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Gay Chudai पठन समय: 21 मिनट पढ़ा गया: 950 बार

Gand Se Chut Tak – Ek Romanchak Katha

raaz1415

01 Aug 2018 को प्रकाशित

Gand Se Chut Tak – Ek Romanchak Katha
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नमस्कार दोस्तों मेरा नाम रोहन है। मै रायपुर का रहने वाला हूँ और दिल्ली में एक अच्छी कंपनी में नौकरी करता हूँ। मेरी उम्र 24 साल की है। कद 5’11, सुडौल बदन और लंड 6 इंच लंबा।

मैं वैसे एक उभयलिंगी हूँ। मतलब मुझे लड़के लड़की दोनों पसंद है। पहले में बिलकुल सीधा था मतलब बस लड़की के लिए ही आकर्षित था।

पर ये जिंदगी ही कुछ ऐसी ही है, जो मुझे क्या से क्या बना दिया। बात उन दिनों की है जब मैं पहली बार दिल्ली आया था। मैं एक जगह पेइंग गेस्ट रहने लगा।

माकन मालिक का एक बेटा था “राहुल”,जो की क्लास **th में था। दिखने में क्यूट था, गोरा, होठ गुलाबी, चिकना इतना की हांथो में भी बाल नहीं थे।

वैसे तो मै उसकी माँ को हर रात सपने में चोदा करता था। दिल्ली आये हुए कुछ महीने हो गए और मेरे लंड को प्यास लगने लगी। पर मैं मजबूर था कोई था नहीं।

एक दिन उसकी मम्मी मुझसे मिलने मेरे कमरे आई और राहुल को ट्यूशन देने के लिए पूछा। मैंने हा कर दी। राहुल आने लगा पढ़ने मेरे पास वो जनता था की वो गे है पर उसने कभी कुछ किया नही था, किसी के साथ।

मै जिम जाता था तो मेरे बॉडी की खूब तारीफ करता था। मुझे छूता भी रहता था पर मैंने कभी उसको गलत नहीं समझा। एक बार मेरा बर्थडे था तो मैं उसके साथ मनाया उस दिन पहली बार उसने मेरे गाल को चूम लिया तो मुझे डाउट होने लगा उसपे।

फिर मैं उससे दूर रहने की कोशिश करने लगा। मैं भी हिला-हिला के परेशान था। एक दिन उसके घर वाले नहीं थे, तो उसके पापा ने उसको मेरे घर में छोड़ दिया था।

हम थोड़ी देर टीवी देखे फिर मैंने ही पूछा उससे की “तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?” उसने पहले तो हिचकिचाया फिर उसने मुझे सब बता दिया की उसे लड़की नहीं पसंद।

और मुझे बोला की मैं आपको पसंद करता हूँ, मैंने भी उसको साफ – साफ बोल दिया की, मुझे लड़की पसंद है। मेरे कमरे में एक ही बेड था, तो हम दोनों साथ में सोये।

सोते-सोते उसने सेक्स के बारे में पूछने लगा, मैंने मना कर दिया। मुझे नींद नहीं आ रही थी।मुझे चोदने का मन करने लगा था। पर मैं कुछ नहीं कर सकता था।

मैंने राहुल से पूछा, की क्या वो जग हुआ हैं, उसने जवाब दिया और हम बात करने लगे। मैंने उसको बोला जो पूछना है पूछो, तो पूछने लगा जैसे अपने कभी सेक्स किया हैं, मैंने कहा नहीं, पर मन करता है। और मुझे अपना लंड दिखाने को बोला।

मैंने पहले तो मना किया फिर बाद में खोल के दिखाया। वो एकदम चौक गया और उसको छुने की कोशिश करने लगा। मैंने उसे रोका फिर वो उसको हाँथ मे पकड़ लिया। और ऊपर निचे करने लगा। मैंने तड़प गया एकदम से। मैंने अपनी आँखे बंद करली।

वो हिलाने लगा और मेरे एकदम करीब आ गया। मेरे कान में बोला की “चूस लू “। और वो मेरे लंड को मुह में लेकर चूसने लगा। मैं आहे भरने लगा वो जोर जोर से चूसने लगा।

फिर मैं झड़ गया उसके मुह में और वो मेरा वीर्य पी गया।मैं पूरा नंगा था और उलटे मुँह कर के सोने लगा। वो अपने हाँथ मेरे कमर में रखा, और चाहने लगा की मैं उसकी तरफ मुँह करूँ। मैं पलट कर जैसे घुमा उसने जोर से जकड़ लिया। और फिर हम दोनों एक दूसरे को देखने लगे।

वो करीब आने लगा और हम दोनों चूमने लगे एक दूसरे को। वो एक दम लड़की की तरह लग रहा था। वो मेरे ऊपर था, मुझे चूम रहा था।

मैंने उसके लोअर में हाँथ घुसा के उसके चिकने गांड को सहलाने लगा। उसने टीशर्ट उतारी और सरे कपड़े। मैंने देखा की उसके दूध बिलकुल लड़कियो की तरह थे निप्पल भी।

मैं अपने बेड में बैठा था वो मेरी गोदी में आके बैठ गया। और मैं उसको पहले गालो पे, होंठो पे चूमते हुए गले को चूमने लगा, और उसके छोटे छोटे दूध को जब मैंने मुह में डाला तो सिसकियाँ लेने लगा। मैंने पागलो की तरह उसको प्यार किया। वो एकदम तड़प रहा था।

उसने मुझे कान में बोला की चोद दो मुझे। मेरे पर्स में एक कंडोम था मैंने पहना। और उसके गांड के छेद में थूक लगाया।मैं पहले डर रहा था, पर वो मुझे बोलने लगा।

मैंने उसको डोग्गी स्टाइल में ले आया और मैंने जैसे ही डाला उसकी चीख निकल गयी थोड़ी देर बाद उसको मजा आने लगा। फिर मैंने उसको देसी स्टील में चोदने लगा।

वो मुझे चूम रहा था, मैं उसकी चुदाई कर रहा था मुझे ऐसा लग ही नही रहा था की वो एक लड़का है। फिर मैं झड़ गया और एक दूसरे को चूमते हुए सो गए।

सुबह उठा तो वो जा चूका था। मुझे रात के लिए बहुत अजीब लगा, अफसोस होने लगा की क्या कर लिया। वो पढ़ने आया था मैंने सॉरी कहा उससे।

फिर मैं उससे दूर रहने लगा। उसकी माँ आई थी उसका परसो टेस्ट है तो रात भर इसको पढ़ाने को कहा। मैं मान गया। मैं बहार दुकान में सिगरेट पिने गया था वापस आके देखा तो मैं पूरा हक्का -बक्का। राहुल था कमरे में, लिपस्टिक, काजल लगाया हुआ। एकदम सेक्सी नाइटी पहने हुए, पूरी लड़की उसने ब्रा पैंटी भी पहनी थी। ब्लैक नाइटी में बहुत सेक्सी लग रहा था।

मैंने उसको पहले तो डांटा फिर वो जबरन चूमने लगा। उसने मेरे लंड को सहला के मुझे मूड में ले आया था। मैंने उसको उठाया और टेबल में बैठा दिया और जोर जोर से चूमने लगा। उसने मेरे कपङे उतार दिए। मैंने भी नाइटी उतार दी।

वो एकदम लड़की लग रहा था। मैंने उसके दूध को चूसा और उसके सरे कपडे उतार दिए। आज मैं बहुत जादा जोश में था उसके होंठो को काट लिया और टेबल में उसके गांड की बहुत चुदाई की वो रो दिया था।

मैंने भी झड़ गया और उसको चुप कराया, वो मेरे लिए पागल हो चूका था। हम फिर साथ में सोये। मैं परेशान था की मैं एक 18 साल के लड़के की जिंदगी के साथ खेल रहा था। मैंने वो घर छोड़ने का फैसला किया। मेरे जाने से एक दिन पहले मैंने उसको समझाया वो बहुत रोया। मैंने उसको होंठो को चूमकर उसको अलविदा कहा।

मुझे लगता था, की मेरे ज़िन्दगी का सबसे अजीब मोड़ यह था। पर यह ज़िन्दगी है बॉस कब रोमांचक मोड़ ले ले मेरे साथ आगे भी बहुत अजीब घटना घाटी।

मैं एक नई जगह शिफ्ट हो गया अब एक अपना फ्लैट। जिंदगी फिर से वैसे ही चलने लगी,इस बार फिर एक बार अकेला। मैं पता नहीं सच मै पहली बार उसको याद करने लगा। उसकी कमी मुझे खलने लगी थी। मैं प्यासा रहने लगा कोई मिल नही रही थी।

मैंने बहुत सरे एप्प डाउनलोड किये की किसी में कोई मिल जाये पर फेक ही मिले। एक गे का एप्प भी डाउनलोड किया पर सब के सब बेकार थे, कोई राहुल जैसा न था।

मैंने राहुल को कांटेक्ट करना चाहा पर मै उसकी ज़िन्दगी से खेलना नहीं चाहता तो उसको उसके हल पे छोड़ दिया।

अब मैं परेशां था मुझे एक ट्रांसेषुअल (शीमेल) मिली उसका नाम इशिता था। उम्र 21 और असम की थी।मैंने उसको अपना नंबर दिया फिर हम व्हाट्सएप्प पर बात करने लगे।

मैंने उसको इंस्टाग्राम में उसको फॉलो किया तस्वीरों से तो सारी लड़की फ़ैल है।। हम मिले तो नहीं थे, न हमने कुछ सेक्सी बाते की। हम अच्छे दोस्त बन गए।

वो दिल्ली में अकेली रहती थी। एक दिन उसका फ़ोन आया और मुझसे 2 हज़ार मांगी उसको घर का रेंट देना था, उसके पास बिलकुल पैसे नहीं थे।

मैं गया उससे मिलने उसने मुझसे पूछा की “क्या वो मेरे साथ रह सकती है कुछ दिन जब तक जॉब मिल जाये कोई ”

मैंने उसको अपने घर में जगह दे दी। वो बहुत सुन्दर थी। कद 5’6, गोरी, फिगर 32 26 32। मैं भले ही उसको एप्प में चोदने के लिए ढूंढ रहा था, पर उसकी हालात देख कर उसपे दया आने लगी। वो साथ रहने लगी। हम बहुत गहरे दोस्त बन गए।

हम दोनों एक बार बालकनी में खड़े होकर बाते कर रहे थे, मैंने पूछा उसके बारे में। उसने बताया की वो आम लड़का थी,फिर उसको पता चला की उसे लड़कियो जैसे रहना पसंद है, और लड़के पसंद है।

उसने बूब्स की सर्जरी कराइ थी और उसके लड़की बनने के लिए पैसो का इंतेजाम कर रही है। उसके पापा उसको घर से निकाल दिए, उसकी मम्मी ही उसको सपोर्ट करती है।

मुझे उसके लिए बहुत बुरा लगा। मैंने उसको गले से लगा लिया एक दोस्त के नाते। मैंने उसको मेरे घर में जब तक चाहे तब तक रहने की इजाजत दे दी। और उसे कहा की मैं तुम्हारी हमेशा मदद करूँगा। हम साथ रहने लगे।

वो मेरे लिए खाना बनने लगी और मैंने उसके लिए जॉब भी ढूंढ दी। हम साथ निकलते घर से साथ आते। कभी कभी बहार उसको डिनर भी ले जाता। सच बताऊ तो मुझे उससे प्यार हो गया था।

एक बार मेरा बर्थडे था, उसने सरप्राइज रखा था। केक काटने के बाद हम दोनों बातें करने लगे, उसने मुझसे पूछा तुमको कोई विश नही किया मैंने कहा मेरे बस चाचा चाची है, और कोई नहीं।

फिर मुझे गले से लगा ली, मुझे बोली “मैं हूँ न “और बोला की कोई किसी के लिए इतना नहीं करता। मैंने उसे प्रोपोज़ कर दिया। वो कुछ नहीं बोली और कमरे से बहार जाने लगी मैंने उसको पीछे से पकड़ लिया जोर से उसकी नंगी कमर में चिकोटी काट दी मैंने। इशिता छुड़ाना चाहती थी। मैंने उसके शर्ट के अंदर से उसके स्तन छु लिए। वो मेरे तरफ पलट गयी।

मैंने उसकी आँखों में देखा, और करीब आकर इशिता के होंठो को चूम लिया। उसने शर्ट पहनी थी और एक मिनी हॉट पैंट। हमलोग खूब चूमे एक दूसरे को पर मैं उसको चोदना नहीं चाहता था।

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पर उसने ही अपनी शर्ट उतार दी और ब्रा भी, गोरे स्तन थे और स्तन के दरार के बीच एक तिल था जो उसके गोरे दूध की सुंदरता बढ़ा रहा था।

मैंने उसके स्तनो को चूसा और वो मुझे सहलाने लगी और मेरे लंड को पकड़ ली। और फिर मेरा लंड निकल के खूब चूसी और मैं उसके मुँह में झड़ गया।

दोनों ने एक दूसरे को प्यार किया और बातें की वो एक लड़के को चाहती थी पर वो एक लड़के से प्यार नहीं कर सकता था। मैंने भी उसे अपना राहुल के साथ की घटना को बताया।

वो मुझे उस दिन से और भी चाहने लगी उसके बाद से हम एक साथ सोने लगे बिलकुल पति पत्नी की तरह। उसने मेरे बारे में अपनी माँ को भी बता दिया था।

हम दोनों साथ में पैसे जमा करने लगे उसके ऑपरेशन के लिए। एक बार उसका बर्थडे था। हम लोग बहार डिनर करने को गए। आते वक़्त वो बहुत रोमांटिक थी। उसने साड़ी पहनी थी बैकलेस, ऑरेंज कलर की ट्रांसपेरेंट थी। बहुत सुन्दर लग रही थी।

हमलोग लिफ्ट में थे वो मेरे करीब आई और गालो को चूम ली। हमारा फ्लोर आया मैंने हमारे घर का दरवाजा खोला और जैसे ही बंद किया वो मुझे पीछे से जकड ली।

ऐसा लग रहा था आज वो बहुत प्यासी है। मैंने उसको अपने सामने लाया। वो मेरे सामने खड़े होकर अपना पल्लू गिरा दी।वो एक तो उत्तर पूर्व भारत की थी,गोरी सी, बहुत क्यूट और उसके आँखों में प्यास थी।

मैंने उसके चेहरे को पकड़ कर उसके होंठो को चूमने लगा।वो अपने आप को मुझे सौप चुकी थी, मैंने उसको चूमते हुए उसके गांड को दबाने लगा।

वो तड़पने लगी मेरे होंठो को ऐसे चूम रही थी की मनो मुझे खा जायेगी। मैंने उसकी साड़ी के अंदर अपना हाँथ डाल दिया और उसकी चिकनी गांड दबाने लगा।

हम करीब 15 मिनिट से होंठो को चूम रहे थे। मैंने उसको पलट दिया और उसके बाल आगे कर दिए और उसके पीठ को चूमने लगा और उसकी ब्लाउज की रस्सी खोल दी। और ब्लाउज उतार दिया।

शर्म से उसने अपने स्तन अपने हांथो से छुपा लिए। मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और पैंटी के साथ पेटीकोट को उतार दिया वो पूरी नंगी। उसने अपना मुह फेर लिया क्योकि उसका लंड था छोटा सा और इस वजह से हमारे बीच दरार न आजाये।

मैंने अपने कपडे उतार दिए सरे। और उसको पीछे से कमर को पकड़ लिया और उसके होंठो को एक हाँथ से उसके चेहरे से पकड़ कर चूम लिया। वो थोड़ी ठंडी पड़ गयी थी वो डर रही थी।

मैं उसको गोदी में उठा लिया और सोफे में जाकर बैठ गया। वो मेरे गोदी में बैठ कर मुझे चूमने लगी। मैंने उसके गले को चूमना शुरु किया और उसके स्तनो को दबाने लगा और चूसने लगा, उसके निप्पल को दांतो से काटने लगा वो आंहे भरने लगी।

मैंने उसको पूछा डालने के लिए, मैं उसे दर्द में देखना नहीं चाहता था। उसने मेरे खातिर मेरा लंड अपने गांड में लिया, वो दर्द से मेरे छाती में नाख़ून गड़ा दिए। देसी स्टाइल में रोमांटिक चुदाई करने लगा। वो मजा लेने लगी।

फिर हम दोनों बिस्तर पर प्यार करने लगे। ये उसका पहली बार था, इशिता और मैं बहुत प्यार करने लगे थे। और सेक्स की बात करे तो लगभग हर दिन कुछ न कुछ करते रहते थे। बैडरूम में हम अक्सर नंगे ही रहते थे।

कभी किचन में उसके स्तन को चूसता, कभी बाथरूम में उसके चुदाई करता, कभी टॉकीज़ में वो मेरे लंड से खेलती, कभी मॉल के कोई बाथरूम में मेरे लंड चुस्ती। एकदम परफेक्ट चलने लगी ज़िन्दगी।

एक साल हो गए रहते रहते और मेरे बर्थडे के दिन उसने मुझे शादी के लिए प्रोपोज़ कर दिया और मैंने उसे हा कर दी, वो पहली बार मेरे सामने रोई, मैंने भी उसे सरप्राइज दिया की पैसे जमा हो गए।

वो इतनी खुश थी की उसने मुझे रेस्टोरेंट में सबके सामने गले से लगा लिया और होंठो को चूम लिया। फिर कमरे में मैंने उसे सारी बातें बताई की कल डॉक्टर का अपॉइंटमेंट है और इसी सप्ताह ऑपरेशन।

हम बहुत खुश थे उस रात उसने मुझे खूब प्यार किया और मैंने भी रात भर चुदाई की। डॉक्टर के पास गए उसने अगले दिन ही उसे एडमिट कर लिया और दूसरे दिन करीब 4-5 घण्टे ऑपरेशन चला। और वो करीब पुरे सप्ताह एडमिट थी।

इशिता की मम्मी भी आ गयी थी फिर वो एक सप्ताह बाद घर आ गयी। इशिता की मम्मी मुझसे खुश थी। और इशिता और मैंने कोर्ट में उनके सामने शादी कर ली।

इशिता अब और भी जादा औरत लग रही थी। इशिता की मम्मी चली गयी। इशिता बहुत खुश थी, हम सुहागरात मनाना चाहते थे। एक शाम वो घर पर थी।मैं ऑफिस से घर पंहुचा तो देखा इशिता ने दुल्हन का जोड़ा पहना था। हमने डिनर किया और वो अपने कमरे में चले गयी।

मैं मन में सोचा की मैंने अपने चुदाई जीवन की सुरुआत एक 18 साल के लड़के की गांड से की और आज पहली बार मैं एक चूत की चुदाई करूँगा जो सिर्फ मेरे लिए ही बना है।

फिर मैं कमरे में घुसा इशिता बिस्तर मैं बैठी थी घूँघट ओढ़ के, कमरे में बहुत सरे मोमबत्ती जल रही थी। और लैवेंडर की खुशबू, बिस्तर पुरे गुलाब से सजा हुआ था।

मैं इशिता के पास गया और उसके घूँघट उठाया। वो सज धज के एकदम सुन्दर लग रही थी। आँखों में काजल, होंठो में गुलाबी लिपिस्टिक और उसने डिज़ाइनर जेवर पहने थे, हांथो में चुडिया, पैरो में पायल इशिता की खूबसूरती बढ़ा रही थी।

वो एक दम नयी होकर मेरे जीवन में आई। मैं भी उसके लिए कुछ लाया था। उसे ड्रेसिंग टेबल के पास ले गया और उसे मंगलसूत्र पहनाया।

उसके चेहरे को पकड़ कर उसके मांथे को चूम लिया फिर उसके आँखों को,फिर उसके होंठो को। वो मुझे जकड ली मैंने उसके पल्लू गिराया और उसकी साड़ी उतार दिया वो लाल पेटीकोट में मुझे जकड कर मेरे होंठो को चूम रही थी।

मैंने उसको पीछे एक दिवार से चिपका दिया और उसको चूमते चूमते उसके पैंटी में दाल दिया पहली बार मैंने किसी चिकनी चूत को छुआ, उसकी चूत को रगड़ने लगा।

उसकी साँसे तेज हो गयी और मुझे बहुत जोर से जकड लिया। मैंने उसकी ब्लाउज उतार दी और उसके दूध को चूसना शुरु किया। और फिर उसके पतले सेक्सी कमर को पकड़ के पेट को चूमने लगा और नाभि में जीब से चुदाई किया।

इस बार भी उसकी पेटीकोट के साथ पैंटी भी उतार दिया। और मैंने उसको उठा कर बिस्तर पर लिटा दिया। क्या सुन्दर नजारा था, खुले हुए बाल लाल होंठ, चेहरे में प्यास, मंगलसूत्र उसके स्तन से चिपके, उसके स्तन का तिल,चूड़ियों से सजे हाँथो, उसकी कुमारी गोरी चूत मुझे पुकार रहे थे।

मैं उसके पास गया उसके पैरो को खोल दीया और उसके चूत को जुबान से सहलाया। इशिता आंहे भरने लगी,मेरे सर के बालो को सहलाने लगी।

जब उसकी जुबान से उसके चूत को चोदने लगा तो वह कांप गयी, और मेरे सर को जोर से दबाने लगी। मैं ऊपर आया, इशिता मेरे होंठो को चूमते हुए, मेरे ऊपर आ गयी। उसने मेरे गले को चूमते हुए मेरी छाती को चूमने लगी और धीरे धीरे मेरे लंड चूसने लगी।

फिर मैंने उसे लिटा दिया और उसकी टांगो को फैलाया। और चूत में लंड रगड़ने लगा, और झटके से डाल दिया। वो मेरे पीठ को नोच दी अपने नाख़ून से और मेरे छाती को दांतो से काट लिया। धीरे धीरे चुदाई करने लगा देसी स्टाइल में।

फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और चोदने लगा जोर जोर से छप छप की आवाज आने लगी।थोड़ी देर बाद मैं बिस्तर में बैठ गया और वो मेरे ऊपर बैठ गयी मुझे चूमने लगी मेंरे होंठो को उसने मेरा लंड पकड़ के अपनी चूत में घुसा लिया और वो उछालने लगी।

इशिता ने मुझे किचन ले जाने को कहा। मैंने उसको गांड को पकड़ के उठाया और चुदाई करते हुए उसे किचन में ले गया। किचन में मैंने उसे स्लैब में बैठा दिया और चॉकलेट रस को उसे दूध में गिराने लगा। चॉकलेट रस झरने की तरह उसके स्तन में बहने लगा और पेट की तरफ बहते हुए चूत की ओर बढ़ने लगा।

मैंने उस रस को चूस के साफ करने लगा और चूत को चूसने लगा वो पहले से जादा जोश में थी। इशिता ने मेरे लंड पे चॉकलेट रस गिराया और आइसक्रीम की तरह चूसने लगी फिर मैंने उसे किचन की स्लैब के ऊपर चोदने लगा और थोड़ी देर बाद हम वापस कमरे में आ गए।

मैंने उसे साफ किया और उसकी बहो में लेट गया और मेरा लंड को चूत में दाल के चोदने लगा। वो आह रोहन अआह जान करने लगी और साथ पायल की छनक और चूड़ियों की छनक होने लगी।

मैं चोदते रहा, वो मुझे होंठो को चूमते हुए, मुझे बहो में भर के अपना प्यार जता रही थी। थोड़ी देर बाद मैं झड़ गया।हम बातें करते करते सो गए।

अब से मैं उसकी गांड की चुदाई नहीं करता था। हम पहले से ज़्यादा रोमांटिक हो गए। मैंने उसे कई नई जगह पे चोदा, जैसे कार, जंगल, स्विमिंगपूल, मेट्रो स्टेशन। महाराजा एक्सप्रेस ट्रेन में 7 दिन तक चोदा।

मेरी प्यास गांड चोदते चोदते आज आखिर पूरी हो गयी। और मैं बहुत किस्मत वाला हु जो एक ही लड़की का दो बार कौमार्य भंग किया पहले लड़का के रूप में चुदाई कर के बाद में लड़की के रूप में।

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