होम पर वापस जाएं
कोई मिल गया पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,005 बार

सिमरन के साथ असली आनन्द

virgingigolo17to50

29 Sep 2014 को प्रकाशित

सिमरन के साथ असली आनन्द
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्रेषक : अनीष अरोड़ा

हाय दोस्तो,

मेरा नाम अनीष है। मैं फरीदाबाद का रहने वाला हूँ। मैं आपको अपनी कहानी बताता हूँ।

ये मेरे जीवन की सच्ची कहानी है। मैं प्रोफेशन से एक कॉलबाय हूँ।

मैं एक दिन घर पर था, मुझे उस दिन फ़ोन-काल आया, किसी सिमरन नाम की लड़की का। उसने मुझे अपने घर मालिश करने के लिए बुलाया। उसने मुझे अपना पता प्रिया, वो भी फरीदाबाद की ही रहने वाली थी। वह बड़े परिवार से थी। उसकी शादी हो चुकी थी, उसके पति एक महीने के लिये कनाडा गये हुए थे।

जब मैं उसके घर पहुंचा तो मैंने एक २२ साल की लड़की को देखा। बहुत ही सुंदर और बहुत ही स्टाइलिश टाइप की लड़की थी। जब उसने मुझे देखा तो वो मेरे बारे में पूछने लगी। मैंने उसे बताया कि किसी सिमरन का फोन आया था ! मैंने जैसे ही उसे अपना नाम बताया तो उसके चेहरे पर अजीब सी मुस्कान आ गई। तभी मैं समझ गया ये ही सिमरन है।

उसने मुझे घर में आने के लिए कहा, पानी प्रिया और मैं बैठ गया।

उसने मुझसे कहा- मुझे मसाज करानी है ! अच्छे से कर दोगे तो जितना बोलोगे उतना पैसा दे दूंगी।

मैंने कहा- ठीक है।

वो अपने कमरे में चली गई, तभी वो अपने कपड़े बदल कर आई। जब वो आई, मैं उसे देखता रहा। उसने मुझे अपने कमरे में बुलाया और बोली- आराम से मालिश करना जो मजा आ जाये !

मैंने कहा- ठीक है !

मैंने जैसे ही उसका गाउन उतारा, वो मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी, उसका बदन कोमल, नाज़ुक और गोरा था। उसका कद ५’९” होगा, उसका बदन ३६-२८-३६ का होगा। मैंने जैसे ही उसके चुचियों का हाथ लगाया और दबाया, वो सिस्कियाँ भरने लगी। तभी मैं समझ गया कि ये प्यासी है।

मैंने उसे बैड पर लेटा लिया, मैं भी सिर्फ अंडरवियर में ही था। मैं उसकी मालिश कर रहा था, उसे मजा आ रहा था।

अचानक उसने मेरा हाथ पकड़ा, मुझे अपने उपर ले लिया और बोली- मसाज को छोड़ो ! अब आप मेरी प्यास को बुझा दो ! जितने पैसे बोलोगे उतने दूंगी।

वो बहुत प्यासी थी। मैंने कहा- ठीक है, जैसे आप चाहें !

मैंने अपने होठों को उसके होंठों पर रख प्रिया। अब वो मेरे होंठो का रस चूसने लगी, मैं भी उसके होंठों का रस लेने लगा। तभी वो वोली- मजा आ रहा है तुम्हारे होंठ तो बहुत प्यारे हैं !

यह भी पढ़ें (Recommended)

मुमताज की मुकम्मल चुदाई-1

सिमरन मेरे लण्ड को पकड़ कर चूसने लगी, तभी वो सीधे लेट गई और बोली- मुझे चोदो !

मैंने अपना लण्ड उसकी चूत पर लगाया और जोर से धक्का प्रिया तो वो चिल्ला उठी। उसकी आँखों से आंसू तो निकल रहे थे मगर उसे मजा भी आ रहा था। वो मुझे छोड़ने को तैयार ही नहीं थी। मैं उसे परेशान करने लगा। कभी मैं उसकी चूत में अपने लण्ड को घुसाता और निकाल कर शान्त हो जाता, मैं उसे तड़पा रहा था, वो बार बार मुझे अपनी तरफ खींचती और कहती- क्या कर रहे हो? प्लीजजजजजज करो ना !

मैं फिर शुरु हो जाता। मैं ३ घण्टे उसे मजा देता रहा और मजा लेता रहा। ३ घण्टे बाद मैं डिस्चार्ज हो गया। वो जोर जोर से साँस ले रही थी। मैंने उसके होंठो को चूसना शुरु कर प्रिया। वो बोली- मुझे ऐसा मजा कभी भी नहीं आया ! तुमसे पहले बहुत आये मगर तुम्हारे आगे सब बेकार हैं। मुझे तुमसे मिलकर अच्छा लगा।

फिर हम दोनों नहाने चले गये, एक साथ नहाये। जब हम नहाकर बाहर आये, वो मेरे बदन को पोंछ रही थी, मैं उसके बदन के पानी को अपनी जीभ से चाट रहा था। उसकी आँखें बंद हो गई और सीत्कार करने लगी- अअऽ॥अअअअअआहऽऽऽहहहहह। यह भी थोड़ी देर तक चलता रहा। फिर वो मुझे फरीदाबाद मैं शिव रेस्टॉरेन्ट, १७ सेक्टर में ले गई। हम दोनों ने खाना खाया।

उसने मुझे अपने साथ सोने को कहा मगर मुझे घर जाना था इसलिए मैंने मना कर प्रिया।

तो बोली- अब कब आओगे?

मैंने कहा- जब आप बुलाओगी, आ जाऊंगा !

उसने मुझसे पूछा- कितना दूँ?

मैंने कहा- जितना आप चाहो !

उसने मुझे दस हजार दिये और मैं अपने घर आ गया।

रात को उसका फिर फोन आया और हम दोनो ने रातभर सैक्सी बाते की।

जब भी सिमरन का दिल करता है वो मुझे ही बुलाती है। मैं भी उस मज़े को भूल नहीं सकता।

मैंने सैक्स कई बार किया है मगर ऐसा मजा मुझे पहली बार आया !

सिमरन आग है।

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

मुमताज की मुकम्मल चुदाई-1
कोई मिल गया

मुमताज की मुकम्मल चुदाई-1

दोस्तो, मैं दीपक राजस्थान कोटा का रहने वाला हूँ, यह मेरी 100% सच्ची कहानी है।

14 मिनट 560
मेरे दोस्त ने मुझसे अपनी बीवी को चुदवाया
कोई मिल गया

मेरे दोस्त ने मुझसे अपनी बीवी को चुदवाया

ककोल्ड मैन हॉट वाइफ कहानी में मैं ट्रेनिंग के लिए पटना गया तो वहां अपने दोस्त के घर रुका. पहली ही रात उसकी बीवी ने मुझे अपना नंगा बदन दिखाया और मैंने उसे चोद प्रिया.

12 मिनट 196
कंप्यूटर है तो लौड़े की क्या कमी
कोई मिल गया

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

समीर सिंह xxx

1 month ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

वेरोनिका राहुल कानपुर

1 month ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

प्रदीप भदौरिया

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।