते चूसते उसने मेरा माल निकाल प्रिया और पी गई।

मैं भी कहाँ मानने वाला था! मैंने भी उसकी बुर चूस कर उसे झाड़ प्रिया और सारा रस जीभ से चाट गया।

इतने में उसने कहा- राजा, अब मेरी बुर को चोदो! मैं तेरा लण्ड चूसकर खड़ा किए देती हूँ।

यह कह कर वो मेरा लण्ड चूसने लगी और कुछ देर चूसने के बाद ही मेरा लण्ड फनफनाने लगा। मैंने कहा- मेरी रंडी चुदक्कड़ भाभी! अपने पति के लण्ड से तुझे तृप्ति नहीं मिली ना? आज बताता हूँ कि कुंवारे लण्ड से बुर का क्या हाल होता है!

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उसने कहा- राजा यही तो मैं चाहती हूँ! आज इस हरामजादी बुर को ऐसा मजा चखाओ कि यह भोंसड़ी हमेशा तेरे ही लण्ड से चोदवाने के लिए तड़पे! अपने भरतार के लण्ड को हमेशा के लिए भूल जाए! मेरे पति ने तो कभी मुझे पूरा सुख प्रिया ही नहीं!

यह कह कर उसने अपने चूतड़ फैला दिए बिल्कुल रंडी की तरह!

उसे इस हालत में देख मुझे भी ताव आ गया। मैंने अपने लण्ड को उसकी बुर के ऊपर रखा और धक्का प्रिया, लण्ड भीतर नहीं जाकर फिसल गया, इस पर वो हंसने लगी और बोली- राजा तुम बिल्कुल अनाड़ी हो! तुमने आज तक किसी को नहीं चोदा है? लाओ मैं तेरे लण्ड को अपनी बुर के छेद पर लगाती हूँ!

उसने ऐसा ही किया और मुझे धक्का लगाने को कहा। मैंने भी एक जोर का धक्का प्रिया, धक्का करारा था इसलिए वो चिल्ला उठी और गन्दी गालियाँ बकने लगी- साले खेत समझा है क्या कि जैसे तैसे जोत प्रिया? ओह… आऽऽह… हाय… ऊह..आऽऽ साले हरामी ने फाड़ प्रिया रे मेरी बुर को! भाभीचोद, फाड़ दे अपनी नीता रानी की बुर को! कचूमर निकाल दे इसका! मेरे मर्द देवर! और जोर से चोद! मुझे तृप्त कर दे! अब मेरी बुर का दूसरा कोई मालिक नहीं बनेगा, मेरा भरतार भी नहीं! अब तो मैं अपने भरतार के सामने भी तुझसे ही चुदवाऊँगी तब उस साले को पता चलेगा कि मर्द क्या होता है?

इतना सुनकर मैंने और जोर से चुदाई शुरू की।

वो चिल्लाने लगी- हाय.. ओह.. ओह… अस स स सऽऽऽ

मैं अब पूरे जोश में था, एक हाथ से उसकी चूची मसल रहा था और धकाधक अपने लण्ड को अन्दर बाहर कर रहा था। मेरे मुंह से गन्दी गन्दी बातें निकलने लगी। मैंने कहा- साली रंडी! तेरी बुर ने मेरे लण्ड को फंसा ही लिया! मादरचोद! आज तेरी बुर को भोंसड़ा नहीं बनाया तो मेरा नाम नहीं! आज तो तेरी बुर की खैर नहीं! आज तो इतनी बार चोदूंगा कि तेरी बुर फ़ूल कर पावरोटी बन जाए!

उसने कहा- हाँ राजा! जोर से! और जोर से चोदो! मेरे दुधु को चूसकर उससे दूध निकाल दो!

ऐसी गन्दी बातें कहते हुए हमने 30 मिनट चोदाई की। फिर मैंने कहा- रानी मेरे लण्ड से कुछ निकलने वाला है!

इस पर उसने भी कहा- मैं भी झड़ने वाली हूँ, पर राजा! तुम अपने लण्ड के फव्वारे से मेरी बुर की प्यास बुझाना!

इतना कहते कहते मेरे लण्ड ने झटका देना चालू कर प्रिया। वो अपनी बुर उठा उठा कर मेरे लण्ड का सारा रस अपनी बुर में लेने लगी और कहे जा रही थी- ओह! आह! . .ओह! मेरे देवर राजा आज मैं तृप्त हुई! अब इस बुर के मालिक तुम हो, इसे चोदते रहना, रोज रात आना! मैं नया नया स्टाइल सिखाऊँगी! तुझे चुदाई का मास्टर बना दूंगी!

मैंने भी कहा- हाँ नीता रानी, अब तुम ही मुझे चुदाई का सारा तरीका सिखाओ! अब मुझे तेरी ही बुर चोदनी है पर कंडोम मँगा लेना, कहीं कोई बच्चा रह गया तो? अभी तेरी उम्र ही क्या है!वो बोली- ठीक है, पर अगर तेरे बच्चे की माँ बन भी गई तो कोई गम नहीं!

कहानी कैसी लगी मुझे मेल जरूर करें ताकि मैं आपके लिए लिखता रहूँ!support@mohakkisse.com

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