होम पर वापस जाएं
जवान लड़की पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 943 बार

मेरी आशा की चूत से मेरे लौड़े का मिलन

सनी राय

27 Aug 2021 को प्रकाशित

मेरी आशा की चूत से मेरे लौड़े का मिलन
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

दोस्तो, मेरा नाम सनी राय है, मैं धामपुर से हूँ। मैं दिखने में सीधा सा लड़का हूँ। मेरी हाइट 5.6’ है.. मेरा लण्ड भी ठीक-ठाक है।

तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ कि मेरी सारी परेशानी दूर हो गई।बात कुछ दिनों पहले की है.. मैं अपनी कॉलेज की फ्रेंड के साथ बात करता रहता था। हम दोनों साथ में कॉलेज आते-जाते रहते थे। मेरी उस फ्रेण्ड की एक सहेली थी.. जिसका नाम आशा है.. उससे मेरी मुलाकात कॉलेज में हुई थी। वो देखने में एकदम मस्त माल थी.. उसका साइज 32-30-32 का होगा।

मैंने अपनी फ्रेण्ड से कहा- अपनी दोस्त आशा से मेरी सैटिंग करवा दो।उसने कहा- उसका एक ब्वॉय-फ्रेण्ड है।मैंने कहा- एक बार पता तो कर..उसने कहा- चल मैं पता करती हूँ।मैंने कहा- ठीक है।

दो दिन बाद उसका फोन आया- आशा पहले एक बार तुझसे मिलना चाहती है।मैंने कहा- चल मिलवा दे।

अगले दिन मेरी फ्रेण्ड और आशा मेरे पास आए, हम सब कॉलेज में मिले।मेरी फ्रेण्ड मुझे और आशा को अकेला छोड़ कर चली गई।

आशा ने मुझसे कहा- आप मुझसे कुछ कहना चाहते हो?मैंने कहा- मुझे आप पहली बार में ही पसन्द आ गई हो, आपका कोई और ब्वॉयफ्रेण्ड है?उसने कहा- है नहीं.. था..

मैं बहुत खुश हुआ।

कुछ देर यूं ही बातें होती रहीं.. फिर हमने एक-दूसरे का नम्बर लिया और वापस चले गए।

इसके बाद हमारा सारा टाइम फोन पर बात करके निकलने लगा।

धीरे-धीरे हम सेक्सी बातें करने लगे।

एक दिन उसने मुझसे पूछा- आपका लण्ड कितना लम्बा और मोटा है़?मैंने कहा- 6 इंच का..उसने कहा- कुछ छोटा नहीं है?मैंने कहा- पहले एक बार लेकर तो देखो.. फिर बताना कि छोटा है या मोटा।

आशा बहुत जोर से हँसने लगी।

फिर हमने दो दिन बाद एक होटल पर मिलने का प्रोगाम तय किया।हम निर्धारित टाइम पर होटल पर मिले.. कमरे में जाते ही हम एक-दूसरे से चिपक गए।

क्या कहूँ.. ऐसा लगा पता नहीं कितने टाइम से प्यासे आदमी को पानी मिल गया हो।

मैंने आशा के होंठों को अपने होंठों से चिपका लिया। मैं इतनी जोर से किस करने लगा कि वो सहन ना कर सकी।

वो मुझसे दूर होकर कहने लगी- सनी इतनी जोर से मत करो यार.. मुझे दर्द हो रहा है।मैंने कहा- तुमको मजा नहीं आया?उसने कहा- मजा तो आया.. पर दर्द होता है।मैंने कहा- दर्द में ही तो मजा है।

मैं आशा को फिर से किस करने लगा और उसके मम्मों को इतनी जोर से दबाने लगा कि उसके मुँह से ‘आह.. आहह..’ की आवाज निकलने लगी।

मुझे आशा ने ऐसे पकड़ लिया कि हम दोनों एक-दूसरे में समाने को हों। मैंने आशा को बिस्तर पर लिटा लिया और उसका टॉप उतार दिया और आशा की ब्रा में मुँह घुसेड़ कर उसके चूचे चूसने लगा।

आशा बस ‘आह.. आहह.. आहहहहह..’ कर रही थी और कह रही थी- सनी धीरे-धीरे..पर मैं उसे मसलता ही रहा।

मैंने आशा की ब्रा का हुक खोल कर उसके निप्पल चूसने लगा.. आशा की तड़प बहुत जोर से बढ़ने लगी।मैं उसके निप्पल ऐेसे चूस रहा था कि जैसे कभी पहले ना चूसे हो।मैंने चूस-चूस कर उसके मम्मों को लाल कर दिया।

फिर आशा मेरा लण्ड मुँह में लेकर चूसने लगी.. वो भी मेरी तरह बहुत जोर-जोर से चूस रही थी.. जैसे आज लौड़े को खा ही जाएगी।मेरे मुँह से ‘आहाहह..’ के अलावा कुछ नहीं निकल रहा था।मैं फिर से आशा की चूत चाटने में लग गया।

आशा कहने लगी- सनी.. बस अब मत तड़पाओ.. अन्दर डाल दो।

मैं भी तैयार था.. मैं जल्दी ही आशा की टांगों के बीच में आ गया और उसकी चूत के छेद में अपना लण्ड टिका दिया, उसके होंठों को अपने होंठों की गिरफ्त में ले लिया।

अब मैंने धीरे से दबाब डाला और मेरा लण्ड उसकी चूत में घुसता चला गया। वो छूटने की बहुत कोशिश कर रही थी.. पर अपने आप को छुड़ा नहीं पाई।

उसकी आँखों से आंसू आ रहे थे।

मैं उसके मम्मों को दबाने लगा। जब उसे थोड़ा आराम आया.. तब मैंने एक जोरदार धक्का मारा। मेरा पूरा लण्ड उसकी चूत में घुस गया। वो और जोर से मचलने लगी.. पर मैं धक्के मारता रहा। आशा केवल ‘आहा.. आहाहहह..’ कर रही थी।

मैं जोर से धक्के मारता रहा.. फिर मैंने आशा को एक टेबल पर खड़ा किया और पीछे से उसे चोदने लगा। ऐसे में आशा को और ज्यादा मजा और दर्द दोनों हो रहा था।

इसी बीच आशा दो बार झड़ चुकी थी।

मुझे भी मजा आ रहा था। कुछ देर बाद मेरा भी निकलने वाला था.. पर मैं इतने जोश में था कि मैंने सारा माल आशा की चूत में छोड़ दिया।हम दोनों शान्त होकर बिस्तर पर लेट गए।

उस पूरे दिन और रात को मिलाकर हमने 3 बार सेक्स किया और अपनी सारी कामनाएँ पूरी की।

अगले दिन मैंने आशा से पूछा- मेरा लण्ड छोटा या मोटा?उसने कहा- जैसा भी था मस्त था।

अब जब भी हमें मौका मिलता है.. हम घर पर ही चुदाई करते हैं।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी.. मुझे मेल करें।support@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

छोटी बहन की कामुकता जगा कर बुर चोदन करवाया-1
जवान लड़की

छोटी बहन की कामुकता जगा कर बुर चोदन करवाया-1

मेरे प्यारे दोस्तो, मैं आपकी माया… मेरी पिछली चोदन कहानियों के उत्तर में मुझे आपके ढेर सारे आपके मेल मिले, मैंने सभी मेल पढ़े, लेकिन मैं सभी के जवाब नहीं दे सकी, पर दोस्तो, मैं आपके सभी मेल एकदम ध्यान से पढ़ती हूँ.

24 मिनट 1,298
मामी की बहन की चूत की खुजली
जवान लड़की

मामी की बहन की चूत की खुजली

हाय दोस्तो, मैं राजू गोरखपुर का रहने वाला हूँ, ये मेरा सच्ची सेक्स कहानी आज से एक साल पहले की है.

19 मिनट 341
मेरा चोदू यार -4
जवान लड़की

मेरा चोदू यार -4

एक दिन सौरभ मिला, मैंने उससे उसका हाल चाल पूछा, वो बोला- अरे काहे का हालचाल सर, अब तो आप हमें मिलते ही नहीं, बस मम्मी से मिलते हो।मैं उसकी बात समझ गया और उसे भी मिलने का वादा किया।

11 मिनट 906

पाठकों की राय

1 टिप्पणी

रवीन्द्र सिंह

3 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।