दोस्तो.. मेरी इस चुदाई की कहानी में आप सभी का स्वागत है। मेरा नाम करण है, मैं इंदौर का रहने वाला हूँ। मैं अभी 20 साल का हूँ.. बात तब की है जब मैं अपनी बड़ी मम्मी यानि ताई के यहाँ पढ़ने के लिए रहता था। वहाँ मैं, मेरे कज़िन भाई-बहन और बड़ी मम्मी रहते थे। मेरी बहन का नाम दिया है और वो बहुत हॉट है। उसका फिगर 36-30-36 का रहा होगा।
बात सर्दियों के दिनों की है। उन दिनों मैं 12 वीं में था और दिया बैंक के एग्जाम की तैयारी कर रही थी। वो रात को देर तक पढ़ती थी और मुझे भी पढ़ना होता था तो हम दोनों एक ही बेड पर बैठ कर पढ़ते थे।
मैं तो हमेशा से ही उसे चोदना चाहता था, पर मेरी हिम्मत नहीं होती थी।
एक दिन मैं स्कूल से आया.. उस वक्त वो नहा रही थी। वो जब नहा कर बाहर आई तो उसने सिर्फ ब्रा और पेंटी पहनी हुई थी। वो मुझे देख कर शर्मा गई।सच में दिया क्या हॉट माल लग रही थी। उसकी छोटी सी पेंटी से उसके भरे हुए चूतड़ साफ़ दिख रहे थे।
उस दिन घर पर मेरी बड़ी मम्मी और भाई भी थे, तो मुझे कुछ भी करने का कोई मौका नहीं मिल सका।
फिर रोज की उस दिन भी रात को हम दोनों पढ़ाई करते रहे, फिर अचानक मूड बना तो हम दोनों एक हॉरर मूवी देखने लगे। उस फिल्म के एक सीन को देख कर दिया डर गई थी, इसलिए उसे अकेले सोने में डर लग रहा था।
उसने मुझसे बोला- मुझे बड़ा डर लग रहा है.. आज तू मेरे साथ सो जा!उसके शरीर की समीपता की अर्चना से ही मेरे मन में लड्डू फूटने लगे। हम कुछ देर पढ़ाई करके लेट गए।
ठंड होने के कारण हम दोनों एक ही रजाई में लेटे हुए थे। उसे डर के साथ ठंड भी लग रही थी, इसलिए वो मुझसे चिपक कर लेटी थी। उसके मम्मे मेरे मुँह पर लग रहे थे, मेरा मन कर रहा था कि उसके मम्मों को चूस लूँ, पर डर लग रहा था कि वो गुस्सा ना हो जाए।
अब तक मेरा लंड तन कर उसकी चुत से सट गया था। फिर मैंने हिम्मत करके लंड को थोड़ा और अन्दर को दबाया तो मेरा खड़ा लंड उसकी जाँघों के बीच में घुस गया।
कुछ ही पलों में उसने अपना हाथ मेरे ऊपर रख प्रिया। मैं समझ गया कि उसकी तरफ ये हरी झंडी वाला इशारा था, मैंने भी अपना हाथ उसकी गांड पर रख प्रिया, वो कुछ नहीं बोली।फिर धीरे से मैंने उसकी गांड को सहलाना शुरू किया, तब भी उसने कुछ नहीं बोला.. बस उसने आँखें खोल कर मुझे देखा और फिर से आँखें बंद कर लीं।
फिर मैंने धीरे उसे अपनी ओर खींचा तो वो मुझसे लिपट गई। अब मैंने उसकी कुर्ती को उठाते हुए अपने मुँह से ब्रा के ऊपर से उसकी चुची चाटने लगा। उससे मजा आया और वो सिहरने लगी। मैंने उसका टॉप ऊपर उठाया और चुची को चूसते हुए उसकी गांड में धीरे से उंगली डालने लगा.. वो भी मेरा साथ देने लगी। वो अपनी चुची को मेरे मुँह में दबा रही थी।
फिर मैंने रजाई हटा कर उसकी कुर्ती पूरी तरह से उतार दी। उसने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और पैंट के ऊपर से दबाने लगी। मेरा लंड पत्थर की तरह सख्त हो गया था।कुछ देर ऊपर से लंड सहलाने के बाद उसने मेरी पैंट उतार दी, साथ ही उसने अपनी शमीज भी निकाल दी।
अब वो सिर्फ ब्रा और पेंटी में मेरे सामने पड़ी थी। मैंने उसे सीधा किया और उसके ऊपर चढ़ कर उसे किस करने लगा। दो-तीन मिनट तक किस करने के बाद मैंने उसकी ब्रा उतार दी और उसके मम्मों और पूरी बॉडी को चाटने लगा।वो गर्म और सेक्सी आवाजें निकाल रही थी ‘आआह.. उऊह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… फक मी ब्रो..’
पूरा कमरा उसकी मद्धिम स्वर की कामुक आवाजों से गूँज रहा था। इस माहौल में मेरा जोश बढ़ रहा था।
फिर मैं नीचे उसकी पेंटी पर आया और उसे भी उतार दी। क्या पकौड़ी सी फूली गुलाबी चुत थी.. मैं एकदम से चुत पर झपट पड़ा और कुत्तों की तरह चुत चाटने लगा। साथ ही मैं अपने हाथों से उसकी जांघें भी सहलाए जा रहा था।
वो मेरे सर को अपनी चुत पर खींच रही थी और ‘आह.. ऊऊओह..’ करके कह रही थी- चोद दे करण.. प्लीज.. जल्दी से पेल दे.. उह..
मैंने उसको बहुत तड़पाया.. चुची चूसी.. और खूब चुत चाटी। उसकी चुची क्या मक्खन मलाई थे.. मजा आ गया।
वो बार-बार मेरा लंड पकड़ रही थी.. तो मैंने अपना लंड निकाल कर उसके सामने लहरा प्रिया।वो लंड देख कर हैरान हो गई और बोली- हाय.. इतना बड़ा.. मेरी तो चुत फट ही जाएगी।
फिर मैंने हंसते हुए अपना लंड उसकी चुत पर रखा और उसको इशारा किया तो उसने मुझे मुस्कुरा कर चोदने की इजाजत दे दी।मैंने एक जोर का धक्का दे प्रिया.. वो बहुत जोर से चिल्ला पड़ी ‘आआआ.. मर गई..’
मैं उसको किस करने लगा.. फिर मुँह पर अपने होंठ जमा कर दूसरा धक्का लगा प्रिया। इस बार वो चिल्ला ही नहीं पाई और मेरा पूरा लंड उसकी चुत में जड़ तक घुस गया।
वो अभी तक वर्जिन थी.. उसे बहुत दर्द हो रहा था। लेकिन कुछ ही देर बाद उसका दर्द खत्म हो गया और अब उसको मजा आ रहा था।वो ‘अयाया.. उई.. अह..’ कर रही थी।
करीब दस मिनट तक धकापेल चोदने के बाद वो अकड़ उठी और झड़ गई, मेरा भी मुठ निकलने वाला था। मैंने कुछ जोरदार शॉट मार कर उसकी चुत में ही माल डाल प्रिया और उसके ऊपर लेट कर उसे किस करने लगा।
हम दोनों ने उस रात को दो बार सेक्स किया और सो गए। सुबह उठने के बाद हम दोनों बहुत खुश थे।
अब जब भी घर पर कोई नहीं होता तो मैं उसे नंगी करके खूब चोदता हूँ.. रात को तो अक्सर चुदाई हो जाती थी। अब उसकी शादी हो चुकी है और एक बच्चा भी हो गया है।
वो हमेशा कहती है कि ये बच्चा तेरा है.. उसकी बात सही भी हो सकती है क्योंकि मैं उसको शादी के बाद भी कई बार चोद चुका हूँ।
आज भी मैं चलते-फिरते उसके दूध दबा देता हूँ और हम दोनों फोन पर सेक्स की बातें करते रहते हैं।
आप लोगों मेरी चुदाई की कहानी कैसी लगी.. आप मुझे मेल भेज सकते हैं।support@mohakkisse.com