होम पर वापस जाएं
रंडी की चुदाई / जिगोलो पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,213 बार

माया मेमसाब की मालिश और चुदाई

shypennis

17 Jan 2011 को प्रकाशित

माया मेमसाब की मालिश और चुदाई
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

प्रेषक : समीर

कहानी से पहले मैं अपना परिचय दे दूँ, मेरा नाम समीर है, इन्दौर का रहने वाला हूँ। मैं पहले एक मसाज पार्लर में काम करता था, अब मैं कॉल सेंटर में जॉब करता हूँ।

अब मैं कहानी पर आता हूँ, आपको बता दूँ कि मैं कॉल सेंटर से छुट्टी के बाद कभी पुरानी ग्राहक के यहाँ से अगर कॉल आ जाए तो चला जाता हूँ।

एक दिन में डे शिफ्ट में काम के बाद घर के लिए निकला तो मैंने फ़ोन ऑन किया ही था कि एक मेसेज आया- कॉल मी !

मैंने कॉल किया तो दबी हुई सी आवाज़ में एक महिला की आवाज़ थी- हेलो समीर?

मैंने कहा- हाँ, पर आप कौन?

वहाँ से आवाज़ आई- मेरा नाम माया (बदला हुआ नाम) है। मैं भोपाल मैं रहती हूँ, मेरी एक सहेली से आपका मोबाइल नंबर मिला। क्या आप भोपाल आ सकते हैं एक मीटिंग के लिए?

मैंने कहा- मैडम, मैं इन्दौर में रहता हूँ, मैं सिर्फ़ रविवार को ही फ्री रहता हूँ, अगर आप कहें तो मैं उस दिन आ जाऊँगा।

तो वो बोली- नहीं, उस दिन मेरे पति घर पर रहेंगे, आप कल आ जाओ…

मैंने कहा- आप मेरे अकाउंट में एक हजार रुपये एडवाँस के तौर पर जमा करवा दीजिए, मैं फिर निकलता हूँ।

आधे घंटे बाद उसका फोन आया करीब चार बजे- आप अकाउंट चेक कर लीजिए। मैंने पैसे जमा करा दिए है।

मैंने कहा- ठीक है, मैं रात में निकलता हूँ सुबह सात बजे तक पहुँच जाऊँगा, आप मुझे लेने आ जाना।

मैं सुबह पहुँचा तो वो अपनी कार में मुझे लेने आई थी। उसने कार का नंबर बता प्रिया था तो मुझे पहचानने में कोई परेशानी नहीं हुई। मैं कार में बैठा और उसके साथ चला गया… माया ने काले रंग का सूट पहना हुआ था, उसमें वो गजब की सेक्सी लग रही थी।

घर जाकर मैंने हाथ-मुँह धोए और तब तक माया चाय बना लाई।

हम दोनों चाय पी रहे थे, अचानक उसने मुझसे पूछा- तुम मुझे क्या क्या सेवाएँ दोगे? सिर्फ़ मालिश करोगे या और भी कुछ?

तो मैंने कहा- मैडम, मैं आपकी सेवा करने आया हूँ, जैसी आप चाहेंगी…

उसने मुझे बताया कि उसके पति में कुछ कमज़ोरी की वजह से उनकी सेक्स लाइफ खत्म हो गई है…

मैंने कहा- मैडम, आप निश्चिंत रहिए, मैं आपको संतुष्ट कर दूँगा…

यह भी पढ़ें (Recommended)

चूत की सील टूटने का अहसास

तभी वो बोली- अब जल्दी करो, नहीं तो मेरे बेटा आ जाएगा, वो 12 बजे तक आता है स्कूल से…

मैं माया के साथ उसके बेडरूम में गया, मैंने उसे अपने पास खींचा और उसे चूमने लगा तो वो बह्त जल्दी उत्तेजित हो गई और उसने मुझे कस के पकड़ लिया… हम दोनों एक दूसरे को चूम रहे थे… मैं उसके स्तन भी दबा रहा था…

तभी वो बोली- क्या मेरी मालिश करोगे…?

मैंने कहा- क्यूँ नहीं…

मैंने कहा- कपड़े उतारने पड़ेंगे…उसने पैंटी छोड़कर सारे कपड़े उतार दिए, मैंने भी अपने कपड़े उतारे और पैरों से मालिश चालू की।

मालिश करते करते मैंने उसकी जाँघों पर से हाथ फेरते हुए उसके सीने पर हाथ फेरने लगा, वो उत्तेजित होकर सीत्कार भरने लगी। फिर मैंने उसे पलटकर लेटने को कहा और गर्दन से मालिश चालू की। गर्दन, पीठ पर मालिश करते करते मैं माया के नितम्बों तक पहुँच गया… और धीरे धीरे उसके चूतड़ सहलाते हुए उसकी गाण्ड की दरार में उंगली फ़िराते हुए उसकी चूत हाथ फेर प्रिया…

वो चीख उठी, बोली- समीर, अब रहा नहीं जा रहा…

और उसने सीधे होकर मुझे चूमना चालू किया और चूमते हुए मेरे ऊपर चढ़ कर बैठ गई, मेरे सीने पर चुम्बन करते हुए मेरे लंड को मुँह में भर लिया ओर चूसने लगी। वो उसे पागलों की तरह चूस रही थी।

थोड़ी देर बाद मैंने बोला- माया, मैं झरने वाला हूँ !

मैंने अपना सारा वीर्य उसके मुँह में निकाल प्रिया और वो पागलों की तरह मेरे लंड को चूस रही थी… चाट चाट कर उसने पूरा लौड़ा साफ कर प्रिया..

तब मैंने उसे लिटा प्रिया और उसकी जांघों को किस करने लगा। उसकी चूत से पानी निकल रहा था, में उसे चाटने लगा, वो मेरे बालों को पकड़े हुए ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी, वो बोली- अब रहा नहीं जाता, प्लीज़ कुछ करो ना… अब तो अंदर कर दो…

मैंने उसे घोड़ी बनाया और अंदर डाल प्रिया, अभी मैंने सिर्फ़ लंड के आगे का भाग ही डाला था कि उसकी चीख निकल गई…

एक बच्चे की माँ होने के बाद भी उसकी चूत में कसावट थी ओर स्तन भी बड़े बड़े थे… मैंने थोड़ा रुककर फिर थोड़ा दबाव बनाया और धीरे धीरे अपना पूरा 7 इंच का लंड उसकी चूत में घुसा प्रिया और धक्कम पेल करने लगा… हर धक्के पर माया कुछ अलग ही मज़ा दे रही थी… माया के साथ अलग अलग तरह से सेक्स किया और उसे पूरी तरह संतुष्ट किया।

उसका पति रात को आने वाला नहीं था तो उसने मुझे बोला- अभी तुम होटल में रुक जाओ, तुम रात को आ जाना। मैं बच्चे को सुला दूँगी तब तक…

मैं ‘ठीक है।’ बोल कर होटल चला आया…

कहानी कैसी लगी बताना…

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

एक उपहार ऐसा भी- 15
रंडी की चुदाई / जिगोलो

एक उपहार ऐसा भी- 15

नमस्कार दोस्तो, आपके मेल मत मुझे प्राप्त हो रहे हैं, यथा संभव मैं सभी का जवाब भी दे रहा हूँ … समर्थन और सुझाव के लिए मैं आप सभी का आभारी हूँ.

12 मिनट 1,417
दशहरा पर स्ट्रिप-डान्स-2
रंडी की चुदाई / जिगोलो

दशहरा पर स्ट्रिप-डान्स-2

Dashehra par Strip Dance-2हमारे सभी आदरणीय पाठकों को नमस्कार। अब तक आपने पढ़ा कि मैंने रात को नेहा और उसकी सहेलियों के सामने नग्न होकर डान्स किया और फिर बाद में नेहा के साथ उसके कमरे में रह कर उसकी चूत की आग को ठंडा किया।अब आगे।

5 मिनट 1,077
चूत की सील टूटने का अहसास
रंडी की चुदाई / जिगोलो

चूत की सील टूटने का अहसास

मेरा नाम राज किशोर है.. मैं फतेहाबाद हरियाणा में रहता हूँ। वैसे तो मैं एक इंजीनियर हूँ.. पर ज़्यादा पैसे कमाने के लिए बॉडी मसाज भी करता हूँ।

6 मिनट 520

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।