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भाई बहन पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 865 बार

ममेरी बहन का प्यार और चूत की चुदाई

शिवम् जायसवाल

31 Dec 2016 को प्रकाशित

ममेरी बहन का प्यार और चूत की चुदाई
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हैलो, मेरा नाम शिवम है। यह मेरी पहली हिंदी सेक्सी स्टोरी है, जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ। मैं जो चुदाई की कहानी बताने जा रहा हूँ, वो मेरी और मेरे मामा की लड़की के बीच की है, 2 साल पहले बात की है।

मैं महाराष्ट्र से हूँ, मेरी उम्र 22 साल है। मैंने अभी पढ़ाई पूरी की है। मेरी लम्बाई 5.9 फुट की है।

मेरे मामा की लड़की का नाम आरती है। वो मुझसे 2 साल छोटी है, लेकिन वो दिखने बहुत खूबसूरत और सेक्सी दिखती थी। उसका 34-26-34 का फिगर साईज तो काफी मस्त था। उसके बड़े-बड़े चूचे मुझको दीवाना कर देते थे और उसकी गोलमटोल गांड देखकर तो मैं पागल ही हो जाता था।

आरती का एक भाई भी था, पर वो अभी छोटा था। मेरे मामा का देहांत हो गया। इसके कारण मेरी मामी जॉब करती थीं, इसलिए मामी ज्यादा देर घर नहीं रह पाती थीं।

बचपन से ही मैं और आरती बहुत अच्छे दोस्त थे और मैं उसको बहुत प्यार करता था। मैंने उसका प्रपोज किया था, पर पहले तो उसने मना कर प्रिया था। पर कुछ दिनों के बाद ही उसने मुझे बताया कि वो भी मुझसे प्यार करती है।

अब आरती दूसरे शहर में रहने लगी थी, इसलिए हम ज्यादा मिल नहीं पाते थे। पर फोन पर हम दोनों की बात होती रहती थी। मेरी उसके साथ सेक्स चैटिंग और सेक्सी बातचीत भी होती थी। इसके कारण आरती के प्रति मेरी वासना बढ़ गई थी।

एक दिन मेरी मम्मी ने कुछ काम के सिलसिले में मुझे मामी के घर कुछ दिनों के लिये भेजा था। उन दिनों आरती भी अपने घर आई हुई थी। यह मेरे लिए और आरती के लिये खुशी की बात थी।

मैंने उसको फोन पर ये बात बताई तो वो बहुत खुश हुई। उससे मिलने के लिए मैं बहुत उतावला था।

वो दिन आ गया, जब मैं मामी के घर गया। उस समय मामी जॉब पर जाने वाली थीं। मामी ने मुझसे थोड़ी देर बात की और वो जॉब पर चली गईं।मुझे देख कर आरती शर्मा रही थी। उस समय आरती नाईटी में थी, उसकी वो नाईटी बहुत चुस्त थी। नाईटी में उसके चूचे और उसकी गांड बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी।

मामी के जाने के बाद मैं आरती के पास गया और एकदम से उसको गले लगा लिया।यह किसी लड़की के साथ चिपकने का मेरा पहला अनुभव था। आरती भी मुझसे बहुत लिपट रही थी।

कुछ देर के बाद मैंने और उसने खाना खाया, फिर बेड पर बैठकर बातें करने लगे। मैंने उसको अपने पास खींच लिया और उसके गालों को चूमने लगा, वो भी मुझे खुल कर चूम रही थी।

उस समय मैंने उसके होंठों पर किस किया, ये मेरे लाईफ का पहला किस था। हम उस समय ऐसे ही किस करते रहे। मैंने उसको किस करते हुए उसकी चुची को दबाना चालू किया। उसकी चुची बहुत ही नर्म और स्पंजी थी। मैं बहुत जोरों से उसकी चुची को दबा रहा था।

कुछ ही पलों में मैंने उसकी गांड को भी हाथ लगाना चाहा.. तो उसने मेरे हाथ को अपनी गांड से हटा प्रिया। वो गांड में उंगली करने से मना कर रही थी।

उसने कहा- शिवम, मुझे बहुत डर लग रहा है।मैंने कहा- प्लीज आरती, कुछ नहीं होगा, तुम सिर्फ मेरा साथ दो।

पर वो मानने के लिए तैयार नहीं थी। मैंने बहुत बोल कर भी उसने मनाना चाहा, पर जब वो नहीं मानी तो मुझे गुस्सा आ गया और मैं उसे छोड़ कर घूमने के लिए निकल गया।

लेकिन मेरे दिमाग में घुस चुका था कि उसको मुझे किसी भी हाल में चोदना ही है। इसलिये जब मैं बाहर घूमने गया तो एक दुकान से मैंने एक कंडोम का पैकेट ले लिया और काफी देर बाद मैं घर वापस आया।

जिस समय मैं घर में अन्दर आया उसी वक्त से मैंने आरती के साथ बात नहीं की, मैं उससे नाराजगी दिखा रहा था।

अगले दिने उसने कॉलेज से छुट्टी ले ली, फिर भी मैंने उससे बात नहीं की। अब वो बहुत गुमसुम सी हो गई थी, इसीलिए उसकी मम्मी के जॉब पर चली गईं, तो वो मेरे पास आकर मुझसे ‘सॉरी’ कहने लगी।

उसने मुझे एकदम गले लगा प्रिया और मैंने भी ज्यादा देर न करते हुए उसे सीने से लगा लिया। उसके चूचे और उसके कड़क निप्पल मेरे सीने चिपक गए थे।मेरा 6 इंच लंड भी सख्त हो उठा था, मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उसे चूमना चालू कर प्रिया, वो भी मेरा साथ देने लगी।

मैं उसको बिस्तर पर ले गया और उसे लिटा कर किस करने लगा, वो भी मुझे किस कर रही थी। उसकी चुची को मैं दोनों हाथों से दबा रहा था।इतने से आरती भी गर्म हो गई थी.. और वो भी मेरा खुल कर साथ देने लगी।

मैं उसके कपड़े उतारने लगा, तो उसने कुछ नहीं कहा। मैंने पहले उसकी नाईटी उतार दी, अन्दर उसने सफ़ेद ब्रा पहनी हुई थी और ब्लू कलर की पैंटी पहनी थी।उस समय वो बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी, उसकी ब्रा से आधे चूचे बाहर निकलने को आतुर दिख रहे थे और छोटी सी डिजायनर पैंटी में से उसके दोनों चूतड़ खुले दिख रहे थे।

मैंने भी अपने कपड़े उतारे और सिर्फ अंडरवियर में आ गया। वो मुझे देख कर शर्मा रही थी।उसने कहा- मुझे बहुत शर्म आ रही है।मैंने कहा- क्यों..?उसने कहा- तुम्हें ऐसे देखकर!मैंने कहा- तुम भी बहुत सेक्सी लग रही हो।

मैं उसे किस करने लगा, बाद में मैंने धीरे से उसकी ब्रा का हुक खोल प्रिया और ब्रा को अलग कर प्रिया।

अओ.. अह.. क्या मस्त चुची थी उसकी.. उसके निप्पल भी ब्राउन कलर के थे। मैंने उसकी चुची को चूसना चालू कर प्रिया। आरती भी अपने हाथों से मम्मों को पकड़ कर मुझसे अपने दूध चुसवा रही थी।

थोड़ी देर उसके रसमलाई से मम्मों को चूसने के बाद मैंने उसके पेंटी के ऊपर से उसकी चुत को सहलाना शुरू कर प्रिया। उसने अपनी टांगें फैला दीं तो मुझे समझ आ गया कि पट्ठी गरमा गई है।

अब मैंने उसकी पेंटी को भी उतार प्रिया। उसकी चुत पर बिल्कुल जरा-जरा से रोयें जैसे रेशमी बाल थे। उसकी चुत बहुत ही मस्त फूली हुई लग रही थी।मैंने उसके चुत को सहलाना चालू किया। नंगी चुत पर मेरे हाथ का स्पर्श पाते ही आरती काफी गर्म हो गई।

मैं भी नंगा हो गया और अपने तने हुए लंड पर कंडोम लगा लिया।

आरती आँखें बंद थीं.. पर वो तड़प रही थी। ज्यादा देर न करते हुये मैंने अपना लंड आरती की चुत पर लगा प्रिया।

सच में दोस्तो.. वो अनुभव काफी मस्त था.. लंड का सुपारा क्या स्पर्श हुआ.. वो एकदम से सिहर उठी, उसकी साँसें तेज चल रही थीं। मैंने थोड़ा जोर लगा कर लंड उसकी चुत में घुसा प्रिया, वो एकदम चिल्ला उठी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’उसने कहा- ओह.. बहुत दर्द हो रहा है.. शिवम.. उसे बाहर निकालो ना!

पर मैं कहाँ मानने वाला था। मैंने एक और झटका प्रिया, आधा लंड उसके चुत में घुस गया। उसे भयंकर दर्द हो रहा था, वो रो रही थी। फिर भी मैं धीरे-धीरे झटके मारता रहा था।

थोड़ी देर बाद वो शांत हो गई, अब उसे भी मजा आने लगा था। मैंने अपने झटकों की स्पीड बढ़ा दी। पहली बार होने के कारण मैं जल्दी ही झड़ गया।झड़ने के बाद, मैं उसे किस करने लगा, उसकी चुची को चूस रहा था, वो भी मुझे बहुत चूम रही थी।

मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैंने आरती से कहा- मुझे एक बार और चोद ना है।आरती- हाँ करो ना.. तुम्हें रोका किसने है?

उसके ऐसा कहने पर मैंने उसकी चुत पे लंड लगा प्रिया। एक जोर से झटके अन्दर डाल प्रिया। आरती एकदम से तड़प उठी.. वो अजब सी आवाजें निकाल रही थी।

कुछ ही देर में पूरा लंड चुत में घुस गया। अब मैं उसे धकापेल चोद रहा था, वो भी मस्त चुत चुदवा रही थी।आरती- शिवम.. अह.. और जोर से।मैं- आज तुम्हें वो प्यार दूँगा.. जो कभी भूल नहीं पाओगी।आरती- मुझे बहुत मजा आ रहा है।

मैं और जोर से चुदाई करने लग गया था। कुछ ही देर में किरन ने अपने जिस्म को अकड़ा लिया और वो झड़ गई। मैं भी झड़ने वाला था.. कुछ ही धक्कों में मैंने भी रस छोड़ प्रिया।

अब आरती खुश दिख रही थी।

बाद में मैंने उसके हाथ में अपना लंड प्रिया। वो भी हाथ में लंड लेकर मेरे लंड को सहलाने लगी। दो बार उसको चोदने के बाद मैं थक गया था.. वो भी थक गई थी। फिर हम दोनों बाथरूम गए, एक-दूसरे को साफ किया। बाथरूम में भी मैंने और उसने काफी मस्ती की थी।

हम दोनों काफी थके थे, तो हम सो गए। उस दिन से मैंने उसको लगातार दो दिन चोदा और हमने आज तक बहुत बार चुदाई की.. और अब भी करते हैं। पर उसकी गांड में लंड डालने की इच्छा पूरी नहीं हुई है।

यह थी मेरी पहली सेक्सी स्टोरी.. आपको कैसी लगी, इस बारे में राय दीजिएगा।

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