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Group Sex Story पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 640 बार

मेरे बर्थडे पर 5 लंड से मम्मी का गैंगबैंग(Mere birthday par 5 lund se mummy ka gangbang)

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11 Jan 2022 को प्रकाशित

मेरे बर्थडे पर 5 लंड से मम्मी का गैंगबैंग(Mere birthday par 5 lund se mummy ka gangbang)
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हेलो दोस्तों, मेरा नाम राॅकी है। मैं आपसे एक सच्ची घटना शेयर कर रहा हूं। जो मेरे 21वें जन्मदिन पर घटा। जिसमें मेरे 4 दोस्तों ने मेरी मम्मी के साथ गैंगबैंग किया। मेरे चार जिगरी दोस्त हैं- रवी, गुड्डू, गौरव और कुणाल। चारों मेरे से बहुत प्यार करते हैं। मैं दिन के कई घंटे इन सब के साथ ही बिताता हूं। हम चारों सेक्स के लिए पागल रहते हैं, और आपस में गंदी-गंदी बातें करते।

चारों अच्छे अमीर बाप की औलाद हैं, और दिखने में भी हैंडसम और लंबे चौड़े हैं। हर शनिवार को हम पांचो रात भर दारू पार्टी करते हैं। मेरे पापा रेलवे में सरकारी जाॅब करते हैं, तो वो सिर्फ त्यौहार के छुट्टियों पर ही घर आते हैं। घर पे मैं और मम्मी ही रहते हैं। मेरी मम्मी संस्कारी औरत है गांव वाली, और दिखने में एक-दम गोरी, चिकनी, रसीली है। वो स्लिम है, पर उसके बूब्स और गांड बड़े-बड़े बाहर उभार दिये रहते हैं।

वो साड़ी पहनती है तो उसके बूब्स की दरार ब्लाउज के अंदर से ही दिख जाती हैं, और बाहर आने के लिए बेताब रहते है। कमर एक-दम गोरी मक्खन जैसी हैं। मेरे मन में मम्मी के लिए बुरे खयाल तब से आने लगे, जब मैं नेट पर इंडियन आंटी की चुदाई वीडियो देखता। तब मम्मी की फिगर जहन में आ जाती। उसके बाद मैं जब-जब अपनी मम्मी को देखता, मेरा लंड इतना टाईट हो जाता, कि छुपते-छुपाते मां-बेटे की चुदाई कहानी पढ़ कर मुठ मार कर शांत करना पड़ता।

अब आते हैं असली कहानी पर। बात है मेरे 23वें जन्मदिन के एक दिन पहले की। सारे दोस्तों ने मेरे जन्मदिन के लिए ढेर सारे पैसे जमा किये, और चारों ने मेरे जन्मदिन की पार्टी एक बड़े होटल में रखी। जब उन्होंने मेरे से ये बात कही, तो मैं खुश तो बहुत हुआ, पर मैंने बोला-

मैं: यार बड़ी बड़ी पार्टियां हम हर हफ्ते बाहर करते ही हैं। पर मेरी मम्मी गांव की सीधी-सादी औरत है, और हमेशा मायूस ही रहती है। तो मैं ये पार्टी अपने घर में रखना चाहता हूं, जिससे मम्मी का भी मन बहलेगा, और वो भी खुश होंगी‌। हमारा हाथ भी बंटायेगी। सब लोग मान भी गये।

मैं घर आकर मम्मी से ये बात बोला तो वो भी खुश हो गयी। पापा बहुत स्ट्रिक्ट हैं। वो घर में पार्टी नहीं करने देते। मैंने मम्मी को बोला कि मेरे चार दोस्त भी आ रहे थे, तो मम्मी ने बोला-

मम्मी: मैं सब के लिए अच्छा-अच्छा खाना बना दूंगी। इसलिए चल बाजार चल के सामान खरीदवा देना।

मैं मम्मी के साथ सामान खरीदने बाजार गया, तो सारे मर्द मम्मी की उभरी गांड और उनकी मटक वाली चाल देख कर लंड पकड़ लेते थे। पीछे आ रहे लड़के चुपके से उनकी गांड की फोटो और वीडियो ले रहे थे। पर साला पता नहीं मुझे बुरा लगने की जगह अच्छा लग रहा था, और मैं भी मम्मी के साथ सट कर चलता था। फिर सारे सामान की खरीदारी कर घर आ गये।

फिर सुबह-सुबह मेरी मम्मी जब मुझे उठाने आयी मेरे रूम में, उस समय मेरा लंड एक-दम टाइट था। पर फिर भी वो इग्नोर करके मुझे झुक कर उठाने लगी।

मम्मी: उठो मिस्टर बर्थडे बाॅय।

मैं उठा तो देखा उनके बड़े-बड़े दोनों बूब्स मेरे सामने लटक रहे थे, जिसे देख कर मेरा 7 इंच का लंड पूरा सलामी देने लगा। मैंने जैसे-तैसे उठ कर उसे दबाया और नहाने चला गया। फिर दोनों ने मिल कर घर सजाया पार्टी की तैयारियां की। ये सब करते वक्त जब-जब मम्मी का पल्लू गिरा, मेरा लंड सलामी देन लगता। घर का डेकोरेशन करते-करते शाम हो गयी।

उसके बाद मैं तैयार होने लगा, और मैंने मम्मी को भी नये कपड़े पहनने को बोला। तो वो अच्छा ठीक बेटा कह के तैयार होने चली गई। तैयार होकर मैं अपने दोस्तों का इंतजार करने लगा। रात के आठ बजे चारों आ गये। सब की आवाज सुन कर मम्मी भी आयी देखने। मम्मी लाल चिकनी साड़ी और काली ब्लाउज पहनी हुई थी।

मम्मी एक-दम बवाल लग रही थी जिसके सामने विद्या बालन भी फेल है। मैंने देखा मेरे चारों दोस्त नज़रें चुराते हुए मम्मी के मदहोश जिस्म को ही निहारे जा रहे थे। फिर मैंने केक काटा। चारों ने महंगे-महंगे गिफ्ट मुझे दिये, जिसे देख कर मम्मी बोली-

मम्मी: दोस्त हो तो ऐसे।

रवी बोला: राॅकी हम चारों की जान है आंटी।

मैंने पहले मम्मी को, फिर सब को केक खिलाया। वो चारों भी मम्मी को केक खिलाने लगे, और खिला कम, और उनके गाल गले पर ज्यादा लगा रहे थे। मम्मी चेहरे को धोने वाशरूम चली गई और बोली-

मम्मी: तुम लोग मजे करो, मैं सब के लिए खाना लेकर आती हूं।

जैसे ही मम्मी गयी मैंने बोला: क्या कर रहे थे तुम लोग, मैं सब समझ रहा था।

गुड्डू: यार माफ करना, पर तुम्हारी मम्मी इतनी बवाल कसी हुई औरत है कि बर्दाश्त नहीं हो रहा था।

मैं: तुम लोग एक दिन देखे तो तुम्हारा ये हाल है। मैं रोज देखता हूं, सोच मेरा क्या हाल होता होगा।

गौरव: यार अगर ये मिल गयी तो जन्नत भी कम पड़ जाए इतना मजा आएगा। यार राॅकी, आज हमें इस औरत को चोदने दे। बदले में तू जो बोलेगा।

मैं: ठीक है, लेकिन अगली पार्टी तुम चारों के घर पर होगी।

सब मान गये और मम्मी को चोदने का प्लान बनाने लगे।

कुणाल: यार राॅकी, तेरी मम्मी कितने दिनों से चुदी नहीं है?

मैं: पापा 3 महीने पहले आये थे तो तब से नहीं चुदी।

गौरव: मतलब बस उसको गर्म करने की देरी है। मेरा लंड तुम सबसे बड़ा है। मैं एक काम करता हूं, राॅकी टायलेट कहां है?

मैं: किचन के सामने ही है।

गौरव किचन से मम्मी की फोटो खींच कर टायलेट गया, और गेट खुला छोड़ कर अपना 9 इंच का लंड निकाला, और फोटो देख कर जोर-जोर से हिलाने लगा। जैसे ही मम्मी बाहर आयी, उनकी नजर गौरव के 9 इंच के मोटे लम्बे लंड पर पड़ी, तो वो चौंक गयी।‌ उनका रिएक्शन ऐसा था कि मानों क्या देख लिया।

आंखे और मुंह दोनों फटे रह गये, और चिल्ला कर बोली: ये क्या कर रहे हो?

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हम सब भी वहीं छिप कर देख रहे थे।

गौरव फोन में मम्मी की फोटो दिखाते हुए बोलाक: आंटी मैंने आपके जैसी इतनी सुंदर, इतनी हाॅट, और सेक्सी औरत कभी नहीं देखी। आपको देखते ही मेरा मन कन्ट्रोल से बाहर हो गया, और इसे कंट्रोल करने के लिए आपकी फोटो पर ही मुठ मारने लगा।

इतना सब वो अपना मोटा बड़ा लंड बाहर निकाल कर ही बोल रहा था। मम्मी का मन भी अंदर से बहक रहा था, क्योंकि वो धीरे से बोली-

मम्मी: अच्छा अंदर करो, और जाओ यहां से।

फिर जैसे ही मम्मी हम लोगों के पास आने लगी, हम सब भी फट से रूम में गये, और वहीं करने लगे जो गौरव कर रहा था। वो आती है और जैसे ही देखती है हम चार भी अपना-अपना लंड बाहर निकाल कर हिला रहे थे, तो उनकी आंखे फटी रह गयी, और बोली-

मम्मी: तुम सब ये क्या कर रहे हो? कितने गंदे लोग हो! और राॅकी तुम भी।

मैंने बोला: मम्मी आप अप्सरा से भी सुंदर दिखती हो। जो कोई भी आपको देखता है मदहोश हो जाता है। आपके पास इतना खजाना होने के बाद भी मायूस रहती हो। आप हम सब को मौका दो, हम सब आपको इतने मजे देंगे कि आप हमेशा खुश रहोगी।

मम्मी का भी मन पांच बड़े-बड़े लंड देख कर मचल रहा था।

पर वो बोली: नहीं ये गलत है।

मैंने बोला: हम 6 के अलावा किसी को कुछ नहीं पता चलेगा।

मम्मी की आंखे बता रही थी कि उन्हें कितनी जरूरत थी लंड की, और अब तो पांच-पांच मोटे बड़े लंड सामने थे। मम्मी ना-नुकुर करने लगी। इतने में ही गौरव पीछे से मम्मी को दबोच लेता है, और एक बार में ही मम्मी का ब्लाउज दो हिस्से में फाड़ देता है। मम्मी के दोनों बड़े-बड़े गोरे बूब्स आजाद थे। मम्मी गौरव को हटाने लगी, मगर उसकी पकड़ से हिल भी नहीं पा रही थी।

हम चार भी पूरे नंगे होकर मम्मी को उठा कर बेडरूम में लेकर गये, और बेड पर पटक दिया। गौरव पीछे से मम्मी की बूब्स निचोड़ रहा था। गुड्डू मम्मी की दोनों टांगो को खोल कर उनकी चूत को जैसे ही चाटना शुरू किया, मम्मी की हल्की-हल्की सिसकियां शुरू हो गयी। कुणाल रवी और मैं मम्मी के मुंह के पास लंड हिलाने लगा।

जब गुड्डू अपनी जीभ मम्मी की चूत में अंदर-बाहर करने लगा, तब मम्मी ढीली पड़ने लगी। मैंने और रवी ने अपना लंड मम्मी के दोनों हाथों में पकड़ा दिया, और कुणाल मम्मी के उपर बैठ गया, और अपना लंड मम्मी के मुंह के पास रख दिया।

गुड्डू अपनी दो उंगलियां मम्मी की चूत में जोर-जोर से अंदर-बाहर करने लगा, तो मम्मी पूरी गर्म हो गयी, और अब तेज सिसकियां लेने लगी। साथ में वो हाथ में लिये मेरे और रवी के लंड को हिलाने लगी। वो कुणाल का लंड भी मुंह में ले ली। अब मम्मी पूरा सपोर्ट दे रही थी, और अब मेरा, रवी, और कुणाल का लंड बारी-बारी से चूसने लगी।

गौरव मम्मी के बूब्स को दबा-दबा कर लाल कर दिया था। गुड्डू ने अपना 8 इंच का लंड मम्मी की चूत पर रखा, और एक जोरदार धक्का दिया, और एक ही बार में 6 इंच अंदर चला गया। मम्मी इतनी दर्द भरी और इतनी मीठा आवाज आह निकाली कि हम सब को और जोश आ गया। मैं, रवी, और कुणाल तीनों एक-एक राउंड मम्मी के मुंह में झड़ गये, और मम्मी ने तीनों का पानी मुंह में रखा और खोल‌कर दिखाई।

उनका पूरा मुंह हम तीनों के वीर्य से उपर तक भर गया था। मम्मी एक बार में पूरा वीर्य पी गयी। अब गौरव भी अपना 9 इंच का लंड मम्मी के मुंह में दिया। मम्मी मुंह में ली तो गौरव का 5 इंच ही मम्मी के मुंह में गया। मैं मम्मी की बूब्स दबाने लगा, और गुड्डू लगातार 10 मिनट से मम्मी की चूत में झटके मारे जा रहा था। मम्मी के मुंह में बड़ा लंड होने के बाद भी उनकी दर्द भरी वो मदहोश आवाज पूरे घर में गूंज रही थी।

गौरव मम्मी के बालों की पकड़ कर उनके मुंह में ही तेजी से चोदने लगा। 5 मिनट बाद गौरव का 9 इंच लंबा लंड मम्मी के मुंह में झड़ा, तो उसके लंड से इतना वीर्य निकला कि मम्मी का पूरा मुंह फूल गया, और मुंह से टपक कर उनके बूब्स, उनके नाक, गाल, सब जगह लग गया। पर जो वीर्य मुंह में भरा था वो मम्मी पी गयी।

लगभग 15 मिनट तक चूत चोदते हुए गुड्डू मम्मी की चूत में ही अंदर झड़ गया। सब लोग मम्मी की चुदाई के लिए इतना बेताब थे कि किसी को कंडोम का कोई ख्याल ही नहीं आया। अब कुणाल मम्मी को अपनी गोद में उठा कर पीछे से अपना लंड उनकी गांड में डाल दिया, और रवि मम्मी की चूत में अपना लंड डाल दिया। वो दोनों जोरदार झटके लगाना शूरू हो गये।

मम्मी नीचे से दो लंड ले रही थी, और उपर मुंह में मेरा और गुड्डू का लंड एक साथ लेने लगी। पूरे घर में फच-फच की आवाज और मम्मी की आह आह की मदहोश आवाज गूंज रही थी। ऐसी जबरदस्त चुदाई चल रही थी कि पार्न भी फेल था। मम्मी कुणाल के गोद में बैठी थी दोनों टांगें ऊपर किये। गांड में और चूत में लंड भरी थी।

लगभग 10 मिनट के बाद रवि भी चूत में झड़ गया, और कुणाल भी अपना लंड गांड से निकाल कर चूत में सारा माल गिरा दिया। अब बारी थी मेरी और 9 इंच वाले गौरव की। अब कुणाल, रवी, और गुड्डू  का लंड मम्मी बारी-बारी से चूस रही थी, और नीचे मम्मी को मैं अपनी गोद में बिठा कर पीछे से गांड में लंड डाल दिया, और बूब्स निचोड़ने लगा। उसके बाद गौरव जैसे ही अपना लंड मम्मी की चूत पर रखा, मम्मी बोली-

मम्मी: आराम से करना, सबसे बड़ा तुम्हारा है।

गौरव बोला: चिंता मत कर रंडी।

मेरी मम्मी को गौरव ने रंडी बोला तो मेरा मन और खुश हो गया। मैं भी मम्मी को रंडी बोलने लगा, और गांड पूरी‌ ताकत से चोदने लगा।

मम्मी बोली: फाड़ दे अपनी रंडी की गांड

गौरव ने अपना लंड चूत पर रख कर जोर से एक झटका मारा, तो मम्मी उछल गयी, और एक‌ साथ 7 इंच लेली। क्योंकी सब का 7 था। मम्मी की आवाज घर से बाहर तक जाने लगी, पर हम सब पूरे जोश में थे। गौरव के दूसरे झटके से 9 इंच का पूरा लंड चूत में समा गया। गौरव के 20 मिनट तक जोरदार पूरे ताकत से चुदाई करने पर मम्मी की फुद्दी फट कर बाहर लटक गयी, और गौरव भी अपना सारा माल मम्मी के चूत में डाल दिया।

अब बारी थी मेरी। मैंने मम्मी को सब से अलग किया और टेबल पर झुका कर घोड़ी बना कर चूत में चुदाई शुरू कर दी। मैं गंदी-गंदी गाली दे रहा था, और बाल पकड़ कर घुड़सवारी करने लगा। 15 मिनट में मैं भी मम्मी की चूत में झड़‌ गया और सारा माल अंदर डाल दिया। फिर सब लोग थक कर नंगे ही सो गये और अगले दिन सुबह होते ही चारों दोस्त कपड़े पहन कर जाने लगे।

तो मम्मी ने बोला: आते रहना।

फिर वो जरूर रंडी, साॅरी जरूर आंटी, कह कर हसते हुए चले गए। उस दिन से मम्मी को खाना बनाते समय, सोते समय, या जब भी मन करता है, मैं मम्मी की चुदाई करता हूं। या कभी मैं ज्यादा काम में व्यस्त रहता हूं तो वो खुद आकर मेरा लंड सहलाने लगती और बाहर निकाल कर चूस कर खड़ा कर देती। यदि आगे जानना चाहते हैं कि मम्मी ने सबका वीर्य चूत में क्यों लिया? हमें रिस्पांस दे और कमेंट करें। शुक्रिया।

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