होम पर वापस जाएं
माँ की चुदाई पठन समय: 20 मिनट पढ़ा गया: 506 बार

विधवा मां की चुदास बेटे के लंड से बुझी

जितेन्द्र यादव

21 Oct 2017 को प्रकाशित

विधवा मां की चुदास बेटे के लंड से बुझी
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मॅाम Xxx सन सेक्स कहानी में मेरे पिता की डेथ के बाद मम्मी अपनी चूत की प्यास से परशान थी. एक दिन मैंने उनको चूत में खीरा डालते देखा. तो मैंने उन्हें सेक्स का मजा देने का फैसला किया.

मैं कामेश, छत्तीसगढ़ के एक गांव से हूँ. मैं पहली बार कोई सेक्स कहानी लिख रहा हूँ, वह भी अपनी खुद की कहानी.इसकी कहां से शुरुआत करूँ … समझ नहीं आ रहा, फिर भी शुरू से ही पढ़ लीजिए.

ये मेरी मॅाम Xxx सन सेक्स कहानी है, जो अनजाने में हुई.बात ऐसी है कि 2019 में कोरोना आया और उससे मेरे पापा की जान चली गई.तब मैं 19 साल का था.

घर वालों को समझ नहीं आ रहा था कि ये सब कैसे हो गया.फिर एक-दो साल बीत गए और अब सब अपनी ज़िंदगी पर ध्यान देने लगे.

मेरे घर में मैं, मां, चाचा-चाची, उनके दो बच्चे और दादाजी रहते हैं.मैं अपने मां बाप का इकलौता बेटा हूँ.

दिन ऐसे ही बीत रहे थे.

गांव में पैसे की कमी की वजह से घर छोटा ही बना था, जिसमें दो कमरे, एक किचन और एक हॉल था.

मैं और मां एक कमरे में सोते थे, दादाजी हॉल में और चाचा-चाची अपने कमरे में.

मुझे अपनी मां के बारे में कामुक ख्याल तब आया जब एक दिन मां नहाकर कमरे में आईं.मैं वहीं मोबाइल चला रहा था.

गांव में सब भोले-भाले और साफ़ दिल के होते हैं तो मां ने मेरे सामने ही अपने कपड़े बदले.मां को नहीं पता था कि मैं उन्हें देख रहा हूँ.वे बस कपड़े बदल रही थीं.

वैसे तो मैंने कई बार उन्हें कपड़े पहनते देखा था, लेकिन आज उन्होंने नीचे चड्डी नहीं पहनी थी.उनके पेटीकोट के नाड़े वाले हिस्से से मुझे उनकी चूत दिख गई, जिसमें काले घने बाल थे.

मां की चुत की झलक देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया.फिर मैंने मन में सोचा कि ये सब गलत है और अपने मन को शांत किया.

कुछ दिन बाद चाची अपने मायके चली गई थीं और चाचा जी भी उन्हीं के साथ चले गए थे.उधर कोई दस बारह दिन का कार्यक्रम था जिस वजह से वे लोग उधर ही रहने वाले थे.

अब घर में सिर्फ़ मैं, मां और दादाजी थे.

दादाजी बहुत कमज़ोर होने की वजह से ज़्यादा चलते-फिरते नहीं थे.

अगले दिन रात में मां बाथरूम गईं.मैंने सोचा कि वे शायद पेशाब करने गई होंगी.

लेकिन जब बहुत समय हो गया तो मैंने सोचा कि मां को इतना समय क्यों लग रहा है.तो मैं बाथरूम की तरफ गया.

जब मैं बाथरूम के पास पहुंचा तो मां की चूड़ियों की आवाज़ आ रही थी.ऐसा लग रहा था जैसे वे कुछ घिस रही हों.

मैंने खिड़की से झांककर देखा तो देखता ही रह गया.

मां एक खीरे को ज़ोर-ज़ोर से अपनी चूत में डाल रही थीं.मैं डर के मारे कांप रहा था.

लेकिन मां की चूत देखकर मेरा लौड़ा खड़ा हो गया.मैंने उन्हें देखकर मुठ मारना शुरू कर प्रिया.

सिर्फ 5 मिनट में मेरा वीर्य निकल गया.

लेकिन मेरी मां अभी भी संतुष्ट नहीं हुई थीं.

कुछ देर बाद उनका पानी निकला तब वे शांत हो गईं.मैं जाकर कंबल ओढ़कर सो गया.

कुछ मिनट बाद मां आईं और सो गईं.

मैं सोच रहा था कि बेचारी मां को अपना पूरा जीवन क्या इसी तरह गुज़ारना होगा.

मां अब रोज़ अपनी चूत में खीरा डाल रही थीं.

मोहल्ले में कई लोग मां को बुरी नज़र से देखते थे लेकिन मां बदनामी की वजह से इन सब से दूर रहती थीं.

मां को ऐसा करते देख कर मुझे अच्छा नहीं लग रहा था.मैंने सोचा कि मैं मां को खुश रखूँगा और बस मैं अपनी मां को चोदने के बारे में सोचने लगा.

मां जब नहाने जातीं तो मैं उन्हें छुपकर देखने लगा.उन्हें देखकर मुझसे रहा नहीं जा रहा था.

फिर मैंने सोचा कि मुझे उन्हें ये अहसास दिलाना होगा कि उनका बेटा उनकी मदद करना चाहता है.

एक दिन मैंने आधे डर और आधे जोश में उनकी चड्डी में मुठ मारकर छोड़ प्रिया.मां ने इस पर ध्यान नहीं प्रिया.

फिर मैंने उनके नहाने के बाद उनकी चड्डी में ताज़ा माल डाल प्रिया.

मां के आने के बाद मैं बाहर चला गया और खिड़की से झांकने लगा.मां ने जब चड्डी को छुआ, तो उन्हें गीला महसूस हुआ.

उन्होंने देखा कि ये गीलापन कहां से आया तो उन्हें मेरा गाढ़ा सफेद वीर्य दिखा.

वे वीर्य को सूँघ रही थीं.उनकी सांसें गहरी हो गई थीं.उन्होंने वीर्य को जीभ से चाटकर देखा और लंबी सांस लेकर उसे सूँघने लगीं.

शाम को जब मैं घूमकर वापस आया तो मैं मां से आंखें नहीं मिला पा रहा था.मैं अपने में ग्लानि भरी सोच से अपराधभाव से शर्मिंदा हो रहा था कि वे क्या सोच रही होंगी.

मैंने उनसे बात नहीं की.

उन्होंने कहा- खाना लगा दूँ?मैंने कहा- हां.

खाना खाकर हम दोनों सोने चले गए.जब मैं कमरे में गया तो देखा कि चड्डी वहीं रखी हुई थी.मैं समझ गया कि मां ने चड्डी नहीं पहनी है.

मां ने मुझसे अच्छे से बात की.तो मुझे लगने लगा कि उन्हें मेरे उस काम से बुरा नहीं लगा.

मैंने आज उन्हें चोदने का सोच लिया.मुझे नींद नहीं आ रही थी.डर भी लग रहा था कि आगे क्या होगा.

रात के दो बजे मैं उनके बेड की तरफ गया.मां सोई हुई थीं.

डर की वजह से मेरी तो गांड फट रही थी, फिर भी हिम्मत करके मैं आगे बढ़ा.मैंने अपना लंड निकाला और हिलाने लगा.

मैंने मां की साड़ी को धीरे-धीरे उठाना शुरू किया.जब साड़ी उनकी जांघ तक पहुंची तो मैंने और ऊपर उठाकर उनकी चूत देखना चाहा.

तभी मां जरा सी हिलीं.उनकी इस हरकत से मेरी तो गांड फट गई.

फिर भी जोश में मैं नहीं रुका और उनकी चूत पर अपनी उंगली रखी.वहां बहुत बाल थे.

मेरी सांसें तेज़ होने लगीं और मेरा लौड़ा भी कड़क हो गया.

मैं मां के चेहरे के पास गया और अपना लौड़ा उनके चेहरे पर रगड़ने लगा.

वे अभी तक जगी नहीं थीं, शायद घर के काम से थक गई थीं.

मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा था.मैं उनके बगल में जाकर लेट गया और उनके पेट पर हाथ फेरने लगा.

फिर मैंने अपना लौड़ा उनकी गांड पर रगड़ना शुरू किया.

अचानक मां ने हलचल की और मेरी तरफ देखा.मैं क्या करूँ, कुछ समझ नहीं आ रहा था.मैं बिल्कुल चुप था.

मां ने नीचे देखा तो मेरा लौड़ा तना हुआ था.मां भी कुछ नहीं बोल रही थीं.

मैंने बिना कुछ बोले उनकी साड़ी को फिर से ऊपर उठाया, लेकिन मां ने उसे नीचे कर प्रिया.

मां ने धीमी आवाज़ में कहा- पगला गया है क्या?मैंने अपने लौड़े की ओर इशारा किया और कहा- देखो न मां!

मां शायद समझ गईं कि मेरी उम्र जवान हो गई है और मैं सेक्स करने का सोच रहा हूँ.

मां ने मेरे लौड़े की तरफ देखा, उनकी सांसें तेज़ होने लगी थीं.मैंने फिर अपना हाथ उनकी चूत की ओर बढ़ाया.

मां ने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोलीं- ये सब सही नहीं है, बेटा!मैंने मां से कहा- मैंने आपको बाथरूम में खीरा अपनी चूत में डालते देखा है. मैं बस आपकी मदद करना चाहता हूँ!

मां ने कहा- छी: तू कितना बिगड़ गया है. मुझे छुप छुप कर देखता है!

मैंने कहा- मां, मैं बस आपकी मदद करना चाहता हूँ.मां नहीं मानीं और गुस्से में मुझे सोने को कहा.

मैं चुपचाप अपनी बेड पर लेट गया.मेरा लौड़ा खड़ा था तो मैं अपने बेड पर ही मुठ मारने लगा.

मां ने गुस्से में मुझे मुठ मारते हुए देखा और बोलीं- चुपचाप सो जा!मैंने कहा- मां, इसमें कुछ गलत नहीं है बाहर के मां-बेटे ऐसा करते हैं!

मां बोलीं- तू पागल हो गया है!मैंने मां को मां-बेटे वाला सेक्स वीडियो दिखाना चाहा तो उन्होंने मुझे एक थप्पड़ मार प्रिया.

अब मैं कुछ नहीं बोला और सो गया.

सुबह जब मैं उठा, तो मां खाना बना रही थीं.मैं उनके पास गया तो उन्होंने कहा- कल रात की बात को भूल जा!

रात में जब हम सोने गए तो मैंने फिर से वही करने का सोचा लेकिन थप्पड़ याद आया तो मैंने कुछ नहीं किया.

कुछ दिन बाद मां कुछ बदली-सी लग रही थीं.वे मेरे सामने कपड़े पहनते समय अपने दूध को पूरी तरह खुला रखती थीं … और चड्डी भी मेरे सामने ही पहनती थीं.

मैं डर की वजह से उनकी तरफ नहीं देखता था तो मां कुछ न कुछ बात करने लगती थीं … ताकि मैं उनकी ओर देखूँ.

एक रात जब मैं सोया हुआ था तो मां की तरफ से उनकी चूड़ियों की ज़ोर-ज़ोर से आवाज़ आई.

मैंने देखा, तो कंबल ऊपर-नीचे हो रहा था.मुझे समझ नहीं आया कि मां क्या कर रही हैं.

मेरा लौड़ा खड़ा हो गया, फिर भी मैंने कुछ नहीं किया.

सुबह जब मैंने देखा तो मां के बेड पर खीरा रखा हुआ था.मुझे लगने लगा कि शायद अब उन्हें चुदवाने का मन हो रहा है इसीलिए वे मुझे दिखाती हुई ऐसी हरकतें कर रही हैं.

मैंने रात को फिर से चोदने के बारे में सोचा.इस बार मुझे ज़्यादा डर नहीं लग रहा था.मैं सोच रहा था कि ज़्यादा से ज़्यादा तो थप्पड़ ही मारेंगी.

रात को मां के सोने के बाद मैं उनके बेड पर गया और उनके बगल में लेट गया.

मैंने धीरे से उनकी कमर पर हाथ रखा और सहलाने लगा.

मां ने कोई हरकत नहीं की तो मैंने उनके दूध पर हाथ रखा और धीरे से दबाया.उन्होंने कुछ नहीं किया, लेकिन उनकी सांसें तेज़ हो रही थीं.

मैं समझ गया कि मां सोने का नाटक कर रही हैं.

मुझसे अब रुका नहीं गया.मैंने उनकी साड़ी उठाई और उनकी जांघ को सहलाने लगा.मैंने अपनी उंगली उनकी चूत में डाली तो उनकी चूत गीली हो चुकी थी.

मैंने उंगली अन्दर डाली, तो मां थोड़ा आगे सरक गईं लेकिन अगले ही पल वापस सरक आईं.शायद उन्हें दर्द हुआ होगा.

यह भी पढ़ें (Recommended)

Maa Bete Ki Romance Kahani – Part 6

मैंने धीरे-धीरे उंगली डालना शुरू किया.मां ने अपने पैरों को आगे-पीछे कर लिया.

मैं समझ गया कि मां भी यही चाहती हैं.

अब मैंने अपना लौड़ा उनकी चूत में डालने की कोशिश की लेकिन लंड अन्दर नहीं जा रहा था.शायद दो-तीन साल से न चुदने की वजह से उनकी चूत चिपक गई थी.

मैंने अपने लौड़े पर थूक लगाया और एक हाथ से उनकी चूत को खोला, फिर दूसरे हाथ से लौड़ा अन्दर डालने की कोशिश की.

थोड़ा-सा अन्दर गया तो मां फिर से आगे सरक गईं.मैं भी आगे गया और फिर अन्दर डाला.मां फिर आगे को चली गईं.

अब मैंने बगल से सरसों का तेल लिया, अपने लौड़े पर और मां की चूत में लगाया.मैं धीरे-धीरे अन्दर डालने लगा.आधा लौड़ा अन्दर जाने के बाद मां ने मेरे लंड को अपनी गांड से दबा लिया.मैं थोड़ी देर रुका.

मैंने एक हाथ से मां के मुँह को बंद किया ताकि उनकी आवाज़ बाहर न जाए और ज़ोर से धक्का दे मारा.

मां को दर्द हुआ और वह चीखीं, लेकिन आवाज़ बाहर नहीं गई.

मेरा लौड़ा पूरा अन्दर जाने के बाद मैं थोड़ा रुका.फिर धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा.

कुछ देर में मेरा वीर्य उनकी चूत में निकल गया और मैं उनके ऊपर ही सो गया.

सुबह जब मैं उठा, तो मैंने पूरा लोअर पहना हुआ था.

मां कितनी देर से जगी थीं, मुझे पता नहीं चला.मैं किचन में गया, तो मां खाना बना रही थीं.

मैंने उनका हाथ उनकी गांड पर फेरा, लेकिन मां ने मेरा हाथ झट से हटा प्रिया और किचन से बाहर चली गईं.

मैं बाहर दोस्तों के साथ घूमने चला गया.शाम को जब मैं घर आया तो मां मुझे देखकर हंस रही थीं.मैं कुछ नहीं बोला.

खाना खाकर मैं कमरे में चला गया.मां काम खत्म करके कमरे में आईं.मैं कुछ नहीं बोला.

मां बेड पर लेट गईं.मैंने उनके पैरों को छुआ, वे कुछ नहीं बोलीं.

मैं उनके बेड पर चला गया और उनके बगल में लेट गया.मैंने कहा- मां!

मां ने कोई जवाब नहीं प्रिया.मैंने उन्हें कसकर पकड़ लिया और उनकी गांड मसलने लगा.मां कुछ नहीं बोल रही थीं.

मैंने मां को सीधा किया तो वह हंस पड़ीं.

मैंने पूछा- कुछ बोलो ना!मां बोलीं- क्या बोलूँ?मैंने कहा- कुछ भी.मां बोलीं- कुछ भी क्या?

मैंने पूछा- कल मज़ा आया?मां बोलीं- हां.

मैंने कहा- सच में?तो वे मुस्कुरा कर बोलीं- सच में.

मैंने पूछा- आपने चूत के बाल साफ़ क्यों नहीं किए?वे बोलीं- क्या करूँगी साफ़ करके … तेरे पापा तो अब रहे नहीं … जो इसे चाटते थे!

मैंने कहा- मैं हूँ ना!वे बोलीं- कल साफ़ कर लूँगी.मैंने कहा- रहने दो मां, मुझे तो अच्छा लगता है.

फिर मैंने मां के होठों को ज़ोर से चूमा.मां भी साथ देने लगीं.

मैंने कहा- कल मेरा वीर्य जल्दी निकल गया ना!मां बोलीं- कोई बात नहीं, पहली बार ऐसा ही होता है.

आधे घंटे तक चुम्मा-चाटी के बाद मैंने मां के पैरों को फैलाया और उनकी चूत चाटने लगा.

मां पागल हो रही थीं उन्होंने मेरा सिर ज़ोर से पकड़ लिया और अन्दर दबाने लगीं.

मां की चूत से खट्टा और नमकीन पानी निकल रहा था, जिसे मैंने पी लिया.फिर मैंने मां से कहा- मेरा लौड़ा चूसो!मां ने झट से मेरा लौड़ा पकड़ लिया और चूसने लगीं.

पांच मिनट बाद मेरा माल उनके मुँह में निकल गया, जिसे उन्होंने पी लिया.

फिर हम दोनों मां बेटे चुम्मा-चाटी करने लगे.

कुछ देर बाद मैंने अपना लौड़ा मां की चूत में लगाया.

मां ने अपना थूक मेरे लंड पर लगाया और अपने हाथ से मेरे लंड को अपनी चूत पर सैट कर प्रिया.

मैंने धीरे-धीरे अपना लौड़ा अन्दर डाला.मां को बहुत दर्द हो रहा था.उन्होंने अपने दोनों पैरों से मेरी कमर को जकड़ लिया और हाथों से मुझे पकड़ लिया.

मैंने अपनी मां को चोदना शुरू किया.मां सिसकारने लगीं.

मैंने ज़ोर-ज़ोर से चोदना शुरू कर प्रिया.मां ‘आह … आह … आह …’ करने लगीं.

थोड़ी देर बाद मां ने मेरा लंड निकाला और मुझे नीचे आने को कहा.मैं नीचे आया.मां ने मेरा लंड हाथ में लिया, अपनी चूत में सैट किया और पूरा लंड अन्दर ले लिया.

अब वे मेरे लौड़े पर ऊपर-नीचे होने लगीं.मैं उनके दूध को ज़ोर से दबा रहा था.

मां को ऐसा सुकून कई साल बाद मिल रहा था.

वे इस चुदाई को जल्दी खत्म नहीं करना चाहती थीं, इसलिए पोज़ीशन बदल रही थीं.

कुछ देर बाद मां कुतिया बन गईं.मैंने उनके बाल पकड़ कर चोदना शुरू किया.

वे धीरे-धीरे ‘आह … आह … आह … ओह’ कर रही थीं.मैंने पूछा- मां लंड का पानी कहां निकालूँ?वे बोलीं- अन्दर ही छोड़ देना!

पांच मिनट बाद मैंने उनकी चूत में अपना वीर्य छोड़ प्रिया और मां के ऊपर ही लेट गया.

चुदाई के बाद मां साड़ी पहन रही थीं तो मैंने मना कर प्रिया.फिर हम दोनों नंगे ही सो गए.

सुबह मां ने कहा- कमरे के बाहर मुझे मत छूना, कोई देख लेगा तो शक करेगा!मैंने कहा- ठीक है मां!

मैं बाहर चला गया और मेडिकल से टैबलेट ले आया.

रात को खाना खाने के बाद जब हम सोने आए तो मैंने मां को दवाई खिला दी और खुद भी खा ली.

मैंने मां से कहा- आज रात भर चोदूँगा, मां अब तू लंड के लिए नहीं तड़पेगी!मैंने मां को सेक्स वीडियो दिखाए और पोज़ीशन बताई कि आज हम ऐसा करेंगे.

मैंने मां को मां-बेटे वाला वीडियो और गांड चोदने वाला वीडियो दिखाया.

मां बोलीं- गांड को भी चोदते हैं क्या?मैंने कहा- हां मां, बहुत मज़ा आता है.

मुझे मां की गांड बहुत पसंद थी इसलिए मैंने ये वीडियो दिखाया ताकि वह मना न करें.

मैंने मां को नंगी किया और सांप की तरह उनसे लिपट गया.

मेरा लौड़ा उनकी चूत में था.मैंने मां के पूरे शरीर को चूमा और चाटा, फिर मैं उनके दूध पीने लगा.मां हंसने लगीं और बोलीं- बचपन में भी तू ऐसा ही करता था!

मां ने मेरा लंड खड़ा किया और चूसने लगीं.मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मेरी खुद की मां मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूस रही थीं.

फिर मैंने मां को दीवार पर चिपका कर उनका एक पैर ऊपर किया और चोदने लगा.मां मेरी कमर को हाथों से पकड़ कर ज़ोर-ज़ोर से लौड़े को अपनी चुत में अन्दर-बाहर करवाने लगीं.

मैंने मां को घोड़ी बनाया और उनकी गांड के छेद को खोलने को कहा.

मैंने अपने लंड और मां की गांड पर सरसों का तेल लगाया और धीरे-धीरे अन्दर घुसाने लगा.पांच मिनट बाद लंड पूरा अन्दर चला गया.मैंने मां के मुँह में अपनी चड्डी घुसा दी थी ताकि वे चिल्लाएं न.

थोड़ी देर बाद उनका दर्द कम हुआ तो मैंने धीरे-धीरे लौड़े को मां की गांड में अन्दर-बाहर करना शुरू कर प्रिया.

मां को बहुत दर्द हो रहा था लेकिन वे मस्ती से गांड हिला रही थीं.

मैंने उनकी चोटी पकड़ ली और तेज़ी से चोदने लगा.फिर उनकी गांड में पानी भर प्रिया.

फिर मैंने मां को बेड पर लिटाया और उनकी चूत में लंड डाला.

मैंने मां को ज़ोर से चूमा.मैंने मां से बात करने को कहा, तो मां बोलीं- क्या बोलूँ?

मैंने कहा- मैं चोदूँ!वह बोलीं- तो चोद ना!

मैंने कहा- यही बोलो ना कि ठीक से चोद दे मुझे!मां बोलीं- हां मेरे लाल, मुझे चोद दे.

मैंने कहा- सच में चोदूँ!मां बोलीं- हां चोद ना!

मां की मादक आवाज़ सुनकर मैंने तेज़ी से चोदना शुरू कर प्रिया.मां ‘आह … आह … ओह … ओह.’ करने लगीं.

मां बोलीं- आराम से चोद न, दर्द हो रहा है बेटा … मेरी चूत फट जाएगी!मैंने कहा- कुछ नहीं होगा मां!

मां बोलीं- कितना मोटा है तेरा लौड़ा आह बहुत अच्छा लग रहा है.

कुछ देर बाद मेरा पानी निकलने लगा तो मां बोलीं- ज़ोर-ज़ोर से चोद ना!

मैंने गति बढ़ा दी और मां का पानी निकल गया.मां एकदम शांत हो गईं. मैं उनके दूध के साथ खेलने लगा.

उस रात हमने रात 11 बजे से 2 बजे तक चुदाई की.

हम रोज़ चुदाई करने लगे.जब चाचा-चाची बाहर जाते तो मैं किचन में ही मां की साड़ी ऊपर करके चोद देता था.

जब से हमारी मॅाम Xxx सन सेक्स शुरू हुआ, तब से लगभग एक महीने तक मैं मां को नंगी ही सुलाता था.

मां ने भी कभी मना नहीं किया.ठंड में तो वह हर दिन नंगी ही सोती थीं.

आज भी मैं मां की ज़रूरतें पूरी करता हूँ.दोस्तो, अगर आपकी मां भी विधवा हैं, तो आप भी उनकी मदद करें. उन्हें बाहर संबंध बनाने के लिए मजबूर न करें.बचपन में उन्होंने मेरी ज़रूरतें पूरी कीं, तो इस समय मैंने उनकी ज़रूरतें पूरी कीं … रही बात रिश्ते की, तो रिश्ता दिल से रखो, शरीर का क्या … वह तो एक दिन मिट्टी हो जाएगा.

घर की ज़रूरतें पूरी करने का प्रयास करें.

तो ये है मेरी मॅाम Xxx सन सेक्स कहानी, जो 100% सच है.इसके बाद मेरी कोई और कहानी नहीं आएगी क्योंकि मैं मां के अलावा किसी और के साथ संबंध नहीं बनाऊंगा अपनी पत्नी को छोड़कर.

कैसी लगी मेरी ये रियल मॅाम Xxx सन सेक्स कहानी … कृपया कमेंट में बताएंsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Maa Bete Ki Romance Kahani – Part 6
माँ की चुदाई

Maa Bete Ki Romance Kahani – Part 6

Dosto agle din main subah utha aur us din mera mood kharab tha kyu ke wo sala rohit mere ghar aaya tha isliye. Fir main ready hua aur maine ye socha ke aaj main college se thoda jaldi ghar aaunga…

7 मिनट 460
Maa Bete Ka Pyaar – Part 12
माँ की चुदाई

Maa Bete Ka Pyaar – Part 12

Ravi ka sara ka sara gussa minto me hi thanda pad jata hai jab wo apni maa Reshma ko peele salwar suit me salwar ko godo tak chadaye aate hue dekhta hai. Tab use apni maa bilkul hi pari lagti hai. Use apni maa saro ke full ki tarah lagti hai aur w...

9 मिनट 663
Bhai behan aur mummy-14
माँ की चुदाई

Bhai behan aur mummy-14

Pichla bhaag padhe:-Bhai behan aur mummy-13

9 मिनट 605

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

बंटी सिंह राठौर

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

हॉट डॉली

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।