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Office Sex पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,054 बार

कॉल सेंटर में सीखी चुदाई

मिहिर रोहण

25 Jun 2011 को प्रकाशित

कॉल सेंटर में सीखी चुदाई
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प्रेषक : मिहिर रोहण

दोस्तो, मेरा नाम सुरेश है, मैं एक छोटे शहर का रहने वाला था। मैं पहले पढ़ने के लिए और बाद में नौकरी के लिए बड़े शहर में गया, तो मैं यहीं रचबस गया।

मैंने पढ़ते-पढ़ते ही नौकरी शुरू कर दी थी और मैंने एक कॉल सेण्टर में काम करना शुरू कर प्रिया था। लड़का होने के कारण मुझे रात की शिफ्ट में काम करना पड़ता था, रात को मैं काम करता था और दिन में कॉलेज जाता था।

रात में कॉल सेण्टर में ज्यादा लोग नहीं होते थे, केवल 4-5 लोग ही होते थे। एक मेरी बॉस शीला और एक दूसरे विभाग के सर सोहन, मैं, मेरे साथ काम करने वाली लड़की गीता और एक-दो लोग और।

रात में ज्यादा काम नहीं होता था, सिर्फ़ थोड़ा बहुत देखरेख का काम था, इसलिए हम सब काफी मस्ती करते थे।

एक दिन मैं बाथरूम गया, तो मुझे लेडीज़ बाथरूम के बाहर जाने पर उसके अंदर से कुछ आवाजें सुनाई दीं।आआआआ….ऊऊऊ…आआ.ह्ह्ह….ऊओह्ह्ह…

और जब मैंने बाथरूम के दरवाजे के बाहर से झिर्री में से झांककर देखा तो पाया कि शीला मैम और सोहन सर एक दूसरे से लिपटे हुए थे और दोनों ही एक दूसरे को चूम चाट रहे थे, उन दोनों के अंग आपस में टकरा रहे थे। मुझे यह सब देखकर मज़ा आ रहा था और तभी मैंने अपना लंड में कड़ापन महसूस किया और मैंने जिप खोल कर लण्ड बाहर निकाल कर देख तो मेरे लंड से कुछ चिपचिपा निकलने लगा।

यह सब देखकर मुझे थोड़ा अजीब सा लगा, लेकिन इस कोशिश में मैंने गीता को नहीं देखा जो काफी देर से मुझे बाथरूम में झांकते हुए देख रही थी और मेरे खड़े लंड को देखकर अपने होठों ऊपर जीभ फिरा रही थी।

तो यह देख कर मैंने अपने खड़े लंड को अपने हाथों से छुपाने की कोशिश की। मैंने अपने खड़े हुए लंड को छुपाने लगा, लण्ड को पैंट के अन्दर कर लिया।

लेकिन गीता ने वो सब देख लिया और मुझे बोलने लगी- क्यों छुपा रहे हो, यह तो मेरे बड़े काम है। आ जा मेरे पास, आज की रात मुझे भी मज़े दिलवा दे।

यह सुनते ही मेरे लंड ने सुकड़ना शुरू कर प्रिया, मुझे लगा यह सब मेरी शर्म के कारण है लेकिन मुझे डर लग रहा था और मेरी गांड में हिम्मत नहीं थी कि मैं गीता को चोद सकूँ।

मैंने गीता को बोला- मैंने आज तक सेक्स नहीं किया और मुझे उसके बारे में कुछ नहीं मालूम।

गीता ने बोला- कोई बात नहीं ! आज की रात मैं तुम्हें पूरा सेक्स का ज्ञानी बना दूँगी।गीता ने सर से कुछ कहा और मुझे लेकर एक बाथरूम में घुस गई और मेरे सारे कपड़े उतार कर मुझे नंगा कर प्रिया। मेरा लंड कोई खास बड़ा नहीं था और झटके मारकर खड़े होने की कोशिश कर रहा था और कुछ चिपचिपा पानी उसमें से रिस रहा रहा था। यह देखकर गीता हंस पड़ी और एक ही बार अपने कपड़ उतार फेंके। उसका गोरा बदन और मस्त चूचे देखकर मेरे लंड ने अब वास्तव में फुदकना शुरू कर प्रिया और मुझसे उसका कड़ापन नहीं संभल रहा था।

गीता के चूचे काफी बड़े और मोटे थे और उन मोटे चूचों पर गुलाबी निप्पल देखकर मेरे मुँह में पानी आने लगा और मेरी जीभ से लार टपकने लगी।

फिर गीता ने बड़ी ही बेचैनी में मचलना शुरू कर प्रिया- आआआ…ऊऊओ…मोरे राजा…आजा…..ऊऊ…मेरी चूत को फाड़ दे……मेरी प्यास बुझा दे … गीता मेरे पास आई और उसने मेरे मुँह को पकड़ा और अपने चूचों पर लगा प्रिया और मुझे चूचे चूसने के लिए बोला।

मैं किसी बच्चे की तरह उसके चूचे से जैसे दूध चूस रहा था और वो मस्ती में कसमसा रही थी- आआ आआ… ऊऊ… व्वा.. ह्ह्ह्ह…. और फिर गीता ने मेरे लंड को पकड़ लिया और उसको मस्ती में खींचने लगी। मेरे मुँह से भी आआ….ओऊ….मस्ती में कामुक आवाज़ें निकलने लगी और मेरे लंड में से कुछ निकलने को बेताब था। मेरी गांड की मस्ती देखकर, गीता समझ गई कि मैं झड़ने वाला हूँ और गीता ने सब कुछ छोड़कर मेरा लंड अपनी चूत पर रगड़ना शुरू कर प्रिया और एक ही जोरदार झटके में अपनी चूत को आगे झटककर मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर घुसा लिया।

मेरा लंड गीता की चूत में ऐसे घुसा जैसे कटोरी में चम्मच। गीता काफी चुदक्कड़ थी और काफी लोगों से चुदवा चुकी थी और मेरा लंड भी थोड़ा छोटा था।

कुछ ही झटकों में मैंने पानी छोड़ प्रिया और मेरा लंड सुकड़ कर एकदम छोटा हो गया। गीता को मेरा छोटा लंड देखकर बड़ी निराशा हुई और जब मैंने जल्दी पानी छोड़ प्रिया, तो वो मुझे गालियाँ देने लगी क्योंकि वो संतुष्ट नहीं हो पाई थी।

मैंने अपने लंड को उठाने की काफी कोशिश की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गीता ने अपनी उंगलियों से अपने आप को चोदकर तृप्त किया। मुझे उस दिन बड़ी शर्मिंदगी उठानी पड़ी और उसके बाद मैं काफी दिन गीता से नज़र नहीं मिला पाया।

चाहे वो कैसा भी संभोग था, लेकिन गीता ने मुझे चुदाई के बारे में सिखा प्रिया और अब जब लड़कियों को चोदता हूँ तो वे मेरे लंड की दीवानी हो जाती हैं।

support@mohakkisse.com

प्रकाशित : 8 अप्रैल, 2013

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

लंडवा

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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