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Behan Ki Chudai • पठन समय: 12 मिनट • पढ़ा गया: 1,322 बार

गांव के लड़कों ने छोटी बहन काव्या को अपने जाल में फंसाया-1(Gaon ke ladkon ne chhoti behan Kavya ko apne jaal mein fasaya-1)

rajukavya

18 Sep 2024 को प्रकाशित

गांव के लड़कों ने छोटी बहन काव्या को अपने जाल में फंसाया-1(Gaon ke ladkon ne chhoti behan Kavya ko apne jaal mein fasaya-1)
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आशा है आपने पिछली सेक्स कहानी “पुराने खंडहर में काव्या की ताबड़तोड़ चुदाई” पढ़ ली होगी और आपको ये जरूर पता चल गया होगा कि कालेज से घर आते वक्त टैक्सी ड्राइवर और भाई के दुश्मन गज्जू ने खंडहर के पीछे काव्या को खूब चोदा और उसकी सील तोड़ दी थी। फिर गांड में अपना लंड देकर गांड की बैंड बजा दी थी। फिर दूसरे दिन काव्या के पास उसकी नंगी फोटो के साथ एक अंजान मैसेज आता है कि कल शाम 3 बजे तक वो खेत खलिहान के पास बने ट्यूबवेल पर आकर मिले।

मैसेज आने से काव्या के मन में डर था कि वो फोटो कहीं किसी और को ना भेज दे। इसलिए उसने बोल प्रिया था कि ठीक है मैं आकर आपसे मिलती हूं। फिर दूसरे दिन मन में बहुत सारे प्रश्न लिए वो चुप-चाप खेत खलिहान की तरफ बढ़ती जा रही थी। आखिर कौन था जो उसके फोन पर मैसेज करके उसे ट्यूबवेल पर आने को बोला था। मन में बहुत सारी उलझने थी पर वो जल्दी जल्दी कदम बढ़ाए चली जा रही थी।

क्यूंकि शाम भी होने वाली थी, सूरज डूबने को था। उसके दिमाग में यही चल रहा था कि जल्द से जल्द घर भी लौटना था, ताकि घर वाले परेशान ना हों। ऐसा सोचते-सोचते वो जब ट्यूबवेल के पास पहुंची, तो वहां पर उसे कोई नहीं दिखा। तो वो थोड़ा राहत की सांस ली।

पर जब वो लौटने लगी तो पीछे से आवाज आई, “कहां चली छम्मक छल्लो, मेरी काव्या डार्लिंग। तुम्हारी जवानी उछाल मार रही है, और तुम हमसे मिले बिना ही लौटी जा रही हो।” वो पीछे मुड़ कर देखी तो वो हैरान थी कि ये तो वही सोनू भैया था, जो आज से दो साल पहले रास्ते में एक बार कमेन्ट बाजी कर रहे थे, तो गज्जू आकर डांटा था उसको। और फिर गज्जू घर पर ले जाकर काव्या को छोड़ा था।

आपको सोनू भैया के बारे में बता दूं। तो वो बहुत ही भारी भरकम कद वाले काले-कलूटे आदमी थे। वो शरीर से बहुत बलशाली थे। उनकी उम्र 30 वर्ष थी। उनकी हाईट 6 फीट के आस-पास थी। उनका वजन करीब 90 किलोग्राम था। संक्षेप में कहूं तो वो अगर कच्ची कली जैसे कालेज जाने वाली लड़की पर चढ़ जाएं, तो उस लड़की की शामत आ जाए। उन्हें बात-बात में शायरी करने की आदत थी। गांव के बड़े बुजुर्गो के बीच उनकी बहुत बनती थी। वो अपनी शायरी से लोगों को प्रभावित करके रखते थे। जो उनकी शायरी सुनता वो दंग ही रह जाता।

उन्होंने अपनी डायरी में चुदाई पर बहुत शायरी लिखी थी। जितनी लड़कियों को चोदते, अपनी डायरी में उसके नाम के साथ, वो शायरी लिख देते थे, जो बुजुर्गों को बहुत मजा देती थी। वो जब भी कोई लड़की चोदने जाते, तो लड़की की चूत उनकी शायरी से ही गीली हो जाती थी। कुछ ऐसा ही हुआ छोटी बहन काव्या के साथ। उनकी कुछ शायरी की झलक आपको इस कहानी में भी मिलेगी। जो उन्होने काव्या की चुदाई से पहले और चोदते समय बोले थे।

जब सोनू ने काव्या को बुलाया तो वो जैसे पीछे मुड़ी, वो दंग रह गयी। वो कुछ बोलती, तभी सोनू भैया बोले, “अरे बेबी, आ जाओ। कहां जा रही हो? मेरे पास आओ।”

काव्या ने पूछा, “आपने ही वो फोटो भेजी थी?” तो सोनू बोला, “हां, कोई शक? वैसे मस्त लंड चूसती हो तुम। आ जाओ मेरा भी लंड चूस कर साफ कर दो, और मुझे भी अपनी जवानी दिखाओ कैसे चुदती हो।”

काव्या बोली, “प्लीज ऐसा ना करो आप। मैं अच्छी लड़की हूं, प्लीज।”

इतना सुनते ही सोनू बोला: साली रंडी छिनाल! जब गज्जू के लंड पर कूद रही थी तब तेरे अन्दर की अच्छी लड़की कहां मर गई थी? चल अब आ जा अब देर मत कर साली कुतिया।

काव्या: नहीं, वो तो मुझसे प्यार करता था।

ये कह ही रही थी तब तक सोनू बोला, “तुम मौका तो दो। मैं भी तुमसे प्यार कर लूंगा।”

इतना कहते हुए सोनू काव्या की तरफ आगे बढ़ा और काव्या के सामने आ गया।

काव्या: भैया मुझे जाने दो ना।

सोनू: मैं कौन सा रोक रहा हूं, चली जाना। पर मुझे अपने दर्शन तो करा दो।

काव्या: आप किसकी बात कर रहे हैं?

सोनू: अरे वहीं तुम्हारी भरी हुई चूचियां और कद्दू जैसे गांड। दिखा दो मैं कुछ करूंगा नहीं।

काव्या: किसी और दिन भैया, आज रहने दो।

सोनू: मुझे आज ही देखना है। चुदाई बाद में कर लेंगे। पर मुझे देखना आज ही है।

सोनू जानता था कि एक बार ये नंगी हो गयी तो इसको चोद कर ही मानूंगा। पर अभी तो काव्या को जाल में फंसाना था। और ऐसे कहते-कहते उसने काव्या को अपनी बातों में फंसा लिया।

काव्या को देख सोनू का लंड खड़ा हो चुका था। वो पैन्ट के अन्दर ही तम्बू बन चुका था। आखिर होता क्यूं नहीं, आज काव्या लग ही ऐसी रही थी। क्यूंकि काव्या ने आज लाल रंग की कुर्ती और ब्लू जींस पहन रखी थी। जिसमें काव्या की गदराई मदमस्त जवानी छलक रही थी।

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काव्या के उभारों को देख सोनू की नीयत बिगड़ ही रही थी। तभी सोनू ने काव्या की चौड़ी कमर देखी तो वो अपने आप के काबू में नहीं रहा, और तुरन्त काव्या पर झपट पड़ा और बोला-

सोनू: काव्या मेरी जान, तुम बहुत सेक्सी लग रही हो। तुम्हारी ये चमकती आंखो में खो जाने का मन कर रहा है। तुम्हारे होंठ रसीले मुझे तरसा रहे हैं। तुम्हारी चौड़ी कमर और गठीले बदन मेरे अन्दर के शैतान को भड़का रहे हैं। चलो अब खोल दो मेरी जान। कहते हुए शायरी बोला-“तेरे होठ हैं रसीले, तेरे आंख चमकीले। तेरे बदन गठीले, तेरे चूचे रसीले।” तुम्हारी चौड़ी कमर को देख तुझे बजाने का मन कर रहा है। तुम्हारी चुदाई से पहले ही तुम्हारी चीख मेरे कानो में बज रहा है।

इतना कहते हुए वो काव्या को अपने बाहों में भर लेता है, और काव्या के होठों पर अपना होंठ रख देता है। जिस वजह से काव्या की धड़कन बहुत तेज चल रही थी, और दूध ऊपर-नीचे हो रहे थे, जिसको एहसास कर सोनू का लंड और टाईट होने लगा और फिर काव्या की चूत और गांड के बीच अपनी गर्मी का एहसास कपड़े के ऊपर से ही कराने लगा।

काव्या को लगातार चूमते चूमते वो उसके दूधों को भी ऊपर से ही मसलने लगा। काव्या उहहहहह आहहह सीईईईईईईई अइइईईईईई की आवाज निकालने लगी, पर सोनू बिना किसी झिझक के काव्या को अपनी बाहों में लेकर ट्यूबवेल के बगल सरसो के खेत में ले जाकर पटक प्रिया और काव्या के ऊपर चढ़ गया। फिर उसे चूमने लगा। और फिर एक ही झटके में जल्दी से काव्या के जींस के बटन को खोल प्रिया, और कुर्ती को भी ऊपर करते हुए बोला।

तोहार कुर्ती उठाई देब अपने होंठ से, तोहार चूत चटाई हमरे लंड से।तोहार कुर्ती बहुत लाईट बिया, और जींस बहुत टाईट बिया।

ये सब कहते हुए काव्या के जीन्स और कुर्ती को निकाल कर बगल रख प्रिया, और जैसे ही काव्या को बिना कुर्ती और जीन्स के सोनू देखा, उसकी आंखों में चमक सी आ गई। क्यूंकि काव्या एक-दम दूध सी सफेद थी। उसकी मोटी मांसल जांघ देख कर सोनू पिघल सा गया, और ऊपर से पतली कमर और उस पर बगलें काला तिल देख कर वो पागल सा हो गया और फिर शायरी मारता है।

तेरे कमर बहुत हैं पतले, पर चूतड़ हैं कितने बड़े। तेरी गदराई है जवानी, तू चीज बड़ी मस्तानी है। तेरे जांघ पर ठोकर मारूंगा, तेरे गांड बहुत बजाऊंगा। तेरी फुद्दी में लंड को ठूंसूंगा, तुझे जोर जोर से चोदूंगा।तेरी तो कच्छी फटेगी, ब्रा के हुक भी तोड़ूंगा। मोटे लौड़े से मैं, तेरी चूत को रगड़ूंगा।

इतना कहते हुए सोनू ने काव्या को अपनी पकड़ से थोड़ा ढीला किया, और फिर उसकी कच्छी को निकालने लगा। काव्या ने अपनी कच्छी पकड़ी, तो सोनू ने कच्छी ही फाड़ प्रिया, और ब्रा के हुक को खोल प्रिया, तो उसके बड़े-बड़े चूचे आजाद हो गए, और बड़ी-बड़ी कद्दू जैसे गांड और रसीले चूत और उस पर चमकीले भूरे छोटे छोटे झांट देख कर सोनू ने मुंह पर हाथ रखकर चौंकते हुए बोला-

हाय तेरे गांड बड़े, चूत भी चुदे हुए।इतने गठीले कद्दू मैंने तो कभी ना देखे।

काव्या की चूत गोरी उस पर बाल सुनहरे थे। सोनू के काले लंड जैसे आग उगल रहे थे। तेरी चूत छोटी पर बहुत रसीली सी है।गांड कद्दू से बड़े, ऊपर से गंठीले भी हैं।

तभी सोनू काव्या को अपनी ओर पकड़ कर खींच लेता है और अपने सीने से लगा कर उसके होंठों को चूम लेता है। फिर काव्या की चूत और बड़े-बड़े दूध देख कर बोलता है-

तेरे ये चूत रसीले, उस पर ये झांट चमकीले। दिखती तू कच्ची कली, पर तेरे ये दूध बड़े बड़े।

ये सब बोलते बोलते सोनू ने अपनी पैंट को निकाल प्रिया।‌ झट से सोनू अपने पैन्ट को निकालता है और बिना देर किए अपने अंडरवियर को भी अलग कर देता है, और अपने मोटे तगड़े लंड को बाहर निकालते हुए बोलता है,‌ “ये 8 इंच लंबा 2.5 इंच मोटा काला मूसल लंड तुम्हारी चूत में अन्दर जाएगा, और फिर जब बाहर आएगा तब पता चलेगा तुम्हें जैसे किसी घोड़े का लंड हो।”

जैसे ही उसका लंड बाहर फनफनाते हुए आजाद होता है, तुरन्त सोनू अपने मूछों पर ताव देते हुए, काव्या की चूचियों को पकड़ कर मसलने के लिए आगे बढ़ता है, तो काव्या सोनू के मोटे तगड़े लंड को देख कर घबरा जाती है। पर सोनू तुरन्त शायरी मारता है-

मैं अपने लंड को निकाल कर मूछों पर ताव देकर तुम को चोदूंगा। इन मर्दाना हाथों से मेरी जान काव्या की चूचियों को बुरी तरह मसलूंगा। लौड़ा है मोटा मेरा, जैसे हो लाठी का सोंटा। तेरी ये चूत चुदेगी, प्रिया है तुमने खुद ही न्यौता।

ये सब सोनू बोल ही रहा था तब तक अचानक से मौसम ने रुख बदला और रिम-झिम–रिम-झिम सी बारिश होने लगी। तो सोनू खिड़की से बाहर की तरफ देखते हुए बोला-

सावन भी आज तुमको भिगो कर ही मानेगा। लौड़ा ये मेरा तेरी चूत की सील को तोड़कर ही ठहरेगा।

पर बारिश ने अपना रुख बदल लिया और मूसलाधार बारिश होने लगी। ऊपर से तेज हवाएं चलने लगी। तो सोनू और काव्या के कपड़े उड़ने लगे। तो सोनू कपड़े पकड़ने के लिए खेत में दौड़ा। उसके पीछे-पीछे काव्या भी दौड़ी, दोनों कपड़े के पीछे दौड़ते-दौड़ते सरसो के खेत में करीब 50 मीटर अन्दर घुस गए।

क्या सोनू अपने इरादे में कामयाब होता है और काव्या की छलकती जवानी का मजे ले पाता है? आगे क्या हुआ जानने के लिए बने रहें, अपने भाई राजू के साथ।धन्यवाद !

अगला भाग पढ़े:-गांव के लड़कों ने छोटी बहन काव्या को अपने जाल में फंसाया-2

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Hello dosto mai sunny ek bar fir hazir hu. Aab logoko meri kahani bahot pasand aa rahi hai. Iske liye bahot bahot shukriya. Bahot logo ne mail bhi kiye unka bhi shukriya.

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