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कोई मिल गया पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,106 बार

नहीं तो मॉम आ जायेगी !

हिरेश

05 Jan 2016 को प्रकाशित

नहीं तो मॉम आ जायेगी !
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मैं अपने दोस्त की कहानी ले कर आया हूँ। मेरे दोस्त का नाम पिंकू है। पिंकू की गर्ल फ्रेंड सोनी की शादी बहुत पहले ही हो गई थी।

लीज़िए पढ़िए पिंकू के ही शब्दों में !

अभी कुछ दिन पहले सोनी से एक शादी में मुलाकात हो गई, कई सालों बाद मिली थी। सोनी ने मुझे बताया कि वो अभी मायके आई हुई है। उसने मुझे बताया उसकी दो बेटी और एक बेटा है बेटी मोनी और मानसी है जिनमें मोनी 18 साल की मानसी 15 साल की है और लड़का सबसे छोटा है मोनू जो 11 साल का है।

सोनी ने मुझे अगले दिन दस बजे घर आने को कहा। मेरा उसके घर में आना जाना लगा रहता था क्योंकि उसके परिवार से पुरानी जान पहचान है।

जब मैं उसके घर गया तो सोनी और उसकी साल की बेटी मोनी ही थी, बाकी लोग बाज़ार गए थे। सोनी ने मुझे बैठने को कहा और उसकी बेटी से मुझे मिलवा कर वो चाय बनाने को चली गई।

मैं सच बता रहा हूँ कि मैंने उसकी लड़की के बारे में कुछ भी गलत नहीं सोचा था अब तक ! पर यह चूत बहनचोद कुछ भी करवा दे !

मैंने मोनी से बोला- बेटा, मेरे पास आ !

तो वो मेरे गोद में आकर बैठ गई और अब मैं उसके साथ खेल रहा था उसे एक छोटी सी बच्ची समझ कर !

पर थोड़ी ही देर में मुझे मेरे लंड पर थोड़ा दबाब उसकी गांड का महसूस हुआ जिसे मैंने नज़र-अंदाज़ कर प्रिया।

तब तक सोनी चाय ले कर आ गई। हमने कोई भी पुरानी बात नहीं की, चूंकि उसकी बेटी मोनी वहीं थी। सोनी ने चाय खत्म कर किसी काम ले लिए बोल कर चली गई। मोनी अ़ब फ़िर मेरी गोद में आ गई थी और उसने मुझसे बोला- अंकल, आप मुझे मीठी नहीं दोगे?

मैंने कहा- जरूर दूंगा मेरी बच्ची !

और वो मेरी तरफ घूम गई। अब हम दोनों का चेहरा एक दूसरे के सामने था तो मैंने उसके गाल को चूम लिया।

मैंने उससे पूछा- तेरी मॉम कब तक आएगी?

इस पर वो बोली- अभी तो एक घंटा लग जायेगा।

वो गोद से उतरने का नाम नहीं ले रही थी। मेरी पैरों में भी दर्द होने लगा था। पर क्या करता, तो मैंने सोचा- चलो थोड़ा और मन बहला कर उतार दूंगा।

मैंने टीवी ऑन कर प्रिया और कोई कार्टून सीरियल लगा प्रिया और मैं भी देखने लगा।

थोड़ी ही देर में मैंने मोनी के हाथ को मेरे लंड पर महसूस किया। अब मुझे कुछ होने लगा था। पहले उसकी गांड और अब उसका हाथ !

अब मैं उसे समझ चुका था तो अब मैं उसे दूसरी ही निगाहों से देख रहा था और सोच भी रहा था।

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मैंने फ़िर से उसके गाल को चूम लिया तो इस पर वो बोली- यहाँ नहीं ! यहाँ ! और वो मेरे होठों को चूसने लगी।

तब मैंने उसकी फ़ीगर को देखा, कम उम्र में ही उसकी चूची 30 की हो गई थी, गांड मस्त गद्देदार लग रही थी। तो अब मैं अपना हाथ उसके चूची पर ले गया। इस पर उसने कुछ विरोध नहीं किया,

उसने टॉप पहना हुआ था, मैंने किस करते हुए उसके चूची को दबाना चालू कर प्रिया और वो भी साथ दे रही थी। अब मैंने उसे टॉपलेस कर उसकी चूची को चूसने लगा तो इस पर वो बोली- मैं भी कुछ चूसना चाहती हूँ।

तो उसे मैं मना क्यों करता ! मैंने पैंट और अंडरवियर उतार प्रिया और उसे भी नंगा कर प्रिया हम दोनों 69 वाले पोज़ में आकर चूसने लगे। चूंकि समय कम था, मैंने उसे उठा कर उसके मुँह में लंड डाल प्रिया।

अब वो बोली- मुझे जल्दी चोदो ! नहीं तो मॉम आ जायेगी !

तो मैंने बोला- ठीक है !

तो वो बोली- अंकल मुझे बिल्कुल रंडी समझ कर ही चोदना !

मैं बोला- बहनचोद ! इतनी छोटी उम्र में तेरे को इतनी बात कैसे पता है?

तो वो बोली- बेटीचोद ! पहले चोद लो उसके बाद मैं बता दूंगी साले हरामी ! बोल रही हूँ कि समय है, तब भी बोले जा रहा है ! यहाँ मेरी चूत की हालत ख़राब हो रही है और मादरचोद, तुझे बातों की ही लगी है। चल जल्दी चोद हरामी ! नहीं तो मैं अभी तेरी गाण्ड ले लूँगी।

मैंने भी कुछ नहीं सोचा और उसकी बूर मैं लंड पेल प्रिया बोला- ले हरामी ले !

एक ही बार मैं उसने मेरा सात इंच का लंड ले लिया और ऊफ तक नहीं की। मैं उसे धकाधक पेले जा रहा था और मोनी बहनचोद गाली दिए जा रही थी- चोद, बेटीचोद ! अपने बेटी जैसी को चोद ! मेरी मां की चूत और मार फाड़ दे …..

पता नहीं क्या क्या !!

अब मैं छुटने ही वाला था कि मोनी की माँ सोनी आ गई, तब भी मैंने उसे नहीं छोड़ा, चोदता ही रहा जब तक कि मैं छुट नहीं गया।

सोनी ने बोला- बेटीचोद, तुमने मेरी बेटी को भी चोद प्रिया ? और इस भोंसड़ी वाली मादरचोद ने भी चुदवा लिया ? पिंकू तूने बर्बाद कर प्रिया ! मुझे चोद लिया होता !

असल मैं मैंने सोनी को भी शादी तक खूब चोदा था ! पर मैं अब काफी शर्मिंदा महसूस कर रहा था।

आगे मैं मोनी की चुदाई की कहानी ले कर आऊंगा ………..

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हाँ तो दोस्तों, मेरा नाम है अजय, उम्र २२ वर्ष। मैं बंगलोर में रहता हूँ। यहाँ रहने वाले हजारों लोगो की तरह मैं भी एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर हूँ। तो मेरा अनुभव पेश है जो कि मैं आपके साथ बाटना चाहता हूँ। इसे कृपया मेरी अर्चना ना समझें।

6 मिनट 496

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

पूजा अरोड़ा

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

राजीव पाल

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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