होम पर वापस जाएं
Group Sex Story • पठन समय: 11 मिनट • पढ़ा गया: 1,168 बार

माँ, बुआ और चाची का जंगल में गैंगबैंग-4(Maa, bua aur chachi ka jungle mein gangbang-4)

iloveonlymilfs

25 Nov 2021 को प्रकाशित

माँ, बुआ और चाची का जंगल में गैंगबैंग-4(Maa, bua aur chachi ka jungle mein gangbang-4)
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

पिछला भाग पढ़े:-माँ, बुआ और चाची का जंगल में गैंगबैंग-3

हिंदी चुदाई कहानी अब आगे-

तो अब चिट के ऊपर मेरी मम्मी का नाम था। मैं, पंकज, वसीम और अहमद उठ कर मेरी मम्मी के पास जाते हैं और उनको घेर लेते हैं। मेरी मम्मी ये सब देख कर अपने होंठ काटती हैं। उनकी चूत पूरी गिली हो चुकी थी मेरी बुआ का गैंगबैंग देख के और अब उनकी बारी थी। वो बस ये सोच रही थी कि हम सब उनकी चुदाई कैसे करेंगे और कितनी हार्डकोर करेंगे। हम सब बस मेरी मम्मी के नंगे बदन को ही देख रहे थे। मम्मी थोड़ी देर इंतजार करती हैं, फिर वो बोलती हैं।

मम्मी: तुम लोग बस खड़े-खड़े मेरे पति की तरह देखोगे, या फिर असली मर्द की तरह मेरी टांगें उठा कर मुझे चोदोगे भी?

प्रतीक: हां मम्मी, अभी तो पूरी रात हमारी हैं ये पूरी ट्रिप हम सब बस चुदाई ही तो करने वाले हैं।

वसीम: कोई ना चलो फिर सीधे चुदाई शुरू करते हैं और इस रंडी औरत की आग बुझा देते हैं, और उसको अपनी पालतू रखैल बना लेते हैं।

मम्मी: हां मुझे अपनी रखैल बना लो। मेरी खूब चुदाई करो। आओ मेरे पूरे मजे लो, मुझसे अब और नहीं रहा जाता। अब मैं तुम्हारे बड़े लंड को अपनी मोटी गांड और अपने बड़े स्तनों के बीच मेहसूस करना चाहती हूं।

पंकज: इस रंडी में तो सब्र ही नहीं है। इसको थोड़े शिष्टाचार सीखना पड़ेगा।

फिर अहमद मेरी मम्मी के पास जाकर उनके बड़े मम्मे मसलने लगता हैं और पंकज उनकी गीली चूत सहलाने लगता हैं। वसीम उनकी गांड पर अपना 7 इंच का बड़ा लंड रगड़ने लगता है। मेरी मम्मी मुझे देख कर आंख मारती हैं। मैं समझ जाता हूं कि वो मुझे भी बुला रही थी इस चुदाई में हिसा लेने के लिए।

मैं जाकर अपना लंड उनके मुंह के अन्दर डाल देता हूं और उनके मुंह को चोदने लगता हूं। मेरी मम्मी की गांड में वसीम अपना लंड डाल देता है, तो वही पंकज उनकी चूत में अपना लंड डाल देता है और इसी के साथ अब वो दो लंड से एक साथ चुद रही थी। दोनों लंड बड़े थे। उनको काफी मजा भी आ रहा था, पर दर्द भी उतना ही हो रहा था। पंकज उनको चोदते-चोदते उनकी गांड को मसल भी रहा था। मम्मी की इससे पहले इतनी अच्छी चुदाई नहीं हुई थी।

उनके चेहरे पर ख़ुशी साफ़ दिखाई दे रही थी। मेरी बुआ उनकी पिछली चुदाई के बाद सो चुकी थी और वही मेरी रंडी चाची अपनी चूत में उंगली कर रही थी। मुझे आज पता लगा कि मेरे घर की औरतें इतनी बड़ी रंडियां हैं जो बाहर के मर्दों की रखैल बनने के लिए तैयार बैठी हैं। पर मुझे इस चीज़ से कोई समस्या नहीं थी। बस मुझे उन लड़कों से थोड़ी ईर्ष्या होती थी।

मेरी मम्मी की गांड और चूत दोनों के अंदर लंड था। फिर पहले पंकज उनकी चूत में झड़ जाता है और वसीम उनकी गांड में झड़ जाता है। उनकी गांड और चूत में अब पूरा माल लगा हुआ था, तो वही कुछ देर बाद मैं भी उनके मुंह में झड़ जाता हूं। फिर अब अहमद उनकी चूत में लंड डाल देता है और मैं उनकी गांड में अपना लंड डाल देता हूं।

फिर हम दोनों भी वसीम और पंकज की तरह उनकी चूत और गांड चोदने लगते हैं। मेरी मम्मी तो आज जन्नत में थी। फिर हम दोनों भी अपना माल उनकी चूत और गांड में डाल देते हैं। मेरी मम्मी की गांड पूरी लाल हो गई थी, इतनी तगड़ी चुदाई के बाद।

मम्मी: आह.. मेरी तो गांड फाड़ दी तुम लड़कों ने कसम से तुम लोगों का लंड तो बड़ा कमाल का है।

वसीम: वो तो हैं आंटी।

मम्मी: आंटी नहीं रंडी बोलो मुझे।

पंकज: वैसे प्रतीक अब तो तू मादरचोद बन गया है। मजा आया अपनी मां की चुदाई करके और अपनी मां का रंडी अवतार देख के?

प्रतीक: हां मजा तो बहुत आया।

अहमद: हाँ अभी तेरी रंडी चाची की बारी है। पंकज याद है ना कल तेरी माँ का जन्मदिन है। तेरे घर आज रात तक जाना पड़ेगा, इसलिए सब जल्दी-जल्दी करते हैं।

पंकज: हां वो तो है। इनको भी मैं अपना घर लेकर चलूंगा, क्या कहता है तू?

अहमद: पर तेरी माँ को पता चला तो।

पंकज: अरे नहीं चलेगा। इतना चिंता मत कर। मैं सब हैंडल कर लूंगा। मम्मी को मनाना इतना मुश्किल भी नहीं है।

वसीम: अगर पंकज भाई ऐसा है तो मैं भी मेरी अम्मी को आपके घर लेकर आता हूं।

अहमद: मैं भी लेकर आऊंगा फिर अपनी अम्मी को।

प्रतीक: तुम लोगों को भी अपनी मम्मी पसंद है क्या?

वसीम: हां भाई मुझे तो मेरी अम्मी अंजुम बहुत पसंद है। उनकी मोटी गांड और उनकी पतली कमर पर तो मैं मरता हूं।

अहमद: मुझे मेरी अम्मी फातिमा के बड़े दूध के गुब्बारे पसंद हैं। मेरी अम्मी की हाइट सिर्फ 5 फीट है पर वो भी काफी खूबसूरत हैं।

पंकज: मुझे भी मेरी मम्मी संगीता बहुत पसंद है। वो मोटी औरत हैं इस वजह से उसकी गांड और उसके दूध के गुब्बारे भी काफी बड़े, मोटे और मुलायम हैं।

मेरी चाची ये सब सुन रही थी। उनको अपनी चुदाई करवानी थी पहले, पर ये लोग तो अपनी मम्मी के बारे में बात कर रहे थे। फिर मेरी चाची उठ कर मेरे पास आती हैं और मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर डाल देती हैं। पंकज, वसीम और अहमद ये देखते हैं और वो उनकी चुदाई करने के लिए उनके करीब आते हैं। मैं मेरी चाची को डॉगी स्टाइल में चोद रहा था, तो वहीं पंकज अपना लंड उनके मुंह में डाल देता है। वसीम उनके नीचे लेट कर उनके मम्मे चूसने लगते हैं। अहमद उनकी नाभि चाटने लगता है।

यह भी पढ़ें (Recommended)

Maa Ki Zimmedariyan Aur Chacha Ke Ehsaan – Part 6

मेरी चाची को मैं बहुत तेजी से चोद रहा था और उनका पानी मेरे लंड पर बहुत बार निकल चुका था। फिर मैं उनकी चूत में झड़ जाता हूं उसके बाद में जाकर अपनी मम्मी और बुआ के पास जाता हूं। उसके बाद वसीम उनकी चूत के अंदर अपना लंड डाल कर उसको चोदता है। पंकज और अहमद थक गए थे और उन्हें चाची की चुदाई पहले भी की थी, तो वो भी आकर बैठ जाते हैं।

वसीम भी थोड़ी देर बाद अपना माल उनकी चूत में निकल देता है, और वो भी बैठ जाता है और चाची भी काफी थक गई थी। हम सब सो जाते हैं। सुबह जब मेरी आंख उठी तो बस मेरी बुआ योग कर रही थी और वह भी पूरी नंगी थी। वो अपने हाथ से अपने पैर की उंगलियों को छूने की कोशिश कर रही थी। उनकी गांड मेरे मुंह के बिल्कुल आगे थी। मेरी बुआ को योग करना बहुत पसंद है वो रोज़ सुबह उठ कर योग करती हैं। मुझसे उनकी गांड देख कर कंट्रोल नहीं हुआ, इसलिए मैंने उनकी गांड पर एक थप्पड़ मार दिया। मेरी बुआ थोड़ा शॉक हो गई और वो पीछे देखी तो मैं था।

बुआ: यार प्रतीक, तूने तो मुझे डरा ही दिया।

प्रतीक: हां बुआ वो कंट्रोल नहीं कर पाया आपकी मस्त गांड देख के।

बुआ: कल तो चोदा था ना तूने। अब फिर मूड बन गया है क्या तेरा?

प्रतीक: हाँ बुआ देखिये ना मेरा लंड अभी भी खड़ा है।

बुआ: कसम से जानवर है यार तू तो। इतनी तगड़ी चुदाई के बाद भी लंड खड़ा है तेरा। पहले मुझे चोदा, फिर अपनी माँ को, फिर अपनी चाची को। इसलिए मुझे जवान लड़के पसंद होते हैं वो जल्दी नहीं थकते।

मैं हंसता हूं और कुछ नहीं कहता फिर वो बोलती हैं।

बुआ: चल प्रतीक मेरे साथ। थोड़े कपड़े पहन कर घूमने जाते हैं।

मैंने बुआ के साथ कपड़े पहने और उनको ब्लाउज पहनाने में उनकी मदद की और फिर हम निकल गए। जैसे हम टेंट से थोड़ी दूरी पर गए वो बोली-

बुआ: प्रतीक मेरे पास तेरे लिए एक मस्त आइडिया है।

प्रतीक: कैसा विचार?

बुआ: देख दो आइडिया है सबसे पहले कौन सा बताऊं, आसान वाला या हार्ड वाला?

प्रतीक: आसान वाला बता दीजिए पहले।

बुआ: देख इसे वसीम, पंकज और अहमद ने तेरी माँ, बुआ और चाची को चोदा, वैसे ही तू भी उनकी माँ को चोद दे। वो बहुत खुबसूरत हैं। तीन गोरी हैं और अच्छी हैं दिखने में और उनका फिगर भी मस्त है।

प्रतीक: हां वो लोग हमें उनके घर भी तो लेकर जाने वाले थे। शायद हो सकता है ये काम कर जाते हैं और मुझे नई चूत मिल जाए। हार्ड वाला आइडिया क्या है?

बुआ: तू मुझे, तेरी चाची और तेरी माँ को प्रेग्नेंट करना चाहता है क्या?

प्रतीक: हां पर आप तीनों इसके लिए राजी होंगी तब ना।

बुआ: मैं तो राजी हूं पर तेरी मां और चाची का मुझे नहीं पता। देख में तुझसे प्रेग्नेंट होना चाहती हूं, क्योंकि तेरे फूफा जी नामर्द हैं। वो मुझे बच्चा नहीं दे सकते, पर मैं चाहती हूं माँ बनना और मैं तुझे पसंद करती हूं।‌ इसलिए सबसे पहले तुझसे चुदी थी और मैंने तुझे सब कुछ बताया था। मैं तुझे अपने बच्चों का बाप बनाना चाहती हूं।

प्रतीक: तो फिर अभी करु चुदाई?

बुआ: नहीं कल रात मैंने तेरी मां ने और तेरी चाची ने गोलियां ली हैं, जिससे जो माल तुमने हमारे अंदर डाला था उसका कोई असर नहीं होगा। अभी सीधा कल ही चुदाई करते हैं, मैं काफी थक गई हूं बेटा। पर आज से हम पति पत्नी हैं और मैं तुझे तेरे हरम बढ़ाने में भी मदद करूंगी। धीरे-धीरे तुझे बहुत सारी चूत मिलने वाली है, बस थोड़ा टाइम लगेगा।

प्रतीक: हां बुआ मुझे चलेगा। आप बहुत अच्छी हो, जो आप मेरे बारे में इतना सोचती हो।

बुआ: चल अब बुआ को इस ख़ुशी की बात पर एक चुंबन तो दे।

मैं बुआ को किस्स करता हूं और उनके कमर पर अपना हाथ रख दिया और मैं उनकी जीभ भी चाटने लगा। ये काफी अच्छा और मस्त किस्स था और अब मेरी जिंदगी बदलने वाली थी। अब मैं रंडियों का राजा बनने वाला था, पर इसके लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ेगी।

आगे के हिस्से और भी ज़्यादा मज़ेदार होंगे। उम्मीद करता हूं कि आप इस कहानी को प्यार देंगे और मुझे सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे।

Gmail id: support@mohakkisse.com

अगला भाग पढ़े:-माँ, बुआ और चाची का जंगल में गैंगबैंग-5

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Maami Saas Aur Unki Beti
Group Sex Story

Maami Saas Aur Unki Beti

Dosto aapne meri last indian group sex chudai ki kahani to padhi hi hongi. Dosto kuch readers ne mujhe facebook pe invite kiya to ab maine unke liye apni facebook id bhi create kar li hai mere fb friend banne ke liye fb pe request bheje taaki hum ...

10 मिनट 1,086
Meri biwi ki chudai express-7
Group Sex Story

Meri biwi ki chudai express-7

Pichla bhaag padhe:-Meri biwi ki chudai express-6

11 मिनट 1,228
Maa Ki Zimmedariyan Aur Chacha Ke Ehsaan – Part 6
Group Sex Story

Maa Ki Zimmedariyan Aur Chacha Ke Ehsaan – Part 6

Meri aankh khuli aur maine ghadi dekhi tau 11.00 baj rahe the. Maine pass leti maa ko dekha.

8 मिनट 695

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।