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भाभी की चुदाई पठन समय: 24 मिनट पढ़ा गया: 1,083 बार

मकान मालकिन ने मुझे पटा कर अपनी चूत की चुदाई करवाई

कमल पाठक

19 Jan 2025 को प्रकाशित

मकान मालकिन ने मुझे पटा कर अपनी चूत की चुदाई करवाई
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नमस्कार दोस्तो.. मैं कमल राज सिंह आज फिर एक आपबीती घटना कहानी के रूप में हाज़िर कर रहा हूँ।मैं 27 साल का 5’11” का लंबा तगड़ा पंजाबी लड़का हूँ और चंडीगढ़ में एक मल्टी नेशनल कंपनी में काम करता हूँ।

बात दो साल पुरानी है जब मैं नानक सिंह की कोठी के पीछे के हिस्से में किराये पर रहता था।नानक सिंह 55 साल के बहुत बड़े ट्रांसपोर्टर हैं, बहुत अमीर हैं। उन्होंने इस उम्र में 35 साल की पायल से दूसरी शादी कर ली, यह पायल की भी दूसरी शादी थी।

35 साल की पायल बहुत सुन्दर मस्त मौला दबंग तीखे नयन नक्श बड़ी-बड़ी काली-काली आँखों वाली दूध सी गोरी मखमली स्किन वाली अमीर औरत थी। वो टाइम पास करने के लिए बच्चों का एक छोटा सा स्कूल चलाती थी।

नानक सिंह जी ने मुझे अपना मकान सुरक्षा के कारण दिया था क्योंकि उनको अक्सर बाहर जाना पड़ता था।

शाम को ऑफिस आकर मैं चूंकि बोर होता था और पायल भाभी भी अकेली होती थी और बोर हो रही होती थी तो मैं अक्सर पायल भाभी को अपने साथ चाय के लिए बुला लेता था।

मुझे इस घर में छः महीने हो गए थे और मैं मेरी और पायल जी की अच्छी दोस्ती हो गई थी।

मेरी एक गर्ल फ्रेंड थी नेहा… नेहा पतली दुबली कद में भी छोटी करीब 5 फुट 3 इंच, 24 साल की मेरे ऑफिस में ही नौकरी करती थी और कभी कभी मेरे घर आ जाती थी।पायल उसको बहुत पसंद करती थी और उसके साथ भी अच्छी दोस्ती हो गई थी।

मैं रोज़ रात को नेहा के साथ सेल पर बात करता था, हम दोनों खूब मजा ले लेकर फ़ोन सेक्स चैट करते थे, मैं मुठ मारता था और वो अपनी चूत में उंगली करती थी।

बात पायल भाभी को कैसे पता चली मुझे नहीं मालूम… परंतु एक दिन उसने मुझे खुद ही बताया कि वो बीच के दरवाज़े से मेरी बातें सुनती है और उसे उसमें बहुत अच्छा लगता है।मुझे पायल भाभी के हाव भाव से.. बातों से.. और उसकी मस्त जवानी के जलवे दिखाने से लगता था कि वो मेरे साथ सेक्स करना चाहती है।

मुझे भी उसकी मस्त गोरी-गोरी चिकनी-चिकनी गदराई जवानी को देखना बहुत अच्छा लगता था और वो भी दिल खोल कर दिखाती थी।कभी कभी तो हम दोनों में लपट झपट चुम्मा चाटी भी हो जाती थी और मैं उसके चूतड़ या कमर मसल देता था।और वो गालियाँ देकर हंस देती!

एक दिन शाम को मैं ऑफिस से चाय बना कर बैठा भाभी का इंतज़ार कर रहा था.. पर वो कहीं गई थी।थोड़ी देर बाद जब आई तो मैंने कहा- हाय पायल भाभी, क्या हो रहा है… आज कहाँ घूम रही हैं.. मैं तो चाय के लिए इंतज़ार कर रहा था।‘हाय सच्ची कमल…’ भाभी के चहेरे पर शरारती मुस्कान थी- कुछ नहीं हो रहा कमल.. बस ऐसे ही.. आज बहुत बोर हो रही थी तो पड़ोस में चली गई थी। पर तू चाय के लिए क्यों इंतज़ार कर रहा था? तू चाय पी लेता!पायल ने कुर्सी पर बैठते हुए कहा।

मैंने चाय का मग उसके सामने रख दिया और टेबल के सहारे उसके सामने खड़े हुए उसकी ब्लाउज में खड़ी तनी हुई चूची नंगी गोरी चिकनी कमर सपाट पेट और सेक्सी गहरी नाभि को निहार रहा था।

‘अरे भाभी, बस यही तो बात है.. जब से आपके साथ दोस्ती हुई है, अकेले चाय पीने में मजा ही नहीं आता। आज साड़ी में बहुत सुन्दर लग रही हैं। यह रंग भी आपके ऊपर बहुत अच्छा लग रहा है।’ मैंने शरारत से आँख मार कर कहा।

‘हां… हां… क्यों नहीं… सारा माल घूरने को जो मिल रहा है साले बदमाश..!’ पायल ने भी मुस्करा कर आँख मार दी- सच तो यह है कमल… तेरा यह घूरना ही मेरी मस्ती का सहारा है.. वो कहते है ना.. जब किस्मत पर पड़े हों हथौड़े तो क्या मिलेंगे लौड़े!पायल भाभी बड़ी निराशा भरी निगाहों से प्यार से मेरी तरफ देख रही थी, उनकी निगाहों में प्यार की चाह साफ झलक रही थी, उनका पल्लू निचे गिर गया था।

‘हाय भाभी, ऐसे क्यों बोलती हो? आप जैसी मदमस्त बिंदास सुन्दर सेक्सी हॉट औरत हो तो मस्त हथौड़ों की क्या कमी.. बहुत मिल जाएँगे। एक से एक माल!’ मैंने प्यार से उसके कंधे पर हाथ रख कर कहा।

‘हाय कमल राजा.. बस यही तो नहीं मिलता राजा, तेरा यह प्यार तो जान ही ले लेगा… पहली शादी हुई.. साले ने दो साल तक गांड मार छोड़ दिया.. उसके बाद सोचा था कि पढ़ लिख कर कुछ मस्त तगड़ा गबरू प्यार करने वाला जवान मिल जायगा.. पर क्या हुआ मिला यह ननकू.. जो बस नंगा खड़ा करके अपनी मुठ मार कर खुश है मेरी तो कोई फ़िक्र ही नहीं… हां मुझे सामने खड़ी करके मुझे अपने आप उंगली करते देख बहुत खुश हो जाता है। मुझे रंडी की तरह बहुत पैसे तो दे देगा पर मेरी ख़ुशी का क्या करूँ.. वो तो पैसे से नहीं मिल सकती ना!’

‘ऐसी बात मत कर.. आपके इस सुन्दर सेक्सी चेहरे पर यह उदासी अच्छी नहीं लगती.. आप तो बस हंसती हुई बदमाशी वाली अदा में ही मस्त लगती हैं।’ मैंने हंस कर कहा- अच्छा यह बताओ, आपको क्या चाहिये.. मैं हूँ ना आपका दोस्त!

मेरी बातें सुन कर भाभी हंस पड़ी- .हाय सच्ची… यह बता कमल, तुझे मेरी किस बात से सबसे ज्यादा उत्तेज़ना होती है।भाभी ने अपनी कुर्सी मेरे नज़दीक खिसका कर मेरी तरफ प्यार से देख कर पूछा।

‘क्या भाभी आप जानती तो हैं… आपकी बदमाशी भरी बातों के साथ आपकी खड़ी मस्त गोल-गोल चिकनी-चिकनी चूची.. और लंबी पतली कमर… आज तो सच में चूम कर प्यार करने का मन कर रहा है..’ मैंने उसके चेहरे को हाथ में लेकर उसकी प्यासी आँखों में झांकते हुए कहा।‘हाय राम.. रोज तो लपट-झपट.. चुम्मा चाटी में चुम कर दबा कर मजा लेता है साले.. आज ऐसे ही कर ले राजा.. मुझे तो तुझे देख कर ही बहुत अच्छा लगता है, तेरी ये गर्म-गर्म निगाहें बहुत मस्त कर देती हैं।’

भाभी ने मेरा हाथ अपने ब्लाउज के ऊपर अपनी 36 साइज की नर्म चूची पर रख कर मेरी जांघों को पजामे के ऊपर से खड़े लंड के पास सहलाने लगी।मैंने भाभी की मखमली चूची हल्के से दबा दी और नीचे झुक कर उसके होंठों को चूम लिया। पायल भाभी के मुख से सिसकारी निकल गई- सी… अह्ह्ह… उई… उम्म्ह… अहह… हय… याह… धीरे से दबा राजा!

भाभी ने पाजामे में खड़ा लंड हाथ में पकड़ लिया- वाह कमल राजा… बहुत जबरदस्त मोटा तगड़ा है तेरा माल तो?‘आपका माल भी क्या मस्त है भाभी… मैं घुटनों पर उनके सामने बैठ गया और उनकी कमर.. चपटे पेट और नाभि को चूमने लगा, हाथ चूची पर चल रहे थे।

‘भाभी आज तो माल दिखा दो.. बहुत मन कर रहा है आपकी इस मस्त गोरी-गोरी चिकनी-चिकनी गदराई जवानी को देखने का!’‘हाय राम.. कमल आज तुझे क्या हो गया है राजा… मेरा मन भी बहुत मचल रहा है यार!’भाभी मस्ती और चुदास में लहरा रही थी, आंखों के डोरे लाल हो रहे थे, उनके मुंह से सिसकारियां निकल रही थी- सी… एईई… अह्ह्ह… कम ऑन कमल, हम सब करेंगे जो तू चाहता है। पर पहले चाय तो ख़त्म कर ले और थोड़ी सी प्यार की बातें करनी हैं।’

भाभी ने मुझे खींच कर अपने बराबर में कुर्सी बैठा लिया और चूमने लगी, उसके हाथ लंड को पकड़े हुए हिला रहे थे- उफ़ कमल तेरा माल बहुत मस्त है यार…भाभी ने अपना ब्लाउज खोल काली ब्रा ऊपर खिसक दी- ले मेरे बदमाश राजा, देख ले!

‘हाय क्या सुन्दर गोरी चिकनी है!’ मैंने अपनी बांह उसकी नंगी कमर में लपेट ली और उसकी खड़े बड़े-बड़े निप्पल को उंगली में दबा कर गोल गोल घुमाने लगा और उसको होठों को चूस रहा था।

‘ओह… सच में.. तुझे पसंद है… यह प्यार का खेल? मैंने अपनी कल्पना में चूत में उंगली करने के समय बहुत बार सोचा है तेरे बारे में राजा!’ ‘उफ़ तूने तो सच में राजा जादू कर डाला है। आज तो मैंने सोच रखा था कि तुझे पटा कर ही रहूँगी, इसीलिए तो आज मैंने साड़ी पहनी थी।’

भाभी शरारत से मुस्कराते हुए मुझे चूम रही थी और मस्ती में फुसफुसा रही थी- सी… अह्ह्ह… यस… राजा… यस चूस ले दबा ले मसल दे।

भाभी ने मेरा पजामा नीचे खिसका दिया और बड़ा खड़ा गोरा-गोरा लंड बाहर निकाल लिया।‘हाय राम, क्या सुन्दर चिकना चिकना लंड है.. अब समझ में आया कि नेहा क्यों इतना खुश रहती है। पर राजा, वो तो इतनी छोटी पतली दुबली है.. वो इतना मोटा तगड़ा घोड़े जैसा कैसे ले लेती है?’

‘अरे भाभी, जब मजा आता है तो घोड़े का क्या, गधे का भी घुस जाता है। पर आप तो बहुत चालू हैं, मेरे नाम से अपनी चूत में उंगली करके मजा लेती हैं। अगर आपने मुझे बताया होता तो मैं यह सब पहले कर देता भाभी। सच तो यह है कि मैं जब मैं नेहा से फोन पर बात करता हूँ और हम दोनों सड़का मारते हैं, तो मैं भी आपके बारे में ही सोचता हूँ.. कि आप मेरा लंड चूस रही हैं.. और खूब मजा आता है..; मैंने उनकी चूची मसल डाली।

पायल भाभी उछल पड़ी- हाय… मर गई साले, मसल डाला… उफ़ जालिम, ऐसे तो अपनी चूत का पानी निकल जाएगा राजा! इसीलिए तो हम दोनों अच्छे दोस्त हैं.. क्योंकि हम दोनों की पसन्द एक सी है, दोनों को सेक्स बहुत पसंद है और एक दूसरे के साथ प्यार की बातों में प्यार करने में मजा आता है।

भाभी ने मेरा हाथ अपनी चूची से हटा कर ऊपर से अपनी साड़ी में घुसा दिया- देख राजा, तूने मेरी चूत का क्या हाल कर डाला। मेरी चूत बहुत गर्म और गीली हो रही है, किसी समय फट जाएगी और यह सब तेरे मस्ती से दबाने से हुआ है। उफ़… सच… में कमल अब तो तुझे चूसने चाटने का मन हो रहा है।

मैंने साड़ी में घुसे हाथ की उंगली से उसकी गर्म गीली चूत का बड़ा सा खड़ा दाना रगड़ दिया- हाय भाभी, तेरी चूत तो बहुत मस्त गीली और गर्म हो रही है, इसको चूसने का मन कर रहा है। चल मेरे बैडरूम में चलते हैं और एक दूसरे की चुसाई का आनन्द लेते हैं।मैं उठ कर खड़ा हो गया और हाथ पकड़ कर भाभी को भी खड़ा कर दिया।

‘हाय साले बदमाश… यह क्या… चूत रगड़ से इतना मजा आ रहा था!’ भाभी ने मुझे अपनी बाहों में ले शरारत से चूमते हुए कहा।उसका पल्लू जमीन पर लटक रहा था, ब्लाउज खुला था, ब्रा ऊपर खिसकी थी, चूची नंगी थी, उसके हाथ में मेरा नंगा खड़ा लंड था। हम दोनों प्यार में पागल एक दूसरे को चूमते हुए बैडरूम में आ गए।

पायल भाभी ने पजामा और नीचे खिसका दिया, मैंने उसे निकाल दिया और भाभी की ब्रा खोल कर ब्लाउज के साथ निकाल दी और उन्हें अपनी बाहों में भींच लिया, उनकी गोल चिकनी चूची मेरे नंगे सीने में दब गई।

भाभी मेरा मस्त मोटा तगड़ा खड़ा लंड पकड़ कर अपनी नाभि और पेट पर छू रही थी, मुझे सीने पर कंधों पर गर्दन पर चाट रही थी, पंजों पर उचक कर लंड को पेटिकोट के ऊपर से अपनी चूत से रगड़ने की कोशिश कर रही थी और मस्ती और चुदास से भरी फुसफुसा रही थी- ई…ई… ई… सी… ही… कमल अपनी चूत बहुत मस्त हो गई राजा..अब भाभी बहुत उत्तजित और चुदासी हो रही थी।

‘क्या भाभी, तेरा माल तो बहुत मस्त है.. अब ठीक से देखने दो ना!’ मैंने उनकी साड़ी खींच कर निकाल दी और पेटीकोट का नाड़ा खींच दिया।वो मस्ती में चहक उठी- हाय राम.. साल बदमाश… एकदम नंगी कर डालेगा.. उफ़…’ भाभी फुसफुसाई और खुद अपना पेटीकोट पेंटी के साथ निकाल दिया।

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अब हम दोनों पूरी तरह नंगे एक दूसरे की बाहों में चिपक कर चूम रहे थे, दबा रहे थे, चाट रहे थे।

‘उफ़ कमल तेरे बदन की गर्मी से… इस मस्त लंड की रगड़ा से.. और तेरे प्यार की मस्ती से अपनी चूत तो पानी छोड़ने वाली है।’भाभी ने मेरे खड़े लंड का मोटा टोपा अपनी गोरी चिकनी मोटे होंठ वाली गीली चूत के दाने से रगड़ कर मस्ती में सिसकार उठी- उह्ह्ह… सी… अह्ह्ह ईईए… एई!

‘यह क्या भाभी..ऐसे ही.. अपनी चूत को लंड से रगड़ कर ही अपनी चूत का पानी निकाल दोगी?’ मैं उनके रेशमी चूतड़ दोनों हाथ से पकड़ कर दबते हुए उनकी चूची चूसने लगा।‘हाय भाभी, चूत को ठीक से खोल कर टोपा अंदर कर ले ना!’भाभी- हाय राम… सी… ई…ई… कैसे खोल डाली जालिम राजा… उफ़ साली बहुत गर्म हो रही है… सी… ई… ई… उह्ह्ह… क्या मस्त मोटा गर्म लंड है।

भाभी ने अपनी एक टांग उठा कर बिस्तर पर रख ली, चूत पूरी तरह खुल गई और बड़ा मोटा कड़क टोपा रगड़ कर गीला करके थोड़ा सा अंदर घुसा कर अपने मस्त चूतड़ों को हिला कर टॉप चुदाई का मजा लेने लगी- अह्ह्ह… हां… सीई..

भाभी ने अपने चूतड़ों को झटका मारा- हां… हां… राजा… हां… राजा… मार डाला, क्या मस्त चुदाई है।उनका बदन अकड़ने लगा, उन्होंने झट से अपनी टांग नीचे करके चूत को अंदर घुसे लंड के ऊपर भींच लिया और चिल्ला पड़ी- कमल राजा… गई… गई!और चूतड़ों को झटकते हुए भाभी ने पानी छोड़ दिया। उनका सर मेरे कंधे पर टिका था, बाहें मेरी कमर में लपेट कर कस कर पकड़ रखा था और सांसें तेज़ चल रही थी।

‘कमल, क्या मस्त लंड है यार… हिट एंड रन की तरह… बस मेरे अंदर हिट किया और मेरा निकाल डाला। पर तूने तो अभी तक रोक रखा है और खूब कड़क हो रहा है और मुझे जोरदार चोट की अभी जरूरत है तो ठोक दे राजा!’भाभी मेरे सीने पर चाट रही थी और मैं उनके चूतड़ों को दबाते हुए उनकी गर्दन और कंधों पर चूम रहा था, उनकी चूचियाँ मेरे सीने में दबी हुई थी।

‘क्या बात है भाभी… बहुत चुदास चढ़ी है.. अभी अभी तो चूत पानी निकाल कर फिर से चुदाई करने को बोल रही है?’‘क्या करूँ राजा.. आज जवानी का पहला ऐसा मस्त मजा मिला है कि बस मन कर रहा है चुदवाती ही रहूँ!’ भाभी मस्ती और शरारत से मुस्कराते हुए बिस्तर पर मुझे साथ लेकर गिर पड़ी और हंस रही थी।

मैंने एक तकिया उठा कर भाभी के रेशमी दूधिया सफ़ेद चूतड़ों के नीचे रख कर जांघों को दूर तक खोल दिया और उनके बीच में ऊपर लेट कर खड़े गर्म लंड को उसकी झड़ी हुई चूत पर घिसने लगा।

चूची चूसते हुए अपना वज़न अपनी कोहनियों पर लेकर हाथ उसके सर पर बांध दिए।भाभी पूरी मस्ती में अपने चूतड़ उठा कर चूत को लंड से रगड़ रही थी और हंस रही थी।‘हाय राम, अब क्या पूरा गांड तक घुसा देगा?’

भाभी ने अपनी जांघों को मेरी कमर में लपेट लिया- ठीक है राजा.. ठोक डाल आज तो… दे दे अपने लंड की मस्त चुदाई का मजा। भाभी ने लंड को अपनी गीली रसीली चूत पर सैट करके कहा।मैंने धीरे से दबाव डाला, कड़क लंड ने भाभी की चूत को खोल कर पूरा अंदर तक घुस कर ठोकर मार दी और दाने को लंड से रगड़ दिया।

भाभी मस्ती में उचक गई- हाय राजा… वाह… अह्ह्ह… सी…वाह… क्या मस्त गर्म हो रहा है तेरा लंड… सी… हाय… हां… राजा… पूरा घुसा दे..भाभी अपने चूतड़ उठा कर हिला रही थी, मैं उनकी चूची चूसते हुए लंड को धीरे धीरे दाने को रगड़ते हुए उसकी रस भरी चूत में अंदर बाहर कर रहा था।वो चुदास से पागल हो कर चूतड़ उठा रही थी- हां… राजा हां.. उफ़ जालिम मार डाला… आज तो बहुत मजा आ रहा है.. हाई… सीई.. उफ़… अब तो फिर से निकलने वाला है.. तू भी निकाल दे अपना माल चूत में!

उनकी चूत मस्ती के रस से भर रही थी और उसमे से चप-चप आवाज़ आ रही थी। मेरी जांघों के उनके चूतड़ों से टकराने से धप-धप की आवाज़ आ रही थी, बिस्तर चर-चर कर रहा था और भाभी हाय हाय कर रही थी.. चिल्ला रही थी।कमरे में मस्ती और चुदाई का म्यूजिक चल रहा था।

हम दोनों सपनों की दुनिया में खोए थे और खूब मस्त चुदाई का मजा लेते हुए साथ साथ झड़ गए। दोनों ने एक दूसरे को जोर से बाहों में जकड़ रखा था और चूम रहे थे।‘वाह कमल… मेरे चोदू राजा.. यह मस्त चुदाई तो मेरी कल्पना… सपनों से भी बहुत-बहुत आगे थी यार!’ भाभी ने प्यार से मुस्कराते हुए कहा। उनकी आँखों में शरारत साफ नज़र आ रही थी- मुझे मालूम था कि तू बहुत मस्त चोदू है.. पर इतना मस्त.. अनुभवी… ओह माय गॉड.. क्या मस्त चोदू छोड़ सांड है कमल तू तो.. सच में आज तो असली जवानी की मस्त चुदाई का मजा आ गया राजा!’

‘ओह यस… भाभी यस… आप सही बोल रही हैं। मेरे लिए भी यह सब से मस्त गर्म सेक्सी चुदाई थी। ऐसी चुदाई पहले कभी नहीं मिली जैसी आज हो गई।’

भाभी ने अपनी जांघों को खोल दिया और मैं उसके ऊपर से फिसल कर बराबर में लेट गया। भाभी ने मेरी तरफ करवट कर मेरे ऊपर अपनी एक टांग चढ़ा कर चूमने लगी- यह बता राजा, क्या हमारी चुदाई नेहा के साथ की चुदाई से भी ज्यादा मज़ेदार थी?

‘ओह कम ऑन भाभी.. आप तो उसे जानती हैं.. देखा है.. वो इतनी छोटी सी पतली दुबली है.. चुदाई के समय कुछ पकड़ने को ही नहीं मिलता.. उसकी चुसाई में उंगली करने में कुछ मजा नहीं.. बस कभी कभी टोपा चुदाई में मजा आता है।’

‘पर भाभी, कभी कभी जब मैं पूरे जोश में होता हूँ, जैसे आज था.. तो मैं उसकी कसी चूत घोड़ी बना कर मारता हूँ.. पर उसकी चूत चप चप नहीं करती जैसी आपकी कर रही थी.. और न ही वो आपकी तरह चिल्लाती है… फाड़ दे चीर दे और वो सब कुछ!’ मैंने हंस कर भाभी को छेड़ते हुए कहा।

‘हाय राम… साला चोदू.. नेहा जैसी प्यारी-प्यारी गर्लफ्रेंड को भी घोड़ी बना कर चुदाई कर डाली साले बदमाश!’ भाभी भी मुझे छेड़ रही थी- अब मैं तू और नेहा खूब दिल खोल कर मस्ती करेंगे, देख अब इस मस्त जवानी का क्या मजा देती हूँ।

‘ओह माय गॉड भाभी, अब क्या नेहा भी को भी पटाने का इरादा है?’ मैंने हंस कर भाभी के चूतड़ और चूची से खेलते हुए कहा।भाभी मस्ती और ख़ुशी में हंस रही थी- ओह.. तू उसकी चिंता मत कर राजा… वो भी खूब गर्म और चुदासी है.. और मुझे लगता है कि वो जितनी तेरे साथ मस्ती करती है उससे और भी ज्यादा मस्ती का इंतज़ार कर रही है।

भाभी हँसते हुए बिस्तर से उछल कर खड़ी हो गई… वो नंगी खड़ी मुझे घूर रही थी- ओह कमल, तू नंगा लेटा हुआ क्या मस्त सेक्सी सांड लग रहा है।’वो हँसते हुए बाथरूम में चली गई, मैं मुस्करा कर उनके नाचते हुए दूधिया सफ़ेद रेशमी चूतड़ देख रहा था।

‘वाह भाभी, क्या मस्त लग रही है तेरी गांड…’वो तेरे इस मोटे लंड के लिए नहीं है।’ भाभी ने पीछे मुड़ कर हंस कर जवाब दिया।

अपनी सफाई करने के बाद मेरे लंड, बॉल्स, जांघों को तौलिये से पौंछ कर साफ़ किया। मैं उसकी चूची और चूतड़ों से खेल रहा था- सच भाभी, अब तो तुम्हें और भी प्यार करने का मन कर रहा है।’ मैंने उनको चूम कर कहा।

‘हाय राजा… ऐसे मत बोल.. मेरा दिल भी… तुझे प्यार करने के लिए मचल रहा है।’‘तो कर लो ना प्यार मेरी प्यारी भाभी जान!’ मैंने उनकी चूची मसल दी।

भाभी चिल्ला पड़ी- हाय मर गई जालिम साले मसल डाला… उफ़ छोड़ दे साले… जान लेगा क्या?भाभी बिस्तर से नीचे उतर कर अपने कपड़े ढूंढने लगी।

मैंने भी उछल कर बिस्तर से उठ कर हँसते हुए भाभी को पीछे से पकड़ लिया, अपना लटका हुआ लंड उनके मखमली चूतड़ों पर रगड़ते हुए दोनों हाथ से चूचियों से खेलने लगा।

भाभी हंस पड़ी- हाय राजा, क्या फिर से भाभी की चूत चोदने का दिल कर रहा है?‘नहीं भाभी.. अभी तो आपकी मस्त गोरी-गोरी चिकनी-चिकनी इस गदराई चुदासी जवानी का रस चूसने का मन कर रहा है।’‘ओह… ओह.. चल राजा… मेरे घर में चलते हैं। सब कुछ दबाना चूसना जो भी दिल में हो, कर लेना राजा!’वो अपना पेटीकोट पहने की कोशिश करने लगी।

‘पर भाभी, नानक जी आने वाले होंगे?’ मैं उनकी गर्दन पर चूम कर हाथ से उनकी कमर पर सहला रहा था।‘वो आज बाहर गया है… इसी लिए तो मैंने आज तुझे पटाया है।’ भाभी ने अपना ब्लाउज पहन कर कहा।‘ओह… तो यह बात है.. तो ठीक है चल.. पर ऐसे ही चलेगी?’‘हां बाहर अँधेरा हो रहा है।’

मैं बहुत खुश था और भाभी की मस्त चुदासी जवानी से खेलना चाहता था, वो भी यही चाहती थी।

कमल तू अपना कुरता पजामा पहन ले, यह ले चाबी… और बाहर से मेरे घर जाकर गेस्ट रूम से यह दरवाज़ा खोल दे।’ भाभी ने मुझे चूम कर कहा।

‘ओ के भाभी ओ के..’ मैंने भी उनके चूतड़ों को मसल दिया।

थोड़ी देर में मैंने दरवाज़ा खोल दिया और हम दोनों उनके बड़े से घर में आ गए।‘कमल, तेरा मेरे घर में स्वागत है राजा..’ भाभी ने मेरे लंड से खेलते हुए कहा- चल राजा, थोड़ी थोड़ी बियर का मजा लेते हैं। और मैं तुझे अपनी कुछ बहुत सेक्सी वीडियो दिखती हूँ!

‘ओह यस भाभी.. सेक्सी का मतलब नंगी पोर्न वीडियो.. उसमें बहुत मजा आएगा.. तू तो ऐसे ही इतनी सुन्दर हॉट सेक्सी लगती है। मुझे तेरी गोरी चिकनी चूची चूतड़ कमर पेट जांघों को देख कर बहुत अच्छा लगता है।’‘हाय सच, तुझे मेरी यह गोरी चिकनी जवानी बहुत पसंद है?’

इसके बाद हम दोनों ने खूब जोरदार मस्त चुदाई का मजा लूटा।

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