अगले दिन राजीव ने मेसेज भी किये और फोन भी, पर सारिका ने कोई जवाब नहीं प्रिया, अब वो राजीव की तड़फ का मजा ले रही थी।शाम को उसने संजय के आने से पहले किचन का काम निबटा लिया, वो आज शाम संजय को देना चाहती थी।
संजय से शाम 6 फोन पर बात करके सारिका ने उसे जल्दी आने को कहा तो संजय बोले- राजीव मेरे पास बैठा है, कहो तो उसे भी ले आऊँ?सारिका ने कहा- जैसी तुम्हारी मर्जी!और फोन काट प्रिया।
सारिका फ्रेश होने बाथरूम में गई और नहाकर एक लॉन्ग मिडी पहन ली।हेयर स्टाइल भी उसने स्टाइलिश बनाया और हल्का मेकअप किया।
आज उसका लुक बिलकुल इंग्लिश था, उसने किचन में जाकर कुछ कटलेट बना लिए… हालाँकि वो जानती थी कि अगर संजय 7 के बाद आये और राजीव उनके साथ आये तो वो लोग ड्रिंक्स लेंगे जरूर और फिर डिनर!
हालाँकि संजय ड्रिंक्स के आदी नहीं थे पर जब वो मस्ती में होते या कोई फ्रेंड होता तो वो ले लेते थे, एक आध पेग सारिका भी ले लेती थी।और आज तो सारिका इतनी ग्लो कर रही थी कि ड्रिंक्स उसके बाद चूत चुदाई पक्की थी।
संजय 7.15 पर आये, अकेले… आते ही सारिका को चिपकाया, बोले- राजीव अभी थोड़ी देर में आएगा! और आज तुम्हें देखकर उसका लंड तो खड़ा ही रहेगा।सारिका हंस दी इस बात पर!
संजय फटाफट एक गिलास जूस पीकर नहाने चले गए और जीन्स टीशर्ट में बाहर आये।ड्राइंग रूम में उन्होंने डांस म्यूजिक लगा प्रिया और मस्ती में सारिका की कमर में बाहें डालकर डांस करने लगे। तभी राजीव आ गए।
राजीव भी जीन्स और रेड टी शर्ट में थे।उन्होंने बड़ी तमीज से सारिका को हाथ जोड़ कर नमस्ते की, तो सारिका ने बड़ी जोर से हंसते हुए राजीव से गर्मजोशी से हाथ मिलाया।संजय ने सारिका से पूछा कि अगर उसे एतराज न हो तो वे लोग ड्रिंक कर लें।इस पर सारिका बोली- मैंने तो तैयारी कर रखी है।
उसकी इस बेबाकी से संजय और राजीव दोनों अचम्भित हुए।
सारिका अंदर से ट्राली खींच लाई।
हंसी मजाक के बीच संजय ने दो पेग बनाये।सारिका अपने लिए कोक ले आई।
डांस म्यूजिक चल रहा था, संजय ने राजीव से कहा कि वो सारिका के साथ डांस कर सकता है।राजीव हिचका, पर सारिका की मुस्कराहट और सेक्सी एप्रोच ने उसे सारिका का हाथ थाम कर डांस करने पर मजबूर कर प्रिया।
संजय ने उठकर लाइट डिम कर दी।
संजय ड्रिंक लेता हुआ राजीव और सारिका को नजदीक आने का मौका दे रहा था।
पर कुछ भी हो, संजय की मौजूदगी का अहसास राजीव और सारिका दोनों को था, अचानक संजय का फोन बजा और संजय उसे सुनने रूम से बाहर चला गया।
उसके जाते ही राजीव सारिका नजदीक आ गए और राजीव का हाथ सारिका की खुली कमर पर मचलने लगा और अचानक दोनों के होंठ मिल गए।
सारिका को राजीव के उभार का एहसास नीचे हो रहा था पर इस वक़्त वो राजीव के होंठ से अपने होंठ मिलाये अपने मम्मे उसकी चौड़ी छाती से सटा कर चुपक कर डांस कर रही थी।
जैसे ही संजय के आने की आहट हुई दोनों अलग होकर सोफे पर बैठ गए, उन्हें नहीं मालूम पड़ा कि संजय तो फोन का बहाना कर के बाहर गया था और वो छिप कर इन दोनों की हरकतों का मजा ले रहा था।
संजय और राजीव के ड्रिंक ख़त्म हो गए थे, संजय ने एक और बना प्रिया और सारिका के मना करने पर भी उसकी कोल्ड ड्रिंक में व्हिस्की मिला दी।
इस दौर के ख़त्म होते होते तीनों को नशे का सुरूर हो चला था और अब उनके मजाक भी नॉन वेज होने लगे थे।सारिका किचन से बचे हुए कटलेट और फ्राइड काजू ले आई क्योंकि अब डिनर की तो उसे उम्मीद नहीं थी।
वापिस आई तो उसने देखा कि संजय एक पेग और बना रहा है, उसने उसे टोका- आज तुम्हें क्या हो रहा है? अब और नहीं!संजय और राजीव दोनों बोले- बस लास्ट है।
संजय ने सारिका का हाथ पकड़ कर अपने और राजीव के बीच बिठा लिया और अपने गिलास से एक घूँट सारिका को पिला प्रिया।सारिका को बड़ा कड़वा घूँट लगा।
इसी बीच राजीव ने भी अपना गिलास उसे ऑफर किया, सारिका ने मना कर प्रिया कि मैं नहीं पीती, पर नशे के सुरुर में राजीव ने उसके गले में हाथ डाल कर रिक्वेस्ट की तो संजय ने भी जोर देकर उससे एक सिप लेने को कहा।
एक तो राजीव का गिलास ऊपर से राजीव के होंठों की गर्मी सारिका एक एक करके दो-तीन सिप ले गई।
अब सारिका पर नशा हावी हो गया था, वो संजय की गोद में चढ़ कर बैठ गई। संजय ने भी बिना राजीव की परवाह किये उसकी मिडी को ऊपर उठाया और अपनी जीन्स की ज़िप खोल कर अपना लंड उसकी चूत में कर प्रिया।
राजीव के लिए यह अनहोनी थी।वो भी सारिका के पीछे खड़ा हुआ और उसके मुँह को ऊपर किया तो दोनों के होंठ मिल गए।पूरा कमरा वासनामाय हो गया था।
तभी संजय को होश आया कि उसने राजीव को नहीं रोका तो राजीव भी सारिका को चोद देगा और संजय अभी मानसिक रूप से इसके लिए तैयार नहीं था।उसने ‘बहुत रात हो गई…’ कहते हुए सारिका को नीचे उतारा और अपनी जीन्स की ज़िप बंद करी।
अचानक इस रुकावट से राजीव खिन्न हो गया और अपनी झेंप मिटाते हुए बोला- हाँ, मैं भी चलता हूँ, तुम दोनों एन्जॉय करो।
राजीव के जाते ही संजय ने सारिका को नंगी किया और अपने कपड़े भी उतार फेंके और चढ़ गया सारिका के ऊपर!
सारिका ने भी चुदवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी क्योंकि उसकी चूत में तो आग लगी हुई थी।संजय ने रात को दो बार चुदाई करी और दोनों थक कर नंगे ही सो गए।
सुबह 6 बजे संजय की आँख खुली, सारिका सो रही थी, पर उसका मोबाइल बेड पर ही था।संजय ने मोबाईल चेक किया तो उसने देखा कि रात को एक बजे सारिका ने राजीव से आधा घंटा बात की है।
संजय को ख़राब तो लगा कि जब मैं किसी बात को मना नहीं कर रहा तो चोरी क्यों?फिर उसने सोचा कि पूरे मामले को हवा तो उसी ने दी है और इसमें हर्ज भी क्या है अगर उसे कोई आपत्ति नहीं है।यह सोच कर उसका मूड ठीक हो गया और उसने सारिका की चूत पर अपनी जीभ लगा दी।
सारिका भी चोंक कर उठ गई और संजय का खड़ा लंड देख कर समझ गई कि पानीपत के युद्ध की तयारी है।वो भी संजय को धक्का देकर उसके ऊपर चढ़ गई और अपने हाथों से संजय का लंड अपनी चूत में कर लिया।
बाद में साथ साथ नहाते समय सारिका ने संजय को बता प्रिया कि रात को उसने राजीव से बात की थी।
उसकी इस ईमानदारी से संजय की रही सही शिकायत भी ख़त्म हो गई और जब सारिका ने उससे पूछा- तुम्हें बुरा तो नहीं लगा?यह सुनकर तो संजय ने बस उससे यही कहा- मुझसे कभी कुछ छिपाना नहीं, तो मुझे कुछ भी बुरा नहीं लगेगा।
संजय के ऑफिस जाने के बाद सारिका ने काफी सोचा उसे भी यही समझ में आया कि संजय जितना अच्छा और विश्वास करने वाला दूसरा पति हो नहीं सकता।
संजय तो केवल सारिका के साथ मस्ती चाहता है और रहा सवाल सारिका और राजीव की नजदीकी का तो वो तो केवल मृग मारीचिका है, अगर सारिका इस रिश्ते को संजय की रजामंदी से बिना कुछ छिपाए करती है तो इसमें मस्ती है और अगर संजय से छिपा कर नजदीकी बढ़ाती है या संजय को धोखा देती है तो सिवाय उसकी गृहस्थी ख़राब होने के कुछ नहीं!
संजय ने सारिका को यह भी बता प्रिया था कि उसने होंठ से होंठ मिलाये सारिका और राजीव को देखा था पर उसे ख़राब नहीं लगा।संजय ने सारिका को इस बात की छूट दे दी थी कि वो जब चाहे राजीव को फोन कर सकती है या मिल भी सकती है, पर सारिका को ध्यान रखना होगा कि कहीं कुछ ऐसा न हो जिससे बदनामी हो।
असल में संजय को इन सब फ़्लर्टबाजी से कोई एतराज नहीं था, वो इसे जिन्दगी की मस्ती मानता था।उसका मानना था कि यदि पति पत्नी में विश्वास हो तो ऐसी रिलेशनशिप से सेक्स लाइफ और मजेदार हो जाती है।इसीलिए उसने सारिका को रोका नहीं बल्कि उकसाया, क्योंकि उसे सारिका की समझदारी पर भरोसा था।
सारिका ने भी तय कर लिया कि वो हर हद तक मस्ती में संजय का साथ देगी और उससे कुछ छिपाएगी नहीं!यह उसने और संजय दोनों ने माना कि इस फ़्लर्ट में हर बात बताई नहीं जा सकती।
अब सारिका का मन काफी हल्का था।
बीवी की अदला बदली की यह हिंदी सेक्स कहानी जारी रहेगी!support@mohakkisse.com