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इंडियन बीवी की चुदाई पठन समय: 7 मिनट पढ़ा गया: 579 बार

पन्द्रह दिन बाद मनाई दुल्हन संग सुहागरात

रवि कडाचे

04 Oct 2010 को प्रकाशित

पन्द्रह दिन बाद मनाई दुल्हन संग सुहागरात
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कहानी पढ़ने वाले सभी दोस्तों को सोलापुर से कुमार का नमस्कार. मेरी कहानियां आपको पसंद आई होंगी, ऐसा मानकर और एक नई कहानी लेकर आपके सामने पेश हो रहा हूँ.

दोस्तो, मेरी बीवी नेहा मुझे बहुत पसंद करती है. उसका कहना है कि मैं दिखने में स्मार्ट हूँ. मेरे होंठ तो उसे बहुत पसंद हैं. वो हमेशा मुझसे कहती है कि तुम अपने होंठ मुझे दे दो और मेरे होंठ तुम ले लो.इसलिये वो मेरे होंठ हमेशा चूसती रहती है.

हम दोनों को अलग अलग पोज में चुदाई करना बहुत पसंद है. हम दोनों कहीं भी, कभी भी चुदाई कर लेते हैं. मैं आज आपको बताऊंगा कि हमारी सुहागरात कैसी रही, हमने सुहागरात कैसे मनाई. क्योंकि हर दुल्हे और दुल्हन की सुहागरात कभी न भूलने वाली यादगार रात होती है.

हमारी शादी हुई थी तो पहले के पन्द्रह दिन चूमाचाटी में, पकड़ा पकड़ी में ही चले गए थे. मेरी दुल्हन नेहा ने मुझे चोदने नहीं प्रिया.. क्योंकि उसे चुदाई में होने वाले दर्द के बाद मिलने वाले सुख के बारे में कुछ मालूम ही नहीं था. मैं अपना लंड चुत में डालने की कोशिश करता तो उसको चुत में दर्द होता था.. जिस वजह से वो मुझे मना कर रही थी. लेकिन मुझे तो चोदना था, तो मैंने ठान ली कि आज जरूर चोदूँगा. रात को वो कमरे में आ गई. वो आते ही मेरे गले लग गई, मैं उसके होंठ अपने होंठों में लेकर चूसने लगा.

हम दोनों बेड पर आ गए. मैंने उससे कहा कि आज मैं तेरी चुत जरूर चोदूँगा.शायद उसको भी चुदवाना तो था लेकिन वही सुहागरात की पहली चुदाई के दर्द का डर उसको रोक देता था.. और मैं अपनी नेहा को मना कर ही चोदना चाहता था.आज मैंने उससे कहा तो उसने कहा- आज तुम अपना लंड मेरी चुत में धीरे से अन्दर डालना.. मेरी चुत नई है.. कहीं फट न जाए.

मैं उसको बाँहों में लेकर उसके होंठ चूसने लगा. उसका ब्लाउज निकाल कर मम्मों को धीरे धीरे मसलने लगा. उसके निप्पल मुँह में लेकर चूसने लगा. वो भी गर्म हो गई. मैंने एक हाथ से नेहा की साड़ी और पेटीकोट कमर के ऊपर तक उठा प्रिया. उसकी चुत पर अपना हाथ फेरने लगा. दाएं हाथ की एक उंगली को नेहा की चुत में डाला तो चुत पूरी गीली हो गई थी. मुझे मालूम था चुत को और ज्यादा गीला करना पड़ेगा.

मैंने उसके होंठ चूसते चूसते अपने एक हाथ की उंगली पर अपना थूक लेकर चुत की दरार में लगा प्रिया और चुत को ज्यादा गीला कर प्रिया. फिर अपने लंड पर भी थूक लगाकर लंड को भी चिकना कर प्रिया. फिर मैं उसके ऊपर दोनों पैरों के बीच आ गया. अपनी बीवी के बगल में नीचे अपना एक हाथ टिकाकर दूसरे हाथ से अपना लंड उसकी चुत की दरार में लगा प्रिया और हल्का सा दबाव डाला. अब मेरे लंड का सुपारा उसकी चुत में फंस गया था.

फिर मैंने अपने दोनों हाथों को नेहा के दोनों मम्मों के बाजू रखकर अपने शरीर का भार हाथों पर ले लिया. इसके बाद हौले हौले मैं लंड को चुत में दबाने लगा. लगभग एक इंच से ज्यादा लंड नेहा के चुत में घुस गया था. नेहा को दर्द हो रहा था. नेहा ने अपने हाथों से मेरे हाथ पकड़ रखे थे. उसको दर्द होना आरम्भ हो गया था. मैंने थोड़ा झुक कर नेहा के होंठ अपने होंठों में लेकर उसका मुँह बंद कर प्रिया.. ताकि ये चिल्ला न सके. फिर मैंने अपना लंड चुत में तीन चार बार अन्दर बाहर कर प्रिया, नेहा अपनी आंखें बंद करके दर्द सहने की कोशिश कर रही थी.

मैंने अपने दोनों हाथ बीवी की गर्दन के नीचे डालकर उसे पकड़ लिया. फिर मैंने एक जोरदार झटका मारकर अपना सात इंच का लंड बीवी की चुत में पुरा घुसा प्रिया.

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नेहा दर्द से छटपटाने लगी, मुझे अपने ऊपर से धकेलने लगी. लेकिन उसके होंठ मैंने अपने होंठों से बंद करके रखा था, इसलिये उसके चिल्लाने की आवाज मुँह में ही दब गई. मैंने अपना लंड चुत से कुछ मिनट तक बाहर निकलने ही नहीं प्रिया.

कुछ देर बाद मेरी नेहा शांत हो गई. मैंने अपने होंठ अलग किए. जब मैंने नेहा के चेहरे पर नजर डाली तो देखा कि उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे. लेकिन मेरी प्यारी बीवी के होंठों पर हल्की सी दर्द मिश्रित मुस्कान थी. उसने मुझे चूमा तो मैं समझ गया कि ये ठीक है.

बस फिर क्या था.. मैंने कसकर उसे बाँहों में लेकर उसके होंठ चूसने लगा. अब वो भी मेरे होंठ चूसकर मेरा साथ देने लगी. मेरा लंड चुत में ही धंसा पड़ा था. मेरी प्यारी बीवी नेहा सब भूलकर मुझे चूम रही थी. मैंने मेरा लंड थोड़ा सा बाहर निकाल कर फिर से चुत में घुसा प्रिया.

अब मेरी बीवी को लंड का चुत में अन्दर बाहर होना अच्छा लग रहा था. मेरा लंड अब चुत में आसानी से अन्दर बाहर हो रहा था. नेहा की चुत ने पानी छोड़ प्रिया था. हम दोनों चुदाई में तल्लीन हो गए. बहुत देर से चुदाई कर रहे थे, तो मेरी भी वीर्य की धार छूटने वाली थी. मैंने चोदने की रफ्तार बढ़ा दी.. और मेरा सफेद, गाढ़ा वीर्य अपनी प्यारी बीवी की चुत में डाल प्रिया.

फिर मैं निढाल होकर बीवी को बाँहों में लेकर उसके ऊपर ही सो गया. चुदाई के बाद मेरा लंड चुत से बाहर निकालकर देखा, तो लंड पर थोड़ा सा खून लगा हुआ था. बीवी की चुत से भी हल्का सा खून बाहर आ रहा था.

मित्रो, हमारी शादी को 19 साल हो गए है लेकिन सुहागरात से लेकर आज तक हमारी चुदाई जारी है. चुदाई की मिठास हम दोनों में अभी भी है. मेरी प्यारी बीवी मुझे चोदने के लिये कभी मना नहीं करती, क्योंकि उसे मालूम है, मैं जब भी उसको चोदता हूँ, तो उसे और उसकी चुत को बहुत खुश करता हूँ.

मेरी सुहागरात पर मेरी दुल्हन की चुदाई की कहानी आपको पसंद आयी होगी. आपको मुझे मेल करके जरूर बताना.

support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

1 टिप्पणी

सोनू चौहान

1 month ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

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