होम पर वापस जाएं
भाई बहन पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 719 बार

मौसेरी बहन की कुंवारी चूत फाड़ी

प्रेम कुमार वर्मा

23 Mar 2016 को प्रकाशित

मौसेरी बहन की कुंवारी चूत फाड़ी
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

ये चुदाई की कहानी मेरे जीवन की सच्ची घटना है. ये बात तब की है, जब मैं 3 साल पहले अपनी स्नातक की पढ़ाई कर रहा था. मैं मेरठ के एक कॉलेज में पढ़ता था और हॉस्टल में रहता था.

मैं दीवाली की छुट्टियों में घर आया था. फिर इधर से किसी काम से कुछ दिन के लिए नाना के यहां जाना पड़ा.मैं बता दूं कि मेरे कोई मामा नहीं हैं, बस एक मौसी हैं और उनके दो लड़की और एक लड़का है. बड़ी दीदी और भैया की शादी हो गई है. बस छोटी वाली बची है. उसका नाम ब्यूटी है और उम्र 18 साल है. वो बहुत ही सुंदर और सेक्सी है, उसका फिगर 32-28-34 का है. वो इतनी खिली हुई लौंडिया है कि उसे देखकर बुड्डों का भी लंड खड़ा हो जाए. उसके पीछे गांव के बहुत लड़के पड़े थे.

वो मुझे बचपन से ही पसंद करती थी पर मैंने उसके लिए कभी वैसा नहीं सोचा था. पर इस बार वो मुझसे कुछ अलग तरह से ही मिली. वो नाना के पास उन की देखभाल के लिए ही रहती है क्योंकि मेरी नानी काफ़ी पहले ही चल बसी थीं.

मैं जब वहां पहुंचा, तो वो बहुत खुश हुई और मेरे गले लग गई. उस वक्त नाना घर पर नहीं थे. मैं तो उसके सीने के उभार महसूस करके आश्चर्य चकित रह गया. फिर उसने मेरे गाल पर किस कर लिया. अब तो मेरे अन्दर का शैतान जाग गया और मेरा लंड खड़ा हो गया.मैंने अपने होंठ अपनी बहन के होंठों पर रख दिए और किस करने लगा, वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. मैंने अपनी जीभ उसके मुँह में डाल दी तो वो बड़े मजे से मेरी जीभ को चूसने लगी. फिर मैंने भी उसकी जीभ को चूसना शुरू कर दिया.यह सिलसिला दस मिनट तक चलता रहा.. फिर हम अलग हो गए.

कुछ देर में नाना भी आ गए, फिर हमने मिलकर कुछ बातचीत की. शाम को खाना बनवाने के लिए मैं भी अपनी मौसेरी बहन की मदद करने रसोई में चला गया. इस समय नाना बाहर किसी गांव के आदमी से बैठकर बात कर रहे थे.

मैंने रसोई में घुसते ही ब्यूटी को पीछे से पकड़ लिया. वो चौंक गई और कहने लगी- नाना आ जाएंगे.मैं बोला- वो किसी से बात कर रहे हैं.फिर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं उसकी गांड की दरार पर लंड रगड़ने लगा; वो मादक आहें भरने लगी. मैं उसकी चूची पकड़ कर दबाने लगा, तो वो और गर्म हो गई.ब्यूटी कहने लगी- आज मुझे तुम्हारा लंड चाहिए, रात को जब नाना सो जाएंगे तो तुम मेरे कमरे में आ जाना.मैं बोला- ठीक है.

फिर हम दोनों भाई बहन ने मिल कर खाना बनाया.

रात को खाना खाने के बाद ब्यूटी ने सब का बिस्तर लगाया. ब्यूटी अन्दर कमरे में सोती थी, मेरा और नाना जी का बिस्तर बरामदे में लगा था. मेरा बिस्तर ब्यूटी के दरवाजे के पास था और नाना का थोड़ी दूर लगा था.

फिर सब सो गए, पर मुझे नींद नहीं आ रही थी, यह सोचकर कि आज पहली बार किसी लड़की की चूत मिलेगी.

जैसे तैसे मैंने ग्यारह बजने का इंतजार किया. फिर मैंने कम्बल के नीचे तकिया रखकर इस प्रकार ढक दिया जैसे कोई सो रहा हो. मैं अपनी बहन ब्यूटी के कमरे में चला गया और दरवाजा बंद कर लिया. वो शायद सो गई थी, मैं उसके बिस्तर में घुस गया और उसके मम्मों को दबाने लगा. मम्मों पर हाथ लगते ही वो जाग गई और अपने हाथ से मेरा लंड तलाशने लगी.

मैंने उसके होंठ पर अपना होंठ रख दिए और चूसने लगा. फिर मैंने उसका शर्ट निकाल दिया. अन्दर उसने पिंक कलर की ब्रा पहन रखी थी, वो एकदम जन्नत की परी लग रही थी. मैं ब्रा के ऊपर से ही उसकी चूची चूसने लगा, वो आहें भरने लगी.

मैंने दस मिनट तक ब्यूटी के चूचों को ब्रा के ऊपर से मसला.. फिर उसकी ब्रा खींच कर फाड़ दी. वो मेरा लंड सहलाती रही, फिर मैंने उसके सलवार का नाड़ा खोल दिया. उसने पिंक कलर की पैंटी पहन रखी थी, मैं उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को मसलने लगा.वो तड़प उठी और बोली- अब मत तड़पाओ, मेरी चूत में अपना लंड डाल दो प्लीज.

पर मैं इतनी जल्दी कहां मानने वाला था. मैं तो अपनी बहन की कामुकता को और भड़काना चाहता था, उसे और तड़पाना चाहता था. मैंने बोला- अभी तो खेल शुरू हुआ है मेरी जान.

मैंने उसकी पैंटी को एक झटके में अलग कर दिया और उसके पैरों के बीच आ गया. उसकी मखमली चूत देखकर मैं पागल सा हो गया, क्या मस्त चूत थी गुलाबी रंग की.

मैंने अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया, वो तड़प उठी और मेरा सिर अपनी चूत पर दबा दिया. फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए, मैं उसकी चूत चाटने लगा और वो मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.यह लंड चुत की चुसाई काफी देर तक चलती रही, इतने में वो एक बार झड़ चुकी थी.

मैं उसके पैरों को चौड़ा करा के उसकी जांघों के बीच में लंड हिलाता हुआ आ गया. वो बोली- अब मत तड़पाओ भैया डाल दो अपना लंड अपनी बहन की चूत में.. और चोद दो इसे, इस निगोड़ी चुत ने मुझे बहुत परेशान कर रखा है.मैं बोला- क्यों नहीं बहना.. आज तो मैं बहनचोद बन के ही रहूँगा.

फिर मैंने उसकी टांगें फैला दीं और अपना लंड उस की चूत पर रगड़ने लगा. वो चुत पर सुपारे का अहसास पाते ही तड़पने लगी. मैंने जैसे चूत पर थोड़ा दबाव दिया, वैसे ही लंड फिसल गया. मैंने लंड फिर से चूत पे सैट किया और एक जोरदार झटका दे मारा.वो चिल्ला उठी पर आवाज को दबा ले गई. आधा लंड उसकी चूत में घुस गया था, उसकी चूत से खून निकलने लगा. मैं हैरान रह गया कि वो अभी तक चुदी नहीं थी, मेरी बहन की चूत कुंवारी थी.

वो रोने गिड़गिड़ाने लगी- भैया,मेरी चूत फट गईहै, प्लीज अपना लंड बाहर निकाल लो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है.

मैं उस की पीड़ा समझते हुए थोड़ा रूक गया, पर मैंने लंड बाहर नहीं निकाला. मैं उसके चूचे दबाने लगा और उसे होंठों पर किस करने लगा ताकि दर्द से उसका ध्यान भटके!

थोड़ी देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो मैंने धक्का लगाना शुरू कर दिया. अब वो भी कमर उठा के साथ देने लगी. मुझे और जोश चढ़ गया. मैं तेज तेज धक्के लगाने लगा, वो और चिल्लाने लगी और कहने लगी- आह.. और जोर से मेरे प्यारे भैया.. अह.. फाड़ दो मेरी चूत को.. आह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… इसने मुझे बहुत परेशान किया है.

मैं अपनी बहन ब्यूटी को और तेज तेज चोदने लगा. ये चुदाई कई मिनट तक चलती रही. फिर मैं उसकी चूत में ही झड़ गया. इतने देर में वो भी एक दो बार झड़ चुकी थी. मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा. थोड़ी देर बाद मेरा लंड फिर खड़ा हो गया और फिर चूत चुदाई शुरू हो गई.

हम ने उस रात में कई बार चुदाई की. फिर मैं अपने बिस्तर पर आ कर सो गया.

मैं अपने नाना के यहां एक सप्ताह तक रहा था और रोज़ रात हम चुदाई करते रहे. फिर मैं मेरठ पढ़ाई करने चला गया.

आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे मेल जरूर करिएगाsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

जिस्मानी रिश्तों की चाह-38
भाई बहन

जिस्मानी रिश्तों की चाह-38

सम्पादक जूजाअब तक आपने पढ़ा..

10 मिनट 713
जिस्मानी रिश्तों की चाह -13
भाई बहन

जिस्मानी रिश्तों की चाह -13

सम्पादक जूजाअब तक आपने पढ़ा..

11 मिनट 928
कमसिन चचेरी बहन की चुदाई-2
भाई बहन

कमसिन चचेरी बहन की चुदाई-2

दोस्तो, आपने मेरी भाई बहन की चुदाई की कहानी में अब तक पढ़ा कि मैं अपनी चचेरी बहन अनुराधा को चोदना चाहता था और उसको पटाने में लगा था. इस खेल में मैंने फिलहाल उसे नंगी कर दिया था.अब आगे..

11 मिनट 916

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।