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गुरु घण्टाल पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 378 बार

मेरी क्लास टीचर की चुदाई

मेरी क्लास टीचर की चुदाई
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दोस्तो, आज मैं तुम को नये साल के टाइम पर मेरी पहली चुदाई की बात बताता हूं।

मैं १८ साल का था और मैं उस टाइम ६’ का था शरीर से लम्बा तगड़ा था। मुझे १ टीचर मीनू पढ़ाती थी उस की उमर २७ – २८ साल थी पर उसको बच्चा नहीं था। उसका पति सरकारी नोकरी में था और वो काफ़ी टाइम टूर पर रहता था। मीनू का पति बाहर गया हुअ था और उसको एक नये मकान की जरुरत थी वो किराये पर रहती थी। हमारे पड़ोस में एक मकान नया बना था और काफ़ी खुला और हवादार था। जब मीनू ने पूछा तो मैंने उस मकान का बता प्रिया।

उसी दिन मीनू मेरे साथ घर अयी और वो मकान देखने मेरी मां के साथ चली गई। मीनू को मकान काफ़ी पसंद आया और किराया भी काफ़ी जायज था, सो मीनू ने मकान मालिक को अगले महीने की १ तारीख को आने के लिये कहा और एडवांस किराया दे प्रिया। अगस्त महीने की १ तारीख को मीनू अपने सामान के साथ उस मकान में शिफ़्ट कर गई।

दोस्तों यहां से असली बात शुरु होती है। मीनू ने हमारे पड़ोस में आने के बाद मेरी मां से दोस्ती कर ली और मुझे एक्स्ट्रा पढ़ाई करवाने की बात कर ली बिना कोई ट्यूशन फीस के। बस मेरी मां को क्या चहिये था। मीनू ने मुझे घर पर बुलाना शुरु कर प्रिया और अकेले में पढ़ाने लगी।

पहले ही दिन जब मैं उसके घर गया तो देखा कि उसने लूज़ कमीज और लंहगा पहन रखा था। उसने ब्रा नहीं पहनी थी और कमीज का गला भी खुला था।

मीनू ने मुझे पढ़ाना शुरु किया और बीच बीच मैं वो अपनी चूचियां अपने हाथ से दबा देती, उसकी बड़ी बड़ी चूचियों की गोलियां जैसे बाहर आने को हो जाती मैं उसकी इस हरकत को देख के मस्ती में भर जाता और मन कर रहा था कि मैं ही उसकी चूचियां दबा दूं पर हिम्मत नहीं हो रही थी।मेरा कुंवारा लंड तन कर सख्त हो गया था और मेरी पैंट को फ़ाड़ के बाहर निकलने को तैयार था। पर मैं मीनू को कुछ कह नहीं पा रहा था।

कोई २ घंटे पढ़ाने के बाद मीनू ने मुझे कहा- कमल तुम अब घर जाओ और अपने परेंट्स से पूछ कर आना यहां सोने के लिये!मैंने कहा- अच्छा मैडम!

जब मैं चलने लगा तो मीनू ने कहा- कमल तुम रहने दो, रुको यहीं पर… मैं ही पूछ आती हूं।कह कर मीनू ने अपना कमीज मेरे सामने ही खोल प्रिया और बड़बड़ाने लगी- इतना करने के बाद भी कुछ नहीं किया, पता नहीं रात को क्या करेगा!फ़िर मीनू ने अपनी ब्रा पहनी और मुझे हुक लगाने को कहा।“आआआ आअ ह्हह् ह्हह आआआऐईई ईईइ” हुक लगते हुए मेरे मुंह से निकल ही गया।“कमल अगर तुम मेरी मानोगे तो इससे भी ज्यादा मजा आयेगा तुम बस यहीं मेरा इन्तजार करो और बुक खोल के बैठ जाओ।

मीनू ने साड़ी पहनी और मेरे घर चली गई। कोई ३० मिनट के बाद वो वापस आयी और मेरा पजामा और कमीज साथ ले आयी।

“कमल तेरी मां तो सिर्फ़ पजामा दे रही थी, बोल रही थी कि कमल रात को पजामा और बनियान में सोता है पर मैं ही शर्ट भी ले आयी उनको शक नहीं होगा कि मैंने क्या किया है.”फ़िर मीनू ने अपनी साड़ी उतार दी और सिर्फ़ पेटीकोट और ब्लाउज़ में हो गई.मेरा लंड काफ़ी तन गया और मैंने मीनू को हिम्मत करके कह ही प्रिया- मैडम एक बात कहूं… आप जब मेरे सामने कपड़े बदलती हो तो मुझे ऐसा लगता है कि मैं ही आपका आदमी हूं.

उसने कहा- कमल तो फ़िर तुम मेरे को औरत की तरह इस्तेमाल करो!फ़िर मैंने हिम्मत कर ही ली और टीचर की चूचियां पीछे से पकड़ ली और मेरा सात इंच का लंड उसकी कमर पर लग रहा था।

मैंने उसकी गर्दन पर किस किया, मीनू ने सिसकारी भरी- ऊऊफ़ उफ़फ़्फ़ ऊऊऊऊ आआआह्हां आआआअ कमल प्लीज जोर से!मैंने टीचर की चूचियां जोर से दबाई और उसने अपनी कमर का पूरा दबाव मेरे लंड पर डाल प्रिया। मैंने मीनू के ब्लाउज़ को ऊपर सरका कर उसकी नंगी चूचियों को दबाया और एक हाथ उसकी सफ़ाचट चूत पर ले गया।चूत गीली थी मेरा लंड काफ़ी जोर मार रहा था।

टीचर ने मेरे से अलग हो कर मेरा लंड पैंट से बाहर निकाल लिया, बोली- ओईईईइ माआआआअ… ये तो गधे का लौड़ा है, मेरी चूत का तो बुरा हाल कर देगा!बस फ़िर उसने आनन फ़ानन में मेरा लौड़ा मुंह में ले लिया।

क्योंकि अब तक मैंने न ही मुठ मारी थी और न ही कभी किसी को चोदा था तो मेरा लंड उसके मुंह में ही झड़ गया, जोर की एक पिचकारी उसके मुंह में गई। मैं सिसकार रहा था, वो भी पानी पी कर खिलखिला के हंसने लगी और अपना वीर्य से भरा मुंह मेरे होंठों पर रगड़ने लगी.

मेरा लंड आधा हो गया था लेकिन वो फ़िर से खड़ा होने लगा।

अब टीचर बिल्कुल नंगी हो गई और मेरे को भी एकदम नंगा कर लिया। फ़िर मीनू मेरे को बेड पर ले गई और मैं उसके गुलाम की तरह से उसका कहना मानने लगा। बेड पर वो मेरे को बूब्स चूसने कही और मेरे लंड पर मुठ मारने लगी.

दो ही मिनट में मेरा लंड खड़ा हो गया। मीनू ने मेरे को अपनी दोनों टांगें मेरे कंधे पर रखने को कहा और मेरा लंड अपनी गरम चूत में ले लिया। मेरा लंड उस की चूत में गया मेरे को ऐसा लगा कि किसी गरम भट्टी में मेरा लंड घुस गया है।मेरे लंड के अंदर जाते ही वो चिहुंकी- आआआअह्ह हहह्ह ह्हाआआआ… कमल मजा आ रहा है… जोर से चोदो प्लीज!

मैं अपनी टीचर को चोदने लगा। क्योंकि मैं पहली बार ही चोद रहा था और मेरा लंड काफ़ी टाइट था. वो पसीने में भर गई और जोर से सिसकारी भरती रही।मेरी एक चुदाई में वो दो बार झड़ गई और फ़िर मैं झड़ा।मेरे झड़ते ही वो ढीली हो गई और वो लम्बी लम्बी सांसें लेने लगी।

इस तरह मैंने उसको रात में तीन बार चोदा. फ़िर मेरी नंगी टीचर मेरे नंगे बदन से लिपट कर सो गई।

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

जमशेद खान

1 month ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

राजीव खन्‍ना

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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