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भाभी की चुदाई पठन समय: 12 मिनट पढ़ा गया: 1,301 बार

जिम में भाभी से दोस्ती के बाद चुदाई

शिवू वर्मा

27 Sep 2025 को प्रकाशित

जिम में भाभी से दोस्ती के बाद चुदाई
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यह बात 6 महीने पहले की है. मैं जहां पर जिम जाता हूं, वह हमारे शहर का प्रसिद्ध जिम है. यहां पर बहुतेरे लड़के लड़कियां आते हैं. बल्कि आप यह समझिये कि इस जिम में लड़के लड़कियों के अलावा सभी आयु वर्ग के लोग आते हैं.

मेरा जिम जाने का समय सुबह 6 बजे से रहता है और उस वक़्त बहुत भीड़ रहती है. उन्हीं लोगों में से एक शीतल भाभी भी आती हैं. वो दिखने में बिल्कुल हॉट और सेक्सी थीं. उनकी उम्र 27 साल की रही होगी. उनको देख कर तो कभी ऐसा नहीं लगता है कि उनको जिम की कोई जरूरत है. उनका मादक फिगर 28-26-30 का है, पर शायद वो अपने शरीर को फिट रखने के लिए जिम आती होंगी.वो अक्सर टाइट टॉप और लैगी पहन आती थीं, जिससे उनका फिगर बिल्कुल साफ झलकता था. इसी कारण जिम के सभी लड़कों की नज़र शीतल भाभी पर रहती थी.

एक दिन वो मशीन में बैठ कर शोल्डर की एक्सरसाइज कर रही थीं और मैं लगातार उनको घूर रहा था. तभी उनकी नज़र मुझ पर पड़ी, तो मैंने अपनी नज़र उन पर से हटा ली. मेरी इस हरकत पर मुझे शर्म आ रही थी.

फिर जिम खत्म होने के बाद जब वो बाहर निकल रही थीं, तब मैं उनके पास गया और उनको सॉरी बोला.शीतल भाभी ने मुझसे कहा- कोई बात नहीं, ठीक है.फिर मैंने शीतल भाभी से कहा- मेरा दोष इसलिए कम है क्योंकि आप बहुत हॉट हो.इस बात पर वो सिर्फ मुस्कुरा कर चली गईं. उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा.

उनके इस व्यवहार से मुझे बड़ी राहत सी मिली और मेरे मन से एक अपराध बोध उतर गया.

इसके बाद से हम दोनों के बीच थोड़ी बहुत बातें होने लगीं. मैं उनको हरदम कॉम्पलिमेंट देता रहता था, जैसे कि आप बहुत हॉट, सेक्सी और अट्रैक्टिव हो. शायद उनको ये सब सुनना बहुत अच्छा लगता था इसीलिए उन्होंने मुझे कभी कोई उलाहना या शिकायत नहीं की.

एक दिन मैं जिम जल्दी पहुँच गया, तो मैंने देखा कि शीतल भाभी भी जिम के बाहर अकेली खड़ी हुई थीं. जिम अभी खुला नहीं था. मैं तुरंत उनके पास पहुँच गया और मैंने उनको गुड मॉर्निंग विश किया.मैंने उनसे जल्दी आने का कारण पूछा, तो शीतल भाभी ने बताया कि मेरे पति एक बिज़नेसमैन हैं और वो कल रात से बिज़नेस के सिलसिले में 15 दिनों के लिए बाहर गए हैं. इसलिए आज मेरी नींद जल्दी खुल गयी और मैं जिम आ गयी.

कुछ देर यूं ही मेरी भाभी से बातचीत होती रही तभी जिम खुल गया और हम दोनों वर्क आउट करने लगे.

इसी तरह गाहे बगाहे मेरी उनसे बातचीत होने लगी और उनसे मेरी अच्छी दोस्ती हो गयी. अब हम जिम खत्म होने के बाद काफी देर तक बातें करते रहते थे. हामरी बातों में अब जिम से हटकर इधर उधर की बातें भी होने लगी थीं. हल्के फुल्के जोक्स भी चलने लगे थे.

एक दिन शीतल भाभी ने मुझसे कहा- तुम शाम को फ्री हो क्या?तो मैंने उन्हें झट से हां बोल प्रिया. शीतल भाभी ने मुझे अपने घर का पता प्रिया और कहा कि शाम को 6 बजे आ जाना, मुझको घर में कुछ काम है.

मैं शाम को तैयार हो कर उनके बताए हुए पते पर पहुँचा, तो उनका घर तो देखने में किसी महल के जैसा दिख रहा था.मैंने उनके घर की घंटी बजाई, तो दो मिनट बाद वो गेट पर आ गईं.

भाभी को आज देख कर मेरी तो आह ही निकल गई ‘उफ्फ्फ …’ सच में मैं तो उनको देखता ही रह गया. नीली साड़ी और लाल लिपिस्टिक में वो क्या क़यामत दिख रही थीं. दोस्तो, मैं बता नहीं सकता हूँ, पर गारंटी के साथ कह रहा हूँ कि शीतल भाभी को इस अवतार में देख कर किसी बूढ़े का भी लंड खड़ा हो जाता. मेरा भी 7 इंच का लंड अब सलामी देने लगा था.

तभी शीतल भाभी की मीनूर आवाज ने मेरा सुंदर सपना तोड़ कर भंग कर प्रिया. शीतल भाभी कहने लगीं- यहीं खड़े रहकर ही मुझको देखते रहोगे या अन्दर भी आओगे.मैंने कहा- भाभी जी, आज पहली बार आपको साड़ी में देखा है ना, इसलिए मेरी नज़र आपसे हट नहीं पाई.भाभी ने कहा- क्यों.. मैं साड़ी में अच्छी नहीं लग रही हूँ?मैंने कहा- आप तो साड़ी में और भी ज्यादा हॉट और सेक्सी दिख रही हो.तभी शीतल भाभी ने भी झट से कह प्रिया- हां, वो तो तुम्हारी जीन्स को देख कर लग ही रहा है.

शीतल भाभी के मुँह से यह बात सुन कर मुझे लगा कि जरूर भाभी के मन में कुछ है. अब मैं खुद जानबूझकर शीतल भाभी में इंटरेस्ट लेने लगा. फिर शीतल भाभी ने मुझे अन्दर हॉल में सोफे पर बैठाया और मेरे से पूछने लगीं- क्या लोगे?मैंने कहा- अभी तो फिलहाल पानी से काम चला लूंगा.

वो पानी लेने अन्दर किचन में चली लगीं. जब वो चल कर जा रही थीं, तो उनकी गांड एकदम ऐसे मटक रही थी, जैसे दो बॉल आपस में हिल रही हों. मैं तो यह देख कर एकदम से गर्म हो गया.फिर भाभी पानी लाकर मेरे पास आकर बैठ गईं और हम दोनों बातें करने लगे.

शीतल भाभी ने मुझसे पूछा कि तुमने मुझसे तो मेरे बारे में सब पूछ लिया, पर अपने बारे में कुछ नहीं बताया.मैंने कहा- मैं तो अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रहा हूँ.इस पर उन्होंने कहा- फिर तो तेरे दोस्त भी बहुत होंगे.मैं- हां है ना!भाभी- लड़के या लड़कियां भी हैं?मैं- दोनों.भाभी- फिर तो प्रवीण, तेरी गर्लफ्रैंड भी होगी.मैंने शर्माकर कहा- नहीं भाभी सिर्फ लड़के दोस्त हैं और वैसे भी मुझे लड़कियों से ज्यादा भाभियों में इंटरेस्ट रहता है. खासकर आप जैसी भाभी में.मैंने बातों को आगे बढ़ाते हुए कह प्रिया.

भाभी- क्यों प्रवीण, मुझमें ऐसा क्या है?मैं- क्योंकि भाभी आप का फिगर मुझे बहुत अच्छा लगता है और आप तो बहुत हॉट एंड सेक्सी हो, मेरा तो मन करता है कि आपकी किस ले लूँ.भाभी- हां तो ले लो ना प्रवीण, मैंने तुम्हें मना ही कहां किया है. वैसे भी तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो. मैं खुद तुमसे यह बात बहुत दिनों से बताना चाहती थी.

मैं भाभी की तरफ से हरी झंड़ी पाकर एकदम खुश हो गया और उन्हें झट से पकड़ कर वहीं सोफे पर किस करने लगा. भाभी ने भी मुझे किस करते हुए जोरों से जकड़ लिया. भाभी मेरा पूरा साथ दे रही थीं. मैं उनके रसीले होंठों को आम की तरह चूस रहा था और भाभी मेरी जीभ चूस कर मज़े ले रही थीं.

अब मैं अपने हाथों से भाभी की गर्दन को सहलाते हुए उनके मम्मे दबाने लगा. दोस्तों उनके मम्मे बिल्कुल फोम जैसे मुलायम थे. मैं तो बस अपने हाथों से उनके मम्मे पूरी मस्ती में दबाए जा रहा था.भाभी इस दौरान अपने मुँह से ‘आहआह आह उम्म्ह… अहह… हय… याह… उफ्फ उफ उफ्फ जोर से.. और जोर से..’ की आवाजें निकालने लगी थीं.

कुछ ही देर में हम दोनों की चुदास बढ़ गई थी. तो भाभी ने मुझसे बोला- चलो अन्दर रूम में चलते हैं.

मैंने भी हां कहकर उनको गोद में उठाकर उनसे पूछते हुए उनके रूम में ले गया और वहां जाकर मैंने उनको बिस्तर पर गिराते हुए झट से उनके ऊपर चढ़ गया. शायद वो मेरे इस हमले के लिए पहले से ही तैयार थीं. भाभी ने अपनी बांहें पसार मुझे अपने आगोश में भर लिया. हम दोनों चूमाचाटी में गुत्थम गुत्था हो गए. हमारी जीभें एक दूसरे के मुँह में एक दूसरे के रस का मजा लेने लगी थीं. इससे हम दोनों की वासना भड़कने लगी थी.

इसके बाद मैंने उनकी झट से पूरी साड़ी खोल दी. फिर ब्लाउज पेटिकोट भी उतार प्रिया. शीतल भाभी ने अन्दर ब्लैक कलर की ब्रा और पैंटी पहनी थी, जो उनके गोरे बदन पर कयामत ढा रही थी.मुझे इस वक्त शीतल भाभी एक पोर्न एक्ट्रेस सी लग रही थीं, जो अनायास ही मेरे लंड के नसीब में आ गई थीं.दोस्तो, अपने इस मादक रूप में तो शीतल भाभी पूरी कामुकता की कोई देवी लग रही थीं.

मैंने किस कुत्ते की तरह पहले तो उनके पूरे जिस्म को अच्छी तरह से नाक से सूँघा, फिर अपनी जीभ से उनके पूरे जिस्म को चाटने लगा था.शीतल भाभी मेरी इस हरकत पर एकदम से मचल उठी थीं. वे अपनी बांहों के घेरे में मुझे लेने की बार बार कोशिश कर रही थीं. लेकिन मैं उनके शरीर को हर तरह से अपनी सांसों और निगाहों में बसा लेना चाहता था.

आखिर में शीतल भाभी ने कहा- तुमने तो मेरा पूरा जिस्म देख लिया, अब तुम भी तो अपने कपड़े उतारो.शीतल भाभी की इस बात से मैं भी रूमानी हो गया और उनको चूमते हुए बोला- भाभी आप ही उतार दो ना.शीतल भाभी ने झट से मेरे पूरे कपड़े खोल कर मेरा 7 इंच का लंड बाहर निकाल प्रिया. मैंने उनके सामने जैसे ही अपना मूसल लंड लहराया. शीतल भाभी ने एकदम से मेरे लंड को लपक कर पकड़ लिया और उसे अपने मुँह में लेकर चूसने लगीं.

मैंने भी शीतल भाभी की ब्रा-पेंटी उतार कर उनको पूरी नंगी कर प्रिया. अब हम 69 पोजीशन में आ गए. मैं उनकी चूत चूस रहा था और वो मेरे लंड को मुँह में लेकर चूस रही थीं. भाभी ने मेरा लंड चूस चूस कर पूरा लाल कर प्रिया था.फिर भाभी ने मुझ से कहा- प्रवीण अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है, प्लीज मुझे जल्दी से चोद दो.मैंने भी कहा- हां मेरी शीतल रंडी … अब मुझे भी आपकी बुर फाड़नी है.

यह सुन कर वो हवस से मुस्कुराने लगीं और उन्होंने अपनी टांगें किसी रंडी की तरह ही खोल दीं. मैंने भी बिना देर किए उनकी बुर में अपना पूरा 7 इंच का लंड घुसेड़ प्रिया. एकदम से लंड पेलने से शीतल भाभी की आह निकल गई. लेकिन जिम में जाने के कारण उनके लचीले जिस्म ने मेरे लंड को अपनी चूत में अन्दर तक आराम से चले जाने प्रिया.

मैं शीतल भाभी को धकापेल चोदने लगा. वो भी गांड उठा-उठा कर मज़े से चुदवाने लगीं. मैंने उनको बड़ी बेदर्दी से काफी देर तक चोदा. इस बीच शीतल भाभी दो बार झड़ चुकी थीं. लेकिन शीतल भाभी कमाल की स्टेमिना थी. वे झड़ने के एक दो मिनट बाद ही फिर से मेरा साथ देने लगती थीं.

हम दोनों ने इस पूरी चुदाई के दौरान पोजीशन बदल-बदल कर सेक्स का मजा लिया था.

एक बार हम दोनों के तृप्त हो जाने के बाद हम दोनों लिपट कर लेटे रहे. इसके बाद मानो हमारा मन भरा ही नहीं था. फिर से अभिसार का दौर शुरू हो गया. इस तरह हम दोनों ने अपनी पूरी दम भर सेक्स किया. करीब 2 घंटे में चार बार चुदाई का मजा लिया. फिर उसके बाद हम दोनों एक साथ नहाये और मैं अपने घर चला आया.

इसके बाद जब तक शीतल भाभी के पति अपनी बिजनेस ट्रिप से वापस लौट कर नहीं आ गए, मैं शीतल भाभी को रोज़ चोदता रहा.

शीतल भाभी की चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी, इस पर आप मुझे जरूर अपनी राय दें. धन्यवादsupport@mohakkisse.com

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