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माँ की चुदाई पठन समय: 18 मिनट पढ़ा गया: 315 बार

विधवा मम्मी की कामवासना

राज कुमार यादव 8

08 Jan 2017 को प्रकाशित

विधवा मम्मी की कामवासना
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नेकेड मॅाम Xxxx कहानी में मेरी विधवा मम्मी एकदम माल लगती थी. वे मेरे सामने ब्रा पैंटी में आ जाती थी. इसे मेरे मन में उन्हें चोदने के विचार आने लगे.

मेरा नाम राजकुमार है. मैं इंदौर का रहने वाला हूँ.

अब मैं अपने दोस्त सुनील की आपबीती को नेकेड मॅाम Xxxx कहानी में लिख कर बताने जा रहा हूँ.जैसा कि मैंने बताया कि मेरे दोस्त का नाम सुनील है और उसकी मम्मी का नाम आंचल है.

सुनील की उम्र उस समय 19 साल थी और आंचल आंटी की उम्र लगभग 40 साल की थी.पर आंचल आंटी की बॉडी को देखकर कोई भी नहीं कह सकता कि उनकी उम्र 40 साल की होगी क्योंकि दिखने में वे सिर्फ 30 या 32 साल की ही लगती थीं.

आंटी ने खुद को इतना मेंटेन किया हुआ था जिस वजह से वे एकदम जवान माल जैसी लगती थीं.आंचल आंटी का फिगर 34-30-36 का था और उनकी मदमस्त चाल से ही कोई भी अपना लंड हिला ले, वे इतनी सेक्सी दिखती थीं.

वे नियमित जिम जाती थीं और अपनी बॉडी का बहुत ध्यान रखती थीं.इसके अलावा आंटी हमेशा बहुत ही सेक्सी ड्रेस पहनती थीं, जिससे यही लगता था मानो वे कोई कुंवारी लड़की हों.

दोस्तो, अब आगे की सेक्स कहानी आप सुनील की जुबानी सुनिए:

यह बात 2020 की है, तब मेरे पापा की अचानक मौत हो गई थी और हमारे पूरे परिवार के ऊपर दुख का पहाड़ टूट पड़ा था.हमें ऐसा लगने लगा था कि अच्छी खासी जिंदगी मानो रुक गई हो.

पापा ने बहुत मेहनत करके अपना बिजनेस खड़ा किया था. उस वजह से हमारे पास पैसे की कोई कमी नहीं थी.पापा का कारोबार भी बहुत अच्छे से चल रहा था तो पैसे की आमद बरकरार थी.

हमारे पास बहुत बड़ा बंगला भी है.मैं और मेरी मां आंचल वहीं रहते हैं.

पापा के जाने के बाद मेरे मामा ने सारा काम संभाल लिया था.कुछ दिन बाद सब सामान्य हो गया और हम दोनों मां बेटे वापस थोड़ा खुश होने लगे.

मम्मी भी बहुत बड़े सदमे से बाहर निकल ही आई थीं.हमारी जिंदगी पुनः अच्छी हो गई थी.सारा कारोबार मामा देख लेते थे तो हम दोनों को कोई टेंशन नहीं थी.

दूसरी अच्छी बात यह हुई थी कि मम्मी की हंसी वापस लौट आई थी.पापा के समय से ही वे हमेशा खुले स्वभाव वाली रही थीं, जब से मैं समझदार हुआ था … मैंने यही देखा था.

पापा के समय से ही हम दोनों अक्सर अपनी सारी बातें साझा करते थे … और सबसे खास बात यह कि मम्मी बहुत ही सेक्सी कपड़े पहनती थीं, जिसको लेकर मैं बिंदास उनकी तारीफ करता था.मेरा तारीफ करना मेरी मम्मी को भी बड़ा पसंद आता था.

पापा के जाने के कुछ टाइम बाद देखा कि मम्मी सामान्य होने के बाद अब कुछ और ज्यादा सेक्सी कपड़े पहनने लगी थीं.

वे अब हमेशा मेरे सामने ही चेंज कर लेती थीं मतलब जैसे ब्रा पैंटी में तो मैंने बहुत बार देखा है उनको!

तभी से मेरा भी उनके प्रति नजरिया बदल सा गया था.अब मुझे वे एक कामुक औरत लगने लगी थीं.

मैं बहुत बार उनकी ब्रा पैंटी, जो बाथरूम में टंगी रहती थी, उसको अपने लंड पर लपेट कर उनमें मुठ मार प्रिया करता था.मैंने यह भी देखा था कि इस बात को लेकर मम्मी ने भी आज तक कुछ नहीं बोला था.

आखिर वे भी अपनी ब्रा पैंटी पर वीर्य के दाग देखती ही होंगी और इस बात को भली भांति समझ भी जाती होंगी कि यह सब मैंने किया है, क्योंकि घर में थे ही हम दो बंदे!

मेरी मम्मी बहुत ही सेक्सी सी ड्रेस पहन कर पार्टी में जाया करती थीं.लोग उन्हें देखकर उन पर बहुत कमेंट भी करते थे.पर वे सबको इन्जॉय करती हुई इग्नोर कर प्रिया करती थीं.

मैं हमेशा से उनके साथ ब्रा पैंटी भी खरीदने जाता था और वे मुझसे पूछती भी थी कि कौन सी लूँ!तब मैं भी बिंदास बता देता था- आपने ऐसी कभी नहीं पहनी है, आप ये वाली ले लो.

पापा के जाने के बाद आजकल मम्मी घर में सिर्फ छोटे कपड़ों में ही रहती थीं और उन कपड़ों में उनके बूब्स और गांड पूरी साफ नजर आती थी.इससे मैं उनकी ओर और ज्यादा आकर्षित होने लगा था और उनके नाम की मुठ भी मारने लगा था.

यह सब हमारे बीच बिंदास चलता था पर इससे ज्यादा कुछ नहीं हुआ था.

बहुत बार वह मेरे सामने ब्रा पैंटी में रहती थीं.तब यार क्या बताऊं कि वे मुझे एक चोदने लायक माल लगती थीं और मेरा जी करता था कि मम्मी को लेटा कर अभी उन्हें चोद दूँ!

कई बार वे इतनी छोटी ब्रा पैंटी पहनी होती थीं कि समझो उसे पहनने से ना पहनना ज्यादा ठीक लगता था.उनकी लेदर जैसे कपड़े की जिस्म से चिपक जाने पैंटी या ब्रा से उनके जिस्म के हर कटाव साफ साफ दिखते थे.

चूत के आजू बाजू का हिस्सा तो पैंटी से छुपता ही नहीं था और चूत की फूली हुई फाँकें भी पैंटी के ऊपर से ही साफ दिख जाती थीं.पीछे से चूतड़ तो लगभग पूरे नंगे ही दिखते थे और ब्रा की स्तन के ऊपर वाली पट्टी भी सिर्फ निप्पल को ढकती थी, बाकी पूरे दूध खुली हवा में अपनी छटा बिखेरते थे.

मम्मी के कड़क निप्पल के कठोर दाने भी ब्रा के कपड़े के ऊपर से मुझे मुँह चिढ़ाते थे.पर पता नहीं मेरी मम्मी ऐसा क्यों करती थीं.

मेरी जीएफ के बारे में भी मम्मी को पता था.एक बार मम्मी कहीं बाहर गई थीं तो मैंने अपनी जीएफ को घर बुला लिया था.

वैसे मेरी जीएफ भी चुदने में कम नहीं थी, साली रंडी की तरह लंड पर उछल उछल कर पूरा अन्दर तक लेती थी.

जिस दिन वह आई, मैं कमरे का दरवाजा बंद करना भूल गया था.क्योंकि बड़ा घर था तो अक्सर ऐसा हो जाता था.

मैं अपनी जीएफ की चुदाई में इतना लीन हो गया था कि मैंने अपने कमरे का दरवाजा भी बंद नहीं किया था.

मुझे लगा था कि मेरी मम्मी शाम तक वापस आएंगी.

लेकिन तभी अचानक से मम्मी कमरे के अन्दर आ गईं और हम दोनों की चुदाई देखने लगीं.हम दोनों दरवाजे के विपरीत दिशा में मुँह किए हुए अपनी चुदाई की मस्ती में डूबे हुए थे.

वे सब देख रही थीं कि मैं अपनी जीएफ की चुदाई किस तरह से उसे घोड़ी बनाकर पेल रहा था.जीएफ भी पूरे जोश में बोल रही थी- आह फक मी हार्ड आह क्या लंड है तेरा सुनील … आआह उफ्फ़ मजा आ गया!

इतने में मेरी नजर दरवाजे पर पड़ी तो मैंने देखा कि मम्मी हम दोनों को देख रही थीं.

पर उनकी नजर में भी अब मुझे हवस नजर आ रही थी.वे अपने हाथ से अपने दूध मसल रही थीं.

हम दोनों उन्हें देख कर अचानक से हड़बड़ा उठे और हमने सीधे होकर चादर को ओढ़ लिया.यह देख कर मम्मी ने कुछ नहीं कहा, वे बाहर चली गईं.

हम दोनों ने कपड़े पहने और जीएफ ने मुझसे नाराज होते हुए कहा- क्या यार … तुमने दरवाजा बन्द क्यों नहीं किया था?मैंने कहा- हाँ यार, जल्दी जल्दी में मैं दरवाजा बंद करना भूल ही गया था.

फिर मैं और जीएफ नीचे गए और मैं जीएफ को बाहर तक छोड़ कर आया.

फिर मैं वापस अपने कमरे में आया क्योंकि अब मैं मम्मी से नजर नहीं मिला पा रहा था.पता नहीं मम्मी क्या सोच रही होंगी, ये सोचकर मैं कमरे से बाहर नहीं निकला.

शाम को खाने के टाइम भी नहीं गया, तो मम्मी मेरे कमरे में आईं और बोलीं- सुनील खाना खाने क्यों नहीं आए?मैंने कहा- सॉरी मम्मी गलती हो गई … आगे से ऐसा नहीं होगा, प्लीज मुझे माफ कर दीजिए!

थोड़ी देर चुप रह कर मम्मी ने कहा- बेटा, ये तेरी उम्र में साधारण सी बात है, पर आगे से दरवाजा बंद कर लेना.

इतना सुन कर मैं झटके से उठा और मम्मी के गले से लग कर बोला- आप कितनी अच्छी मम्मी हो!उस टाइम उनके बूब्स मुझे टच हुए और वे ऐसे कड़क होकर उभरे हुए थे मानो उन पर किसी ने टच किया हो या वे मेरी चुदाई का देखकर पत्थर बन गए हों.

मम्मी ने कहा- तेरे पापा के बाद मुझे ही तुझे देखना है, तो यह सब माफ तो करना ही पड़ेगा!मैं उनके गले से लिपटा रहा और उनके मम्मों को महसूस करता रहा.

फिर मम्मी बोलीं- शायद मैं थोड़ा जल्दी आ गई थी तुमको परेशान करने!यह बोल कर मम्मी थोड़ी मुस्कुरा दीं.

मैंने उनसे अलग होकर कहा- गलती तो हमारी थी … अगेन सॉरी.

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फिर हम साथ में नीचे गए और खाना खाया.उस टाइम मम्मी ने कुछ ज्यादा ही ट्रांसपेरेंट मैक्सी पहन रखी थी, जिसमें से उनकी ब्रा पैंटी पूरी साफ साफ नजर आ रही थी.

मैं कुछ समझ ही नहीं पा रहा था कि मम्मी ने ना मुझे डांटा, ना कुछ बोला … और ऊपर से इतना सब कैसे!

खैर … हम दोनों ने साथ में खाना खाया और अपने अपने कमरे में सोने चले गए.

पूरी रात मैं सोचता रहा और मम्मी के ख्याल में ही डूबा रहा.वैसे वे मेरी मां थीं, पर अब मैं कुछ और ही सोच रहा था.

मुझे आधी रात तो नींद ही नहीं आई और मैं फिर से वही करने बाथरूम में चला गया, जो पहले करता था.बाथरूम में जाकर मैंने मम्मी की पैंटी ब्रा की खुशबू ली और उसे लंड से लपेट कर उसमें मुठ मारने लगा.यह सोचते हुए कि मम्मी ही मेरी मुठ मार रही हैं.

मैंने माल गिरा कर उसे वापस टांग प्रिया और आकर सो गया.यह बात मम्मी को पता थी, पर इसको लेकर उन्होंने आज तक कुछ नहीं बोला था.

शायद अब उनका भी मन होने लगा था कि वे अब चुदें … चाहे मुझसे ही क्यों नहीं!

अगले दिन सुबह मम्मी आईं, उस टाइम वे उसी मैक्सी में थीं जो मैंने शाम को देखी थी.उन्होंने कहा- सुनील मुझे तेरा रेजर चाहिए क्योंकि मेरी हेयर रिमूवर क्रीम खत्म हो गई है और मुझको कहीं जाना है … तो बगलें (armpit) बनाना हैं.

मेरा दिमाग हिल गया कि इतनी सुबह और अच्छा मूवमेंट, क्या बताऊं दोस्तो … बाल साफ करने वाली बात सुन कर ही मेरी बॉडी में सनसनी छा गई थी.मैंने पूछा- मम्मी मेरे पास रेजर तो है, पर आपको उसे इस्तेमाल करते नहीं आएगा. अगर गलती से कट गया तो?मम्मी बोलीं- बेटा, आज पार्टी में जाना जरूरी है और तुझे तो पता है न कि मैं स्लीवलेस ब्लाउज़ पहना करती हूँ तो कैसे जाऊंगी. फिर इतनी सुबह तो पॉर्लर भी ओपन नहीं होंगे!

मुझे शुरू से ही मम्मी की बगलें बहुत सेक्सी लगती हैं, तो मेरे दिमाग में भी खुराफात आई.

मैंने कहा- मम्मी, मैं क्लीन कर दूँ क्या?मम्मी बोलीं- बेटा है तू मेरा, थोड़ी तो शर्म कर!

फिर मैंने कहा- मम्मी सैलून में भी तो अंजान ही करते हैं तो मैं क्यों नहीं?थोड़ी देर बाद मम्मी बोलीं- ठीक है, तू ही साफ कर दे. मैं तो बस चेक कर रही थी कि तू क्या बोलता है!

फिर मैंने सारा सामान तैयार किया और मम्मी के पास आ गया.मम्मी ने अपनी एक बांह ऊपर की तो मानो मुझे जन्नत की खुशबू आ गई.

मैंने हल्का का शैंपू लगाया और उसे क्लीन करने लगा.आआह्हह दोस्तो, कभी अपनी या किसी और की मम्मी की बगल क्लीन करके देखना … मजा आ जाएगा.

फिर मैंने उनकी दूसरी बांह उठाई, तो थोड़ी खुराफात करने का सोचा क्योंकि मम्मी उस समय सिर्फ ब्रा में थीं तो उनके बूब्स मुझे बहुत ज्यादा पागल कर रहे थे.मैंने मम्मी से कहा- मम्मी शैंपू खत्म हो गया!

मम्मी बोलीं- अब क्या करेंगे!मैंने कहा- आप टेंशन मत लो, मैं सब कर दूंगा.

मैंने मम्मी की बगल को अपनी जुबान से चाटा.आआह … क्या स्वाद था यार … मजा आ गया.

मम्मी अकबका कर बोलीं- ये क्या कर रहा है तू?मैंने कहा- मम्मी आप बस देखती जाओ … ऐसे आपको बगल साफ करवाने में बड़ा मजा भी आएगा!वे कुछ नहीं बोलीं.

मैं फिर से चाटने में इतना मस्त हो गया कि भूल ही गया कि क्या करने वाला था.

मम्मी भी मजे से अपनी बगल चुसवा रही थीं और इधर मेरे लौड़े का बुरा हाल हो रहा था.मैंने फिर जैसे तैसे मम्मी की बगल क्लीन कर दी और वापस से चाटने लग गया.

मम्मी की अब कामवासना जागने लगी थी और वे भी मजे से चटवा रही थीं.मेरी मम्मी बीच बीच में बोल भी रही थीं कि आह्ह्ह सुनील … तू अब बड़ा हो गया है!ये बात वे मेरे लंड को देखकर बोली थीं.

मैंने धीरे से मम्मी के बूब्स को स्पर्श किया तो वे सिहर उठीं ‘आआआह्ह.’इसी के साथ मेरा आज सपना सच होने लगा था.

वे बोलीं- बेटा क्या कर रहा है!मैंने उनका नाम लेते हुए कहा- आंचल, आज मैं वह कर रहा हूँ जो आप बहुत पहले करने वाली थीं!वे बोलीं- तू मेरा नाम लेकर बोलता है!

मैंने उसी टाइम उनकी ब्रा से बूब्स को निकाला और चूसना चालू कर प्रिया.पहले वे मुझे मना कर रही थीं, फिर खुद ही बूब्स चूसे जाने के कारण गर्म हो गईं और खुद से दूध पिलाने लगीं.

मम्मी बोलीं- आआह्ह बेटा और चूस … बहुत दिन से भूखी है तेरी मां … आहह सुनील आह उफ्फ़!मम्मी ने तुरंत मेरा लंड पकड़ लिया और सहलाने लगीं.

वे बोलीं- बेटा कब से मैं तेरा मुठ मारा हुआ पानी टेस्ट कर रही थी, तूने आज मौका दे ही प्रिया!वे मेरा लंड निकाल कर उसे चूसने के पोज में आईं और लंड चूसना चालू कर प्रिया.

आह्हह … ऐसा लग रहा था मानो जन्नत मिल गई … बरसों का सपना आज पूरा हो गया.

वे पूरे जोश के साथ मेरा लौड़ा मुँह में अन्दर तक लेकर चूस रही थीं.मैंने भी उसी टाइम मम्मी की ब्रा फाड़ दी.

वे बोलीं- कमीने ये क्या किया, मेरी नई ब्रा क्यों फाड़ दी?मैंने कहा- सॉरी मम्मी.

मैं मम्मी के बूब्स दबाने लगा.

मेरी मम्मी पूरे जोश के साथ मेरा लौड़ा चूस रही थीं और बोल रही थीं- आआह बेटा … बहुत दिन से तेरा लंड देखकर पागल हो रही थी. मैंने तुझे कितने मौके दिए, पर तू समझा ही नहीं!मैंने कहा- मम्मी मैं भी तो कब से इसी मौके की तलाश में था. आज मौका देकर आपने मजा दे प्रिया.

फिर तो हम दोनों वासना में ऐसा लीन हुए कि सब कुछ भूल गए कि हम दोनों मां बेटे हैं.

मैंने कहा- मम्मी मुझे अब आपकी चूत चाटने दो!मम्मी बोलीं- बेटा कब से मेरी चूत तेरे लिए प्यासी है. आज मिटा दे मेरी प्यास!

ऐसा कह कर मम्मी ने अपनी टांगें खोल दीं और मैंने अपनी जुबान मम्मी की चिकनी चूत में डाल दी.

आह्ह क्या टेस्ट था मम्मी की चूत का … मैं लगातार उनकी चूत को इतनी बेताबी से चाट रहा था कि मम्मी भी सब कुछ भूलकर बस अपनी चूत चटवाने में लीन हो गई थीं.वे अपनी गांड उठा कर मेरे मुँह पर अनई चूत दबा रही थीं.

इसी चूत चटाई के क्रम में मेरी मम्मी एक बार झड़ गईं लेकिन मैंने उनकी चूत चाटना नहीं छोड़ा और सारा रस चाट जाने के बाद भी अपने मुँह को उनकी चूत पर जमाए रहा … लगातार चूत चाटता रहा.इस तरह से मैंने दो बार मम्मी की चूत चाटकर साफ़ कर दी थी.

मेरी मम्मी की तो मानो अपने बेटे से अपनी चूत चटवाने की इच्छा पूरी हो गई थी.

फिर मम्मी बोलीं- बेटा अब अपना लंड मेरी चूत के अन्दर भी डाल दे न … मेरी चूत में बड़ी आग लगी है!मैंने अपने लौड़े को मम्मी की चूत पर टिकाया और एक ही झटके में पूरा अन्दर डाल प्रिया.

मम्मी बोलीं- आह्ह्ह कमीने साले मादरचोद … ऐसा पेलने के लिए थोड़ी बोला था कि तू मेरी चूत ही फाड़ दे … आह वापस निकाल लौड़े … वरना मेरी चूत फट जाएगी!मैंने कहा- साली आज तक किसी के लंड से चूत नहीं फटी … अब बस तू मजे ले मेरी रण्डी मम्मी … आआह.इसी के साथ मैंने उनकी चूत में झटके देना जारी रखा.

थोड़ी ही देर बाद मेरी चुदी चुदाई मम्मी को भी मजा आने लगा.नेकेड मॅाम Xxxx चोद कर कसम से ऐसा लग रहा था मानो मैं किसी बीस साल की लड़की को चोद रहा हूँ. मम्मी की चूत इतनी कसी थी कि क्या ही कहूँ … सच में उनकी चूत मेरे लौड़े को बहुत मज़ा दे रही थी.

धकापेल बीस मिनट की चुदाई के बाद मैंने सारा माल मम्मी की चूत में डाल प्रिया.अपनी चूत में अपने बेटे के वीर्य को पाकर उनको इतनी ज्यादा राहत मिली कि वे तृप्त हो गईं.मम्मी ने मुझसे कहा- बेटा, आज तूने अपनी मम्मी की सारी इच्छाओं को पूरा करके खुश कर प्रिया.

फिर हम दोनों ने काफी देर तक लिप किस किया और वे तैयार होकर पार्टी में चली गईं.

वापस आने के बाद रात का सीन में अगली कहानी में बताऊंगा कि कैसे मैंने मम्मी से शादी की और हमारा एक बेटा भी हुआ.

तो दोस्तो, बताओ आपको यह नेकेड मॅाम Xxxx कहानी कैसी लगी. मुझे मेल पर ज़रूर बताएं.मेरी मेल आईडी हैsupport@mohakkisse.com

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