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Office Sex • पठन समय: 11 मिनट • पढ़ा गया: 1,274 बार

सरकारी अधिकारी मैडम की दोबारा चुदाई

अक्षय वर्मा

13 Dec 2016 को प्रकाशित

सरकारी अधिकारी मैडम की दोबारा चुदाई
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गर्ल गांड लिक स्टोरी में एक सरकारी अफसर महिला के बुलाने पर इनके घर जाकर चोद चुका था. उनको मेरे लंड से चुदने में बहुत मजा आया था.

हाय दोस्तो, मैं अक्षय एक बार फिर से हाजिर हूँ. सेक्स कहानी का पिछले भागअनुशासित अधिकारी मैडम की पहल पर चुदाईआपने काफी समय पहले पढ़ा था, प्लीज एक बार पुनः पढ़ कर याद ताजा करें.

आगे बढ़ने से पहले मैं एक बार पुन: अपना परिचय दे देता हूँ.मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ. मेरी हाईट 5 फुट 8 इंच की है और लंड का आकार 6 इंच लंबा व 3 इंच मोटा है.स्लिम पाठिकाओं के लिए बता दूँ कि अब मेरा वजन 85 किलो हो गया है.

तो दोस्तो, अब गर्ल गांड लिक स्टोरी में आगे बढ़ते हैं.

एक बार की चुदाई के बाद रूपाली के चेहरे पर एकदम संतुष्टि के भाव दिख रहे थे और वह मुझे खुद से चिपका कर लेटी हुई थी.थोड़ी देर बाद वह उठी और नंगी ही वॉशरूम की तरफ़ गांड मटकाती हुई चली गई.

उसकी 38 इंच की गांड देखकर मेरे लंड में हलचल हो गई लेकिन मैंने खुद पर काबू रखा और शांत रहना उचित समझा.

कुछ मिनट बाद जब वह बाहर निकली तो उसके दूध मस्त थिरक रहे थे.मेरी निगाह उसके फुदकते मम्मों पर ही टिक गई.

रूपाली मुस्कराती हुई बोली- अभी तो चूसे थे और इतना जमकर कि मुझे जलन तक होने लगी है. फिर भी उन्हीं को देख रहे हो? तुमने सच में मेरी चुदाई ऐसी की है कि पेशाब करते समय चूत में जलन हो रही थी.जब वह इतनी खुली भाषा में बोली, तो मैं भी खुलने को हुआ, पर रह गया.

मैं बोला- अगर बुरा लगा हो तो माफ कीजिएगा … आगे से नहीं करूँगा!तो वह बोली- अरे पागल, मैं तो कब से ऐसी चुदाई के सपने देख रही थी … तुम पहले नहीं मिले, वरना तुमसे शादी कर लेती!

इतना कहकर रूपाली मैडम ने सर झुका लिया.उसकी आंखों में आंसू आ गए थे.

मैंने हाथ से उसके आंसू पौंछे और उसकी पीठ पर हाथ रखकर उसे सहलाने लगा.

वह बोली- अक्षय मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ. तुमने मुझे जो सुख प्रिया है वह अनमोल है. मेरी एक बात और सुन लो. मैं तुम्हारी अधिकारी नहीं हूँ, साफ भाषा में कहूँ तो मैं तुम्हारी रंडी हूँ. तुम मुझसे किसी भी तरह से बोल सकते हो.

मैं समझ गया कि रूपाली के कहने का आशय यह है कि मैं उसे चोदते समय गाली भी दे सकता हूँ.मैं उसे चूमने और सहलाने लगा.

कुछ देर में वह चुप हो गई और उसके हाथ मेरे लंड की तरफ बढ़ने लगे.मैंने भी उसकी पीठ को छोड़कर उसके दूध दबाना शुरू कर दिए और उसके होंठ पर होंठ रखकर चूसने की प्रक्रिया शुरू कर दी.

कुछ ही देर में वह मुझे अपने दूध पिलाने लगी थी.

मैं भी मस्ती से उसके निप्पलों को अपने होंठों में भर कर खींचता और चूस कर छोड़ देता.वह आह की मीठी आवाज के साथ मुझे प्यार से देखती और अगले ही पल अपने दूसरे निप्पल को मेरे मुँह में दे देती.

कुछ मिनटों के बाद मेरा हाथ उसके 34 साइज़ के दूध को छोड़कर उसकी 38 साइज़ की नंगी गांड पर पहुंच गया.

अब मैं अपने एक हाथ से उसकी नंगी गांड दबा रहा था तथा दूसरे हाथ से बारी-बारी उसके दूध दबाकर बीच-बीच में उसके होंठों पर होंठ रखकर उसे तीन तरफ से मज़ा देना शुरू कर प्रिया था.

कुछ ही देर में वह पूरी तरह गर्म हो गई और चुदने के लिए छटपटाने लगी थी लेकिन मुझे अभी उसे और तड़पाना था.

अब तक मेरा लंड भी पूरे आकार में आ चुका था जिसे वह कार के गियर की तरह दबाकर इधर-उधर कर रही थी.

पांच मिनट बाद मैं उससे अलग हुआ और मैंने उससे 69 की पोजीशन में आने के लिए कहा.

रूपाली बोली- मैं लंड नहीं चूसूंगी.मैंने कहा- तुम ना चूसना, लेकिन मुझे तो मज़ा लेने दो!इस पर उसने कहा- हां बिल्कुल, तुम चुत चूसने का पूरा मजा ले सकते हो.

अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए.मेरे सामने उसकी गोरी चिकनी 38 इंच की गांड और उसके थोड़ा नीचे रस छोड़ती चूत थी.

रूपाली के मुँह के सामने मेरा लंड था लेकिन वह मेरे औजार को हाथ से पकड़ कर बस उससे खेल रही थी.

मैंने सबसे पहले उसकी गांड पर जीभ रखी, तो वह उठकर बैठ गई और बोली- वह गंदा छेद है!

फिर मेरे समझाने के बाद वह पुनः 69 की पोजीशन में आ गई.मैंने उसकी गांड चाटना और साथ में एक उंगली उसकी चूत में रगड़ना शुरू कर प्रिया.गर्ल गांड लिक के बीच-बीच में उसकी चूत भी चाट लिया करता था.

ऐसी प्रक्रिया में अभी दो मिनट भी नहीं हुए थे कि रूपाली पागलों की तरह उछलने लगी ‘आह … हम्म्म … अक्षय …!’

वह हांफने लगी और चूत में लंड डालने के लिए कहने लगी.लेकिन मैं अपने काम में लगा रहा.

अब मुझे चूत और गांड चाटते हुए पांच मिनट हो गए थे.रूपाली बुरी तरह सी-सी कर रही थी ‘आह अक्षय … क्या कक्का क्या कर रहे हो … आह … मैं मर जाऊंगी आह … आह हम्म्म … आह मम्मा … प्लीज आह.’

मैंने भी मौके का फायदा उठाते हुए कहा- रूपाली, पहले तुम मेरा लंड चूसो, तब मैं तुम्हारी चूत में लंड डालूंगा!

दस सेकंड बाद रूपाली ने बिना कुछ बोले मेरा पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और वह किसी पेशेवर रंडी की तरह मेरे लौड़े की माँ चोदने में लग गई थी.

वह लंड चूसती हुई ‘ह्म्म्म्म …गप शप … आआह …’ करने लगी.

फिर एक मिनट बाद वह बोली- तेरा ये गन्ना तो बहुत अच्छा लग रहा है यार, मुझे पहले भी चूसना चाहिए था … और तुम्हारा लंड कितना बड़ा व मोटा है, मेरे तो मुँह में ही बहुत मुश्किल से आ रहा है!मैं हंस प्रिया.

वह फिर से जोर-जोर से चूसने लगी.

अब मेरे मुँह से निकलने लगा था- आह … रूपाली .. चूस साली … चूस .. मादरचोद आह हाहा … बहुत अच्छा लग रहा है आह.वह बोली- हां भोसड़ी के, अब सही मजा ले रहा है बहन के लौड़े … आह और दे गाली कमीने और चुसवा अपना लंड मादरचोद!

उसने गाली दी तो मैं भी उसे गाली देते हुए उसके मुँह में लंड देने लगा.इसके साथ-साथ मैं भी उसकी चूत और गांड को भी चूसता रहा.

लगभग 5 मिनट के बाद रूपाली मुझसे अलग हुई और बोली- अब नहीं रहा जाता अब लंड डाल दो … प्लीज.

मैंने कहा- आज तुमको मैं एक नया अहसास दूंगा. चलो, घोड़ी बन जाओ.

उसने तिरछी नजर से मेरी ओर देखा, मुस्कुराई और घोड़ी बन गई.फिर बोली- आ जा मेरे घोड़े, अपना लंड लेकर मेरी चूत चोद दे … देख साले, चुत एकदम पानी-पानी हो गई है!

मैंने भी उसकी गोरी चिकनी गांड का मुआयना करते हुए दो चपत लगाईं और लंड एक ही बार में पूरा घुसा प्रिया.

मेरे इस हमले से रूपाली एकदम चौंक उठी- आह … सी … सी … मम्मी … मादरचोद आह साले … आराम से नहीं कर सकते थे क्या?

मैंने भी धीरे-धीरे आगे-पीछे करना शुरू कर प्रिया.

अब बारी थी उसे असली मज़ा देने की. मैंने उसकी कमर पकड़ कर तेज-तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए.रूपाली हर धक्के पर चीख रही थी- आह … ह्य … आह … सी … या … यों … मम्म … ह्य … आह!

मैंने रूपाली के दोनों कूल्हों को पकड़ कर फैलाया और गांड के छेद में ढेर सारा थूक प्रिया.

मेरे इतना करते ही रूपाली उठ खड़ी हुई और बोली- गांड में नहीं ले पाऊंगी, सिर्फ चूत अभी मारो. बहुत तगड़ा लंड है तुम्हारा … इसे गांड में झेल पाना मेरे बस का नहीं है!

मैंने उसे समझाया- गांड में लंड नहीं डालूंगा, सिर्फ तुमको मज़ा देना है. फिर से घोड़ी बनो … चलो जल्दी!

थोड़ी ना-नुकुर के बाद फिर से रूपाली घोड़ी बन गई.मैंने उसी अंदाज में उसकी चूत में लंड पेल प्रिया.

रूपाली फिर से सिहर उठी और बोली- आराम से पेलो न अक्षय, मैं कहीं भागी नहीं जा रही हूँ.

मैं उसकी बात को अनसुना करके अपने काम में लगा रहा.

रूपाली हर धक्के पर चिल्ला रही थी- आह … हा हाहा … आत् … अक्षत … और पेल … फाड़ दो मेरी चूत को … आआह.

मुझे रूपाली को घोड़ी बनाकर चूत मारते हुए दस से ज्यादा मिनट हो चुके थे लेकिन अब उसे गांड चुदाई वाला मज़ा भी देना था.

मैंने उसकी गांड को फैलाकर होल में फिर से ढेर सारा थूक प्रिया और अपने एक हाथ के अंगूठे से उसकी गांड के होल को घिसना शुरू कर प्रिया.

मेरी इस तरह की चुदाई से रूपाली पागल हो गई और बोलने लगी- आह अक्षय ये क्या कर रहे तुम … तुम्हारे इरादे ठीक नहीं लग रहे हैं साले … मादरचोद गांड में लंड डाला न तो मैं तेरी गांड फाड़ दूँगी.

मैं हंस प्रिया और बिना उसकी बात का कोई जबाव दिए उसकी चूत में लंड पेलता रहा.वह हर धक्के पर ‘आह … अह … आह … हा …’ करती जा रही थी.

अगली दो मिनट की चुदाई और गांड पर अंगूठे की घिसाई से रूपाली बह गई और चिल्लाती हुई ‘आ …हम्म्म …’ कहकर निढाल हो गई.

लेकिन मेरा लंड अभी नहीं झड़ा था.मैंने उसे सीधा लिटाकर दो-तीन मिनट और चुदाई की, फिर अपना पूरा वीर्य उसके पेट और नाभि पर गिरा प्रिया.

मैं हांफता हुआ उसके बगल में लेट गया.

वह कुछ देर बाद बोली- मैं समझ रही थी कि तुम मेरी गांड में लंड पेलने के मूड में हो.मैंने कहा- मूड तो था लेकिन मैं रुक गया कि कहीं तुम नाराज न हो जाओ!

वह मेरे सीने को चूमने लगी और बोली- क्या सच में तुमको मेरी गांड चोदने का मन है?मैंने उसके गांड दबाई और कहा- साली, इस मक्खन जैसी गांड को चोदने का जी किसका नहीं करेगा!

वह हंस दी और बोली- चलो आज नहीं लेकिन एक न एक दिन तुमको मेरी गांड चोदने का सुख भी मिलेगा!

हम दोनों नग्न ही चिपक कर लेट गए और सो गए.

दोस्तो, ये थी हमारे और रूपाली के बीच की यादगार चुदाई की कहानी.

अगली सेक्स कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने रूपाली की गांड मारी.लेकिन उसके लिए आपको मुझे मेल करके कहना पड़ेगा तभी तो मैं रूपाली को गांड चुदाई के लिए रेडी करूंगा.

गर्ल गांड लिक स्टोरी में अगर मेरी तरफ से कोई त्रुटि हो गई हो, तो क्षमा प्रार्थी हूँ. आप अपने सुझाव मेरे ईमेल पर जरूर दें.आपका अक्षयsupport@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी
अ

अनिकेत

4 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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