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माँ की चुदाई पठन समय: 18 मिनट पढ़ा गया: 1,058 बार

मॉम को अपने बच्चे की माँ बनाया

सोमना सिन्धु

29 Jul 2021 को प्रकाशित

मॉम को अपने बच्चे की माँ बनाया
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मॉम की चुदाई की इस कहानी के पिछले भागसेक्सी विधवा मॉम की चुदाई का मजामें आपने पढ़ा कि मेरी मॉम विधवा है, बहुत सेक्सी है. मैंने अपनी मॉम को चुदाई के लिए गर्म किया.अब आगे:मैंने पूरा लंड एक धक्के में मॉम की चूत में घुसा प्रिया. मॉम के मुख से आवाज़ निकली- आअह… मर गई रे… मम्मा..फिर वो चुप होकर बेड पर पैर खोल कर लेट गई, उन्हें शायद दर्द हो रहा था क्योंकि मेरा लंड बड़ा है.

अब मैंने धीरे धीरे धक्के मारने शुरू किए और मैं अपने हाथों से कभी उनके मम्मों को तो कभी उनकी बालों को चूमता हुआ उनके मस्त शरीर से खेल रहा था. साथ ही पीछे से मॉम की चुत में लंड के धक्के पे धक्का मारे जा रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे जन्नत मिल गई हो. इतने साल इनको सोच कर मुठ मारा, आज फाइनली ये लंड उसी चूत को चोद रहा है. बस यही सोचते हुए मैं धक्के मारे जा रहा था.

मॉम नीचे बेड पर उलटी लेटी हुई थीं, अब वो खुद उठने की कोशिश भी नहीं रही थीं, उन्होंने अपने पैर पूरे खोल दिए थे ताकि लंड का धक्का आराम से लगे, चूत में दर्द भी कम हो.

मैं उनको चोदता गया. अब तक एक बार मेरा पानी भी उनकी चूत के अन्दर गिर चुका था लेकिन मैं धक्के मारे जा रहा था. मेरा लंड फुल टाइट खड़ा था क्योंकि मेरा लंड उस एक खूबसूरत हूर की चूत में था, जिसको सभी चोदना चाहते थे.

अब 20 मिनट हो गए थे. मेरे धक्के अब भी पूरी रफ़्तार में चालू थे. मेरा लंड खड़ा था लेकिन अब शायद मॉम लंड को और ज्यादा चूत में नहीं झेल सकती थीं, उन्होंने आगे से बेड से उठते हुए लंड को चुत से निकालने की कोशिश की. जब मैंने नहीं निकालने प्रिया, तब उन्होंने रिक्वेस्ट की कि विकास अब मुझे चूत में दर्द हो रहा और नहीं कर.. वरना मैं चिल्ला दूँगी.

उनको अभी भी यही यकीन था कि अंधेरे में विकास ही चोद रहा है. जब उन्होंने रिक्वेस्ट की तो मैंने उनकी चूत में धक्के मारने बंद किए.. लेकिन मेरा लंड अभी झड़ा नहीं था.

उनका पानी निकल गया था, मैंने लंड को चूत से निकाला, उस पर फिर से थूक लगा कर उनकी गांड में घुसाने लगा.

मैंने सोचा कि चूत में नहीं ले रहीं तो गांड में ही सही.. पानी तो निकालना है.. और गांड भी वो.. जिसे बस दूर से देख कर मुठ मार लेता था, कभी छू भी नहीं पाया था. आज उसी मखमली गांड के पीछे मेरा लंड खड़ा था. फिर दुबारा शायद इस मक्खन गांड को चोदने का कभी मौका मिले ना मिले, मैंने तय कर लिया कि आज गांड भी बजा कर मजा ले लूँगा.

मैं अभी भी बहुत प्यासा था.. मेरा उस टाइम पानी नहीं निकला था. मैंने मॉम की गांड में थूक लगाया और लंड को उनकी गांड के छेद पे रख के घुसेड़ प्रिया. मेरी मॉम को गांड मराने का भी अनुभव था इसलिए वो धीरे धीरे ‘आहह आअहह..’ करते हुए गांड मरा रही थीं. कुछ ही झटकों में मैं उनकी गांड को मस्ती से चोदने लगा.

इधर मैं उनकी गांड को बजा रहा था और वो बस बीच बीच में यही बोल रही थीं कि छोड़ दे विकास साले कुत्ते.. मैं आज तेरी करतूत सबको बोल दूँगी.. देख छोड़ दे..

तभी मेरा पानी निकलने को हुआ और मैंने अपना लंड का सारा पानी उनकी गांड में निकालते हुए ढीला पड़ गया.

लंड से पानी झाड़ कर थक के मैं उनके बगल में बिस्तर पे लेट गया. मेरे लेटते ही मॉम वहां बेड से उठीं और सीधे रूम का दरवाजा खोल कर वहां से भाग गईं. वो सीधे शादी में गईं, वहां उन्होंने किसी को कुछ नहीं बोला.

थोड़ी देर में मैं भी उनके पास चला गया. उन्होंने मुझसे भी कुछ शेयर नहीं किया, बस थोड़ी टेंशन में दिख रही थीं. वो मुझसे उस कज़िन के बारे में पूछ रही थीं कि वो विकास कहां है?

मैंने बोला- मॉम, वो तो नशे में घूम रहा था.तभी मेरी किस्मत ने ऐसा साथ प्रिया कि विकास रात में ही कहीं चला गया. मॉम की उससे कोई मुलाकात नहीं हुई. शादी देर रात में खत्म हुई.अब तक मॉम ने किसी को कुछ नहीं बताया था.

सुबह का समय हुआ, सब थोड़ा फ्री होकर सो गए.. क्योंकि पूरी रात के जागे थे. मॉम तो ऐसे सोईं, बहुत गहरी नींद में, जैसे अफीम चाट ली हो. उन्हें तो रात की जबरदस्त थकान थी.

अब हमको वहां से अगले दिन मॉर्निंग में वापिस आना था. मॉम का ऑफिस था, बहन का स्कूल था. मेरे पास शायद एक बार का और मौका था क्योंकि मैं मॉम को बस यहीं चोद सकता था, घर पर तो संभव ही नहीं था.

अब शाम हुई सबने खाना खाया और सोने लगे. उधर दूल्हा और दुल्हन अपने रूम में सुहागरात मना रहे थे. राजस्थान में हमारी बिरादरी में लड़की की शादी के बाद लड़का ससुराल में ही रुकता है और वहीं पर सुहागरात मनायी जाती है.घर में ज़्यादा रिश्तेदार नहीं रह गए थे, सब चले गए थे. जो थे, वे सब अपनी अपनी चारपाई में सोए हुए थे. उस समय मॉम भी एक कोने में एक चारपाई पे अकेली लेटी थीं. उस समय मेरी बहन मेरी चारपाई में सोई थी.

रात के 2 बजे थे, मुझे कल रात की चुदाई सोच कर नींद नहीं आ रही थी. ऊपर से वहां उस घर में नई चूत की सील खोलने वाली सुहागरात मनाई जा रही थी. इस सबसे मेरा मन कुछ ज्यादा उत्तेजित हो गया था. मैं चुपके से जाकर मॉम की चारपाई पर लेट कर उनके साथ रज़ाई में घुस गया और उनको अपनी बांहों में ले लिया.

वो भी जाग गईं लेकिन पता नहीं वे भी कुछ नहीं बोलीं. शायद उनकी चूत भी सुहागरात की सोच कर कुलबुला रही होगी. मेरा भी लंड खड़ा था.मैं सीधे उनकी सलवार का नाड़ा खोलने लगा. उन्होंने इस बात का ज्यादा विरोध नहीं किया, वो मुझे अभी भी विकास समझ रही थीं. मैं उनकी गांड के पीछे लेटा था और मैंने चूत में लंड घुसा प्रिया.

हम दोनों चारपाई पर चुदाई करने लगे. मैं धीरे धीरे धक्के मारता गया. रज़ाई के अन्दर तेज़ झटका मारता तो चारपाई चूँ चूँ बोल रही थी, इसलिए मैं धीरे धीरे लंड पेल रहा था.

मॉम भी जब चुपचाप से चूत दे रही थीं तो क्यों ज़बरदस्ती करना. मैं धीरे धीरे मॉम को आधा घंटा से ज़्यादा देर तक चोदता रहा. इस बीच उनकी चूत से दो बार पानी निकल चुका था. इसके बाद हम दोनों ने एक दूसरे को खूब किस किए, होंठ भी चूसे.वो धीरे से बोलीं- विकास, घर आना बेटा..

फिर मैं वापिस अपनी रज़ाई में आ गया. सुबह हुई तो हमने वापिस आने की तैयारी की. लेकिन मॉम की नज़र विकास को ढूँढ रही थी. मॉम सबसे पूछ रही थीं कि विकास कहां है.. लेकिन वो विकास से नहीं मिल पाईं.

जब हम चले तो मॉम अपने उन रिश्तेदार से बोलीं कि विकास का फोन नंबर दे दो, मुझे उससे कुछ काम है.

मैंने सबकी बात काटते हुए बोला- मेरे पास है नंबर मॉम मुझसे ले लेना.

हम वहां से चल दिए, बस में मॉम मेरे कंधे पे सर रख कर सोई हुई थीं. बहन भी पास में बैठी थी. मॉम गहरी नींद में सोई थीं. दो रात से बस चुद रही थीं ठीक से सोई भी नहीं थीं. मेरा अन्दर से मन था कि मॉम को बांहों में भर लूँ. क्योंकि अब तो मैं इस मादक जिस्म को दो बार चोद चुका था तो मन तो बहुत था लेकिन अब मैं विकास नहीं था.

बस में मैं यही सोच रहा था कि घर जाने के बाद अब मॉम की कैसे चूत मिलेगी वहां तो नानी भी रहती हैं.

खैर.. हम घर पहुँचे, एक दो दिन गुज़रे मॉम भी अपने ऑफिस गईं, सब कुछ नॉर्मल रहा.

अब मेरी रातें कटनी बंद हो गईं, हर वक़्त लंड मॉम की यादों में खड़ा रहता. मुठ मार कर शांत कर लेता. लेकिन मॉम को चोदने के नए नए प्लान दिमाग में आ जा रहे थे.तभी दो तीन दिन बाद मॉम खुद मुझसे बोलीं- ला विकास का नंबर दे.. काम है.

मैंने उनसे कुछ नहीं पूछा और उनको नम्बर दे प्रिया. मुझे पता था कि अन्दर तो आग उनकी चूत में भी लगी होगी. तभी तो लंड लेने के लिए फोन लगा रही हैं.

अगले दिन मॉम ने उस नंबर पे कॉल किया जो कि मेरे ही पास था. मैंने थोड़ा आवाज बदल करके मॉम से विकास बनके बात की. वो चूत चुदाने को इतनी प्यासी थीं कि उनको पता ही नहीं चला कि मैं ही आवाज बदल कर बात कर रहा हूँ.

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वो बोल रही थीं- विकास डार्लिंग आई लव यू.. मुझे फिर से मिलो नहीं तो मैं मर जाऊंगी.

हम दोनों ने कॉल पे बात करना चालू किया. मॉम दिन में अपने ऑफिस से फोन करती थीं, मैं उस वक्त कॉलेज में होता था. मॉम को अब तक पूरा यकीन था कि किसी को कुछ नहीं पता कि क्या चल रहा है.

घर में मेरे साथ और बाकी सबके साथ मॉम एकदम नॉर्मल थीं. मैं घर में कभी कभी उनको टच करता तो वो ज़्यादा ध्यान नहीं देती थीं.

एक महीना हो गया था. एक दिन मॉम ने विकास वाले नंबर पे फोन किया. उस दिन वो घर पर ही थीं.. उनकी छुट्टी थी. मैं कॉलेज में था. उस वक़्त वो घर में अकेली थीं, नानी भी पड़ोस में गई थीं और बहन स्कूल में थी.मॉम मुझे विकास समझ कर फोन पर बोलीं- विकास मुझे पीरियड नहीं हुआ. मुझे लगता है तुम्हारी चुदाई से बच्चा ठहर गया.मैंने पूछा- तुमने चैक किया?वो बोलीं- नहीं?मैंने बोला- तुम जल्दी मेडिकल शॉप पे जाओ और टेस्ट करने वाली किट ले कर चैक करके मुझे अभी बताओ. अगर तुम प्रेग्नेंट हो गई हो तो मैं कल ही बच्चा गिराने वाली दवाई लेकर आऊंगा, वो तुमको दे दूँगा और हम मिल भी लेंगे.. विगीता मेरी जान, मुझे भी तुम्हारी बहुत याद आ रही है.

मॉम भी विकास समझ कर झट से बात मान गईं और वो मार्केट चली गईं. उन्होंने अपनी प्रेग्नेन्सी चैक की, रिपोर्ट पोजिटिव थी.

वे विकास को कॉल करके बोलने की सोचने लगीं कि बता दें कि वो प्रेग्नेंट हैं.

तब तक मैं घर पहुँच गया. घर में कोई नहीं था.. बस हम दो थे. वो अकेले में विकास को बोलने वाली थीं कि वो प्रेग्नेंट हैं, लेकिन मैं घर पहुँच गया था. मेरे सामने वो डर सी गईं और मुझसे बचने की और बात ना करने की कोशिश कर रही थीं. मैं उनसे कुछ पूछ रहा था और वो बोलते हुए अपने रूम में चली गईं मुझसे चेहरा नहीं मिलाया. वे रूम में जाकर उस नंबर पे कॉल कर रही थीं.

तभी मैंने डस्टबिन चैक किया और मुझे वो मिल गया जो मैं चाहता था. डस्टबिन में प्रेग्नेन्सी टेस्टर पड़ा था, जो मॉम ने यूज करके न्यूज़ पेपर में लपेट कर डस्टबिन में फेंक प्रिया था. मैंने वो निकाल लिया.

मॉम उस नंबर पर फोन कर रही थीं, उसको मैंने स्विच ऑफ किया हुआ था और प्रेग्नेन्सी टेस्टर लेकर सीधे मॉम के रूम में आ गया. वो तब तक फोन नंबर लगा रही थीं.मुझे देख कर वो लेट गईं और फोन रखकर बोलने लगीं- मेरे सर में दर्द है मुझे सोने दे.

तभी मैंने मॉम को वो टेस्टर दिखाते हुए सीधे पूछा कि ये प्रेग्नेन्सी टेस्टर कैसे आया.. इसे घर कौन लाया?वो पहले तो डर गई और बोलीं- यहां नहीं आ सकता.. कौन यूज करेगा?मैंने उनसे बोला- घर के डस्टबिन में आप ही डालोगी.. नानी और बहन तो यूज नहीं करेंगी.ये बोल कर मैं धमकाते हुए गुर्राया- बाप के मरते ही किससे चुद रही साली रांड बोल?वो डर गईं और बोलने लगीं- माफ़ कर दे.. मैं तुझसे और झूठ नहीं बोल सकती.

उन्होंने मुझे सब बोल प्रिया कि विकास ने उसके साथ ऐसा किया और वो प्रेग्नेंट हैं.

मैंने उनको अपनी बांहों में लेते हुए बिस्तर पे लेटा प्रिया. मुझे भी उनको चोदे बहुत दिन हो गए थे.अब मैं उनको सीधे बोला- मॉम, तेरा अपना बेटा दिन में तेरे लिए दो बार मुठ मारता है और तू बाहर के लंड को मजा दे रही है.वो चुप थीं.

तभी मैं सीधे उनकी सलवार का नाड़ा खोलने लगा. उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया और बोलीं- ना बेटा ,ये मत कर बस माफ़ कर दे.. अब नहीं मिलूँगी उससे.मैं बोला- मॉम, आज तो एक बार चुदाई कर लेने दे.. घर में भी कोई नहीं है तुझे दवाई लेकर तो दूँगा ही.. बच्चा गिराने के लिए.. पहले एक बार अपने अन्दर मेरा भी पानी गिरा लेने दे.यह बोलते हुए मैंने उनका नाड़ा खोल प्रिया और उनकी सलवार नीचे कर दी.

मॉम ने अपनी चुदास के चलते मुझे कुछ नहीं कहा और वो मुझसे कुछ डर भी गई थीं.बस फिर क्या था मैंने लंड डालकर उनको खूब चोदा.

मैंने उसके बाद दो तीन दिन तक उनको दो बार और चोदा. उसके बाद मैंने खुद उनको बच्चा गिराने की दवाई ला कर दी.

अब तक मॉम मुझसे चुद चुद कर पूरा खुल चुकी थीं. रात में सबके सोने के बाद खुद ही रात को मेरे रूम में आकर मुझसे चुदाई करवाने लगी थीं. मॉम मुझसे बोलती थीं कि मैं तेरा बच्चा पैदा करना चाहती हूँ.. तुझसे शादी करना चाहती हूँ.

उन्होंने अपनी ये इच्छा बताई, अब उन्हें विकास जरा भी याद नहीं था. मेरा लंड से मेरी मॉम खुश थीं. चुदाई चलती रही और हम दोनों मजा लेते रहे.

एक साल बाद नानी का देहांत हो गया. मैंने मॉम को एक आइडिया प्रिया कि इस शहर में हमारे ज्यादा रिलेटिव हैं, आप यहां से किसी और शहर में ट्रान्सफर ले लो, ऐसी जगह जिधर हमें कोई नहीं जानता हो, वहां रहेंगे और बहन को बोर्डिंग स्कूल में डाल देंगे.

मॉम मान गईं, उन्होंने ऑफिस में एप्लाई कर प्रिया. दो महीने बाद मॉम का तबादला सूरत हो गया.सूरत जाते ही हमने सबसे पहले घर लिया, उसमें शिफ्ट हुए.. फिर बहन को बोर्डिंग स्कूल के हॉस्टल में डाला और हम दोनों सूरत के इस घर में रहने लगे. ये सब एक हफ्ते में हो गया.

एक दिन हम दोनों एक मंदिर में गए. मॉम लाल जोड़े में गई थीं, वहां एक पंडित से बात करके हम दोनों ने शादी की, फेरे लिए.. मैंने मॉम को सिंदूर लगाया मंगलसूत्र बांधा.वो पंडित मुझसे पूछने लगा कि बेटा ये औरत तो तुमसे दुगनी उम्र की है.. ऐसा क्यों कर रहे हो?

मैं बोला- मेरे पड़ोस में ये आंटी रहती थीं, इनके पति का देहांत हो गया और मैं इनसे प्यार करता था, मुझसे इनका दुःख देखा न गया.. तो हम दोनों ने इस शहर में आकर शादी करने का निर्णय ले लिया.

पंडित जी कुछ नहीं बोले. मैंने भी पंडित जी को एक हजार रूपए अलग से दिए और उनसे कहा कि प्लीज़ किसी को कुछ मत बोलना. पंडित जी खुश हो गए.

हम घर पहुँचे और जाते ही मैं मॉम को अपनी बांहों में उठा कर बिस्तर पे ले गया. उस दिन पहली बार मैंने उनको अपनी बीवी समझकर खूब चोदा. मॉम की चुत गांड दोनों मारी.

उस दिन मॉम की चुदाई से हम दोनों एक अलग ही सुख महसूस कर रहे थे. अब मैं उनको रोज चोदता था, वो प्रेग्नेंट हो गईं.मॉम बोलीं- मैं तेरा बच्चा पैदा करूँगी. मैंने हाँ बोल प्रिया.

जब मॉम की कोख से मेरे लंड से बच्चा पैदा हुआ, उसने उस दिन से ऑफिस से छह माह की छुट्टी ले ली. अब सूरत में घर में हम दोनों माँ बेटा मतलब हम हज़्बेंड वाइफ की तरह रहते हैं. हमारी बेटी सोमना भी अब 6 महीने की हो गई है. मॉम बाहर सोसायटी, पड़ोस के लोगों से और ऑफिस में बिल्कुल ऐसे रिएक्ट करती हैं जैसे हम दोनों सच में हज़्बेंड वाइफ हैं और वो बेटी हमारी औलाद है.

मेरी बहन को अबोध होने के ये मालूम ही नहीं चला था कि ये बच्ची कौन है, जिसे हम लोग पाल रहे हैं.

मैं अपनी जिस मॉम को सोच कर मुठ मारता था, उसको अपनी रांड बना कर अपने बच्चे की मॉम बना प्रिया. मैं बहुत खुश हूँ.

यह सिर्फ़ मॉम की चुदाई की कहानी नहीं है बल्कि मेरी रियल लाइफ की स्टोरी है. आप लोगों को पसंद आई या नहीं, मुझे मेल पर कमेंट करें.. थैंक्यूsupport@mohakkisse.com

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