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नौकर-नौकरानी पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,328 बार

ब्लेड से पजामी काटी

niksalone46

19 Sep 2010 को प्रकाशित

ब्लेड से पजामी काटी
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प्रेषक : निखिल शर्मा

हेलो, मेरा नाम निखिल है, मेरी उमर 24 साल है। यह कहानी एक साल पहले की है। हमारे यहाँ नीता सफाई का काम करती थी। नीता एक शादीशुदा औरत थी जिसका पति उसे छोड़ कर जा चुका था। नीता का बदन कसा हुआ और गठीला था। उसके चुच्चे बहुत बड़े और गोल थे। जब वो चलती थी तो उसके मोटे चूतड़ अच्छे- अच्छों का लंड खड़ा कर देती थी।

जब भी मुझे मौका मिलता था तो मैं उसे काम करते हुए देखता था। वो झड़ू हमेशा झुक कर लगाती थी जिससे उसके बड़े-बड़े चुच्चे साफ नज़र आते थे। पौंछा लगाते हुए वो सूट को पीछे से उठा लेती थी जिससे उसकी पाजामी जो उसकी गांड में घुसी रहती थी, साफ़ नज़र आती थी और वो कभी कच्छी भी नहीं पहनती थी तो उसकी गांड साफ दिखती थी।

उसे इस तरह देख कर मेरा उसे चोदने का दिल करता था। मैंने सोचा कि धीरे-धीरे शुरुआत की जाए। जब माँ घर पर नहीं होती थी तो मैं उसकी सफाई में मदद करने लगा। शुरुआत में मैंने धीरे-धीरे उसके सामने कम कपड़े पहनने शुरू किए जिससे वो मुझे देखे।

जब वो अलमारी की सफाई करती तो मैं उसकी मदद करता, कभी उसे पीछे से पकड़ने का नाटक करता तो कभी जानबूझ कर उसके कूल्हों को छू लेता।

एक दिन जब वो अलमारी साफ कर रही थी तो उसने सूट पीछे से उठा रखा था, यह देख मुझसे रहा नहीं गया, मैं मदद करने के बहाने से उसके पीछे खड़ा हो गया। मेरे पास ब्लेड था जिसे मैंने धीरे से उसकी पाजामी पर पीछे से चला प्रिया, उससे पता ही नहीं चला लेकिन उसकी पाजामी गाण्ड के पास से फट चुकी थी। अब जब वो पौंछा लगाने लगी तो उसकी गाण्ड का छेद दिख रहा था। यह देख मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और सिर्फ़ एक तौलिया ढीले से लपेट लिया।

अब वो रसोई में काम कर रही थी और मैं तौलिए में ही कुछ सामान लेने के बहाने वहाँ चला गया। जैसे ही मैंने देखा कि वो मुझे देख रही है, मैंने तौलिया हल्के से खोल प्रिया जिससे वो नीचे गिर गया और मैंने उसे उठाने के बजाए ऐसे नाटक किया कि ‘यह क्या हो गया’ और खड़े लंड पर सिर्फ़ हाथ रख कर चल प्रिया।

बाथरूम में जाकर मैंने उसे आवाज़ दी और तौलिया माँगा। मैं उसका चेहरा देखना चाहता था कि उसे कैसा लग रहा है।

और मेरा विश्वास और भी बढ़ गया जब वो मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी।

अब अगले दिन मम्मी को कहीं जाना था तो मैंने भी कॉलेज की छुट्टी कर ली। नीता के आने से पहले मैंने दरवाजा खुला छोड़ प्रिया और सारे कपड़े उतार कर बिस्तर पर लेट गया।

जैसे ही नीता ने दरवाजा खोला, मैं सोने की एक्टिंग करने लगा। मैं बिस्तर पर नंगा लेटा था और मेरा 8 इंच का लंड हवा में झूल रहा था।

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नीता सफाई करती-2 मेरे कमरे में आई और जैसे ही उसने लाइट जलाई तो मुझे नंगा देख पहले तो थोड़ा हैरान हुई, फिर मुस्कुराने लगी।

मैं थोड़ी-2 आँख खोल के देख रहा था। वो पहले तो देखती रही और फिर मेरे पास आकर बैठ गई। वो मुझे देख रही थी।

तभी मैंने उसे खींच के अपने पास लिटा लिया और उसे बाहों में भर लिया। पहले तो वो छूटने की कोशिश करने लगी पर जैसे ही मैंने उसकी चूत दबाई वो ज़ोर से मुझसे चिपक गई। अब मैंने उसके होंटों को चूसना शुरू किया और उसके सारे कपड़े उतार दिए। वो भी मेरा साथ दे रही थी और मेरे लंड को मसल रही थी।

अब मैंने उसे उठाया और उसके मुँह में अपना लंड डाल प्रिया। वो मेरे लंड को लॉलीपोप की तरह चूस रही थी और मैं उसके बड़े-2 चुच्चे दबा रहा था। फिर मैं बेड पर लेट गया और उसे अपने ऊपर बैठा लिया। वो मेरे लंड को अपनी चूत में डाल कर ज़ोर-2 से उछलने लगी और अपनी चूत को चुदवाने लगी।

फिर मैंने उसे लेटा प्रिया और उसकी चूत में लंड घुसा कर ज़ोर से चोदने लगा। वो जोरों से चिल्ला रही थी- उम्म आह… अह… मंह.. आह…

उसकी आवाजों से मुझे और ज़्यादा जोश आ रहा था और मैं उसकी चूत को हैवानों की तरह चोद रहा था। मेरा 8 इंच का लंड उसके आँसू निकाल रहा था। चूत चोदने के बाद मैंने उसे घुमाया और उसकी गाण्ड में थोड़ा तेल डाल प्रिया। उसकी गाण्ड का छेद चिकना करने के बाद जैसे ही मैंने अपना लंड डाला वो ज़ोर से चिल्ला उठी और मैंने उसके चुच्चे दबा कर उसकी गांड चोदनी शुरू कर दी। थोड़ी देर गाण्ड चोदने के बाद मैंने उसकी गांद में ही झाड़ प्रिया। उसकी गांड अब मेरे वीर्य से नहा रही थी।

मैंने उसे पलटा और वीर्य वाला लंड उसके मुँह में डाल प्रिया और वो मेरा सारा वीर्य पी गई।

नीता ने हमारे घर 6 महीने तक काम किया और इन 6 महीनों में मैंने उसकी ना जाने कितनी बार चूत मारी होगी। उसके बाद वो अपने गाँव वापिस चली गई क्यूँकि उसके पिता की मृत्यु हो गई थी।

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धन्यवाद।

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

रोहित राज

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

सौरभ गुप्ता

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

डिवाईन लवर्स

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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