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रिश्तों में चुदाई पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 546 बार

सास के साथ मस्ती

राज कुमार 16

26 Jun 2011 को प्रकाशित

सास के साथ मस्ती
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मेरा नाम राज है और मैं 28 साल का हूँ, दिल्ली का रहने वाला हूँ, मेरी शादी को हुए दो साल हो गए है, मेरी सास 36 साल की एकदम जवान औरत है, बहुत सेक्सी है, मेरा तो उसे देखते ही खड़ा हो जाता है। मैं हमेशा उसकी फोटो देख के मुठ मारता हूँ, मैं हमेशा उसको देखता रहता था, हमेशा उसको चोदना चाहता था, उसके मुँह पर मुठ मारने का मन करता था।

बात उन दिनों की है जब मेरे सास हमारे यहाँ रहने आई क्योंकि मेरे बीवी की तबीयत ख़राब रहती थी, मैं बहुत खुश हो गया। जब वो नहाने जाती तो नहाने के बाद मैं तुरन्त नहाने चला जाता था ताकि वो आपने कपडे नहीं धो पाए। उसके गीले कपड़ों में मैं ब्रा और पैंटी खोजता और मैं उसकी गीली पैंटी को सूंघता और उसको मुँह में डाल कर चूस लेता। मैं दोनों पर खूब मुठ मरता था, जब वो सोती थी तो अकसर उसकी साड़ी उठ जाती थी और मैं उसकी फोटो ले लेता था। इस तरह मुझे बहुत मजा आने लगा, फिर क्या, मैं उसको चोदना चाहता था।

और आखिर वो दिन आ गया, एक दिन मेरे बीवी अपने छोटे भाई जो सात साल का है उसे लेकर पार्क में घूमने चली गई, मैं और मेरी सास घर पर अकेले थे। मैं बिस्तर पर बैठ कर लैपटॉप पर काम कर रहा था। इतने में मेरी सास मेरे पास आकर बिस्तर के ऊपर खड़ी हो गई और अपनी साड़ी उठा कर मेरे मुँह पर ढक कर बोली- ले चाट ले अपनी सास की बुर ! यही चाहते थे न तुम ?

मेरी कुछ समझ में नहीं आया।

साड़ी के अंदर बिल्कुल अँधेरा था।

वह बोली- क्या मुझे नहीं पता कि तुझे क्या चाहिये !

मैं उठा और अलग हो गया।

वो बोली- क्यों ? अपनी सास की बुर नहीं चाटनी?

मैंने उसे बिस्तर पर लिटा प्रिया, साड़ी खोल दी और पेटीकोट के अंदर घुस गया। उसकी जाघें बहुत मोटी और मस्त थी।

फिर मैंने उसकी पैंटी सूंघी, क्या खुशबू थी ! फिर मैं उसकी पैंटी को चाटने लगा।

मैंने पूछा- आपको कैसे पता चला कि मुझे क्या चाहिए?

बोली- साले ! हमेशा मुझे घूरते रहते हो ! मेरे नहाने के बाद तुरंत नहाने चले जाते हो ! मेरी पैंटी और ब्रा पर मुठ मारते हो और पूछते हो कैसे पता चला? पैंटी धोते समय मुझे पता चल गया।

बोली- क्या मैं तुम्हें इतनी अच्छी लगती हूँ?

मैंने कहा- बहुत अच्छी !

चोदना चाहते हो मुझ को?

मैंने कहा- हां ! बहुत दिनों से !

बोली- आजा राजा चोद दे अपनी सास को !

मैं पागल सा हो गया। मैंने पेटीकोट खोल प्रिया, अब वो सिर्फ पैंटी और ब्लाउज मैं थी, मैंने पैंटी के अन्दर हाथ डाल प्रिया और पैंटी निकाल दी और मुँह में लेकर चूसने लगा।

वह बोली- पैंटी से बहुत खेल चुके ! अब बुर से खेलो !

क्या लाल बुर थी साली की ! और थोड़े थोड़े बाल थे ! मस्त सेक्सी लग रही थी।

मैंने अपना मुँह उसकी बुर पर रख प्रिया और चाटना शुरु कर प्रिया। वो सिसकारिययाँ लेने लगी- और चाट साले, पीले अपनी सास की बुर !

मैं लगातार बुर चाटता रहा।

इतने में बोली- मुझे पेशाब करना है !

मैंने कहा- रुको ! मेरे मुँह में करो !

वो बोली- क्यों ?

मैंने कहा- मैं पी लूँगा !

वो बोली- साले, मेरा पेशाब पीयोगे?

मैंने कहा- हाँ, मैं बुर के पास मुँह रखता हूँ, तुम करो !

उसने पेशाब करना शुरु किया, मैं पूरा पेशाब पी गया और कहा- मज़ा आ गया !

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वो बोली- कैसा था ?

मैंने कहा- बहुत स्वादिष्ट !

मैंने उसकी बुर चाट कर साफ कर दी और उसमें उंगली डाल कर हिलाने लगा। फिर मैंने उसकी गांड को चाटना शुरु किया। क्या गांड थी साली की ! पर छेद बहुत छोटा था, शायद कोरी गांड थी ! मैंने उसकी गांड पूरी चाट ली।

वो बोली- नीचे ही लगा रहेगा या ऊपर भी आएगा ?

उसके काले ब्लाउज से सफेद ब्रा साफ़ दिख रही थी। मुझे ब्लाउज के ऊपर से ब्रा देखने में बहुत अच्छा लगता है, मैं ब्लाउज के ऊपर से ब्रा छूने लगा और फिर ब्लाउज खोल प्रिया और ब्रा के ऊपर से चूचियों को दबाने लगा।

क्या बड़ी-बड़ी चूचियाँ थी साली की !

फिर मैंने ब्रा खोल दी और चूचियों को मुँह में ले लिया और खूब चूसा। वो बहुत मज़े ले रही थी मस्त-मस्त गालियाँ दी रही थी।

मैंने अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए और जीभ उसके मुँह में डाल दी।

वो बोली- चलो, अब जल्दी से चोद दो !

मैंने कहा- पहले लण्ड तो चूस लो !

बोली- ला दे !

और मेरा लण्ड चूसने लगी। मै अपना लण्ड उसके मुँह में आगे-पीछे करने लगा।

अब मुझे नहीं रहा गया, मेरा लंड साप की तरह फ़ुन्कारें मार रहा था, मैंने लंड उसकी बुर पर रखा और धीरे-धीरे पूरा लण्ड अपनी सास की बुर में पेल प्रिया।

वो जोर से चीखी और बोली- हरामी, धीरे से !

मैंने अपना लण्ड उसकी बुर में आगे-पीछे करना शुरु किया। वो भी मस्त होकर गाण्ड उठा-उठा कर चुदवा रही थी और गालियाँ दे रही थी- चोद दे हरामी अपनी सास को ! फ़ाड़ दे मेरी बुर !

मैंने स्पीड बढ़ा दी और कहा- कुछ देर में मेरा गिरने वाला है ! जल्दी मुँह खोलो !

और सारा माल मैंने उसके मुँह में डाल प्रिया और कुछ उसके चेहरे पर फ़ैला प्रिया और सारा माल पिलाया।

मैंने पूछा- मज़ा आया?

वो बोली- बहुत मज़ा आया !

उसने कहा- मेरे गांड मारेगा ?

मैंने कहा- हाँ !

पर काफी देर हो गई थी, हमें डर था कि कहीं मेरे बीवी न आ जाये !

वो बोली- ठीक है ! अगली बार !

गाण्ड की कहानी अगले भाग में !

अब क्या, जब भी मौका मिलता मैं अपनी सास को खूब चोदता हूँ और वो भी बड़े मज़े से चुदवाती है।

मेरी कहानी कैसे लगी, जरूर बताना।

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