होम पर वापस जाएं
हास्य रस- चुटकुले पठन समय: 1 मिनट पढ़ा गया: 600 बार

गब्बर

गब्बर
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

गब्बर- बसंती, चड्डी उतार !

वीरू- नहीं बसंती, इस कुत्ते के सामने चड्डी मत उतारना।

बसंती- वीरू तू डर मत, मैंने चड्डी पहनी ही नहीं है।

***

गब्बर रात के अँधेरे में बसंती से चुदाई कर रहा था।

गब्बर- बोलो मेरी जान बसन्ती, मज़ा आया?

औरत- बहुत मज़ा आया कुत्ते, लाइट जलाकर देख। मैं बसंती नहीं

.

यह भी पढ़ें (Recommended)

एक दिन में कितनी बार?

..

मौसी हूँ।

***

साम्भा- मैं इन दोस्तों का क्या करूँ जो मैसेज का जवाब नहीं देते?

गब्बर- कुछ नहीं, बस इनके हाथ काट दो और रोज़ इन्हें ब्लू फिल्म के क्लिप भेजो! तड़प-तड़प के मरेंगे साले !

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

एक दिन में कितनी बार?
हास्य रस- चुटकुले

एक दिन में कितनी बार?

अदालत में एक तलाक का मुकदमा चल रहा है, पत्नी जज से कहती है- मेरे पति मुझे बहुत चोदते हैं, मैं इनके साथ नहीं रह सकती।

1 मिनट 262
सन्ता और प्रीतो के चुटकुले-4
हास्य रस- चुटकुले

सन्ता और प्रीतो के चुटकुले-4

सन्ता किसी शहर में पहली बार घूमने के लिए गया तो होटल में कमरा लेने के बाद वह बार में व्हिस्की लेने के लिया गया।

3 मिनट 782
सलमा और इरफ़ान के चुटकुले-3
हास्य रस- चुटकुले

सलमा और इरफ़ान के चुटकुले-3

सलमा और इरफ़ान की शादी हुई, पहली रात सुहागरात थी.

16 मिनट 888

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।