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Teacher Student Chudai पठन समय: 16 मिनट पढ़ा गया: 920 बार

मेरी चुदाई कॉलेज के सर के साथ(Meri chudai college ke sir ke sath)

sweta12

16 Feb 2019 को प्रकाशित

मेरी चुदाई कॉलेज के सर के साथ(Meri chudai college ke sir ke sath)
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हाय फ्रेंड्स मेरा नाम श्वेता है। मैं आज अपनी एक और रियल स्टोरी बताने आई हूं। ये बात तब की है जब मैं कॉलेज में थी। मेरी एक फ्रेंड्स थी शीतल। हम रोज साथ में कॉलेज जाते थे। कुछ दिन बाद एक नए प्रोफेसर कॉलेज में आए। मुझे पता चला कि ये तो शीतल के चाचा थे। मैं और शीतल खुश हो गए कि अब प्रैक्टिकल में अच्छे मार्क्स आएंगे।

शीतल ने सर से मेरा इंट्रोडक्शन करवा दिया। अब मेरी भी सर से अच्छी बात होने लगी। मेरा उनका नंबर भी ले लिया डाउट के लिए। मुझे कुछ भी डाउट होता मैं कॉल या मैसेज कर क्लियर कर लेती। अब हमारी स्टडी के अलावा भी बात होने लगी, पर मेरे मन में उनके लिए ऐसा कोई विचार नहीं आया था। पर अब वो मुझे पर्सनल लाइफ को लेकर भी बात करने लगे जैसे घर में कौन है, बॉय फ्रेंड है क्या।

मैंने अब गौर किया कि वो मुझसे बात करते-करते मुझे टच करने लगे। मेरी तारीफे करने लगे। और पता नहीं क्यों मुझे भी ये अच्छा लगता था। फिर एक दिन में बस स्टॉप पर बस का वेट कर रही थी। तभी सर वह से निकले और मुझे देख कर गाड़ी रोक दी। वो मुझे छोड़ने का बोलने लगे तो मैंने भी हां कर दिया क्योंकि मैं काफी देर से बस का वेट कर रही थी।

उन्होंने मुझसे कहा पकड़ कर अच्छे से बैठ जाओ, तो मैंने बोला ठीक से बैठी हूं सर। पर उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अपने पैर पर रख दिया। जैसे ही मेरा हाथ उनके पैर पर आया मेरे अंदर करंट दौड़ गया। ऊपर से जब भी स्पीड ब्रेकर आता मेरी चूची उनकी पीठ से दब जाती। इन सब चीजों से मेरी हालत खराब होने लगी और मेरी चूत गीली होने लगी।

उन्होंने मुझे घर छोड़ा फिर मैं घर में आते ही बाथरूम में गई और मैंने अपनी पैंटी देखी। पैंटी देख कर मैं हैरान हो गई। मैंने अपनी पैंटी अपनी चूत के पानी से इतनी गीली होते कभी नहीं देखी थी। अब सर को देखने का मेरा नजरिया बदल गया। रात को सोते समय मेरे दिमाग में बस दिन का ख्याल आ रहा था, और पैंटी फिर से गीली होने लगी। मेरा हाथ अपने आप अपनी चूची को दबाने लगा।

अब इसे कॉलेज में मिलना होता रहा। उनका मुझे किसी भी बहाने से छूना अब और बढ़ गया था। अब मैं भी पूरा एंजॉय करने लगी थी। अब तो मैं खुद उनको टच करने के बहने ढूंढने लगी थी। अब मैं अक्सर सर के साथ उनकी बाइक से घर जाने लगी। अब में खुद उनसे चिपक कर बैठने लगी, जिससे उन्हें मेरी चूची फील हो। अब शायद वो भी समझ गए थे कि मेरी चूत में भी उतनी ही आग लगी थी जितनी उनके लंड में। फिर एक दिन उन्होंने मुझसे मूवी चलने का और मेरी फ्रेंड शीतल को बताने का मना किया। मैं मान है।

हम मूवी देखने गए। पूरे हाल में 4 या 5 ही लोग थे। वो भी सब कपल ही थे। मूवी स्टार्ट हुई। थोड़ी देर में मूवी में सेक्स सीन आया। हम दोनों एक-दूसरे को देखने लगे। हम दोनों को पता था कि हम यह क्यों आए थे। दोनों के अंदर आग लगी थी। बस दोनों में से कोई भी पहल करने की हिम्मत नहीं कर रहा था। फिर सर ने थोड़ी हिम्मत करके मेरे गले में डरते-डरते हाथ डाला।

फिर उन्होंने मेरी तरफ देखा। मैंने कोई रिएक्शन नहीं दिया और ना ही उनकी तरफ देखा। मैं मूवी देख रही थी। वो थोड़ी देर ऐसे ही बैठे रहे। उन्होंने हाथ तो पीछे से निकाल कर मेरी सीट के ऊपर रखा था, पर अभी भी मेरे गर्दन के पीछे से निकाल कर कंधे पर नहीं रखा था। फिर उन्होंने थोड़ी और हिम्मत जुटाई और हाथ मेरे कंधे पर रख दिया। मैंने फिर कोई रिएक्शन नहीं दिया और अब उन्होंने मेरी तरफ देखा और मैंने उनकी तरफ देखा।

दोनों ने हल्की सी मुस्कान दी। सर अब समझ गए थे कि लाइन क्लियर थी। थोड़ी देर बाद उन्होंने अपना हाथ नीचे सरकते हुए सीने तक ले आए। थोड़ी देर तक उन्होंने हाथ वहीं रखा, फिर धीरे से उन्होंने मेरी चूची पर हाथ ले आए। जैसे ही उनका हाथ मेरी चूची पर गया मेरी बॉडी में करेंट लग गया। मेरी चूत से तो पानी की नदी बहने लगी, और मेरे मुंह से आह की सिसकी निकल गई जो सर ने सुन ली।

अब सब कुछ क्लियर हो गया था। पर अभी भी हम एक-दूसरे से कुछ बोल नहीं रहे थे। अब सर धीरे-धीरे मेरी चूची दबाने लगे, मेरी सिसकी और तेज होने लगी। अब मुझसे रहा नहीं गया और मैंने सर का हाथ पकड़ कर अपनी ब्रा में डाल दिया। अब उनका हाथ मेरी चूची और निप्पल पर था। अब वो सीधे ब्रा के अंदर से मेरी चूची दबा रहे थे। थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया। उनका लंड पेंट से ऊपर से ही कड़क-कड़क फील हो रहा था।

अब उन्होंने अपना हाथ ब्रा से निकाल कर मेरी पैंटी में डाल दिया। उनका हाथ अब मेरी चूत पर था। मेरी चूत पूरी गीली पड़ी थी। वो धीरे-धीरे मेरी चूत का दाना मसलने लगे। मैं तो जैसे पागल हो गई थी। पहली बार किसी और ने मेरी चूत टच की थी। सर ने चूत रगड़-रगड़ कर मेरा पानी निकाल दिया। फिर उन्होंने अपनी पेंट की जिप खोल कर अपना लंड बाहर निकाल दिया। मेरी तो आंखे फटी रह गई।

मैंने लाइफ में पहली बार असली लंड इतनी पास से देखा था। उन्होंने मेरा हाथ उठा कर लंड पर रख दिया। में तो जैसे पागल ही हो गई। पहली बार लंड छुआ इतना गरम लग रहा था। उन्होंने मेरा मुंह पकड़ कर लंड पर ले गए। मैं समझ गई कि सर क्या चाहते थे। मैंने वैसा ही क्या और सर का लंड मुंह में लेने लगी। 10 मिनट तक लंड चूसने के बाद उनका पानी मेरे मुंह में ही निकल गया।

मैं उनके लंड का पानी थूकने के लिए उठी तो सर ने मुझे पकड़ लिया और थूकने नहीं दिया, और मुझे पानी अन्दर ही उतरना पड़ा। लाइफ में पहली बार मेरी चूत इतनी मचली थी। इतना सुकून मेरी चूत को पहले कभी नहीं मिला था। फिर मूवी हाल से निकले और सर ने मुझे घर ड्रॉप किया। अब हमारी फोन पर पूरी नंगी बाते होने लगी। रोज रात को हम सेक्स चैट करते।

सर रोज मुझे अपने लंड का फोटो सेंड करते और मैं भी उन्हें अपने चूची का और चूत का फोटो सेंड करती। रोज सुबह नहाए टाइम वो मुझसे वीडियो कॉल करते और कहते कि मेरे सामने नहाओ। अब रोज मुझे वीडियो कॉल पर उनके सामने ही नहाना पड़ता। मुझे भी इसमें बहुत मजा आता,‌ कि मुझे कोई नहाते हुए देख रहा था, और वो भी वीडियो कॉल पर नंगे ही रहते मेरे सामने।

ऐसे ही कुछ दिन चलता रहा। फिर एक दिन कॉलेज में मैं और शीतल बैठे थे। उसने कुछ काम से मेरा फोन लिया। मैंने ध्यान नहीं दिया। उसमें शीतल ने मेरे और सर की चैट पढ़ ली, और तो और फोटो भी देख लिए हमारे नंगे जो हमने सेंड किए थे एक-दूसरे को। मैं उसके सामने शर्म से पानी-पानी हो गई। मैं सोचने लगी कि अब वो क्या कहेगी।

पर वो हंसने लगी और पूछने लगी कि कब से चल रहा था ये सब। फिर मैंने उसे सारी बात बताई। अब वो भी खुल कर बात करने लगी और पूछने लगी कि, “तुमने सब कर लिया क्या?” मैंने बोला, “कहां यार?” तो वो बोली कि, रोज तो एक-दूसरे को चूत लंड की फोटो भेज रहे है और अभी तक कुछ किया नहीं। हम दोनों का मन तो बहुत कर रहा है, पर हमें कहीं सेफ जगह नहीं मिल रही।”

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फिर वो थोड़ी देर रुकी और बोली, “मैं तुम्हारी मदद कर सकती हूं, पर मेरी एक शर्त है।” मैंने पूछा, “कैसे हेल्प करेगी और क्या शर्त है?” वो बोली कि, “2 दिन बाद मेरे मम्मी-पापा बाहर जा रहे है एक वीक के लिए। पापा सोच रहे थे कि मैं अकेली रहूंगी घर पर तो किसी को घर कर रुकने का बोल देते है। तो मैं पापा को सर को रुकने का बोल देती हूं (सर शीतल के चाचा है, जैसा पहले स्टोरी में बताया था)। और फिर तू तेरे घर पर पढ़ाई के लिए मेरे घर रुकने का बोल कर आ जाना। फिर घर पर सिर्फ तू, मैं और सर रहेंगे। फिर मौका भी रहेगा, तुम दोनों भी रहोगे, सेफ जगह भी रहेगी।”

मैं खुश हो गई। फिर मैंने पूछा, “तेरी शर्त क्या है?” वो बोली, “मुझे तुम्हारी चुदाई देखनी है।” मैं सोचती रह गई। मैंने बोला, “तुझे शर्म नहीं आ रही ऐसा बोलते हुए?” तो पहले वो हंसी और बोली, “तुम्हें करते हुए नहीं आएगी, तो मुझे देखते हुए क्यों आएगी?” फिर मैं मान गई। पर मैंने उससे बोला कि, “सर मन जायेंगे?” तो शीतल बोली कि, “उन्हें बताना थोड़ी है। मैं तो छुप कर देखूंगी।” ये सुन कर मैं भी खुश हो गई। फिर शीतल बोली कि, “सर से ये पूरी बात कौन करेगा?”

मैंने शीतल से कहा, तू चिंता मत कर, ये सब मैं सम्भल लूंगी।” फिर मैंने सर को कॉल किया और सारी बात बताई। वो तो जैसे सातवें आसमान पर थे। क्योंकि अब हमें चूदाई करने का मौका मिलने वाला था वो भी बिना टेंशन के। मैंने सर को ये भी बता दिया कि शीतल को सब पता चल गया था, और हम उसके घर पर चुदाई के लिए ही रुकेंगे। वो और खुश हो गए कि अब शीतल का भी टेंशन नहीं था, उल्टा इसमें वो भी साथ दे रही थी।

फिर वो दिन आ गया। मैं शाम को ही शीतल के घर पहुंच गई, और हम बात करने लगे। शीतल मेरे मजे ले रही थी कि, “आज तो तेरी पहली चूदाई होगी। तेरी सील टूटेगी।” मुझे बहुत शर्म आ रही थी। फिर सर काम से फ्री हो कर शीतल के घर आए। हम सब बैठ कर बात कर रहे थे, पर एक शर्म थी सब में। क्योंकि सब को पता था कि आज क्या होने वाला था, पर कोई भी उस बारे में बात नहीं कर रहा था।

फिर सब ने खाना खाया, और सोफे पर बैठ गए। अब बस हम इंतजार कर रहे थे कि कब चुदाई शुरू होगी, पर हमें कुछ पता ही नहीं था कि कहा रुकना था, कहा पर करेंगे। शीतल हम दोनों को देख कर सब समझ रही थी। तभी वो उठी और आखिरकार टॉपिक छेड़ ही दिया और बोली कि, “मुझे पता है कि अब तुम दोनों से रुक नहीं जा रहा है। तो अब मैं तुम दोनों को और इंतजार नहीं कराऊंगी।”

वो उठी और हम दोनों को रूम की तरफ ले गई। जैसे ही रूम ओपन किया मैं चौक भी गई और खुश भी हुई। उसने रूम को सुहागरात के रूम के जैसे सजा रखा था। सर ने शीतल से कहा कि, “तुमने तो रूम सुहागरात जैसे सजा दिया?” तो शीतल बोली, “हां सजाना तो था ही, आज तुम दोनों की सुहागरात ही तो है।”

फिर उसने गेट बंद किया और बाहर चले गई। पर उसने खिड़की का एक गेट हल्का सा खोल कर रखा था। उस पर जा कर शीतल खड़ी हो गई। अब सर मेरे पास आए और मुझे अपनी बाहों में लेकर किस्स करने लगे। किस्स करते-करते वो मेरी चूची दबाने लगे। 15 मिनट तक किस्स करने और चूची दबाने के बाद उन्होंने मुझे बेड पर लेटा दिया और मेरे ऊपर आ गए।

ऊपर आकर मुझे फिर से किस्स करने लगे। फिर उन्होंने मेरी टी-शर्ट उतार दी। अब मैं उनके सामने ब्रा में थी। वो पागलों की तरह मेरे बूब दबाने लगे। मैंने उनसे कहा, “आराम से करो, रोज तो देखते हो आप इन्हें।” तो सर बोले, “रोज बस देख ही पाता था। आज पहली बार बिना किसी टेंशन पूरी रात के लिए मेरे पास में है। तो आज तो तुम्हारे बूब को दबा कर, चूस कर निचोड़ दूंगा।”

फिर उन्होंने ब्रा उतार दी। और अब मेरे गोरे मोटे बूब उनके सामने आजाद थे। उन्होंने तुरंत अपना मुंह मेरे बूब पर रख दिया और चूसने लगे। आह उफ क्या एहसास था मजा आ गया। इसे ही बहुत देर तक उन्होंने मेरा दूध पिया। फिर वो नीचे आए और मेरा लोअर और पेंटी उतार दी। उन्होंने मेरी चूत पर उंगली रखी और मेरी तो जैसे आत्मा ही बाहर आ गई हो।

फिर उन्होंने मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी। उफ इतना मजा मुझे आज तक नहीं आया। वो मेरी चूत चाट रहे थे तभी मेरी नजर खिड़की पर पड़ी तो मैंने देखा शीतल मुझे सर से अपनी चूत चटवाते हुए देख रही थी। और देखते-देखते एक हाथ से बूब दबा रही थी और एक हाथ पेंटी के अंदर था। फिर सर उठे, अपने सारे कपड़े उतारे और मेरी बूब पर बैठ कर अपना लंड मेरे मुंह में दे दिया। वो अपना लंड मेरे मुंह में अंदर-बाहर करने लगे। 10 मिनट तक लंड चूस कर मैंने उनका लंड अच्छे से खड़ा कर दिया।

फिर उन्होंने कंडोम लिए और अपने लंड पर चढ़ाया और मेरी चूत पर रगड़ने लगे। फिर धीरे से उन्होंने अपना लंड मेरी चूत में डालना शुरू किया। धीरे-धीरे लंड अंदर जाने लगा। मुझे बहुत दर्द हो रहा था। मैं रुको रुको बोल रही थी पर सर नहीं रुके और पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया।

फिर थोड़ी देर लंड को चूत में रखा। जब मेरा दर्द कम हुआ तो उन्होंने धीरे-धीरे लंड अंदर-बाहर करना शुरू किया। क्या बताऊं मैं इतना मजा आ रहा था। फिर चूदाई करते-करते मेरी नज़र शीतल पर पड़ी। मैंने उसे देखा अब तो वो भी पूरी नंगी हो गई थी और हमारी चूदाई में खो गई थी।

अब तो वो भी अपनी चूत रगड़-रगड़ कर पानी निकालने वाली थी। मुझे भी ये चीज और एक्साइटेड कर रही थी, कि मैं अपनी सहेली के घर में उसके सामने उसी के चाचा से नंगी हो कर चुद रही थी। सर भी खिलाड़ी निकले। मेरा 2 बार पानी निकाल दिया पर वो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।

फिर ऐसे ही 45 मिनट की चुदाई के बाद सर का पानी भी निकलने वाला था। उसके पहले उन्होंने लंड निकाला, फिर कंडोम निकाल कर मेरे बूब और मुंह पर अपना गाढ़ा, सफेद, गरम पानी निकाल दिया। फिर वो ऐसे ही मेरे पास नंगे लेट गए। 5 मिनट बाद मैं पानी साफ करने बाथरूम जाने लगी, तो सर ने हाथ पकड़ कर रोक दिया और बोले, “अभी थोड़ी देर ऐसे ही रहो।”

फिर मैं वापस लेट गई और थोड़ी देर बाद अपने को साफ करके आई। फिर मैंने कपड़े पहना शुरू किए तो सर ने मुझे फिर रोक दिया और बोले, “आज पूरी रात तुम नंगी रहेगी और मैं पूरी रात तुम्हें चोदूंगा।” मैं मान गई। फिर आगे क्या हुआ मैं तुम्हे अपनी अगली स्टोरी में बताऊंगी। आप सब अपने कमेंट रिव्यू support@mohakkisse.com पर मेल करे।

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