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हास्य रस- चुटकुले पठन समय: 1 मिनट पढ़ा गया: 421 बार

पराकाष्ठा

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गरीबी की पराकाष्ठा…एक औरत अपने पति के फटे हुए कंडोम को सिल कर ठीक कर रही है..

भोलेपन की पराकाष्ठा…एक लड़की अपने निप्पलों को मुहांसे समझ कर मुहांसे मिटाने वाली क्रीम लगा रही है…

महत्वाकांक्षा की पराकाष्ठा…एक चींटा हथिनी से सम्भोग करने के लिए उसके पैर पर चढ़ने की कोशिश कर रहा है…

बेरोजगारी की पराकाष्ठा…एक वेश्या की योनि में मकड़ी ने जाला बना प्रिया…

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