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नौकर-नौकरानी पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 460 बार

एक से भले दो !

श्रेया आहूजा

22 Sep 2008 को प्रकाशित

एक से भले दो !
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दोस्तो, मैं श्रेया आहूजा एक बार फिर आपके सामने पेश हूँ !! इतने दिन तक गायब रहने का कारण मेरे भाई की शादी थी ! उसकी शादी कनाडा में हुई आपकी दुआ से !

मैं आज आपको अपने भाई के बारे बताने जा रही हूँ ! शक्ल-सूरत से भोला-भाला पतला-दुबला छरहरा बदन !

वो मुझसे दो साल छोटा है और देखने में मेरे जैसा सुन्दर है !

उन दिनों जब मेरे भाई कोई उन्नीस बीस साल का था तो मेरे घर एक काम वाली सुजाता हुआ करती थी, उसका पति हरिया हमारे यहाँ माली का काम करता था। उसकी एक बेटी थी जूही, सुन्दर सी पतली सी वो भी कोई उन्नीस-बीस की ! पतली दुबली गोरी सी!

सिर्फ मुझे पता था भाई उससे प्यार किया करता था पर कहने से डरता था, अगर यह बात पापा या मम्मी को पता भी चल जाती तो गज़ब हो जाता।

मम्मी अक्सर विलायत में टूर करती रहती थी और पापा ऑफिस में मैं कॉलेज और भाई अक्सर घर में पता नहीं उसके और जूही के बीच क्या चल रहा था।

मेरे भाई का नाम विक्रम था और प्यार से हम उसे विक्की कहते थे।

एक दिन वो मेरे कमरे में आकर मुझसे बातें करने लगा…

विक्की : दी, बताओ न तुम्हें जूही कैसी लगती है?

मैं : वो सुजाता की बेटी…? क्यूँ क्या हुआ?

विक्की : नहीं बताओ न, तुम्हें कैसी लगती है? मुझे चाहती है वो ! मैं भी उससे शादी करना चाहता हूँ।

मैं : हट पागल ! कहाँ हम लोग अमीर- पैसे वाले ! कहाँ वो गरीब…. कोई अपने ढंग की खोजो… अमीर !

विक्की : दी, वो बहुत सुन्दर है… आज पता है क्या हुआ…?

मैं : सुन्दर और वो… गंवार है बिल्कुल…

विक्की : दी, वो तुमसे भी सुन्दर है ! एक बार जींस पहना कर तो देखो अपने बम लगेगी !

मैं : क्यूँ तुझे कैसे पता है बे?

विक्की : दी, कल क्या हुआ, मैंने उसे नहाते हुए देखा… बिल्कुल नंगी थी… बहुत मन कर रहा था !

मैं : कहाँ-कैसे? क्या मन कर रहा था?

विक्की : वो हमारे बाथरूम में ही नहा रही थी, सेक्स करने का मन कर रहा था … वो भी तैयार है।

मैं : पागल भूल से भी मत करना ! मम्मी-पापा को पता चला तो तेरी खैर नहीं…

विक्की : मैं नहीं डरता ! ज्यादा से ज्यादा घर से निकाल देंगे न !

मैं : अच्छा मैं जा रही हूँ, कॉलेज कोई पीछे से बदमाशी मत करना…

विक्की : आज तो मैं करके ही रहूँगा…

मैं : अच्छा हिम्मत है तो बोलकर दिखा कि तू जूही से प्यार करता है !

यह बात जूही की मम्मी सुजाता ने सुन ली…

सुजाता : नहीं बेटी, छोटे साहब की गलती नहीं ! गलती तो मेरी बेटी की है… साली रंडी ! कहाँ है तू जूही?

जूही : क्या हुआ माँ?

सुजाता : कुतिया क्या हुआ? रांड साली ! जवान हो रही है और डोरे छोटे साहब पर डालती है !! आज बताती हूँ !

मैं और विक्की दोनों डर गए, और पापा भी घर पर नहीं थे…

सुजाता ने अपनी बेटी जूही को मारना शुरू किया, मारते-मारते उसने अपने पति को बुला लिया।

हरिया : हाय रे मेरी इज्ज़त… साली, आज बताता हूँ…

हरिया जूही के चूतड़ों पर बांस की लाठी चलाने लगा।

मैं तो यही सोच रही थी कि इतनी पिटाई से उसके चूतड़ कितने लाल हो गए होंगे ! और वो सिसक सिसक कर रोने लगी।

अनीता : मन तो कर रहा है कि इस हरामजादी को जान से मार डालूँ।

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हरिया : चुदवाने का शौक था तो गाँव के छोरे के साथ भाग जाती, छोटे मालिक को क्यूँ फंसाया … अगर बड़े मालिक को पता चलेगा तो हम सब घर से निकाल देंगे और हमारा हुक्का पानी बंद हो जायेगा।

मैं : अब रहने भी दो, क्या किया है बेचारी ने ऐसा?

विक्की : दी, कुछ करो, वो रो रही है…

तभी पापा आ गए, हरिया और अनीता ने पापा के पैर पकड़ लिए और सिसक सिसक के रोने लगे।

हरिया : मालिक हमें माफ़ कर दो !

अनीता : मालिक इस लड़की की वजह से आपके बेटे पर उंगली उठे, इससे पहले हम इस लड़की को मार देंगे।

मैं : पापा ये दोनों जूही को मार रहे है बस यह सुनकर विक्की इससे पसंद करता है इस जूही की कोई गलती नहीं…

पापा दारू के नशे में धुत्त थे….

हरिया और अनीता के कहने पर जूही पापा के पैर पकड़ रही थी, माफ़ी मांग रही थी।

मैं देख कर दंग रह गई कि पापा ने जूही को उठाया और उसकी छाती पर हाथ रख प्रिया- अनीता, तेरी बेटी तो जवान हो गई रे !

हरिया और अनीता पर कोई असर नहीं हो रहा था, पर भाई उदास हो गया था… उसने अपनी आँखें बंद कर ली।

अनीता : जी मालिक…

पापा : तू भी आ और इसे भी मेरे कमरे ला… सजा तो इसे मिलेगी…

पापा अनीता और जूही को लेकर बंद हो गए… हरिया ने बाहर से कुण्डी लगा दी … हरिया को पता था अन्दर क्या होगा पर मुझे शक था तो मैं कमरे के रोशनदान से देखने लगी।

पापा : ए लड़की, आ जा गोद में बैठ और बता क्या हुआ?

जूही पापा के गोद में बैठ गई और सिसक सिसक कर रोते हुए बताया कि वो विक्की से प्यार करती है।

पापा : अनीता, तू बता क्या सजा दे इस लौंडिया को?

पापा जूही की चूचियों को दबा सहला कर उनके आकार का अन्दाजा लगा रहे थे।

अनीता : मालिक, चोद दो रंडी को… भूल जाएगी छोटे मालिक को…

पापा : बोल क्या करूँ? चोद दूँ या तेरे माँ बाप को लात मार कर घर से निकाल दूँ?

जूही : नहीं बड़े मालिक उन्हें कुछ मत करो… जो करना है मेरे साथ करो…

पापा : आज फिर तेरी माँ के साथ तुझे भी चोदूँगा !

पापा अपने कपड़े उतारने लगे और इसी बीच अनीता ने जूही को नंगी करके बिस्तर पर लेटा प्रिया और पापा उस पर चढ़ गए… अपने लम्बे से लंड को जूही की बुर पर रखा और धक्के मारने लगे…

तभी जूही मुस्कुरा उठी और पापा को जोर जोर से करने को कहने लगी।

तभी अनीता ने उसे चुदते ही वक़्त थप्पड़ मारा और कहा- कमीनी, जब बड़े साहब से चुद रही थी तो छोटे साब को अपने जाल में क्यूँ फ़ांस रही थी?

जूही बोली- अम्मा, बड़े साब तो कभी कभी चोदते हैं, विक्की की नज़र अपने बदन पर मैंने फ़िरते हुए देखी तो मैंने सोचा कि एक से भले दो ! और जवान लण्ड का मज़ा तो मै॥ने अभी तक चखा भी नहीं !

मुझसे देखा नहीं गया ! मैं सोच भी नहीं सकती थी कि जूही ऐसी होगी। अगर विक्की को जूही की असलियत पता लगे तो सोचो विक्की का क्या हाल होगा।

फ़िर भी मैंने विक्की को सब बता प्रिया ! विक्की तब से चुप हो गया … किसी से कभी कुछ न बोला।

पर विक्की टूट गया !

मेरे भाई की शादी कनाडा में हुई। आप लोग दुआ करें कि वो खुश रहे एक अच्छा पति और बाप बने मेरे बाप की तरह नहीं !

शब्बा खैर

श्रेया

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

विक्की यू.पी

2 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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