हिंदी सेक्सी स्टोरी पसन्द करने वाले मेरे प्यार दोस्तो, लंड के राजाओं और चूत की रानियो.. आप सबको मैं आज एक सेक्स और चाहत से भरपूर सेक्सी स्टोरी सुनाने वाला हूँ।
मेरा नाम अमृत राजा है.. मैं बिहार के आरा का रहने वाला हूँ। अभी मैं दिल्ली में रह कर अपनी पढ़ाई कर रहा हूँ। मैं 5 फिट 8 इंच लंबा और औसत शरीर का मर्द हूँ। मैंने कभी भी अपनी लंड नहीं नापा है.. इसलिए झूठ नहीं बोलूँगा।
यह सेक्सी स्टोरी मेरे और मेरी ममेरी भाभी की बीच की है।
मेरी भाभी उस समय 23 साल की थीं, उनका फिगर 32-28-34 का है.. जो कि मैंने उनसे ही पूछा था। वो दिखने में बड़ी कामुक हैं। मेरी उनसे पहली मुलाकात उनकी शादी पर ही हुई थी। उस समय में कम उम्र का था।
शादी के बाद मैं उनसे उनकी सुहागरात के बारे में काफी मज़ाक कर लिया करता था कि मैंने रात को सारा खेल देखा है। वो शर्मा कर रह जाती थीं.. सबके सामने कुछ बोल भी नहीं पाती थीं।
उस समय गर्मी का मौसम था। एक दिन मैं दोपहर में भाभी के कमरे में सो रहा था। अचानक मेरी नींद खुली तो देखा कि भाभी पलंग पर बैठी हैं।
मैंने फिर मजाक करते हुए पूछ लिया कि भाभी हमारे लिए भी कुछ बचाया है.. या सब भैया को ही दे प्रिया?तो भाभी शर्मा कर बोलीं- क्या चाहिए आपको?तो मैंने उनकी चुची की तरफ इशारा कर प्रिया।
वो बोलीं- एक शर्त पर.. आप पहले बताओ कि आपने उस रात को क्या देखा?मैंने कहा- कुछ नहीं भाभी, मैं तो बस मज़ाक कर रहा था।
पर वो नहीं मानी और मेरे साथ छेड़छाड़ करने लगीं। उन्होंने मेरी पेंट खींच दी.. तो मेरा लंड बाहर निकल आया।मेरा लंड देख कर बोलीं- अभी तो आपका हथियार छोटा है.. पर चलेगा।
मैंने भी जल्दी से उनकी चुची दबा दी, वो चिहुंक गई। इतने में कोई आ गया तो हम दोनों शांत हो गए।मैं उनके घर 2 दिन और रुका.. पर कोई मौका हाथ ना लगा।
मैं जिस दिन अपने घर वापस आ रहा था.. तो उनसे बोल कर आया कि भाभी मेरा उधार रहा.. अगली बार जरूर ले लूँगा।वो हँस दीं।
मैं अपने घर वापस आ गया। कुछ दिन तक तो भाभी को याद करके दिन में एक-दो बार अपने हाथ से ही लंड को ठंडक दे प्रिया करता था।धीरे-धीरे मैं अपनी पढ़ाई में व्यस्त हो गया।
लगभग तीन साल बाद जब मैं सर्दी की छुट्टियों में घर गया.. तो मुझे माँ ने कहा- एक बार जा कर मामा जी के घर हो आ, तेरी भाभी भी तुम्हें याद करती रहती हैं। कुछ दिन पहले तेरी भाभी को एक बच्ची भी हुई है.. उसे भी देख आ!
भाभी की बात सुनते ही मैं झट से जाने को तैयार हो गया और अगले दिन ही सुबह वहाँ पहुँच गया।मैं जब घर पहुँचा तो देखा मामा जी और भाभी ही घर पर थे।मैंने पूछा- और सब लोग कहाँ हैं?
तो पता चला कि भैया तो जॉब पर गए हैं और मामी जी मायके गई हैं। आज शाम को मामा जी उनको वापस लाने जाएंगे।मैं हाथ-मुँह धोकर खाना खा कर सो गया।
शाम में मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि भाभी आँगन में बैठ कर बच्ची को दूध पिला रही थीं। मैं उनके पास जाकर बैठ गया। मुझे अब उनकी चुची पहले से काफी बड़ी लग रही थीं।
मैं बच्ची को दुलारने के बहाने उनकी चुची टच कर रहा था। वो समझ गईं और बोलीं- आप अभी भी नहीं सुधरे हैं।मैंने भी बोल प्रिया- आपकी चुची मुझे बिगाड़ रही हैं।
भाभी हँस कर वहाँ से उठ गईं और बच्ची को मुझे गोद में दे कर भाभी बोलीं- आप इसको घुमा लाओ.. तब तक मैं खाना बनाती हूँ।
मैं बच्ची को लेकर गाँव में घूमने लगा। काफ़ी देर बाद जब मैं आया तो मामा जी जा चुके थे।भाभी बोलीं- चलिए, खाना खा लीजिए।हम दोनों ने साथ में खाना खाया और भाभी अपना काम निपटाने लगीं।
मैंने पूछा- भाभी मैं कहाँ सोऊँगा?तो भाभी बोलीं- घर पर कोई है नहीं.. तो मेरे ही कमरे में सो जाओ।
मैं तो खुश हो गया और मेरे अन्दर की हवस जागने लगी। मैं बच्ची को लेकर कमरे में चला गया और मैंने बच्ची को सुला प्रिया।
थोड़ी देर बाद भाभी एक वाइट कलर का गाउन पहन कर कमरे में आईं, वो उस समय कुछ ज़्यादा ही सुंदर लग रही थीं।मैंने भाभी से बोला- आप तो जबरदस्त माल लग रही हो।भाभी बोलीं- बहुत मस्ती चढ़ रही है आपको!मैं बोला- आपका हुस्न ही ऐसा है.. बस एक बार मिल जाए तो जन्नत नसीब हो जाए।भाभी ‘चुप बदमाश..’ बोल कर पलंग पर लेट गईं।
हम दोनों इधर-उधर की बातें करने लगे।भाभी ने मुझसे पूछा- आपकी गर्लफ्रेंड है?तो मैंने भी बोल प्रिया- हाँ है।भाभी ने पूछी- कहाँ है?मैंने उनकी तरफ इशारा कर प्रिया तो वो मुस्करा कर बोलीं- मैं आपकी भाभी हूँ।तो मैंने कहा- आपको पटा कर गर्लफ्रेंड बना लूँगा।
फिर मैंने अपना पासा फेंका और बोला- भाभी आप क्या कमाल की दिखती हो, काश आपकी शादी मुझसे हुई होती तो मैं आपको बहुत प्यार देता और अभी भी दूँगा।तो भाभी बोलीं- आपको सबसे ज़्यादा मुझमें क्या अच्छा लगता है?मैंने उनके होंठों पर उंगली रख दी.. और बोला- एक बार इनका रस पिला दो।भाभी बोलीं- बस एक बार ही.. इसके बाद कुछ नहीं..!तो मैं भी मान गया।उन्होंने बच्ची को साइड में कर प्रिया और वो मेरे पास आ गईं।
मैंने झट से उनके होंठों को अपने होंठों से जकड़ लिया और चूसने लगा।वो एक मिनट में ही छटपटाने लगीं।
मैंने भाभी को छोड़ प्रिया.. तो वो लंबी सांस लेकर बोलीं- पागल है क्या.. कोई ऐसे करता है क्या.. मैं तो मर ही जाती.. सांस रोक दी आपने तो!मैंने बोला- अच्छा.. भैया के साथ नहीं मरती हो?वो बोली- भैया तो सिर्फ़ डालना जानते हैं.. डाला धक्के मारे.. पानी निकाला और सो गए।मैं बोला- चलो इस बार अच्छे से करूँगा।तो वो मान गईं।
Bhahut Natak Se Bhabhi Ko Pataya Patna Me
मैं धीरे-धीरे उनके गालों को चूमने लगा। मैं गालों से उनके होंठों तक पहुँच कर उनके निचले होंठों को चूसने लगा और पीछे से उनको सहलाए जा रहा था।धीरे-धीरे भाभी गर्म होने लगीं और उनकी साँसें तेज होने लगीं। मैं भाभी के होंठों को चूसता हुआ अपने हाथों को उनकी चुची पर ले गया।
पहले तो वो मना करने लगीं.. फिर उन्होंने रोकना छोड़ प्रिया। मैं धीरे-धीरे उनकी चुची को गाउन के ऊपर से सहलाता रहा। मैं किस करते-करते भाभी के लगभग ऊपर चढ़ गया और अपने पूरे शरीर को उनके मदमस्त शरीर से रगड़ने लगा।अब भाभी भी अब मेरा साथ देने लगीं.. और गर्म होकर कामुक सिसकारियाँ लेने लगीं ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’
मैंने कहा- भाभी गाउन उतार दो।तो वो मना करने लगीं.. फिर मेरे ज़्यादा जोर देने पर उन्होंने गाउन उतार प्रिया। अब वो मेरे सामने सिर ब्रा और पेंटी में थीं।
उन्होंने ब्लैक ब्रा और पेंटी पहन रखी थी। मैं तो बस भाभी के गोरे शरीर की छटा ब्लैक कलर की ब्रा-पेंटी में देखता ही रह गया.. बड़ी गजब की माल लग रही थीं।
भाभी की चुची तो जैसे ब्रा को फाड़कर बाहर आ जाएंगी। मैंने भाभी से उनकी फिगर पूछा तो उन्होंने कहा- दिख नहीं है क्या.. नाप लो ना.. वैसे मेरी फिगर 32-28-34 की है।
मैं ब्रा के ऊपर से ही भाभी की चुची को निचोड़ने लगा.. और जोर-जोर से मसलने लगा। वो भी आहें भरते हुए कामुकता बिखर रही थीं। मैंने भाभी की ब्रा को जोर से खींच प्रिया.. जिससे हुक टूट गया।
तो भाभी मचल कर बोलीं- आराम से करिए ना.. मैं कहीं भाग नहीं रही हूँ।मैंने ब्रा को हटा कर एक तरफ फेंक प्रिया और भाभी की चुची को चूसने लगा। धीरे-धीरे मेरे हाथ उनकी पेंटी के ऊपर से उनके चूत तक पहुँच गया और मैं भाभी की चूत को सहलाने लगा।
भाभी और भी गर्म हो उठीं क्योंकि चूत पर हाथ जो फिरने लगा था वे एकदम से सिहरते हुए सिसकारियाँ लेने लगीं।
मैं उनके पेट को किस करते हुए उनकी नाभि तक पहुँच गया और उसे चूसने लगा तो वो और जोर से आहें भरने लगीं। अब वो मेरे सर को अपनी नाभि पर दबाने लगीं।
थोड़ी देर किस करने के बाद मैंने उनकी पेंटी के ऊपर से उनकी चूत पर किस किया.. तो वो एकदम से पलंग पर उछल पड़ीं और बोलीं- नहीं.. वहाँ नहीं..मैं बोला- आप थोड़ा शांत रहो ना.. बहुत मजा आएगा।तो वो बोलीं- पहले मैंने कभी ऐसा नहीं किया।मैंने कह प्रिया- तो आज मजा ले लो..
यह कह कर मैं भाभी की पेंटी उतारने लगा.. तो वो बोलीं- पहले आप अपने कपड़े उतार दो ना!मैंने कहा- वो आप खुद उतार दो।
उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरा तना हुआ लंड हाथ में लेकर बोलीं- बड़ा अच्छा है.. सच में आपका हथियार काफ़ी बड़ा हो गया है।
वो मेरे लंड को ऊपर-नीचे करने लगीं। मैं पूरे जोश में आ गया और बोला- भाभी आप लंड चूसो ना..!
भाभी लंड चूसने से मना करने लगीं। मैंने भी ज़्यादा जोर नहीं प्रिया और उनको बिस्तर पर लिटा कर उनकी चूत को चाटने लगा। वो तेज आवाज निकालने लगीं और मेरा सर चूत में अन्दर की ओर दबाने लगी।
जरा सी चुसाई के बाद वो चिल्ला उठीं और भाभी की चूत ने पानी छोड़ प्रिया।मैं चूत चूसता रहा.. भाभी कुछ देर निढाल होकर पड़ी रहीं।
इसके बाद भाभी कहने लगीं- जल्दी से ऊपर आ कर अन्दर डालिए.. नहीं तो मैं मर जाऊँगी।मैं भाभी की टाँगें चौड़ी करके अपना लंड उनके चूत में सैट करने लगा।
मुझे भाभी की मासूम सी चूत में लंड अन्दर पेलने का रास्ता ही नहीं मिल रहा था। बार-बार मेरा लंड फिसल रहा था.. तो भाभी हंसने लगीं और मेरे लंड को पकड़ कर चूत पर सैट करके बोलीं- जोर का धक्का मारिए।
मैंने जैसे ही धक्का मारा.. लंड फच्च से अन्दर चला गया और मुझे जलन सी महसूस होने लगी।
भाभी भी तेज आहें भरने लगीं। मैं उनकी चुची को मसलते हुए धक्के मारने लगा। मैं बार-बार लंड बाहर निकाले जा रहा था।
भाभी बोलीं- आप अभी अनाड़ी हो.. पूरा मजा नहीं आ रहा है, ऐसा करो आप नीचे आ जाओ.. आपसे चुदाई नहीं होगी।
मैं नीचे लेट गया.. मेरा तो जलन से बुरा हाल था।भाभी मेरे ऊपर चढ़ गईं और मेरे लंड को अपनी चूत के अन्दर ले कर धक्के मारने लगीं।
मैं उनके होंठों को चूस रहा था और पागलों की तरह उनकी गांड को दबा रहा था। पांच मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा और मेरा लावा फूट पड़ा।
भाभी अभी भी धक्के मार रही थीं.. शायद उनका काम नहीं हुआ था, जिससे मैं थोड़ा उदास हो गया।भाभी धक्के मारती हुई बोलीं- कोई बात नहीं जी.. मैं आपको सब सिखा दूँगी.. आपको पक्का चोदू बना कर ही छोडूंगी.. पहली बार सबका ऐसा ही होता है।
थोड़ी देर बाद भाभी भी झड़ गईं और मेरे बगल में लेट गईं, हम एक-दूसरे को बाँहों में पकड़ कर बातें करने लगे, फिर बातें करते हुए एक-दूसरे को चूमने लगे।
आपको मेरी यह हिंदी सेक्सी स्टोरी कैसी लगी.. अपनी राय जरूर दीजिएगा।support@mohakkisse.com