पिछला भाग पढ़े:-कालेज टीचर्स के साथ छोटी बहन का अनोखा सफर-1
आशा हैं आपने पिछली सेक्स कहानी को पढ़ कर बहुत आनन्द प्राप्त किया होगा, आगे की कहानी-
सपना, जो एक शांत और सरल स्वभाव की छात्रा थी, इन तीनों के निशाने पर आ गई थी। कुणाल और कमल ने उसे अपनी बातों के जाल में उलझाना शुरू किया, और महेश सर ने भी एक सहयोगी बन कर उसका भरोसा जीत लिया।
मसूरी की हाड कंपा देने वाली ठंड में होटल के लॉन में अलाव जलाया गया था। रात गहराते ही बाकी छात्र अपने कमरों में चले गए, लेकिन कुणाल, कमल और महेश सर ने सपना को ‘एक्स्ट्रा क्रेडिट’ और ‘करियर गाइडेंस’ के बहाने वहीं रोक लिया। सपना को उनके इरादों की भनक तक नहीं थी।
धीरे-धीरे कमल और कुणाल सर भी सपना के नजदीक आने लगे और उसके कंधो पर हाथ रख कर बोले-
कमल: सपना तुम देखना एक दिन कालेज में टाॅप करोगी। तुम्हें किसी से डर नहीं होगा। सब तुम्हारे आगे पीछे दौड़ेंगे। तब देखना तुम्हारा रुतबा कैसे बढ़ जाएगा। तुम एक आम स्टूडेंट नहीं रहोगी, हम सभी टीचरों की चहेती स्टूडेंट रहोगी।
रमेश: हां सपना देखना तुम्हे कोई भी दिक्कत नहीं होगा। हम तुम्हारे जैसे अभी साथ हैं वैसे ही साथ रहेंगे, हम सब के बीच कुछ भी नहीं छुपा रहेगा। हम सब एक-दूसरे को अच्छे से जानेंगे, एक-दूसरे को अच्छे से पहचानेंगे, हमारे बीच सब कुछ होगा।
सपना: जी सर मैं बहुत मेहनत करूंगी, अच्छे से पढ़ूंगी, बस आप लोगों का आशीर्वाद रहा तो इस बार टाप कर दूंगी।
कुणाल: अरे सपना तुम्हे पढ़ने की क्या जरूरत, हम सब हैं ना। हां बाकी तुम्हे मेहनत तो करना ही पड़ेगा हम सबके लिए, और यही बात आशीर्वाद की तो आशीर्वाद ही नहीं हमारा सब कुछ तुम्हारा ही है, बस डिसीजन तुम्हारा है। कहते हुए चीयर्स करते हुए जाम पीने लगते हैं और फिर सभी पीना शुरू करते हैं।
तभी सपना पूंछ पड़ती है, “कैसा डिसीजन सर?”
तो सभी हंसने लगते हैं और बोलते हैं: सपना तुम बहुत खूबसूरत हो। तुम्हें तो हम ऐसे ही पास कर देंगे, बस तुम हमारा ख्याल रखो।
चूंकि इतने लड़कों से चुदने के बाद सपना सब कुछ समझती है, पर वो जाहिर नहीं करती और बोलती है कैसा ख्याल रखना है सर?
रमेश: अरे सपना तुम इतना भी नहीं समझती, तीन जवान मर्द और एक जवान लड़की साथ में है। तो वो मर्द उस जवान लड़की से क्या चाहते होंगे? वही जो फेयरवेल के दिन कमल और कुणाल सर को तुमने भेंट किया था, वहीं। उसी से हमारी खिदमतगारी कर दो। तुम्हें दुनिया की सारी खुशियां दिला देंगे मेरी जान।
कहते हुए सपना के माथे को चूम लेता है।तब तक कमल सर और कुणाल सर सपना के एक-दम करीब आ चुके थे। क्यूंकि वो दोनों सपना को एक दफा बजा चुके थे, इसलिए उनमें कोई भी हिचकिचाहट नहीं था और ना ही उन दोनो को लेकर सपना के मन में ही। पर रमेश सर को लेकर सपना नर्वस थी। क्यूंकि सपना के लिए वो नए थे। कुणाल और कमल सर के बारे में तो आपको पिछली कहानी पढ़ कर पता चल ही गया होगा और अगर नहीं पता तो पढ़ लीजिएगा। फिर ये कहानी और मजेदार लगेगी।
रमेश सर 37 साल के गोरे चमड़ी वाले 5 फिट 8 इंच हाईट के गबरू जवान हैं, जिन्हें देख कोई भी लड़की ये कहने पर मजबूर हो जाए कि यार वो किस्मत वाली होगी जो इनके साथ रहेगा, और यही सपना के मन में भी चल रहा था। पर यही बात सपना को देख कर रमेश सर बोल पड़े कि हम सब किस्मत वाले हैं कि तुम जैसी अप्सरा हमारे साथ है, और हम रात भर पूरे मजे करेंगे।
कुणाल सर सपना को अपनी बाहों के घेरे में ले रहे थे। कमल सर उसे अपनी गजलों के जरिए जज्बाती तौर पर कमजोर कर रहे थे। महेश सर अपनी सत्ता और रसूख का डर और लालच दिखा कर उसे पूरी तरह सरेंडर करने पर मजबूर कर रहे थे। सपना, जो अब तक खुद को बहुत चालाक समझ रही थी, उस रात उन तीनों के सामूहिक जाल में पूरी तरह फंस चुकी थी। वह उन तीनों के बीच एक ऐसी ‘ट्रॉफी’ बन गई थी, जिसे तीनों मिल कर बांटने वाले थे।
कमल सर सपना के पास आकर सपना को बाहों में भर लिए और बोले: सपना आज की रात हम सबकी है। मैं चाहता हूं कि तुम हमारा पूरा साथ दो।
कहते हुए सपना की चूचियों को कुर्ती के ऊपर से ही दबा दिए। पीछे से मौके की नजाकत देख कुणाल सर सपना को अपने आगोश में भरते हुए पीछे से पकड़ कर गर्दन पर किस्स करते हुए बोले, “मेरी जान तुम सच में काफी खूबसूरत हो। तुम वो चांद हो जिस पर कोई दाग नहीं है।”
इधर रमेश सर भी बगल से आए और सपना के गांड पर थपथपाते हुए बोले: मेरी जान तुम बेदाग चांद हो। पर हुम तुम पर दाग लगाना चाहते है।
तुम मुझसे मिली नहीं हो हम तुममें मिलना चाहते हैं और वो दाग लगा कर फिर दाग मिटाना चाहते हैं क्या तुम हमारा साथ दोगी?
सपना कुछ बोलती, उससे पहले ही कमल सर बोले कि: ये हसीना अपने हुस्न पर इतराती भले है। पर जवान मर्द देख कर खुल कर गले भी लगाती है।
कहते हुए कमल सर ने सपना के कुर्ती को उठाने लगे तो सपना शर्म के मारे एक पल के लिए रोकना चाही। पर क्या पछताए जब चिड़िया चुग गयी खेत। जब एक मर्द के हाथ में जवान लड़की की डोर आ जाए तो वो फिर नहीं छोड़ता। बस अपने मन की हर चीज़ करता है। इसलिए कमल सर भी नहीं रुकते और सपना का हाथ ऊपर करके कुर्ती को निकाल फेंकते हैं।
सपना को ब्रा में देख रमेश सर की आंखो में चमक सी आ गई, उन्होने ऐसी बड़े पपीते जैसे चूचे वाली हसीन लड़की और उसके जैसे क्लीवेज वाली लड़की नहीं देखी थी।
ये देख रमेश सर बोले: सपना की चूचियां ब्रा फाड़ कर बाहर आजाद होना चाह रही है, जल्दी उन्हे आजाद करो।
कहते हुए झट से पीछे से सपना के ब्रा का हुक खोल दिया। हुक खुलते ही सपना की वो भारी भरकम चूचियां झूल गयी और आपस में टकराते हुए रमेश सर को ललचाने लगी। रमेश सर सपना की भूरे निप्पल वाली गोरी-गोरी चूचियां देख खुद को कंट्रोल नहीं कर पाए, और जल्दी से टूट पड़े और झट से अपने मुंह में भर कर छोटे बच्चों की तरह चुटुर-चुटुर करते हुए पीने लगे। कमल और कुणाल सर रोक रहे थे कि रुक जाइए पहले पूरे कपड़े उतारने दीजिए, पर उनसे खुद को रोका नहीं गया और बोल पड़े यार कमल और कुणाल कुछ देर तुम सब शान्त रहो मैं जो कर रहा हूं करने दो।
ये सुन कर कमल और कुणाल को गुस्सा आने लगा कि चिड़िया मेरी और मजे ये ले रहा। फिर रोकने का प्रयास करते है, पर रमेश सर रुकने वाले कहां थे। वो चूचियों को मसल-मसल कर दबाते है और फिर खूब तेज-तेज चूसते है।
फिर चूचियों पर थप्पड़ मारते हुए बोलते हैं: क्या मस्त चूची है, मैं आज इसे खा ही जाऊंगा।
ये सब देख कमल और कुणाल भी टूट पड़ते है और कमल सर दूसरी चूची को मुंह में भर कर पीना शुरू करते हैं, तब तक सपना की सिसकारियां उहउहह उम्मम्म ओहहहहहवावउम्म इस्स्स्सस निकलने लगती है, तो कुणाल जाकर सपना को किस्स करने लगता है। किस्स करते-करते वो सपना के होठों को पीने लगता है।
ये सब देख वो दोनो लड़के आपस में बातें करते हैं।
विक्की: यार ये सपना क्या माल है भाई, क्या लग रही है। वो सब उछाल-उछाल कर उसकी चूचियों से खेल रहे हैं। कसम से भाई एक बार मुझे मिल जाए ना तो चोद कर कबूतर बना दूंगा इस साली को।
साहिल: हां भाई सही कह रहा ये जवान मुर्गी मुझे मिल जाए ना भाई तो, इसके चूत और गांड चोद कर मैं जन्नत पा लूंगा।
विक्की: भाई देख-देख परछाई देख भाई क्या चूचियां है साली की बड़ी-बड़ी, कम से कम दो-दो किलो के होंगे। भाई साहब चूचियां रगड़ कर मसल दूंगा इसकी बस एक बार मिल जाए।
साहिल: भाई कुछ भी कहो माल जबरदस्त है साली। पर ये साले अपने टीचर से कैसे पट गई? सब साले नल्ले हैं बहनचोद, पर माल एक नम्बर का चोदने वाले हैं।
विक्की: भाई कोई तो बात होगी तभी उनसे वो चुदने को तैयार है। नहीं तो कोई लड़की ऐसे नहीं चुदती। कहीं वो सब सपना को अपने जाल में फंसा तो नहीं लिए हैं।
साहिल: भाई ये टीचर साले एक नम्बर के कमीने हैं। ये पक्का सपना का फायदा उठा रहे हैं।
विक्की: फिर चलें रोकें ?
साहिल: नहीं भाई मेरे एक भैया बोलते थे कभी भी किसी की चुदाई के बीच में नहीं जाना चाहिए। फिर वो चाहे जो भी हो, घर का कोई भी है, किसी बाहर वाले से चुद रहा हो तब भी नहीं।
विक्की: अरे भाई अगर तेरी बहन को ये सब ऐसे चोदते रहते तब भी नहीं रोकता?
साहिल: भाई कोई भी हो, अगर मेरी बहन ही किसी से चुद रही होती तो भी नहीं रोकता।
विक्की: ऐसा क्यूं भाई? ऐसे तो कोई भी तेरी बहन को चोद कर चला जाएगा और तू कुछ नहीं करेगा?
साहिल: भाई बात ये है कि अगर मेरी बहन किसी से चुद रही है, तो इसका मतलब वो दोनों एक-दूसरे को चाहते होंगे, और क्या पता जिस वक्त तुम रोकने जा रहे हो उस वक्त वो सब अपने चरम सीमा पर हो। तो उनकी उस खुशी को कम नहीं करना चाहिए। बाकी रही बात चुदने देने की, तो यार जब लंड एक बार चला ही गया तो फिर बार-बार जाने से क्या ही होगा? आखिर उस लंड ने तो चोद ही दिया है चूत। उस लंड ने दर्शन तो कर ही लिए होंगे उस चूत के।
विक्की: ठीक है भाई फिर रुक कर चुदाई देखते हैं।
साहिल: हां भाई रूक कर देखते हैं कैसे चोदते हैं ये सब सपना को और वो कैसे चुदती है।
कहते हुए हाथ में फोन निकाल लिया और कैमरा आन कर दिया। तो रोकते हुए विक्की बोला: ये क्या कर रहा है भाई?
साहिल: भाई इनका वीडियो बनाऊंगा तभी हमें भी टीचरों से फायदा मिलेगा कालेज में। ऊपर से चूत भी मिलेगी सपना की।
विक्की: रहने दे भाई, क्या मतलब कोई और देख लेगा फोन में तो फालतू में बदनाम होगी सपना।
साहिल: भाई तुझे सपना को चोदना है या नहीं?
विक्की: भाई ऐसी माल को कौन मना करेगा।
साहिल: फिर तू चुप बैठ मैं जो कर रहा हूं करने दे। कहते हुए वो वीडियो बनाने लगता है। इस समय तक अभी सभी सपना की चूचियों को पी रहे थे मसल रहे थे। तभी अचानक से किसी और के आने की आहट विक्की और साहिल ने सुनी तो दोनों छुप गए।
क्या वो सभी सपना को जाकर चोद पाएंगे या फिर चूचियां ही मसलते रह जाएंगे? क्या साहिल और विक्की सपना की चुदाई देख पाएंगे? जानने के लिए बने रहें अपने भाई राजू के साथ।
धन्यवाद !